सोमवार, 7 जून 2021

हवाला,3.5करोड़ की लूट, ब्लैकमेल के आरोपों में बीजेपी नेताओं से पुलिस पूछताछ- bjp द्वारा भी जांच

 


केरल भाजपा गंभीर आरोपों में घिरी है व पुलिस कई नेताओं से पूछताछ कर चुकी है और आगे जांच चल रही है।

भाजपा हाईकमान ने भी इस मामले में 3 सदस्यीय दल गठित किया है जो जांच कर रिपोर्ट देगा। इस जांच रिपोर्ट से नरेंद्र मोदी और अमित शाह को अवगत कराया जाएगा।


पार्टी के शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व ने तीन सदस्यीय स्वतंत्र पैनल बनाया है। जो इस मामले की जांच कर चुनाव में उपयोग किए गए पार्टी फंड की रिपोर्ट हाई कमान को सौंपेगा। इस पैनल में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के पूर्व चीफ ई श्रीधरन भी हैं।इस पैनल में ई श्रीधरन के अलावा सिविल सेवक सीवी आनंद बोस और जैकब थॉमस हैं। 

पार्टी हाईकमान ने पैनल को पार्टी के सभी नेताओं से बात कर चुनाव से पहले भेजे गए पार्टी फंड का ब्योरा मांगा है। थॉमस और श्रीधरन ने अप्रैल में चुनाव लड़ा था। वे हालही में पार्टी के सदस्य बने हैं।


हाईवे पर 3.5 करोड़ रुपये की एक डकैती के मामले में राज्य पुलिस भाजपा के कई नेताओं से पूछताछ कर रही है। विधानसभा चुनाव से ठीक तीन दिन पहले 3 अप्रैल को त्रिशूर- कोची हाईवे पर 3.5 करोड़ रुपये की डकैती हुई थी।


सत्तारूढ़ वाम मोर्चा ने आरोप लगाया था कि लूटपाट स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा “बिना इस्तेमाल हुआ चुनावी धन बांटने" के लिए खुद रची गई थी।


भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ प्रदेश पार्टी प्रमुख सुरेंद्रन के निजी सहयोगी से पहले ही पूछताछ की जा चुकी ह


सत्तारूढ़ वाम मोर्चा ने आरोप लगाया था कि लूटपाट स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा “अप्रयुक्त चुनावी धन साझा करने” के लिए एक खुद रची गई थी। 

त्रिशूर पुलिस अपराध शाखा ने भाजपा के राज्य महासचिव (संगठन) और आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक और भाजपा के राज्य कार्यालय सचिव को नोटिस जारी किया।


पुलिस ने त्रिशूर और कोच्चि के बीच राजमार्ग पर हुई डकैती के सिलसिले में त्रिशूर के तीन भाजपा नेता, जिला महासचिव के आर हरी, केंद्रीय क्षेत्रीय सचिव काशीनाथन और जिला कोषाध्यक्ष सुजय सेनान से पूछताछ की है।


भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि इस घटना से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “मामले को बीजेपी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। न तो भाजपा और न ही एनडीए के पास अवैध फ़ंड हैं। केरल चुनाव में हमने सिर्फ डिजिटल लेनदेन किया है। भाजपा नेताओं से पूछताछ महज एक ड्रामा है।”


सुरेंद्रन ने कहा “पुलिस का कहना है कि गिरोह ने 3.5 करोड़ रुपये लूटे थे, लेकिन वे अभी तक लूटे गए पैसों का पता नहीं लगा पाई है। बीजेपी को बदनाम करने की पुलिस की साजिश कामयाब नहीं होगा। भाजपा ने इस चुनाव में अवैध धन का इस्तेमाल नहीं किया।


7 अप्रैल को मतदान के एक दिन बाद स्थानीय पुलिस के पास दर्ज़ की गई शिकायत में कार चालक ने बताया था कि पैसा कोझीकोड के व्यवसायी और आरएसएस कार्यकर्ता एके धर्मराजन का है। धर्मराजन ने दावा किया कि उन्हें राज्य भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व नेता सुनील नाइक से पैसा मिला था।

पुलिस का आरोप है कि भाजपा नेताओं को फंड की मूवमेंट के बारे में पता था। पुलिस यह भी मालूम करने में जुटी है कि“पैसा कहा से आया और कहां ले जाया जा रहा था। पैसों का सोर्स क्या है इसका पता लगाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं सहित और भी कई नेताओं से पूछताछ की जाएगी।” 

ये आरोप मीडिया में छाए हुए हैं। भाजपा का जांच दल आरोपों की गहराई में उतर कर जो रिपोर्ट देगा उसमें और पुलिस जांच में क्या निकलता है? भाजपा ने आरोपों को गंभीर श्रेणी का माना है तभी जांच करवा रही है।

हालांकि भाजपा ने आरोप गलत बताए हैंं।  ०0०




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