सोमवार, 28 जून 2021

आपातकाल लोकतंत्र सेनानियो ने मनाया काला दिवस

 




सूरतगढ। 

सन 1975 मे 26 जून को देश में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरागांधी की सरकार द्वारा देश में इमरजेंसी लगाए जाने बाद जेलों में बंदी रहे लोकतंत्रता सेनानियों व अन्य लोकतंत्र प्रेमियों ने आपातकाल लगाने के दिन को यहां काला दिवस मनाया । यह कार्यक्रम शहीद गुरूशरण छाबड़ा स्मारक पर हुआ।

इस मौके पर  सबसे बडे़ सितयासी वर्षीय लोकतंत्रता सेनानी गुरनाम सिंह कम्बो ने सबसे पहले व बाद में अन्य लोकतंत्र सेनानियों करणीदान सिंह राजपूतऔर महावीर तिवाड़ी ने छाबड़ा जी की प्रतिमा पर  माल्यार्पण किया। इसके बाद उपस्थित सभी ने माल्यार्पण किया।


इस मौके पर करणीदानसिंह राजपूत, पूर्व विधायक अशोक नागपाल,बद्री प्रसाद शर्मा , बिनाणी, एडवोकेट एन.डी.सेतिया, गुरूशरण छाबड़ा शहीद स्मारक के सेवादार बलदेव तनेजा,महावीर प्रसाद तिवाड़ी एडवोकेट आनन्द शर्मा, राजस्थानी साहित्यकार मनोजकुमार स्वामी ने अपने विचार रखे ।


 गौरतलब है कि देश में लगाए गए उस वक्त के आपातकाल के दिन ही 26 जून 1975 को  देश में दो स्थानों पर आपातकाल के विरोध में सभाएं हुई। एक दिल्ली में अरूण जेतली के नेतृत्व में हुई।

राजस्थान में उसी दिन आपातकाल  विरोधी सभा गुरुशरण छाबड़ा के नेतृत में आयोजित हुई थी । ०0०

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बुधवार, 23 जून 2021

रात को घर में रहें,कोरोना से बचें,कुत्तों से बचें। * करणीदानसिंह राजपूत *

 



रात को अपने घरों में रहिए ताकि कोरोना से और कुत्तों के काटने से बच सकें। यह सच्च है कि श्रीगंगानगर  जिले में कुत्तों से काटने की घटनाएं बहुत हो रही है। 

जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन की अध्यक्षता में आज 23 जून 2021 को विभिन्न विभागों के कार्य की साप्ताहिक समीक्षा में यह चिंता जनक तथ्य सामने आया। जिले में कुत्तों के काटने की घटनाओं की संख्या बताई गई। सीएमएचओ डाॅ. गिरधारी लाल ने बताया कि सप्ताह में 306 कुत्तों के काटने के रोगी आये।यह संख्या कम नहीं मानी जा सकती। हर रोज करीब 43 से 44 घटनाएं हुई।

अक्सर कुत्तों के काटने की घटनाएं रात को अधिक होती है। रात का वक्त इंसानों के सोने का और कुत्तों के जागने का होता है। रात को तो एक ही कुत्ता पार नहीं पड़ने देता और  कुत्ते पीछे पड़ जाएं तो फिर बचना मुश्किल। रात को लोग घरों में और कूलर का शोर इतना अधिक होता है कि कोई चिल्लाए तो वह सुनाई नहीं पड़ता। कोई बचाने को आ भी जाए तब तक कुत्ता काट लेता है। 

इसलिए रात को अब कोरोना का कर्फ्यू लगा है और आवागमन नहीं है तो फिर घर में रहना ही सुरक्षित है। शासन प्रशासन की सलाह मानिए।

रात को घर में रहें,कोरोना से बचें,कुत्तों से बचें।

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हर रविवार 30 मिनट मलेरिया, डेंगू पर वार- जिला कलक्टर ने अधिकारियों को दिलवाई शपथ

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 23 जून 2021.


 जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने अधिकारियों को कलेक्ट्रेट सभाहाॅल में हर रविवार 30 मिनट मलेरिया, डेंगू पर वार अभियान की शपथ दिलवाई। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में वर्षां के बाद होने वाली मौसमी बीमारियों मलेरिया, डेंगू एवं चिकन गुनिया की रोकथाम के लिए सोर्स डिडेक्शन कार्यक्रम में गतिशीलता देने के लिए इसी माह से एक अभियान हर रविवार 30 मिनट मलेरिया, डेंगू पर वार चलाया जाए।  

उन्होने बताया कि इस कार्यक्रम में आमजन को जागरूक किया जाए कि प्रत्येक आगामी रविवार से ही सुबह 8 बजे से 8.30 बजे तक परिवार के प्रत्येक सदस्य घर में रखे गए गमले, ट्रे, परिण्डे, कूलर, फ्रीज की ट्रे, पानी की टंकी इत्यादि को खाली कर रगड़कर, साफकर, सुखाकर पुनः उपयोग करे, जिससे मच्छर के अण्डे एवं लार्वा नष्ट हो सके। इसके अलावा छत पर रखी पुरानी कुर्सियां, पुराने टायर, पुराने मटके, कबाड़ इत्यादि को नष्ट किया जाए या हटाया जाए, जिससे कि बरसात का पानी उनमें इक्कठा न हो। घर के बाहर छोटे गड्ढों में मिट्टी का भराव किया जाए। 

