गुरुवार, 31 दिसंबर 2020

फिल्म प्रचारक धारा विराट पोपट का जोश:पिता स्व.राजू कारिया के कदमों पर बेटी

 



* फिल्म प्रचारक रहते मजबूत प्लेटफार्म छोड़कर गये हैं राजू कारिया* 




प्रस्तुति - करणीदानसिंह राजपूत.

श्रीगंगानगर, 31 दिसम्बर 2020.
बेटियां भी बेटों से किसी भी मायने में कम नही होती हैं। ऐसे अनेक उदाहरण हम अपने जीवन मे देखते हैं जो बेटियों के महत्व को किसी भी सूरत में कम नही होने देते। इन बेटियों के हौसले भरे काम उन दम्पतियों को बहुत बड़ी तसल्ली भी देते हैं जिनके बेटा नही होता, सिर्फ बेटियां ही होती हैं। ऐसे ही उदाहरणों में एक नया नाम जुड़ रहा हैं धारा विराट पोपट। बाॅलीवुड में पिछले करीब 50 सालों से ज्यादा समय तक फिल्म प्रचारक व अनेक नामचीन अभिनेताओं, अभिनेत्रियों के पर्सनल पीआरओ के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले स्वर्गीय राजू कारिया की छोटी बेटी धारा अपने पिता के नाम और काम को जिंदा रखने के मामले में पूरी तरह से गम्भीर नजर आ रही हैं। धारा की गम्भीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि छोटे से प्रयास से ही फिल्म निर्माता, निर्देशक व अन्य लोग धीरे-धीरे धारा से लगातार जुड रहे हैं। श्रीमती धारा ने अपने नये प्रोडक्शन ‘आर.के.प्रोडक्शन हाउस‘ के माध्यम से पिता राजू कारिया की विरासत को आगे बढ़ाने का काम हाल ही में शुरू किया हैं। धारा की यह राह आसान इसलिये भी मानी जा रही हैं कि अपने सफल कार्यकाल के दौरान राजू कारिया ने न सिर्फ रिलेशनशिप का मजबूत प्लेटफार्म तैयार किया बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में देशभर के कोने-कोने से आने वाले नवोदित लोगों को स्दैव सहयोग किया हैं।इसके अलावा जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात हैं वो हैं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मीडियाकर्मियों के बीच राजू की जबरदस्त पैठ। अनेक मंचों पर उन्होंने सदैव अपनी सफलता का श्रेय मीडिया को ही दिया।गौरतलब हैं कि बाॅलीवुड के नामचीन फिल्म प्रचारक राजू कारिया का करीब 70 वर्ष की आयु में विगत 3 नवम्बर को दिल का दौरा पड़ने के बाद मुम्बई में निधन हो गया था। अपने पिता के निधन के एक माह बाद श्रीमती धारा विराट पोपट ने अपने पिता के मोबाइल काॅन्टेक्ट लिस्ट में शामिल फिल्म इंडस्ट्रीज से जुड़े तमाम मीडिया कर्मियोंए प्रेस फोटोग्राफर व फिल्मी हस्तियों को संदेश दिया हैं कि वह अपने पिता राजू कारिया के फिल्म प्रचार के काम को जारी रखने के लिये सभी से सहयोग की अपेक्षा करती हैं। धारा के इस हौसले को देखकर सभी ने उसे हर सम्भव सहयोग देने का आश्वासन दिया हैं। राजू कारिया जमीन से जुड़े हुए सेल्फमेड व्यक्ति थे। यह बड़े ही गौर करने वाली व नवोदित लोगों के लिये प्रेरणादायक बात हैं कि बहुत ही कम शिक्षित राजू कारिया ने वर्षो पूर्व महाराष्ट्र के यवतमाल से मुम्बई आकर दिनरात मेहनत कर मीडिया जगत में एक बड़ा मुकाम हासिल किया था। जैसा कि खुद राजू कारिया बताया करते थे कि शुरुआती दिनों में वे मुम्बई में गुजारे के लिये  रात के समय आॅटो रिक्शा चलाया करते थे व दिन में फिल्म स्टूडियो आते-जाते थे। यह वह दौर था जब मोबाइल तो बहुत दूर की बात आम आदमी के पास लैंडलाइन फोन भी नही होता था। अपने 50 वर्ष के करियर में राजू कारिया ने करीब सात सौ फिल्मों के प्रचार का काम किया। फिल्म प्रचारक के तौर पर एक ही दिन में 15 फिल्मों के मुहुर्त करने का रिकार्ड भी स्व राजू कारिया के नाम ही रहा हैं। राजू कारिया ने अनेक मंचों पर हमेशा अपनी सफलता का श्रेय मीडिया को ही दिया। यही सोच लेकर उनकी लाडली बेटी धारा भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मीडिया कर्मियों से लगातार मजबूत सम्बन्ध बना रही हैं। धारा के अनुसार पापा ने अपने समय में जो संघर्ष किया था वैसा अब नही हैं। अब बहुत कुछ आसान हो गया हैं। हम धारा के हौसले को देखते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
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करणीदानसिंह राजपूत
स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत) सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356.
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मंगलवार, 29 दिसंबर 2020

रेलवे अस्पताल अजमेर में मोड्यूलर आॅपरेशन थियेटर की शुरुआत

 


29 दिसम्बर 2020.

