गुरुवार, 26 अगस्त 2021

बसंत-आनंद विहार कालोनियां,आदि हटाकर जोहड़ का प्राकृतिक रूप करो।विधिक नोटिस

 

* करणीदानसिंह राजपूत  *


सूरतगढ़ 26 अगस्त 2021.


सूरतगढ़ के प्राचीन जोहड़ पर बनाई गई वसंत विहार आनंद विहार कॉलोनियां अन्य निर्माण, नगर पालिका की ओर से जारी अतिक्रमणों के नियमितीकरण पट्टे मकान,आदि सभी को हटा कर जोहड़ का प्राकृतिक रूप स्थापित करने का विधिक नोटिस नगर पालिका अध्यक्ष,नगर पालिका के ईओ और नगर पालिका प्रशासन को दिया गया है।

एडवोकेट सुभाष विश्नोई ने 19 अगस्त 2021 को शहर के निवासियों मालचंद जैन पुत्र जुगल किशोर जैन और प्रवीण कुमार मेघवाल पुत्र धन्नाराम की ओर से दिया है इसमें 2 महीने का समय दिया गया है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार जोहड़ के कब्जे नहीं हटाए गए तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

नोटिस में कहा गया है कि सूरतगढ़ की बीड में खसरा नंबर 10,12 और 13 की 31.385 हेक्टेयर जमीन है जो जोहड़ की है जिसका अन्य किसी भी कार्य में उपयोग नहीं हो सकता उसका किसी अन्य कार्य के लिए रूपांतरण नहीं हो सकता वहां पर किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं हो सकता।

बीकानेर रियासत काल के अंदर यह और अन्य तालाब आम नागरिकों के पेयजल अन्य कार्य पशुओं और अन्य जीवो के लिए जल संरक्षण के लिए उपयोग के लिए बनाए गए थे।

 नोटिस में कहा गया है कि नगर पालिका की ओर से नियम विरुद्ध कार्यवाही की गई।

वसंत विहार और आनंद विहार कॉलोनियां स्थापित की गई व उनके पट्टे विलेख किए गए। नगर पालिका ने भू माफियाओं के अन्य लोगों के अतिक्रमणों को नियमित किया जो सब गलत कार्रवाई है। 

 नोटिस में कहा गया है कि नगर पालिका जल संरक्षण के इस क्षेत्र में मिट्टी भर रही है और गंदा पानी भर रही है जो सब नियमविरुद्ध है।ये  सभी कब्जे अतिक्रमण व  कालोनियां हटाई जाए और जलभराव और सरंक्षण के लिए सारा क्षेत्र खाली करवाया जाए। जोहड़ को प्राकृतिक रूप में स्थापित किया जाए। 

 नोटिस में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया हुआ है कि जोहड़ की जमीन में किसी प्रकार का कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है इस जमीन का अन्य कार्य के लिए रूप परिवर्तन नहीं किया जा सकता है लेकिन यहां पर यह सब गैर कानूनी कार्य किया गया। 

* नोटिस में निर्देश दिया गया है कि कालोनियों आदि के पट्टे, निर्माण स्वीकृति, अन्य विलेख आदि निरस्त किए जाएं।

भविष्य में कोई पट्टा,नियमन,निर्माण 

स्वीकृति आदि जारी न की जाए।*

नोटिस में 2 महीने का समय दिया हुआ है आगे क्या कार्यवाही होती है यह 2 महीने के बाद पता चलेगा। 

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राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर जोहड़ों के ऊपर बने निर्माणों को न्यायालय के आदेशों से हटाया जा चुका है इसलिए सूरतगढ़ पालिका को दिया नोटिस महत्वपूर्ण है। इसकी गंभीरता का आकलन अभी से उन सभी लोगों को भी करना चाहिए जो संबंधित हैं। 

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वसंत विहार कॉलोनी और आनंद विहार कॉलोनी पर निर्माण शुरू होते ही ये आरोप लगने लग गए थे तथा कई समाचार पत्रों में भी छपे मगर बिल्डर्स ने और प्रशासन ने ध्यान ही नहीं दिया। 

इतने सालों के बाद यह कार्रवाई होती है तो इसमें बहुत बड़ा संकट आने वाला है।

 बसंत विहार आनंद विहार व अन्य पास में राजनीतिज्ञों के सरकारी सेवाओं से निवृत अधिकारियों के और बड़े प्रभावशाली लोगों के धन्ना सेठों के मकान है। हर एक मकान एक  दो करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत का है। इससे भी अधिक कीमत के भवन भी हैं। 

 यह संपूर्ण क्षेत्र वसंत विहार और आनंद विहार ही पांच सात  सौ करोड़ से अधिक कीमत के हैं।

इसी क्षेत्र में व्यवसाय क्षेत्र भी है।

राठी  स्कूल से करणी माता मंदिर की ओर बाईपास को मिलने वाली सड़क और उसके पास भी बहुत से शोरूम यहां पर स्थापित है। इस रोड पर आवासीय मकान भी हैं जो अतिक्रमण का नियमन कर पालिका ने पट्टे जारी किए। नगरपालिका ने यहां करीब 40 साल से नियम विरुद्ध पट्टे दिए। जोहड़ का स्वरूप छिन्न भिन्न कर दिया। नगरपालिका द्वारा दिए गए पट्टे भी दो सौ से अधिक होंगे।लोगों को सड़कों के किनारे व्यावसायिक स्थानों पर अतिक्रमण नियम कर आवासीय पट्टे दिए और वहां आलीशान शो रूम संचालित हैं। 

* अनेक लोगों ने पट्टे लेकर भूखंड खाली छोड़ रखे हैं ताकि अधिक कीमत पर बेच कर ही दस बीस लाख कमा सकें। पालिका ऐसे भूखंडों को जब्त भी कर सकती है।*

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