जिला कलक्टर ने बताया कि साथ ही जिले के समस्त राजकीय व निजी कार्यालयों, राजकीय व निजी शिक्षण संस्थानों में प्रत्येक शुक्रवार को निर्धारित शपथ दिलवाई जाए कि प्रत्येक रविवार को 8 बजे से 8.30 बजे तक पुराने टायर, पुराने मटके, कबाड़, कूलर इत्यादि की सफाई करेंगे। अभियान हर रविवार 30 मिनट मलेरिया व डेुंगू पर वार के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा आईईसी गतिविधियां संचालित की जाए।

शपथ

जिला कलक्टर ने अधिकारियों को, मै शपथ लेता हूॅ/लेती हूॅ कि प्रत्येक रविवार प्रातः 8 से 8.30 बजे तक अपने घरों में कूलर, टंकी, परिण्डे, फ्रीज ट्रे, फूलदान आदि को रगड़कर साफ करूंगा/करूंगी। छत पर रखे कबाड़ को हटाएंगे, घरों के आस-पास पानी एकत्रा नही होने देंगे। मलेरिया डेंगू व चिकन गुनिया नियंत्रण में अपना सहयोग करेंगे, की शपथ दिलवाई। 

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एम्बुलेंस वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाईस एण्ड ऐमरजेंसी बटन लगवाना अनिवार्य

 



श्रीगंगानगर, 23 जून 2021.
अपर परिवहन आयुक्त (नियम) के निर्देशानुसार केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 125 (एच) में सार्वजनिक सेवा यानों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाईस एण्ड ऐमरजेंसी बटन लगाने के प्रावधान किये गये है। यह महत्वपूर्ण निर्देश हैं जिनका लाभ आम जन को सीधे रूप में मिल सकेगा और कोई गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।

मोटरवाहन अधिनियम 1988 की धारा 2(35) में परिभाषित सार्वजनिक सेवा यान में एम्बुलेंस वाहन भी सम्मिलित है एवं सडक परिवहन एवं राजमार्ग मत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना 1248 (ई) में एम्बुलेंस वाहनों को परिवहन यान की श्रेणी में रखा गया है, जिसके लिये व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाईस का होना नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान मे कोविड-19 जनित परिस्थितियों में एम्बलेस वाहनों का उपयोग बहुतायत में हो रहा है।

इसकी पालना अनुरूप जिले में संचालित एम्बुलेंस श्रेणी के वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाईस लगवाना अनिवार्य किया गया है। जिले के सभी संस्था/अस्पताल तथा वाहन स्वामियों जिनका वाहन एम्बुलेंस श्रेणी में पंजीकृत है, वाहनों में उसी के निर्माता (ओईएम) द्वारा विशेष रूप से अनुमोदित एआईएसः 140 मानक का व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाईस लगवाना अनिवार्य है। 
जिले में लगभग 175 पंजीकृत एम्बुलेंस वाहनो में एआईएसः 140 मानक का व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाईस आगामी 15 दिवस में स्थापित कर वेब पाॅर्टल parivahan.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करवाये जाने हेतु कार्यालय के समस्त परिवहन निरीक्षक तथा परिवहन उपनिरीक्षकों को आदेशित किया जा चुका है।

जिला परिवहन अधिकारी श्री विनोद कुमार लेघा ने बताया कि राज्य सरकार की आमजन के लाभार्थ परिवहन विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनओं में से यह भी एक जनपयोगी योजना है। इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी पत्र लिखा जा रहा है, ताकि उनके माध्यम से सभी संबंधित अस्पतालों व एम्बुलेंस संचालकों का डिवाईस लगवाने के लिए निर्देशित किया जा सके।०0०
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मंगलवार, 22 जून 2021

करणी प्रेस इंडिया के पाठक अवलोकन 16 लाख के पार हुए.

 





* करणीदानसिंह राजपूत.
सूरतगढ़, 22 जून 2021.

संपूर्ण देश को वैचारिक स्वस्थ और विकास के लिए जागरूक करने वाले,सच्च को सामने लाने, दबे पिछड़े हुए लोगों की आवाज को उठाने,समाज को जगाने वाले विचारों को सामने लाने के प्रयास में करणी प्रेस इंडिया पाठकों की पसंद में शिखर पर है।

 पाठक 16 लाख से अधिक बार देख कर और आगे बढ चुके हैं। यह ऊंचाई पार करना प्रसन्नता पैदा करने वाली तो है ही और आगे बढने की प्रेरणा देने वाली भी है।

इस ब्लॉग साइट को सीधेे ही देेखने या इसके लिंक को फेस बुक मेरे नाम करणीदानसिंह राजपूत पर देखने पढने में देश विदेश के पाठक बढ रहे हैं।
फेस बुक लिंक पर पढ कर तत्काल विचार प्रगट करने में पाठक गण भी आगे रहे हैं। 
ये कदम ऐसे प्रभावशाली रहे हैं कि इनसे निरंतर तेज गति मिली  है।
हमने ब्लॉग में विभिन्न विचारों को नया विस्तार दिया है जिसमें अनेक नए विषय शामिल किए हैं।