रेलवे अस्पतालए अजमेर में मोड्यूलर आॅपरेशन थियेटर की शुरुआत विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आनन्द प्रकाश की उपस्थिति में रेलवे अस्पताल अजमेर के वरिष्ठतम रेल कर्मचारी श्री शिवलाल ने की।

 उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आनन्द प्रकाश ने मोड्यूलर आॅपरेशन थियेटर की शुरुआत पर कहा कि रेलवे अस्पताल अजमेर पुराना व बड़ा अस्पताल है जहाँ रेलवे के सबसे ज्यादा रेलकर्मी ईलाज का लाभ ले रहे हैं, इस दृष्टि से मरीजों के बेहतर ईलाज के लिए मोड्यूलर आॅपरेशन थियेटर की सुविधा को प्राथमिकता देकर स्वीकृति प्रदान की गई। श्री आनन्द प्रकाश ने रेलवे अस्पताल प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि रेलवे अस्पताल द्वारा कोरोना महामारी को देखते हुए बहुत अच्छा काम किया जा रहा है। रेलवे अस्पताल के डाॅक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों का बेहतर ढंग से ईलाज कर रहे हैं। रेलवे अस्पतालए अजमेर के आॅपरेशन थियेटर (ओटी) को पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया गया है। दो आॅपरेशन थियेटर (ओटी) को मोड्यूलर आॅपरेशन थियेटर के रूप में अपग्रेड किया गया है, जिनमे से एक आॅर्थो और एक जनरल सर्जरी हेतु उपयोग में लाया जाएगा। रेलवे अस्पताल की मौजूदा बिल्डिंग में दो आॅपरेशन थियेटर (ओटी) में से एक गायनिक के लिए तथा एक आँख की सर्जरी के लिए बनाया गया है। इस नवीकरण के कार्य में लगभग 96 लाख रुपये की लागत आई है।  

 नवीनीकृत आॅपरेशन थियेटर (ओटी) को डबल आर्म सर्जन पेंडेंटए सिंगल आर्म एनेस्थीसिया पेंडेंटए निगरानी के लिए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिस्प्ले, सभी आवश्यक चिकित्सा गैसों की आपूर्ति, माॅनिटर के साथ ओटी (आॅपरेशन थियेटर) कैमरा, सेंसर युक्त दरवाजे, अल्ट्रा वोइलेट रेडिएशन हैच बाॅक्स, सेंसर के साथ डिजिटल डब स्टेशन, हेपा फिल्टर, एयर हीटिंग सिस्टम, एफएम युक्त म्यूजिक सिस्टम और यूएसबी मोड जैसी कई सुविधाएँ और उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। माॅड्यूलर ओटी में सर्जन और मरीजों के लिए टच बटनए काॅन्टेक्टलेस गेटए आॅक्सीजन की आपूर्ति जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं जिससे मरीजों में संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा। श्री आनन्द प्रकाश ने रेलवे अस्पताल द्वारा किए जा रहे प्रशंसनीय कार्यो के लिए पुरस्कार की भी घोषणा की।

 उत्तर पश्चिम रेलवे अपर महाप्रबंधक श्रीमती अरुणासिंह ने आज रेलवे अस्पताल का निरीक्षण किया और बेहतर सुविधाओं के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक श्री पी सी मीना ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे अस्पताल में मरीजों की सुविधा हेतु 32 लाख की लागत से एक लिफ्ट लगाई गयी है। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में पोलयुक्त लाइट व साईंन बोर्ड भी लगाये गए है तथा हाल ही में रेलवे चिकित्सालय, अजमेर में इलेक्ट्रोलाइट और एचबीएवन.सी टेस्ट की सुविधा प्रारंभ की गई है, जिससे अस्पताल में भर्ती इंडोर पेशेंट्स की जांच कर ईलाज किया जा रहा है और रेलवे के राजस्व बचत हो रही है। इसके अतिरिक्त रेलवे अस्पताल में सुपर विशेषज्ञ ओपीडी सेवाएँ शुरू की गयी है जिसका लाभ रेलवे अस्पताल के मरीजों को मिल रहा है। 

माॅड्यूलर आॅपरेशन थिएटर की शुरुआत के अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री नवीन कुमार परसुरामका अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री संजीव कुमार व श्री संदीप चौहान सहित रेलवे अस्पताल के अन्य अधिकारीए डाॅक्टर व स्टाफ उपस्थित थे। इसके साथ ही श्रीमती अरुणासिंह अपर महाप्रबंधक  उत्तर पश्चिम रेलवे ने अजमेर स्थित सुपरवाइजर ट्रेनिंग सेंटर का भी निरीक्षण किया गया तथा और बेहतर व्यवस्था हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 

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रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने रेलवे के विभिन्न मंडल अस्पतालों हेतु एचआईएमएस प्रणाली का उदघाटन किया

 


नई दिल्ली, 29 दिसम्बर 2020.

 दस्तावेजों की प्रक्रिया को सरल बनाने और रोगियों को सुविधाजनक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उत्तर रेलवे के केन्द्रीय अस्पताल नई दिल्ली में एचआईएमएस प्रणाली स्थापित की गयी है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री वी.के. यादव ने आज उत्तर रेलवे केन्द्रीय अस्पताल नई दिल्ली में इस एचआईएमएस प्रणाली का उदघाटन किया। इस अवसर पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री आशुतोष गंगल वीडियो लिंक के माध्यम से जबकि उत्तर रेलवे केन्द्रीय अस्पताल के चिकित्सा निदेशक, श्री एस.सी. खोरवाल, वरिष्ठ चिकित्सक एवं अनेक रेल अधिकारी भी उपस्थित थे ।

