मंगलवार, 15 दिसंबर 2020

रेलवे प्लेटफार्म पर कुत्ते-फोटो देख मजाक में न टालें-यात्री को काटले तब किसकी जिम्मेदारी?

 

 * करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ जंक्शन उत्तर पश्चिम  रेलवे का मॉडल स्टेशन है। इस स्टेशन का आनंद रेल यात्री रेल कर्मचारी स्टाफ ले पाए न ले पाए लेकिन जानवर प्लेटफार्म पर घूमते हुए कुत्ते सोते हुए आनंद लेते हुए जरूर मिलते हैं। बहुत कम स्थान पर ही 6 कुत्ते हैं। 4 प्लेटफॉर्मों पर यह संख्या अधिक हो जाती है। सूरतगढ़ स्टेशन पर 20 - 25 कुत्ते हर समय मौजूद रहते हैं। 

यहां एक फोटो प्लेटफार्म नंबर 2-3 के बीच का है। यहां कुत्ते केवल धूप का आनंद ही नहीं लेते प्लेटफार्मों पर अपनी टट्टी की गंदगी भी बिखेरते हैं,जिनसे यात्रियों को परेशानी होती है। चाहे यात्री कोरोना संकट काल में संख्या में बहुत कम होते हैं। 

आजकल प्लेफार्मों व  रेलवे पुल फुट ओवर ब्रिज पर कुत्तों की टट्टी यत्र तत्र दिखाई पड़ती है।  रेलवे ने गंदगी बिखेरने पर ₹500 का जुर्माना घोषित कर रखा है। प्लेफार्मों व पुल पर ये बोर्ड लगे हुए हैं। अब कुत्तों से यह वसूली कैसे हो? यह सवाल मजाक में जाएगा लेकिन इसकी गंभीरता को नोट किया जाना चाहिए कि यदि किसी यात्री को कुत्ते ने काटा तो कितनी परेशानी होगी? 

क्या रेलवे की जिम्मेदारी नहीं है कि वह प्लेटफार्म पर यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीरता से ध्यान रखें? 

*******






कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

यह ब्लॉग खोजें