शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

*सूरतगढ़ की सूरत बिगाड़ता नगरपालिका प्रशासन और सोए हैं पार्षद व अध्यक्ष।


* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ नगर पालिका प्रशासन और सफाई व्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण यत्र तत्र नाले लबालब और पानी सड़कों पर फैला नजर आता है।
सड़कों पर गंदा पानी फैला देखकर और इंटरनेट की सोशल साइटों पर सूचना खबरें देखने पढ़ने के बाद भी तुरंत सफाई की व्यवस्था करने की ओर कोई कदम नहीं उठाया जाता। लोग शिकायतें करते रहते हैं। 
* नगरपालिका में 35 पार्षदों की संख्या बढ कर 45 हो गई, मगर इन चुने हुए प्रतिनिधियों के द्वारा भी बिगड़ी सफाई व्यवस्था को सुधारने का कदम नहीं उठाया जाता।
काग्रेस का बोर्ड और अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा तथा उपाध्यक्ष सलीम कुरैशी हैं,जिनका वादा था कि शहर को साफ सुथरा रखेंगे, लेकिन यह वादा हवाई रहा।
 
बीकानेर रोड आयकर विभाग से पुराने हाउसिंग बोर्ड तक जाने वाली सड़क बहुत चौड़ी है जो गंदे पानी से भरी है। नाले की सफाई न होने के कारण पानी सड़क पर फैल रहा है।
हालात अन्य स्थानों पर भी अच्छे नहीं हैं।
रेलवे रोड, करनाणी धर्मशाला और सामने, सिनेमा रोड,पुराने बस अड्डे के आगे के हिस्से में नाले गंदगी से भरे पड़े हैं। महीनों तक यहां सफाई नहीं हुई। 
नगर पालिका की ओर से यहां पर नालियां साफ करने का स्टाफ लगाया हुआ है या नहीं। यहां कोई काम करते हुए रोजाना दिखाई नहीं पड़ता। कचरा पात्र भी सड़कों पर नहीं है। 

दुकानदारों और बड़े शोरूम के मालिकों ने नालों पर आरसीसी व लोहे के एंगल से पक्के निर्माण कर रखे हैं। दुकानों के शटर से नालों की दूरी 3 फुटहै। पालिका ने तीन फुट की जगह छोड़ी लेकिन दुकानदारों ने 3 फुट के आगे भी नाले पर आरसीसी और एंगल आईरन लगाकर 6 फुट तक अवैध कब्जा कर लिया। इससे नालों की सफाई भी प्रभावित हो रही है।

 एक साल पहले नालों पर किये हुए पक्के निर्माणों को तोड़ने का निर्णय भी हुआ था।  दुकानदारों ने कहा कि वह खुद 3 फुट से आगे का नाले के ऊपर बना हुआ कब्जा खुद  हटा लेंगे निर्माण तोड़ देंगे। अगर दुकानदारों ने ये निर्माण नहीं हटाए तो पालिका तुड़वा देगी। कोरोना शुरू हुआ और पालिका ने कार्यवाही नहीं की जो अभी भी लंबित पड़ी है।
दुकानदार तोड़ते नहीं और नगर पालिका की ओर से कार्रवाई होती नहीं। शहर सड़ांध मारे चाहे नालों का गंदा पानी सड़कों गलियों में फैले। 
पालिका ने कुछ दिन पहले रिक्शे पर प्रचार करवाया था कि दुकानदार नाली से आगे सामान नहीं रखेंगे लेकिन केवल यह खोखा प्रचार रहा। नगर पालिका ने इसके बाद कोई कार्यवाही नहीं की।
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*सूरतगढ़ की सूरत बिगाड़ता नगरपालिका प्रशासन और सोए हैं पार्षद व अध्यक्ष। केशव पार्क शर्मसार करता है। नगरपालिका ने करीब 30 लाख रूपए खर्च करके विकसित नहीं किया। उसमें शहर का गंदा पानी भरा है। कमसे कम गंदा पानी तो बंद करे। 
*** नगरपालिका के चिपते पार्क था जिसमें कबाड़ भर दिया और वाहन खड़े करने लगे। इस पर भी करीब आठ लाख रूपये लगाए गए तथा बाद मेें यह हालत बना दी गई।००









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