उन्होने बताया कि इस सिस्टम की मुख्य विशेषताओं के तहत न्डप्क् कार्ड वाला रोगी पंजीकरण डेस्क पर आएगा और उसे प्रस्तुत करेगा, कार्ड को कार्ड रीडर द्वारा स्कैन किया जायेगा, यदि रोगी के पास अपना कार्ड नहीं है, लेकिन उसके पास कार्ड नंबर या उसका पंजीकृत मोबाइल या उसका पीपीएफ या पीपीओ नंबर है, तो वह पंजीकरण डेस्क पर उसे बताएगा और उसका सारा विवरण उस नंबर को फीड करने पर स्वचालित रूप से प्राप्त हो जाएगा, वह अपनी बीमारी से संबंधित जानकारी देगा तत्पश्चात उसे संबंधित विभाग/डाॅक्टर को  भेजा जायेगा, फिर उसे एक टोकन नंबर मिलेगा जो उसे चिकित्सा संबंधित कक्ष में ले जाएगा और कतार में उसकी स्थिति के बारे में सूचित करेगा, यदि यह माॅड्यूल काम कर रहा है, तो वह अपने पंजीकरण पत्रा का प्रिंट आउट प्राप्त कर सकता है, यदि उसके पास यूएमआईडी आईडी नहीं है, तो उसे एक वैकल्पिक कियोस्क पर जाना होगा जहां अस्थायी आईडी बनाई जा रही है और इस अस्थायी आईडी का उपयोग कतार के लिए अपना टोकन प्राप्त करने के लिए किया जाएगा, उसे तब न्डप्क् आईडी के लिए पंजीकरण करने के लिए कहा जाएगा और एक बार यह बन जाता है तो उसकी अस्थायी आईडी के सभी रिकाॅर्ड नई न्डप्क् आईडी के साथ एकीकृत हो जाएंगे, एक बार आॅनलाइन अपाॅइंटमेंट रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद यूएमआईडी आईडी कार्ड धारकों को दोबारा रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी, वे अपना टोकन आॅनलाइन जेनरेट करेंगे और जिस कमरे में जाना चाहते हैंए वहां सीधे जाएंगे, जब रोगी निर्दिष्ट समय पर निर्दिष्ट कमरे में डाॅक्टर के पास जायेगाए तो डाॅक्टर उसका नंबर दर्ज करेगा या उसका कार्ड स्कैन करेगा और उसके पहले के और वर्तमान के सभी इलेक्ट्राूनिक मेडिकल रिकाॅर्ड डाॅक्टर के कंप्यूटर पर भी उपलब्ध हो जायेंगे, डाॅक्टर तब रोगी के आने की वजह का विवरण दर्ज करेगा। 

 उन्होने बताया कि इस प्रणाली में दिए गए बुकमार्क की मदद से जोकि सामान्य बीमारियों के लिए एक संरचित प्रोफार्मा है, रोगी की पिछली बीमारियों से संबंधित विवरण की जानकारी सरल हां या ना रूप में प्राप्त कर दर्ज की जायेगी, जाँच के नतीजों को कंप्यूटर में दर्ज किया जाएगा, डाॅक्टर रोगी को जांच की सलाह दे सकते हैं और ड्राॅप डाउन मेनू का उपयोग करके उपचार दे सकते हैं,  एक बार सभी इंटीग्रेशन पूरी होने के बाद डाॅक्टर द्वारा बताई गई जांच संबंधी जानकारी सीधे लैब में जाएगी और किसी भी फाॅर्म को भरने की जरूरत नहीं होगी, इसी प्रकार डाॅक्टर द्वारा दिया गया नुस्खा  सीधे दवा वितरक/फार्मेसी में जायेगा और इसमें किसी भी पर्ची को बनाने की आवश्यकता नहीं होगी, एक बार स्टोर माॅड्यूल के पूरी तरह से एकीकृत हो जाने के बादए डाॅक्टर यह देख पाएंगे कि उनके द्वारा दी जाने वाली दवाएं अस्पताल की फार्मेसी में उपलब्ध हैं या नहीं, यदि लिखी गयी दवा उपलब्ध नहीं है तो वह स्थानीय खरीद अनुभाग को निर्देशित करेगा, प्रिंटिंग मोड से बाहर आने की सुविधा होगी जिसमें मरीज पर्चे एवं जांच और उपचार दोनों का प्रिंटआउट ले सकता है, यदि मरीज पेपर प्रिंटआउट नहीं चाहता है तो वह अपने मोबाइल ऐप या पीसी पर घर पर ही एक्सेस कर सकता है और यहां तक कि घर पर प्रिंटआउट भी ले सकता है, डाॅक्टर मरीज को आवश्यकतानुसार अन्य विभागों या अस्पताल के बाहर के अस्पतालों में भी रेफर कर सकता है, यदि इनमें से किसी को भी और अनुमोदन की आवश्यकता होती है, तो वे सीधे उस प्राधिकारी के कंप्यूटर पर जाएंगे जो उन्हें अपने पासवर्ड और आईडी का उपयोग करके अनुमोदित कर सकता है और रोगी विधिवत अनुमोदित रेफरल को अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकता है और उसका प्रिंटआउट भी ले सकता है, मरीजों के दस्तावेज पीडीएफ या जेपीईजी को रोगी की ईएमआर में अपलोड करने का भी प्रावधान है, एक बार जांच प्रयोगशाला में पहुंचने के बाद रोगी लैब में जा सकेगा और अपने नमूने दे सकेगा जो बार.कोडेड होंगे। 

 उन्होने बताया कि ये नमूने तब संबंधित लैब में जाएंगे, जहां से मशीनों के विधिवत रूप से लिंक हो जाने के बाद, रिपोर्ट स्वचालित रूप से रोगी के मोबाइल पर आ जाएगी, यह जानकारी उसके ईएमआर में स्वचालित रूप से आ जायेगी और उसके अगले दौरे पर उपचार करने वाले डाॅक्टर को दिखाई देगी, इसी तरह रोगियों के पर्चे फार्मेसी तक पहुंचेंगे और सामान्य खिड़की से या स्थानीय खरीद खिड़की से उपलब्धता के आधार पर भरे जाएंगे, रोगी को एसएमएस से जानकारी मिलेगी कि उसका पर्चा भरा जा चुका है और वहां से प्राप्त करने के लिए तैयार है, एक बार ऐसा होने पर मरीज अपनी दवाइयां प्राप्त कर सकता है, इससे रोगी दवा की खिडकी पर बार.बार जाने से बच जायेगा,  स्वास्थ्य इकाइयों में भी इसी तरह की प्रक्रिया होगी, इसमें केवल यह अपवाद होगा कि उन्हें स्वयं ही रोगी को बडे अस्पताल अथवा विभाग में रैफर करना होगा, ओपीडी डाॅक्टर हर वार्ड में बिस्तर की स्थिति रियल टाइम आधार पर जान सकेंगे और तदनुसार भर्ती की सलाह दे सकेंगे, इस अवसर पर श्री यादव ने कहा कि अस्पताल में स्थापित की गयी एचआईएमएस प्रणाली मरीजों और डाॅक्टरों के इलेक्ट्राॅनिक दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को सरल बना देगी और भविष्य में बहुत मददगार साबित होगा।

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सोमवार, 28 दिसंबर 2020

मशहूर इवेंट्स संचालक गोविंद छाबड़ा का निधन.