व्यक्तियों के बजाय तथ्यों वाले कानून   एवं नियमों को सर्वाेपरि मानते हुए आगे बढे हैं।
महिलाओं व लड़कियों के साथ अपराध बढ़े हैं इसलिए सावधान व सतर्क रहने की जागरूकता के लिए भी पोस्टों को लिखा जा रहा है। 
कन्याओं को बचाने का अभियान हो  या नशा मुक्ति अभियान हो, रक्तदान हो,वृक्षारोपण हो,उनकी सामग्री देने में आगे रहे हैं।
कई लोग व संगठन कानूनों से परिचित नहीं होते इसलिए उनको हमारा लिखा हुआ अनेक बार अच्छा नहीं लगता,फिर भी उनकी आलोचनाओं  व टिप्पणियों पर गौर किया जाता रहा है।

राजनीतिज्ञ​ सत्ताधारी धनबली और भ्रष्टाचारी सदा ही मीडिया को अपने विचारों से चलाना चाहते हैं लेकिन हम इस ब्लॉग में लोगों के साथ रहते हुए सच्चाई को ही आगे लाने के प्रयास में रहे हैं।

बड़े अखबार जिन समाचारों को रोकने में दबाने में व अपनी ईच्छानुसार बदल कर गोलमाल तरह से छापने में समय के अनुसार लगे हुए हैं। ऐसे समय में इस ब्लॉग में निर्भीक स्वतंत्र लेखन व विचार प्रगट करने का प्रयास रहा है। 
राजनैतिक आपराधिक सामाजिक धार्मिक आर्थिक विषय शहरी व ग्रामीण,सरकारी व गैर सरकारी सभी में आगे रहने का प्रयास सदा सफल रहा है।
हमारे विचार,टिप्पणियां,लेख कहानियां,कविताएं  आदि सामग्री आसपास और देश प्रदेश और विश्व में सभी वर्गों द्वारा सराहे जाते रहे हैं।

हमारे असंख्य पाठकों की आलोचनाओं समालोचनाओं ने ही इस ब्लॉग को ऊंचे शिखर पर पहुंचाया है। उनकी आलोचनाओं समालोचनाओं भरी राय से ही आगे और आगे बढने की प्रेरणा मिली है।

विश्व में कोरोना वायरस की महामारी के कहर में भारत भी शामिल है। हम जनता को इस महामारी से बचाने के हर सरकारी गैर सरकारी कदमों में साथ हैं। जिला प्रशासन ने सजगता के लिए जो कार्य योजनाएं लागू की,उनको हमने तुरंत जनता के पास पहुंचाया। उनका प्रभाव भी तुंरत हुआ तथा लोग कोरोना से बचने के लिए तैयार हुए सतर्क रहे।

समाचारों और घटनाओं पर उच्च कोटि की  समालोचना के लिए लोग इस ब्लॉग साइट पर भरोसा करते हुए देखते हैं।
पाठकों से आग्रह है कि करणी प्रेस इंडिया को देखते रहें व फोलोवर बनें।
सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं!

www.karnipressindia.com

Mail** karnidansinghrajput@gmail.com

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करणीदानसिंह राजपूत
स्वतंत्र पत्रकार ( सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
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हिंदुत्व का बड़ा चेहरा बने योगी, मोदी और शाह के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं

 



* करणीदानसिंह राजपूत *


भाजपा शासित राज्यों में विरोध की दशा दिशा 

में अभी तो केवल मोदी के नाम के सहारे ही लड़ने और जीतने की संभावना मानते हुए राज्यों के चुनाव में उतरेंगे मगर मोदी-शाह की सबसे बड़ी मुश्किल है कि योगी उनके लिए एक चुनौती बनते जा रहे हैं। योगी फिर से जीते तो मोदी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। क्योंकि हिंदू नेता के तौर पर योगी इस समय भाजपा का सबसे लोकप्रिय चेहरा माने जाते हैं। 

यूपी की दशा दिशा सब के सामने आ चुकी है।

सीएम योगी आदित्यनाथ दिल्ली में आकर पीएम और गृह मंत्री से भेंट कर चुके हैं। केंद्र की टीम लखनऊ में डेरा लगाकर  हल निकालने की जुगत में बैठी है लेकिन  बीच का रास्ता नहीं निकल पा रहा है। योगी भारी पड़ रहे हैं और केंद्र की टीम वहां बिना भार का रूई का गोला साबित हो रही है।

बंगाल चुनाव में मिली हार के बाद पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी को सबसे बड़ी ठेस भी पहुंची है की भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वापस टीएमसी में शामिल हो गया। चाहे वह टीएमसी से ही आए थे लेकिन भाजपा से गए जब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद था। संगठन में एक पद नीचे यानि दूसरे क्रम पर थे। मोदी शाह से समकक्ष नहीं तो कुछ छोटा।

यह मामूली तो नहीं कहा जा सकता। इसके बाद बंगाल में जो टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए लोगों का वापस टीएमसी में लौटने का तूफान मचा है। समाचारों में तो यह संख्या बड़ी है। चुनाव के समय रोजाना ममता को झटका लगने का समाचार खूब प्रचारित किये जाते रहे जब टीएमसी छोडकर भाजपा में शामिल होते। इतना करने के बावजूद राज मिलने तक की संख्या तक नहीं पहुंच पाए। ममता को नीचा दिखाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय चेहरे अपने पद और कद से बहुत नीचे उतरे। अब भाजपा को रोजाना झटके लग रहे हैं।


