शनिवार, 3 अप्रैल 2021

जैनाचार्य विजय नित्यानंद महाराज एवं संतों का सूरतगढ़ में भव्य स्वागत.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 अप्रैल 2021.

श्री आत्म वल्लभ समुद्र इंद्र दिन सुरीश्वर महाराज के  पट्टधर शांतिदूत आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज पन्यास धर्मशील विजय जी प्रखर वक्ता मोक्षानंद विजय जी  के आज सूरतगढ़ पधारने पर श्री पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ व सकल जैन समाज द्वारा आज भव्य स्वागत किया गया।


आचार्य का राठी पेट्रोल पंप से शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए शहर प्रवेश पर जगह जगह पर जैन परिवारों द्वारा स्वागत किया गया।



उसके बाद गुरुदेव चतुर्वेदी संघ के साथ श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर पहुंचे,जहां पर धर्म आराधना की गई।

उसके बाद स्थानीय श्री विजय वल्लभ जैन धर्मशाला चोपड़ा धर्मशाला में सभा का आयोजन किया गया।

 गुरुदेव के मंगलाचरण के साथ आज का कार्यक्रम शुरू हुआ। इस अवसर पर आचार्य प्रवर नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज ने अपने उदबोधन में कहा कि गुरु के सानिध्य से व्यक्ति हर तरह की ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने बताया कि हम गुरु के चरण क्यों छूते हैं?अपना शीश उनके चरणों पर क्यों रखते हैं?

इस बात को उन्होंने अकबर बीरबल के  एक रोचक प्रसंग को सभी भक्तों को सुनाया। उन्होंने बताया कि गुरु का क्या महत्व है आचार्य प्रवर ने बताया कि भक्तों के बिना गुरु की भी कोई छवि नहीं होती। हम भक्तों के आग्रह उनकी निष्ठा उनकी तपस्या को देखते हुए हर जगह कदम रखते हैं व उनको धर्म लाभ देते हैं। 


धर्म सभा में प्रखर वक्ता मोक्ष आनंद विजय जी महाराज साहब ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि धर्म आराधना से हर तरह के कष्टों का निवारण होता है। 

हमें मंदिर क्यों जाना चाहिए?  भगवान की पूजा क्यों करनी चाहिए? इसके महत्व को बताया और सभी जैन महानुभावों से निवेदन किया कि आप भगवान के मंदिर में दर्शन पूजा का लाभ अवश्य लें  ताकि आपका व आपके परिवार का आपके शहर का कल्याण हो सके। 

 इस अवसर पर आत्म वल्लभ महिला मंडल तरुणी मंडल आत्म वल्लभ बालिका मंडल आत्म वल्लभ नवयुवक मंडल अंजना पटावरी हर्षिता चोपड़ा अभय चोपड़ा तृप्तिजैन  ने गीतिका प्रस्तुत की। 

इस अवसर पर सूरतगढ़ के सकल जैन समाज के महिला पुरुष बच्चे आदि उपस्थित थे  मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष  सुरेंद्र चोपड़ा ने सभी का आभार व्यक्त किया मंच संचालन प्रवीण डी जेन किया।00

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