 



- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़ 28 दिसंबर 2020.
गोविंद जी छाबड़ा का आज सुबह जयपुर के एक  प्राइवेट हॉस्पिटल में सुबह करीब 7:30 बजे निधन हो गया गया।  गोविंदा छाबड़ा की की उम्र करीब 48 वर्ष थी। उनका अंतिम संस्कार कल दि. 29 दिसंबर 2020 को अरोड़वंश कल्याण भूमि में किया जाएगा।
सूरतगढ़ व्यापार मंडल के प्रमुख व्यापारी गोविंद के भाई सुरेंद्र छाबड़ा से जानकारी मिली। गोविंद छाबड़ा की लीवर की नली फटने की घटना दि. 16 दिसंबर को हुई जिससे खून बाहर निकलने लगा। उन्हें जयपुर के प्राइवेट हास्पीटल में भर्ती कराया गया जहां ईलाज चला। सुरेंद्र भी सूचना पर जयपुर पहुंचे और 26 को ही जयपुर से सूरतगढ़ लौटे। बीती रात को 11 बजे के करीब गोविंद से बात भी हुई कि हास्पीटल में कई दिन हो गए अब छुट्टी लें। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ी। रक्तचाप बहुत गिर गया। वेंटिलेटर पर रखा गया। आज सुबह करीब साढे सात बजे निधन हो गया।
सूरतगढ़ निवासी गोविंद छाबड़ा कुछ वर्षों से जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में निवास कर रहे थे। वही मकान लिया और एक समाचार पत्र झोटवाड़ा झोटवाड़ा टाइम्स निकाला लेकिन मुख्य कार्य इवेंट्स आदि का ही ही रहा जिसमें वे वे सिद्धहस्त थे।
सूरतगढ़ के सेठ रामदयाल राठी उ.मा.विद्यालय में शिक्षा ग्रहण की थी।
सूरतगढ़ में खेलों के आयोजन में उनका नाम था। उनके कार्य पद्धति को देखकर राजस्थान पत्रिका ने उन्हें पत्रिका में स्थान दिया।
सूरतगढ़ में मेरे पत्रिका कार्यकाल में सूरतगढ़ में जोइनिंग हुई। सूरतगढ़ के बाद श्री गंगानगर और जयपुर में खूब काम किया और नाम कमाया।
सूरतगढ़ गंगानगर और उसके बाद जयपुर में बहुत अच्छे कार्यक्रम दिए गए उसके बाद उन्होंने पत्रिका छोड़ने के बाद कुछ वर्ष पहले अपने निजी कार्यक्रम शुरू किए जिनमें काफी सफल रहे।
मेरे साथ उनका कार्य बहुत अच्छा सराहनीय रहा था। सूरतगढ़ के पत्रकारों से भी अच्छा मेलमिलाप रहता था।
गोविंद छाबड़ा का अचानक संसार से जाना।। ईश्वर की ईच्छा।
याद रहेंगे।
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करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ जिला श्री गंगा नगर.
94143 81356.
***** मेरी इंटरनेट साइट करणी प्रेस इंडिया पर बहुत मैटर है। उसे अवश्य ही देखते रहें।
करणी प्रेस इंडिया
Karni press india
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रविवार, 27 दिसंबर 2020

समाचारपत्रों का बंद होते जाना सभी के लिए आत्मघाती होगा

 