बंगाल में राज नहीं मिलने पर जो कमजोरी आई है उससे राज्यों में चुनौती मिलने लगी है। भाजपा शासित राज्यों  में जो विरोध के स्वर देखने को मिल रहे हैं वो नेताओं की चिंता बढ़ाने के लिए काफी हैं। सबसे मुश्किल ये है कि विरोध केवल हिंदी भाषी राज्यों में नहीं है बल्कि दक्षिण तक पहुंच चुका है। चिंता केवल इतनी ही नहीं है। 

कर्नाटक में भी मुख्यमंत्री येदियुरप्पा केंद्रीय नेतृत्व को आंखें दिखा रहे हैं। वहां एक धड़ा उनके विरोध में सामने आ चुका है। केंद्रीय नेतृत्व चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा, क्योंकि मुख्यमंत्री लिंगायत समुदाय के बड़े नेता हैं। उन्हें नाराज करने का मतलब होगा इस समुदाय को नाराज करना। कर्नाटक भाजपा के लिए अहम इस वजह से भी है क्योंकि दक्षिण में ये अकेला राज्य है जहां भाजपा अपने दम पर खड़ी है।


प्रधानमंत्री के गृह जिले गुजरात के हालात भी ठीक नहीं हैं। वहां मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और पार्टी अध्यक्ष सीआर पाटिल के बीच सिर फुटौव्वल चल रही है। पाटिल को मोदी का नजदीकी माना जाता है। कोरोना मामले पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी तनातनी अब जगजाहिर हो चुकी है। केंद्रीय नेतृत्व के लिए ये बड़ी चिंता का मामला है। दोनों की तनातनी में गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल अपने लिए मौका तलाश रहे हैं। वो मुख्यमंत्री बनने के लिए गुणाभाग कर रहे हैं।

गोवा में भाजपा के नेता और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के खिलाफ उनकी ही कैबिनेट ने मोर्चा खोल रखा है। गोवा में भी उत्तर प्रदेश के साथ अगले साल चुनाव होना है। केंद्र ने वहां के हालात सुधारने का जिम्मा बीएल संतोष को दिया है। नतीजा देखना रोचक होगा।


बंगाल में हार के बाद किस तरह की भगदड़ भाजपा में मची है, ये बात जगजाहिर हो चुकी है। भाजपा चाहकर भी अपने लोगों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। त्रिपुरा में भी हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी हालात ठीक नहीं हैं। बंगाल से मात खाकर लौटे कैलाश विजय वर्गीय के बारे में कहा जा रहा है कि वो शिवराज को हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनने के जुगाड़ में हैं। 

भाजपा की दशा दिशा सोचनीय होने पर भी माना जा रहा है कि असंतोष से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है राज्यों में चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का नाम ही काफी रहेगा।०0०

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सोमवार, 21 जून 2021

चेयरमैन साहब गिरफ्तार.योग दिवस पर बना योग! * करणीदानसिंह राजपूत *

 

नगरपालिकाओं में कमीशन वाली रिश्वतखोरी सुबह शाम की रोटी खाने जैसी आम बात है। अकेला रिश्वतखोर चैयरमैन चार परसेंट कमीशन लेकर पांच साल में 5 से 15 करोड़ तक वसूल कर लेता है और इसमें से बांट कर भी बड़ी कमाई कर लेता है। ध्यान करें कि कईयों का तो रंग गोरवर्ण हो जाता है।

कभी कभी प्यार ज्यादा हो जाता है तो ठेकेदार आदि एसीबी की मोहर लगवा कर दोस्ती को पक्का भी कर लेते हैं।

पत्रकार भाई दोस्त जो दिन में दस बार चैयरमैन साहब साहब करते हैं वे भी भाईचारा और दोस्ती पूरी निभाते हैं। हंसते हुए फोटोशूट करते हैं कि चेहरा शानदार आए। 

जब ऐसे समाचार सोशल मीडिया पर लहराते हैं तो लोग कह उठते हैं, 'आपण लो कद धके चढसी।" फिर आवाज आती है "कीं ठावस राखो।"

* ताजो मामलो*

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की सक्रियता से भीलवाड़ा ब्यूरो की टीम ने योगदिवस पर  भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ नगर पालिका के  चेयरमैन साहब संजय डांगी को चार लाख बीस हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।


मांडलगढ़ नगर पालिका के चेयरमैन साहब संजय डांगी ने पालिका क्षेत्र में निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार थलखुर्द-थड़ा निवासी प्यार चंद्र रेगर से निर्माण कार्य में व्यय कुल राशि में से 23 प्रतिशत राशि बतौर रिश्वत देने की मांग की थी।

 इस तरह पालिका चेयरमैन साहब संजय ने ठेकेदार से उसके बकाया बिलों के भुगतान के एवज में साढ़े चार लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। 

ठेकेदार प्यार चंद्र पालिका चेयरमैन साहब संजय डांगी को तीस हजार रुपये दे चुका था।


पालिका चेयरमैन साहब ने बाकी के चार लाख बीस हजार रुपये देने के लिए उसको बाइक कंपनी के शोरूम पर बुलाया था। 

