सोमवार, 14 दिसंबर 2020

उत्तर पश्चिम रेलवे को ऊर्जा संरक्षण में राजस्थान सरकार से 10 पुरस्कार मिले

 

* करणीदानसिंह राजपूत *


 राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2020 के लिये घोषित ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2020 में उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में 10 पुरस्कार प्राप्त करना बहुत सराहनीय है।

 उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट शशि किरण के अनुसार श्री आनन्द प्रकाश महाप्रबंधक उत्तर पश्चिम रेलवे के दिशा-निर्देशों पर रेलवे ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण को सुदृढ़ बनाने के लिये भी लगातार सकारात्मक कदम उठा रहा है, जिसमें परम्परागत संसाधनों के स्थान पर पर्यावरण अनूकुल स्त्रोतो का अधिकाधिक उपयोग किया जा रहा हैं। रेलवे के ऊर्जा संरक्षण के लिये किये गये प्रयासों के फलस्वरूप राजस्थान सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2020 में उत्तर पश्चिम रेलवे को विभिन्न श्रेणियों में 10 पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई है।

 लेफ्टिनेंट शशि किरण के अनुसार राजस्थान ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2020 में उत्तर पश्चिम रेलवे के केन्द्रीय चिकित्सालयए जयपुर को हाॅस्पिटल बिल्डिंग श्रेणी में प्रथमए मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय जोधपुर को प्रथम स्थान प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त सरकारी बिल्डिंग श्रेणी में उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर वर्कशाॅप, बीकानेर वर्कशाॅप, जोधपुर वर्कशाॅप, क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर, रेलवे स्टेशन, बीकानेर-ईस्ट, कोच केयर काॅम्प्लेक्स, जोधपुर, उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, आबूरोड स्टेशन सम्मिलित है। रेलवे द्वारा विगत वर्ष में ऊर्जा संरक्षण के लिये किये गये कार्य निष्पादन के लिये उत्तर पश्चिम रेलवे को 10 पुरस्कार प्रदान किये गये है। उत्तर पश्चिम रेलवे को प्राप्त पुरस्कारों की यह संख्या विगत वर्षों में अभी तक यह सर्वाधिक है। 

 लेफ्टिनेंट शशि किरण ने बताया कि विगत समय में उत्तर पश्चिम रेलवे पर ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण को सुदृढ़ बनाने के लिये अनेक कार्य किये गये है, जिनसे ऊर्जा की बचत तो हो ही रही है साथ ही पर्यावरण का संरक्षण कर राजस्व की भी बचत की जा रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे परिक्षेत्र सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए समृद्व है। इस रेलवे पर अभी तक कुल 6973 के डब्ल्य पी क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किये गये है। इन सौलर पैनल के स्थापित होने से इस रेलवे पर प्रतिवर्ष 76 लाख से अधिक यूनिट की ऊर्जा की बचत की जा रही है।

 ऊर्जा संरक्षण व हरित ऊर्जा की पहल के अन्तर्गत जयपुर स्टेशन पर 500 के.डब्ल.पी क्षमता के 02 तथा अजमेर स्टेशन पर 500 के.डब्ल्य.पी क्षमता का 01 के तथा जोधपुर स्टेशन पर कुल 770 के.डब्ल्य.पी के उच्च सोलर पैनल स्थापित कर ऊर्जा प्राप्त की जा रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में जोधपुर वर्कशाॅप (440 के.डब्ल्यपी), मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय जोधपुर (230 के.डब्ल्य.पी), क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर (180 के.डब्ल्य.पी), भगत की कोठी (कुल 250) मारवाड़ जं. (120 के.डब्ल्य.पी) सहित अन्य स्टेशनो पर भी पैनल स्थापित कर विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उत्तर पश्चिम रेलवे में लगभग 8.68 मेगावाॅट क्षमता के सोलर सिस्टम लगाने के कार्य प्रगति पर है।

 इसके अतिरिक्त ऊर्जा संरक्षण के लिये रेलवे पर ऊर्जा दक्ष उपकरणों तथा आधुनिकम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिनमें 100 प्रतिशत एलईडी लाइट का प्रावधान, स्टेशन प्लेटफार्म, स्टेशन बिल्डिंग व कार्यालयों में सेंसरयुक्त आधारित प्रणाली की स्थापना जिसमें वहॉ कोई न होने पर स्वतः ही लाइट बंद हो जाना, वाटर सप्लाई पम्पों में आॅटोमैटिक प्रणाली लगाना, हाई-मास्ट तथा स्ट्रीट लाइट उपकरणों में एस्ट्रों टाइमिंग का प्रयोग करना तथा ऊर्जा दक्ष व स्टार रेटिंग युक्त उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है।

 उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर श्री राजेश मोहन ने बताया कि इस रेलवे पर प्रयास रहा है कि ऊर्जा संरक्षण के माध्यम से राजस्व की बचत की जा रही है साथ ही पर्यावरण अनुकूल साधनों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण के दायित्व को भी पूरा किया जा रहा है। रेलवे पर गैर परम्परागत स्त्रोतों से ऊर्जा प्राप्त करने के कार्यों पर विशेष बल दिया जा रहा है। 

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