* करणीदानसिंह राजपूत *
कुछ साल पहले तक अपना समाचार पत्र प्रकाशित करने की होड़ लगी रहती थी।  नए-नए समाचार पत्रों का छोटे से छोटे कस्बों तक में प्रकाशित होने कि यह होड़ बहुत गजब की होती थी। आज समाचार पत्रों के बंद होने की चिंताजनक स्थिति है। एक के बाद दूसरा समाचार पत्र बंद होते बहुत कम संख्या में दैनिक साप्ताहिक और पाक्षिक बचे हैं।
कहना यह चाहिए कि जो बचे हैं वे समाचार पत्र जीवित रह पाने का संघर्ष कर रहे हैं। हालात बहुत नाजुक है।
आज जो पत्र प्रकाशित हो रहे हैं उनकी भी अधिकांश की आर्थिक हालत खराब और कर्जदार स्थिति में है।  उनमें से भी कितने जीवित बचेंगे यह अभी कहा नहीं जा सकता। समाचार पत्रों के प्रकाशन में पहले होड़ रहती थी  और आज बंद होने की स्थिति में भी वैसे ही हालात हैं। एक ने प्रकाशन बंद किया तो दूसरा भी बंद कर रहा है।
ये क्या परिस्थितियां हुई है जिनके कारण समाचार पत्रों और पत्रकारिता क्षेत्र में आने वाले लोग भयभीत होने लगे हैं।
पत्रकार और समाचार पत्र समाज का दर्पण कहलाते थे। आज स्थिति में इतना बदलाव हो गया है कि कोई भी इन दर्पणों में मुंह देखना नहीं चाहता। समाज के इस बदलाव से समाचार पत्र खरीदना उनमें विभिन्न प्रकार के विज्ञापन देना बंद से हो रहे हैं।
सरकार का बहुत बड़ा हाथ समाचार पत्रों के प्रकाशन में विज्ञापन देकर एक प्रकार से सहायता करने का रहा था जो अब केंद्र व राज्य सरकारों के उदासीन रुख के कारण खत्म हो गया है। केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियां समाचार पत्रों को खत्म कर रही है।
अनेक लोग पत्रकारिता क्षेत्र में जीवन संघर्ष कर रहे हैं।
समाज और जनता समाचार पत्रों और पत्रकारों से सहयोग की इच्छा रखते हैं लेकिन बिना समाज के जनता के सहयोग के समाचार पत्र का प्रकाशन नहीं हो सकता। यह संयोग खरीद कर समाचार पत्र पढ़ना  और समाचार पत्र को विज्ञापन देने से ही संभव है।  राजनीतिक दल सामाजिक संगठन कर्मचारियों आदि के संगठन व्यापारिक संगठन समाचार पत्रों से हर समय अपने समाचार अपने संघर्ष अपनी मांगे ज्ञापन आदि के प्रकाशन की आशा रखते हैं और समाचार पत्र बढ़-चढ़कर सहयोग भी देते हैं। लेकिन वापसी में सहयोग के नाम पर समाचार पत्र को पत्रकार को जो सहयोग मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा।  सभी संगठन व जनता अपने समाचार  चित्र सहित समाचार पत्रों में देखना चाहते हैं,मगर साल में दो चार बार भी विज्ञापन आदि देकर सहयोग की इच्छा नहीं रखते।
समाचार पत्र का प्रकाशन केवल हवाई बातों से या पत्रकार से हेलो हेलो की दोस्ती से ही पूरा नहीं होता।
समाचार पत्रों के प्रकाशन की होड़ आज समाचार बंद होने की एक के बाद एक बंद होने की जो स्थिति पैदा हो गई है, उसमें राजनीतिक दलों सामाजिक संगठनों कर्मचारी संगठनों व्यापारिक संगठनों की यह उदासीनता अनदेखी भी बड़ा कारण है।
आखिर इस हालात में कैसे परिवर्तन किया जाए? कैसे वापस पुरानी स्थिति लाई जाए? इस पर गहन विचार किया जाना चाहिए। समाचार पत्र संचालकों पत्रकारों को भी इन  संगठनों के बीच यह चर्चा व्यापक रूप से शुरू करनी चाहिए ताकि प्रकाशन बंद होने के बदलाव को रोका जा सके। आज मोबाइल पर ही सबकुछ देखने पढने की ईच्छा बढ रही है लेकिन जब पत्रकार ही नहीं रहेंगे तब मोबाइल पर जानकारियां कहां से आएंगी? मोबाइल पर आने वाली हर जानकारी पर विश्वास भी नहीं होता। सोशल साइट्स पर जो जानकारियां सूचनाएं समाचार आते हैं उनमें से अनेक झूठी निकलती हैं और लोग अखबारों को टटोलते हैं। लेकिन अखबारों के दम तोड़ते जाने पर विश्वास वाली सूचनाएं कहां से मिलेंगी।
संगठनों के आंदोलनों को समाचारपत्रों से बड़ी शक्ति मिलती रही है और आज भी मिल रही है और इस शक्ति को खत्म कर दिया गया तो आत्मघाती होगा।00

दि. 27 दिसंबर 2020.

करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ जिला श्री गंगा नगर.
94143 81356.
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करणी प्रेस इंडिया
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शनिवार, 26 दिसंबर 2020

श्री गौशाला सूरतगढ़ में अपने तोल के बराबर सामग्री दान करने की शुरूआत. * करणीदानसिंह राजपूत *


श्री गौशाला सूरतगढ़ के अंदर शनिवार को तुला दान का एक नया प्रकल्प आरंभ किया गया।

श्री गौशाला अध्यक्ष ओमप्रकाश राठी ने बताया कि शास्त्रों के अंदर गोशाला परिसर में तुला दान का सोगुना महत्व बताया गया है और नागरिक भी विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन,शादी की सालगिरह, एकादशी, अमावस्या आदि पर  अपने वजन के बराबर गुड,खल,गेहूं, हरा चारा आदि  सामग्री दान करना चाहते हैं।इस हेतु श्री गौशाला में तुलादान स्थान का लोकार्पण एक सादे समारोह में किया गया। 

कार्यक्रम में गौशाला के कोषाध्यक्ष श्री महेश कुमार  सेकसरिया ने अपने वजन के बराबर गुड़ का दान करके तुलादान परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गौशाला अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश राठी, सदस्य मेघराज सोनी, गणेश राम जी ढुकिया,संजय बैद, प्रबंधक श्री सुरेश चाचान, तथा गौशाला का स्टाफ उपस्थित था। 

तुला दान करने के इच्छुक गौ भक्त कार्यालय समय में गौशाला प्रबंधन कमेटी से संपर्क कर सकते हैं।00

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शुक्रवार, 25 दिसंबर 2020

सूरतगढ़ गंगानगर में नौकरी का झांसा एवं सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के 10 आरोपी गिरफ्तार

 




श्रीगंगानगर 25 दिसंबर 2020.


जैतसर पुलिस ने नौकरी का झांसा एवं सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक सिम देने वाला भी है। एक महीना पुलिस गुपचुप लगी रही खोज में*


श्रीगंगानगर जिला पुलिस को  एक ऐसे गिरोह का पर्दाफास करने में सफलता मिली है, जो काफी समय से युवाओं को नौकरी, झूठे प्रलोभन के साथ कॉलगर्ल उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें ब्लेकमेलिंग कर रूपये ऐंठता था।  जिला मुख्यालय पर जिला पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने प्रेसवार्ता कर इस गिरोह की गिरफ्ताारियों और अपराध का ब्यौरा दिया। 


 पुलिस ने गिरोह के 10 आरोपियों व सिम प्रोवाईडर को एण्ड्रोयड मोबाईल फोन व फर्जी सिमों के साथ गिरफ्तार किया है।


सूरतगढ़ में डीएसपी के सुपरविजन में डी.एस.टी. ने संगठित अपराधों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए जिला विशेष टीम श्रीगंगानगर द्वारा साईबर ठगों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।


 अब तक की जांच में सामने आया है कि श्रीगंगानगर व सूरतगढ में कुछ युवा लङकों द्वारा गिरोह बनाकार सोशल मीडिया की विभिन्न साईटों/एप्लिकेशन पर फर्जी एकांउट बनाकर सैक्स वर्कर उपलब्ध करवाने, नौकरी दिलाने के नाम पर काफी बङे पैमाने पर ठगी की जा रही थी।