ठेकेदार ने पालिका चेयरमैन साहब को रिश्वत के बाकी चार लाख बीस हजार रुपये की राशि प्रदान की। यह राशि पालिका चेयरमैन साहब ने टेबल के दराज में रख ली। 

संकेत मिलते ही एसीबी टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह के नेतृत्व में दबिश दी तथा टेबल की दराज से रिश्वत के चार लाख बीस हजार रुपये बरामद कर लिए।


पालिका चेयरमैन साहब के हाथों को केमिकल घोल से धुलाया गया, जो नोटों पर लगाए गए कैमिकल की वजह से गुलाबी हो गए।


इसके बाद एसीबी ने पालिका चेयरमैन साहब को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने मामले से जुड़ी फाइलें जब्त की है।


००  एसीबी री नुंई कथा वास्तै कीं थावस राखो। ०0०

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योग दिवस पर नेता:कविता


योग दिवस पर अनेक नेता
कसमसा रहे थे।
अपने तम्बूरे से पेट पर
हाथ फिरा फिरा
मन की बात
अपने ही मन से
कर रहे थे।
खाली पेट
कैसे करें योग,
हर समय खाते
रहे हैं और
खा खा कर पेट
तम्बूरा बना चुके हैं।
अब मोदी जी के
कहने पर
पेट को खाली
कैसे करें?
इसमें तो
सारा धन दौलत
जमा हैं।
नोटों की कितनी गड्डियां,
कितनी खदानें
कितनी फाईलें
कितने दफ्तर
पेट में भरे हैं।
कैसे करें योग
पेट को कैसे करें खाली?
मानलें मन की बात भी
मगर पेट को खाली करना
इतना आसान नहीं।
पेट
कैसे हो सकता है खाली
हर वक्त कोई न कोई
आ जाता है
और ठूंस जाता है
पेटी खोका।
कैसे समझाऐं
पी एम को
पार्टी के माननीयों
को भी भेंट चढाने
होते हैं
पेटी और खोके।
पार्टी का जन्म,
सत्ता के साल
हर साल की सफलता
के समारोह तो
खुशियों खुशियों में
कर जाते हैं
करोड़ों के वारे न्यारे।
सच्चे मन से भी
खाली करना शुरू
करें पेट आज से
तो भी
कई साल लग जाऐंगे।
भरे पेट से योग नहीं होता
लेकिन भरे पेट से
मन की बात हो जाती है।
बड़े विचित्र है
मन और तन
भरे पेट हो तो
दोनों
सब समझ जाते हैं
अब कैसे समझाऐं
कि खाली पेट
रहो योग करने को।
एक दिन के वास्ते
आदत बदलनी
कितनी होगी
खतनाक।
ऊपर वाले ने
मांग ली पेटी
या मांग लिया खोका
तो वह कैसे मानेगा कि
हम योग करने लगे हैं
और खाली पेट रहने लगे हैं।
तब आप कैसे बचाऐंगे?
फंस गए या फंसा दिए गए
तब क्या होगा?
कितनी गजब ढाऐगी
वह दशा
जब फंदे से छूटने के लिए
अलग से भेंट
चढ़ानी होगी?
मोदी जी
एक काम करो
देश को पेपर लैस
करने में लगे हो।
सरकारी इन्सान को
हैंड लैस करदो।

ना लेना होगा
ना देना होगा
लुढ़कता हुआ
योग करता रहेगा।
........

सर्जन 21 जून 2016.
अपडेट 21 जून 2020.





करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार,
सूरतगढ़।

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शुक्रवार, 18 जून 2021

* मलेरिया, डेंगू पर वार,तीस मिनट हर रविवार: कलेक्टर जाकिर हुसैन ने किया आह्वान- करणीदानसिंह राजपूत *


वर्षा काल में होने वाली मौसमी बीमारियों पर वार करने का अभियान श्रीगंगानगर जिले में नारे के रूप 'मलेरिया, डेंगू पर वार,तीस मिनट हर रविवार" के तहत चलेगा। 



आम जन में इस अभियान को लोकप्रिय बनाने के लिए जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन ने यह आह्वान किया है जिसमें एक संकल्प भी है। जिले भर में इस अभियान को चलाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।


मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए सोर्स डिडेक्शन कार्यक्रम में गतिशीलता देने के लिए इसी माह से यह अभियान हर रविवार 30 मिनट मलेरिया, डेंगू पर वार चलाया जाएगा।


जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन चाहते हैं कि आमजन प्रत्येक  आगामी रविवार से ही इसमें जुट जाए। 

परिवार का प्रत्येक सदस्य रविवार को सुबह 8 बजे से 8.30 बजे तक परिवार घर में रखे गए गमले ट्रे, परिण्डे, कूलर, फ्रीज की ट्रे, पानी की टंकी इत्यादि को खाली कर रगड़कर, साफकर, सुखाकर पुनः उपयोग करे, जिससे मच्छर के अण्डे एवं लार्वा नष्ट हो सके। 

इसके अलावा छत पर रखी पुरानी कुर्सिया, पुराने टायर, पुराने मटके, कबाड़  इत्यादि को नष्ट किया जाए या हटाया जाए, जिससे कि बरसात का पानी उनमें इक्कठा न हो। 

