सोमवार, 7 दिसंबर 2020

कोरोना का टीका शीघ्र ही आने की खबरों के साथ सर्दी के ये चार महीने बहुत खतरनाक

 




 * मास्क और दूरी नहीं रखी गई तो न जाने कब कौन संकट में पड़ जाए ?*


* करणीदानसिंह राजपूत *


पूरी दुनिया में कोरोना टीका दिसंबर के अंत और जनवरी के शुरुआत में आने की खुशी वाली खबर के बीच सर्दी के दिसंबर से मार्च तक के महीने भारत के लिए बहुत अधिक खतरनाक रहने वाले हैं। 

सर्दी की बीमारियां सर्दी जुकाम खांसी बुखार के साथ फेफड़े जाम होने निमोनिया की शिकायत के साथ ही कोरोना का झपट लगने का खतरा

हर समय मंडराता रहेगा। 

 ये महीने कोरोना से बचाव के लिए हर व्यक्ति को जागरूक जीवन बिताने का संदेश देने वाले हैं। कोरोना संक्रमण और बचाव के लिए मास्क लगाना और एक दूसरे से 2 गज की दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसके अलावा कार्य स्थल को सैनेटराइजेशन करते रहना भी जरूरी है। 

मामूली सी लापरवाही भी कोरोना वैक्सीन की खबर के बीच जान लेने वाली आसपास मंडराती हुई रहेगी। यदि कोई कोरोना संकट में चल बसा तो परिवार वालों के लिए हमेशा के लिए दिमाग में रहेगा कि उनका व्यक्ति 5,7, 10 दिन पहले चला गया और वैक्सीन पांच 10 दिन बाद में आई। बस यही संकट है और इसके लिए हर व्यक्ति को अपने आप को और अपने परिवार को बचाने का हर तरीका अपनाना चाहिए। 

यह तरीके 5 लोग अपनाएं और 5 नहीं अपनाएं तो भी बात बिगड़ सकती है। इस लापरवाही से भी संक्रमण फैलना निश्चित है। मास्क लगाने और दूरी रखने का नियम वैक्सीन आने के बाद भी चालू रखा जाएगा क्योंकि वैक्सीन ही एकमात्र बचाव का साधन नहीं होगी। वैक्सीन के बारे में अलग-अलग बयान आए हैं कि वैक्सीन के होते हुए भी व्यक्ति और व्यक्तियों को कोरोनावायरस से बचने के लिए हर प्रयास करने ही होंगे।

वैक्सीन में कोई जादुई चमत्कार नहीं है कि उसके लेने मात्र से ही हर व्यक्ति बचा रहेगा और किसी संकट में नहीं पड़ेगा क्योंकि वैक्सीन भी एक साथ सभी लोगों के लिए संभव नहीं है इसलिए सभी अपने को बचाएं और अपने को बचाने से दूसरे का बचाव भी संभव रहेगा।


 वैक्सीन को चमत्कारिक प्रभाव वाली अभी भी नहीं माना जा रहा है। बस,उसका आना और उपयोग में लाया जाना ही जीवन रक्षा का कार्य है। इसके बावजूद भी जो समाचार है जो बयान है उनको ध्यान में रखना बहुत जरूरी है।


विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ने कहा- वैक्सीन नहीं है कोई जादू की गोली, अगले साल की शुरुआत में ही सबको नहीं मिलेगा टीका। 

संगठन के शीर्ष स्वास्थ्य निदेशक माइकल रयान ने कहा, "टीके के आने का मतलब कोविड का पूरी तरह खत्म हो जाना नहीं है। टीके को अगले साल 2021 की शुरुआत में हर कोई प्राप्त नहीं कर पाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि बेशक वैक्सीन के आ जाने से हमारी मेडिकल किट में एक प्रमुख शक्तिशाली उपकरण जुड़ जाएगा लेकिन वह अकेले ही सारा काम नहीं कर पाएगी। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्‍टर टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने वैक्सीन को एक गहरी सुरंग से निकलती रोशनी की तरह बताया है। उन्होंने कहा कि लोगों में यह धारणा बढ़ रही है कि कोरोना वायरस खत्म हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है, यह अभी भी बहुत तेजी से फैल रहा है। टेड्रोस ने बैठक में यह भी कहा कि हमें तैयारियों के लिए, वैश्विक प्रणाली पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

 सितंबर में स्थापित विश्व स्वास्थ्य संगठन आयोग, अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों की समीक्षा कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन कई देशों के साथ मिलकर एक पायलेट प्रोग्राम शुरू करने पर काम कर रहा है, जिसमें सभी देश अपनी स्वास्थ्य तैयारियों की नियमित और पारदर्शी समीक्षा करने के लिए सहमत हुए हैं।


विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि वर्तमान में 51 उम्मीदवारों की वैक्सीन इंसानों पर टेस्ट की जा रही है, जिसमें से 13 अभी फाइनल स्टेज पर पहुंच रहे हैं। 

 ब्रिटेन पहला ऐसा देश बन गया है जिसने अपनी वैक्सीन फाइजर-बायोटेक्निक को आम लोगों पर उपयोग करने की अनुमति दी है। अमेरिका भी इस महीने इसे हरी झंडी दे देगा।

वैक्सीन के आने के साथ, अमेरिकी कंपनियां इसके वितरण में सहायता के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है। फाइजर और बायोटेक्निक ने कहा है कि उनकी वैक्सीन को माइनस 94 डिग्री के तापमान की आवश्यकता होगी। अब इसके बाद अलग-अलग फर्म इंसुलेटिंग कंटेनर के युद्धस्तर पर इंतजाम करने में लगी हुई हैं। 

संयुक्त राज्य अमेरिका में लगातार दूसरे दिन कोविड-19 मामलों की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की गई है, इसे नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 'डार्क विंटर' कहा है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने शुक्रवार को सभी को घर के अंदर 'यूनिवर्सल फेस मास्क यूज' की सलाह दी है। इसके साथ ही जो बाइडेन ने भी कहा है कि कोरोना वायरस को देखते हुए वह अपने जनवरी में होने वाले विशाल उद्घाटन समारोह को रद्द कर देंगे।

ब्रिटिश चिकित्सा प्रमुखों ने कहा है कि एक वैक्सीन के आने से अगले साल की शुरुआत में मौतों में कमी आएगी लेकिन क्रिसमस पर सोशल डिस्टेनसिंग को ध्यान में रखना होगा।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने देश में हो रहे परीक्षण के आधार पर बयान दिया है कि कोरोना वैक्सीन कुछ सप्ताह में आने वाली है।

यह जो कुछ दिन हैं, इनमें हरेक को स्वयं को बचाना है ताकि दूसरे बच सकें और सभी बच सकें।००

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