 ये साईबर ठग फर्जी सिमों से फर्जी  वाट्सएप एकांउट, सोशल मीडिया पर प्रसारित कर लोगों को सैक्स वर्कर उपलब्ध कराने का झांसा देकर फर्जी पेटीएम एकांउट में ठगी की रकम डलवाकर ऐश उड़ाते थे। फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया एप्स के फर्जी एकांउट पर अपना फर्जी वाटसएप नम्बर देकर चौटिंग करके धोखाधङी से ब्लैकमेल कर पे-एटीएम के माध्यम से रुपये डलवाकर ठगी करने की शिकायतें मिल रही थी। 

पुुलिस की जिला विशेष टीम श्रीगंगानगर द्वारा फर्जी फेसबुक अकांउट, वाटसएप नंबर व पेटीएम के बारे में गहनता से विश्लेषण करते हुए विभिन्न एंगल व स्त्रोतों से पङताल की तो सामने आया कि गांव गोविन्दसर पुलिस थाना जैतसर (श्रीगंगानगर) में बेरोजगार युवकों की बड़ी तादाद आस-पास के कस्बों श्री बिजयनगर, जैतसर, सूरतगढ, श्रीगंगानगर में कमरे किराये पर लेकर (जंहा ईन्टरनेट सुविधाजनक हो) इसी ठगी के काम में लगे हुए है। ठगी के रुपयों से कस्बों में महंगे भूखण्ड, मकान व महंगे दो पहिया, चार पहिया वाहन खरीदकर ऐशो आराम की जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। असल में गांव गोविन्दसर व आस-पास का एरिया टीब्बा क्षेत्र का ईलाका है, जहां आय के स्रोत बेहद कम हैं। 

इन ठगों द्वारा अन्य व्यक्ति की आई.डी. का दुरुपयोग कर उनकी बिना जानकारी के डुपलीकेट सिम किसी सिम वितरक की मिलीभगत से जारी करवाकर व फर्जी पे-एटीएम अकाउंट बनाकर चौटिंग के माध्यम से लोगों को लड़कियां उपलब्ध करवाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस व ब्लेकमेलिंग के माध्यम से अनजान लोगों के साथ रुपयों की ठगी की जा रही थी। 

बड़े स्तर पर चल रहे इस ठग गिरोह का भाण्डाफोड़ करने के लिये जिला विशेष टीम द्वारा विशेष अभियान चलाकर गिरोह के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई गई। उन्हें तत्परता से फर्जी सिम व मोबाईलों में फर्जी नंबरो के वाटसएप अकांउट सहित काबू किया गया। जप्त किये गये मोबाईलों में उपलब्ध चैट, फर्जी सिम एवं सोशल मीडिया के माध्यम से चौटिंग कर फर्जी पे-टीएएम अकाउंटों में रूपये डलवाकर ठगी करना पाया गया है। ठगी के शिकार पीड़ित युवक लोकलाज के कारण इनके विरुद्ध पुलिस में शिकायत नहीं कर पाते थे। इसी चुप्पी का फायदा उठाकर इन लोगों द्वारा ठगी की अनेक वारदातों को अंजाम देते हुए अवैध सम्पतियां अर्जित कर रखी थी। उक्त मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जिसमें बडे़ स्तर पर चल रहे इस रैकेट के और अधिक खुलासे की संभावना है। फर्जी सिम उपलब्ध करवाने वाले दूकानदारों, एजेंटों की संलिप्तता पाये जाने पर उनकी भी गिरफ्तारी की जाकर आम लोगों को इस गिरोह से ठगी का शिकार होने से बचाने के लिये जिला विशेष टीम द्वारा इस संबंध में आगे भी लगातार विशेष अभियान जारी रखते हुए इस साइबर गिरोह का सफाया करने की बात भी प्रैसवार्ता में कही। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 384/120 बी मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।


पुलिस ने अभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

1.सुनील कुमार (21 वर्ष) पुत्र लाधुराम जाति नाथ निवासी दुर्गामाता मंदिर वार्ड नं. 8 सूरतगढ़।

2. शुभराम पुत्र रामकुमार जाति कुम्हार उम्र 27 साल निवासी गोविन्दसर पुलिस थाना जैतसर हाल मकान न. 133 सदभावना नगर शिवालिका द्वितीय श्रीगंगानगर।

3. सुभाष पुत्र प्रेमाराम जाति कुम्हार उम्र 28 साल निवासी वार्ड न0 4 गोविन्दसर पीएस जैतसर जिला श्रीगंगानगर।

4. रमेशकुमार पुत्र लालचन्द जाति जाट उम्र 31 साल निवासी वार्ड न0 11 गोविन्दसर हाल वार्ड न0 11 सूरतगढ जिला श्रीगंगानगर।

5. गोपीराम पुत्र बेगाराम जाति मेघवाल उम्र 24 साल निवासी राजाणा तहसील सूरतगढ थाना राजियासर हाल उदासर फांटा के पास बीकानेर जिला बीकानेर।

6.इन्द्रपाल पुत्र राम कुमार जाति कुम्हार उम्र 24 साल निवासी गोविन्दसर हाल मकान न. 133 सदभावना नगर शिवालिका द्वितीय श्री गंगानगर।

7.दीपाराम पुत्र मंगतुराम जाति सांसी उम्र 22 साल निवासी वार्ड न0 3 गोविन्दसर पीएस जैतसर जिला श्रीगंगानगर।

8.मोहित कुमार उर्फ मोनु पुत्र महेन्द्रपाल जाति अरोङा उम्र 31 साल निवासी मकान न. 57 वार्ड न. 9 तहसील रोङ श्रीबिजयनगर जिला श्रीगंगानगर।

9.संदीप बेनीवाल पुत्र जगदीश बेनीवाल जाति जाट उम्र 20 साल निवासी वार्ड न0 3 गोविन्दसर पीएस जैतसर जिला श्रीगंगानगर को गिरफ्तार किया गया है।


* पुलिस टीम में ये रहे शामिल *

 एएसआई पवन सहारण, हैड कांस्टेबल सुनील कुमार , हैड कांस्टेबल लखन सिंह , हैड कांस्टेबल कृष्ण कुलङिया, हैड कांस्टेबल बलविन्द्रसिंह, सिपाही हवासिंह, राजकुमार, राजेन्द्र कुमार, अजयप्रताप, पवन लिम्बा, संजय भार्गव साईबर सैल, ड्राईवर दिनेश कुमार, चन्द्र प्रकाश कानि. साईबर एक्सपर्ट (विशेष भूमिका) के द्वारा लगातार सोशल साईटों पर निगरानी व डाटा का विश्लेषण करते हुए कड़ी मशकत एवं लगन से साईबर ठगों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।00

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गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

श्रीगंगानगर जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन का गठन - मेजरसिंह अध्यक्ष पवन गौतम महामंत्री.