इसके अलावा घर के बाहर आसपास छोटे गडडो में मिट्टी का भराव किया जाए। 


जिला कलक्टर ने कहा है कि  जिले के समस्त राजकीय व निजी कार्यालयों, राजकीय व निजी शिक्षण संस्थानों में प्रत्येक शुक्रवार आज से ही निर्धारित शपथ दिलवाई जाए कि प्रत्येक रविवार को 8 बजे से 8.30 बजे तक पुराने टायर, पुराने मटके, कबाड, कूलर इत्यादि की सफाई करेंगे। 

जिला कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि इस अभियान में हर रविवार 30 मिनट मलेरिया व  डेंगू पर वार के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा आईईसी गतिविधियां संचालित की जाए। 

* शपथ *

मै शपथ लेता हूॅ/लेती हूॅ कि प्रत्येक रविवार प्रातः 8 से 8.30 बजे तक अपने घरों में कूलर, टंकी, परिण्डे, फ्रीज ट्रे, फूलदान आदि को रगडकर साफ करूंगा/करूंगी। छत पर रखे कबाड को हटाएंगे, घरों के आस-पास पानी एकत्र नही होने देंगे। मलेरिया डेंगू व चिकन गुनिया नियंत्रण में अपना सहयोग करेंगे। ०0०










श्रीगंगानगर: स्वामी ब्रह्मदेव और जगदंबा अंध विद्यालय का नेत्र चिकित्सा के अलावा कार्यक्रम 'कोई भूखा ना सोये‘:

 



प्रस्तुति- करणीदानसिंह राजपूत



श्रीगंगानगर में स्वामी ब्रह्मदेव और उनके द्वारा संचालित जगदंबा अंधविद्यालय संस्थान 1980 में अपनी स्थापना के दिनों से ही समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझते हुए योगदान देते आ रहे हैं चाहे वह दिव्यांग बच्चों की शिक्षा का क्षेत्र हो, दूरदराज के जरूरतमंद व गरीब लोगों की आंखों का इलाज का चिकित्सा क्षेत्र हो या मन, वचन, कर्म के प्रवचनों के माध्यम से धार्मिक समानता का उद्देश्य। 

स्वामी ब्रह्मदेव और उनकी संस्थान जगदंबा अंधविद्यालय हमेशा से श्रीगंगानगर में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अग्रिम रहा है। गत वर्ष करोना काल की विपरीत परिस्थितियों में राजस्थान में संपूर्ण लाॅकडाउन के दौरान अंधविद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मदेव के सानिध्य में रोजाना 10000 भोजन के पैकेट तैयार करके गंगानगर जिला प्रशासन को सौंप कर गरीब और जरूरतमंद के घरों तक पहुंचाए जाते रहे। 

कोरोना की दूसरी लहर ने जब श्रीगंगानगर जिले को प्रभावित किया तो जैसे आफत का पहाड़ टूट पड़ा ऐसी विकट परिस्थिति में अंध विद्यालय ने कई जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। इस वर्ष कोरोना काल की दूसरी लहर के दौरान शहर में जरूरतमंद लोगों की मदद कर जगदंबा अंध विद्यालय ने अनोखी मिसाल पेश की उन्होंने मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के सपने को चरितार्थ करते हुए हजारों लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करवाया।  शहर में विभिन्न जागरूक कार्यक्रमों व मास्क वितरण शिविरों के माध्यम से 20,000 से ज्यादा मास्क बांटकर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग व सरकारी गाईडलाइन की अनुपालना करने पर जोर दिया। लाॅकडाउन के दौरान राजस्थान के स्वायत्त शासन विभाग की तरफ से ‘कोई भूखा ना सोए‘ कार्यक्रम के तहत जगदंबा अंधविद्यालय इंदिरा रसोई को चयनित किया गया जिसमें रोजाना 600 भोजन के पैकेट तैयार करके जरूरतमंदों के लिए प्रशासन को सौंपे जाते थे। अंधविद्यालय इंदिरा रसोई संख्या 292 को भोजन में शुद्धता पौष्टिकता और भोजन सही समय, सही मात्रा में और अच्छी पैकिंग के साथ उपलब्ध करवाने का पर गुणवत्ता का सर्वोत्तम फीडबैक प्रणाम पत्र भी प्राप्त हुआ। 

स्वामी ब्रह्मदेव ने जिला प्रशासन को आपातकालीन स्थिति में धर्मार्थ नेत्रा चिकित्सालय की सारी सेवाएं व नर्सिंग स्टाॅफ को उपयोग में लाने का आग्रह किया। अंधविद्यालय के सचिव शिवम कोहली की अध्यक्षता में निशुल्क मास्क वितरण के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्री कोहली ने कम उम्र में ही अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वयं संक्रमित होने के बावजूद कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से आमजन को बचाने के लिए हर संभव प्रयत्न किए। उन्होंने अपने जज्बे से युवा पीढ़ी को राह दिखाई ।

स्वामी ब्रह्मदेव व शिवम कोहली ने लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम के तहत जगह-जगह प्रचार सामग्री, फ्लैक्स, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आसान जरूरी उपायों के बारे में बताया। जगदंबा चिकित्सालय के डाॅक्टर भी पीछे नहीं रहे। उनके द्वारा ब्लैक फंगस और कोविड-19 संक्रमण के बचाव के लिए स्थानीय समाचार पत्रों में आलेख लिखकर व अवेयरनेस कार्यक्रमों के तहत सोशल मीडिया पर वीडियो उपलब्ध करवाए गए। इन आलेखों से जन जागृति हुई व अधिक लोग संक्रमित होने से बच सके।

नव वर्ष पर जब टीकाकरण की शुरुआत हुई तब ही अंध विद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मदेव ने प्राथमिकता के आधार पर अपनी उम्र के इस पड़ाव में भी कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाकर टीके के बारे में समाज में फैली भ्रांतियों को विराम देते हुए कोविड-19 वैक्सीन के पूर्ण सुरक्षित होने का संदेश दिया। 

जगदंबा एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर ने राष्ट्रीय स्तर तक गूगल मीट के माध्यम से वेबिनार आयोजित कर कोविड-19 संक्रमण से बचाव के उपाय बताए।

  गौरतलब है कि जगदंबा अंधविद्यालय संस्थान 1996 में सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय समाज सेवी संस्थान की राष्ट्रीय पुरस्कार से भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम डाॅ. शंकर दयाल शर्मा के कर कमलों से द्वारा सम्मानित किया गया था। जगदंबा धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय में 1993 से निरंतर उत्तर भारत के दूरदराज के इलाकों से निशुल्क नेत्र जांच चिकित्सा शिविर में आॅपरेशन के लिए चिन्हित किए गए मरीजों को अस्पताल श्रीगंगानगर हस्पताल में लाकर निशुल्क आॅपरेशन किए जाते हैं। अब तक करीब 20 लाख से भी अधिक नेत्र रोगी अस्पताल से लाभान्वित हो चुके हैं और 3.5 लाख से भी अधिक लोग आंखों के निशुल्क आॅपरेशन करा चुके हैं। अनेकों दृष्टिहीन व श्रवण शक्ति बाधित विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर अभिनव भारत के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं।

( कई बार स्वामी जी से मिला हूं। करणीदानसिंह राजपूत)

श्रीगंगानगर, 16 जून 2021.

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गुरुवार, 17 जून 2021

आपातकाल 1975 के लोकतंत्र सेनानियों,हम और हमारा मोदी राज! - करणीदानसिंह राजपूत *

 

 

1-साल के 365 दिन में 1 दिन कांग्रेस के विरोध में काला दिन और बाकी के 364 दिन भी हमारे लिए तो काले दिन। 
मोदी राज जिससे हम सब अपना राज कहते हैं उसी राज में साल के 364 दिन हमारे लिए काले दिन हैं। 
2- मोदी जी की सरकार को पूरे भारत से सभी संगठनों से लोकतंत्र सेनानियों के निजी हजारों पत्र हर साल भेजे जाते रहे हैं। उनका कोई उत्तर नहीं मिला। 
3- जब आपातकाल लगने का दिन आता है, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी आती है,स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त आता है, तब आशा बंधती है कि इस बार जरूर लोकतंत्र सेनानियों के  सम्मान के लिए घोषणा और निर्णय होगा! और एक-एक दिन बीत जाता है और निराशा के अलावा कुछ खास नहीं लगता।
4- मन की बात कार्यक्रम के अंदर भी ट्विटर के माध्यम से हमारे साथियों ने हजारों संदेश भेजे। ये संदेश बहुत आशा और विश्वास से भेजे गए कि मोदी जी अपना मुंह खोल दें लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
5- हमने लगातार मोदी जी गृह मंत्री अमित शाह के आगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगे और संघ प्रमुख मोहन भागवत जी के आगे पत्रों के अंबार लगा दिए लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। अभी तक नहीं पत्रों का उत्तर नहीं दिया जाना बहुत बड़ा तिरस्कार है। 
6- हम लोग अपने ही राज में घोर परेशानियों में घूम रहे हैं हमारे पत्रों में आग्रह करना याचना करने में प्रार्थना करने में कोई कमी नहीं रही है। इसमें कमी सरकार की ही रही है जिसने हमारे प्रति कोई निर्णय नहीं किया। 
7- सरकार के हजारों काम रोजाना होते हैं उन पर करोड़ों रुपए का खर्चा भी होता है लेकिन हमारी कहीं चर्चा नहीं होती।
8- हमारे लिए बातचीत के द्वार भी खुले नहीं है। यदि बातचीत हो तो मोदी जी के आगे जो बातें रखी जाएंगी उसके बाद इनकार हो नहीं सकता। आखिर कौन बाधा बना हुआ है?
9- हमारे सेनानियों में से कुछ अधिक बुद्धिमान यदाकदा सामने आते हैं जिनको लगता है कि ये पत्र मोदी जी का विरोध है। सरकार से सम्मान निधि मांगना विरोध नहीं होता। 
10- मोदी जी और केंद्र सरकार हमें अपना मानती है तो सरकार को सबसे पहला काम लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने का करना चाहिए। 
11- मोदी जी खुद घोषणा करें लागू करें तो उससे बड़ा कोई निर्णय नहीं हो सकता। 
12- हम एक दिन आपातकाल लगाए जाने का दिन काला दिन मनाते हैं और कांग्रेस का विरोध करते हैं लेकिन शेष 364 दिन भी काले दिन ही हैं।
13-  मोदी जी और सरकार सम्मान की घोषणा निर्णय कर सभी 365 दिनों को सफेद दिनों में
हर्ष और उल्लास के अच्छे दिनों में परिवर्तित कर सकते हैं।
14- मोदी जी और सभी जन, कांग्रेस को नेहरू, गांधी,राहुल, सोनिया आदि की आलोचना करके,पुराने किस्से प्रसारित करके तो जिंदा रख रहे हैं।
15- कांग्रेस को वास्तव में खत्म करना है तो वह किस्सों से नहीं लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने से जो इतिहास देश विदेश में रचेगा, उससे खत्म होगी। 
16- मेरे से बड़े 80-85-90-95 वर्ष के सेनानी और दिवंगत की पत्नियां परिवार मोदीजी के निर्णय की आशाओं में एक एक दिन बिता रहे हैं।
💐 आशा करते हैं कि सम्मान प्रदान करने का निर्णय कर एक अच्छा दिन स्वर्णिम घोषित हो जाए और सभी 365 दिन आनंद मय सफेद अच्छे दिन हो जाएं।००
17 जून 2021.



करणीदानसिंह राजपूत,
( 75 वर्ष 9 माह)
पत्रकार,
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
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बुधवार, 16 जून 2021

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का घर-घर औषधीय पौधे अभियान बनेगा जन अभियान

 



* करणीदानसिंह राजपूत *


जिला कलक्टर जाकिर हुसैन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के अनुसार घर-घर औषधीय पौधे वितरण अभियान को श्री गंगानगर जिले में सफलता दिलाने के लिए चाहते हैं कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ इसे पूरा करें।


जिला कलक्टर ने 16 जून 2021 को कलैक्ट्रेट सभाहाॅल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयन्ती समारोह एवं स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगाठ के संयुक्त कार्यक्रम वास्ते आयोजित बैठक में आवश्यक निर्देश दिए। 

उन्होनेे कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप हर घर औषधीय पौधे वितरित किए जाने का अभियान है। पौधे वन विभाग द्वारा तैयार किए जाएंगें एवं पौध वितरण ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।


जिला कलक्टर ने बताया कि इस योजना में अश्वगंधा, तुलसी, गिलोय, कालमेघ के पौधे दिए जाएंगे। 

उन्होने बताया कि राज्य सरकार इस प्रकार का अभियान पहली बार चला रही है, जिसमें प्रत्येक घर की भागीदारी होगी। नागरिकों को अपने घरों में औषधीय पौधे लगाने होंगे। कोरोना जैसी महामारी में इस प्रकार के औषधीय पौधे इम्यूनिटी बढाने में सहायक होते है। 

जिला कलक्टर ने कहा कि औषधीय पौधों के अलावा पार्को, नवविकसित पार्को, सड़कों  के किनारे, राजकीय परिसरों, शमशान भूमि, कब्रिस्ताान सहित जहां चारदीवारी की सुविधा हो, वहां फलदार व छायादार पौधे लगाए जाए। शहरी क्षेत्र में डिवाइडर के बीच में कनेर के पौधे लगाए जाए। 


जिला कलक्टर ने नगर विकास न्यास को निर्देश दिए हैं कि 21 जून को इस अभियान की शुरूआत के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाए। 

जिला कलक्टर ने आयुर्वेद अधिकारियों को निर्देश दिए है कि इन औषधीय पौधों के गुण व उपयोगिता की जानकारी जन-जन तक पहुंचाए।

उपवन संरक्षक आशुतोष औझा ने बताया कि वन विभाग की नर्सरियों में पौध तैयार की जा रही है एवं दो लाख से अधिक पौधे तैयार हैं।  17 लाख पौधो का लक्ष्य लेकर इस वर्ष 8 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे तथा इतने ही अगले वर्ष लगाए जाएंगे। उन्होने बताया कि वन विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर पौध तैयार की जा रही है, जो लक्ष्य से 10 प्रतिशत अधिक है। प्रत्येक परिवार को 8-8 पौधे दिए जाएंगे। 


जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक कुमार मीणा ने कहा कि पौध तैयार होने पर ग्राम स्तर तक वितरण एवं पौधे लगाए जाएंगे, जिसमें सभी विभागों का सहयोग होना चाहिए। ग्राम स्तर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत पर 500-500 पौधे लगाने का कार्यक्रम भी बनाया गया है। 

इस बैठक में न्यास सचिव डाॅ0 हरीतिमा, आयुक्त नगर परिषद श्री सचिन यादव, एसडीएम श्री उम्मेद सिंह रतनु, जिला संयोजक श्री प्रवीण गौड़, डाॅ0 कर्ण आर्य, जिला रसद अधिकारी श्री राकेश सोनी, उपनिदेशक आयुर्वेद श्री हरिन्द्र दावडा, अधीक्षण अभियन्ता श्री सुमन विनोचा, अधीक्षण अभियन्ता श्री धीरज चावला सहित विभिन्न विभगों के अधिकारी उपस्थित थे।

लेख करणीदानसिंह राजपूत

*( समाचार स्तोत्र 16 जून 2021. पीआरओ

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