 



श्रीगंगानगर, 24 दिसम्बर 2020.
जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक गोल्डन मार्केट, 11 एलएनपी (ख्यालीवाला) श्रीगंगानगर में हुई, जिसमें यूनियन का नवगठन किया गया।
इस कार्यकारिणी में अध्यक्ष मेजरसिंह, कार्यकारी अध्यक्ष महेन्द्र बिश्नोई, कार्यकारी अध्यक्ष भूपेन्द्र डेलू, महामंत्री पवन गौतम, कोषाध्यक्ष रवि तरड़, कानूनी सलाहकार एडवोकेट राजेश ग्रेवाल, कार्यालय मंत्री बिकरसिंह, प्रचार मंत्री कुलविन्द्र सिंह, संयुक्त मंत्री जगजीतसिंह, सचिव रणवीरसिंह एवं कार्यकारिणी सदस्य गुरमेलसिंह, पृथ्वीराज सिंह को बनाया गया है।

इस मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष महेन्द्र बिश्नोई ने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों को काफी समय से सरकारी व गैरसरकारी तरीके से दिक्कतें आ रही थी और इसको लेकर कई बार बैठकें भी हुई। लेकिन अब नव कार्यकारिणी का गठन किया गया हैं, जो जिला ट्रक ऑपरेटरों की समस्याओं को सुनकर समाधान करेगें। इसलिये जिला ट्रक ऑपरेटर यूनियन का गठन किया गया हैं। वहीं बैठक में महामंत्री पवन गौतम ने कहा कि जिला प्रशासन से मिलकर सरकारी माल का ढुलाईकरण यूनियन के मार्फत किया जायेगा ओर ट्रक ऑपरेटर्स को आ रही समस्याओं को तुरंत निस्तारण के प्रयास किये जायेगे।
( पवन गौतम,महामंत्री
मो. 94613-73874)
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बुधवार, 23 दिसंबर 2020

👍 वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री काल मेें बारानी ( असिंचित)भूमि दो मुरब्बा तक किसानों को निशुल्क आवंटित की गई थी.




* करणीदानसिंह राजपूत *

लाखों किसानों ने राजस्थान में यह लाभ उठाया  जो 40 -50 सालों से अस्थाई रूप * (TC)से खेती कर रहे थे।
वसुंधरा राजे सरकार ने उन्हें निशुल्क मालिकाना अधिकार देखकर बहुत बड़ा कार्य किया जो पहले किसी भी मुख्यमंत्री के काल में नहीं हो पाया था।
यह फैसला ऐतिहासिक है और हमेशा याद किया जाता रहेगा कि बारानी खेती करने वालों को पुख्ता आवंटन करके हमेशा के लिए उनकी समस्या का हल किया गया।
*वसुंधरा राजे ने महिला होते हुए भी इंदिरा गांधी नहर शुरू से लेकर अंतिम सिरे तक भयानक गर्मी में यात्रा की ताकि नहर के जो समस्या और परेशानियां हो उन्हें दूर किया जा सके।
वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में ही इंदिरा गांधी नहर की सफाई का कार्य भी करवाया गया था।
* उस समय सूरतगढ़ तहसील का बड़ा क्षेत्र पीलीबंगा विधानसभा क्षेत्र में था। उस समय रामप्रताप कासनिया पीलीबंगा के विधायक थे जिन्होंने टिब्बा क्षेत्र में करीब 7 हजार किसानों को निशुल्क पुख्ता आवंटन करवाया था। आज यह क्षेत्र सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में है।
* उस समय सूरतगढ़ विधायक अशोक नागपाल ने भी अपने इलाके में सूरतगढ़ तहसील में करीब 1 हजार किसानों को निशुल्क पुख्ता आवंटन करवाया था।

** बालिग पुत्र और अन्य आवंटन भी बहुत हुए थे*
** एक पत्रकार की नजर और ये सभी समाचार उस समय  राजस्थान पत्रिका में मेरे द्वारा प्रकाशित किए गए थे।

💐 आज 23 दिसम्बर किसान दिवस*

करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ जिला श्री गंगा नगर.
94143 81356.
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सोमवार, 21 दिसंबर 2020

कोरोना का नया वायरस- अधिक खतरनाक- कई देशों में हड़कंप- भारत में सरकार अलर्ट

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

पूरी दुनिया कोरोना वैक्सीन की प्रतीक्षा में है कि वैक्सीन आते ही इस्तेमाल शुरू हो लेकिन इसी बीच महामारी से जुड़ी एक नई मुसीबत सामने आने लगी है। संसार के कई देशों में अलर्ट हो गया है। भारत में भी सरकार अलर्ट हो गई है।

ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन यानी एक अलग तरह का वायरस सामने आया है। इसे नए स्ट्रेन को पहले से ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। इस स्ट्रेन ने दहशत बढ़ा दी है। यहां तक की ब्रिटेन में अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। नए स्ट्रेन को देखते हुए उड़ानें रोक दी गई हैं। वहीं, फ्रांस में भी ट्रेनों को बंद करने का फैसला किया गया है। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि यह नया स्ट्रेन ब्रिटेन ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, इटली और डेनमार्क में भी फैल चुका है। 


* कैसे बना ये नया स्ट्रेन*

वायरस में लगातार म्यूटेशन होता रहता है। यानी वायरस हमेशा अपना रूप बदलते रहते हैं। इसी वजह से वायरस के व्यवहार में आ रहे बदलाव पर वैज्ञानिक कड़ी नजर रखते हैं।  म्यूटेशन होने से वायरस के ज्यादातर वेरिएंट तो खुद ही खत्म हो जाते हैं। लेकिन कई बार कई वेरियंट पहले से कई गुना ज्यादा मजबूत और खतरनाक हो जाता है।


कितना खतरनाक है ये स्ट्रेन ? 


ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, यह स्ट्रेन पहले के वायरस की तुलना में अधिक संक्रमण फैलाने वाला है। अनुमान है कि यह पहले से 70% ज्यादा खतरनाक हो सकता है। हालांकि, अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है कि नया वेरिएंट बीमारी का कारण बनता है। ब्रिटेन की सरकार ने वायरस के नए प्रकार के नियत्रंण से बाहर होने की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा कड़े प्रतिबंधों का भी ऐलान किया है। 



ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने बताया कि ब्रिटेन में टियर 4 प्रतिबंधों को जल्द नहीं हटाया जाएगा। ये प्रतिबंध तब तक लागू रहेंगे, जब तक स्ट्रेन पर काबू ना पाया जाए या फिर वैक्सीन नहीं आती। 


ब्रिटेन में कितनी तेजी से फैल रहा वायरस?


कोरोना में नए वायरस का मामला सितंबर में सामने आया था। नवंबर तक लंदन में कोरोना संक्रमण के कुल मामलों में एक चौथाई में यही वायरस वजह था। लेकिन दिसंबर तक दो तिहाई मामलों में यही वेरियंट पाया गया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शनिवार को कहा, वायरस के नए वेरिएंट को लेकर फिलहाल पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन ये बीमारी का कारण बनता है और पहले की अपेक्षा 70% अधिक संक्रमण फैला सकता है।


नए स्ट्रेन से एक्शन में आए देश


- भारत सरकार ने सोमवार 21 दिसंबर रात 12 बजे से 31 दिसंबर तक यूके आने और जाने वाली सभी फ्लाइटों पर रोक लगा दी है।

- नए स्ट्रेन को देखते हुए फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रिया, आयरलैंड और बुल्गारिया ने ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइटों को बैन कर दिया है। 

- इसके अलावा कनाडा ने भी ब्रिटेन से आने वाली सभी कॉमर्शियल और प्राइवेट फ्लाइट्स बंद कर दी हैं। 

- कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए सऊदी अरब ने एक हफ्ते के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। सऊदी का कहना है कि जब तक नए कोरोना वायरस के बारे में जानकारी नहीं मिल जाती, फ्लाइट बैन को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा सऊदी अरब के समुद्री बंदरगाह भी एक हफ्ते के लिए बंद रहेंगे। 


अलर्ट पर भारत सरकार 


उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, ब्रिटेन में मिले कोरोनावायरस के नए स्ट्रैन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार इसके बारे में अलर्ट है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के नए स्ट्रेन पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है। इससे पहले केजरीवाल और कांग्रेस के कई नेताओं ने जल्द से जल्द ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइट पर रोक लगाने की मांग की थी। 00






👍 नगर पालिकाओं की बैठकें चर्चा और हंगामों तक सीमित रह जाती है- पार्षद बहुत कर सकते हैं।*

 


* करणीदानसिंह राजपूत *
नगर पालिकाओं की बैठकें सभापति के द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर चर्चा और हंगामों के शोरगुल में महत्वपूर्ण मामलों को हल किए बिना समाप्त हो जाती है। अनेक मामले इसलिए बैठकों में आ नहीं पाते जो कस्बों व नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं मगर सभापति की उन पर रूचि नहीं होती या स्वयं पर किसी प्रकार की आपत्ति या संकट समझ कर एजेंडे में शामिल ही नहीं करते।

नगरपालिका बोर्ड की साधारण बैठकों में सभापति की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर राय होती है तब पार्षद चर्चा जोरशोर से करते हैं और खूब ऊंचे स्वर में भी बोलते हैं तथा अपनी राय भी दे देते हैं। प्रस्ताव चर्चा के बाद पारित हुआ माना और लिख दिया जाता है। यदि प्रस्ताव पर पार्षदों की विपरीत राय है तो संशोधन करवाएं और अस्वीकार है तो चर्चा के बाद मत विभाजन करवाएं। इसके लिए पार्षद कहते नहीं। मत विभाजन के बाद स्थिति एक दम स्पष्ट हो जाए कि कितने पक्ष में कितने विरोध में मत हुए का मालूम हो और नोटिंग हो तब दूसरे प्रस्ताव को शुरू होने देना चाहिए।
प्रस्ताव पर नगरपालिका में क्या नियम है यह बैठक में स्पष्ट भी करवाया जा सकता है। बैठक में उपस्थित अधिशासी अधिकारी को नियम बताने और पुस्तक पेश करने का कहकर खुद पार्षद भी नियम पढ कर सही जानकारी ले सकते हैं। अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को प्रस्ताव बाबत नियम बताने ही होंगे। पार्षदों का इस पर ध्यान ही नहीं होता इसलिए सभापति और अधिशासी अधिकारी अपनी मनमर्जी से प्रस्ताव रखते हैं और पारित होना भी लिखते हैं।
* पार्षद / पार्षदों की ओर से भी प्रस्ताव रखा/ रखे जा सकते हैं। यह बैठक में और पहले पेश किए जा सकते हैं। सभापति की मंजूरी से ही इस प्रकार के प्रस्ताव एजेंडे में शामिल किए जाते हैं। सभापति एजेंडे में शामिल करे या नहीं करे,लेकिन इस प्रकार से रखना जरूर चाहिए।
इससे सभापति की  मनमर्जी पर काफी  रोक लगती है। सभापति नगर में अनावश्यक कार्य नहीं करवा सकता जिससे भ्रष्टाचार भी रुक सकता है। नगरपालिकाओं में कार्य सही हो सके के लिए कार्यों का विभाजन और राय के लिए समितियां बनाने का स्पष्ट नियम है। सभापति को 6 माह में इन समितियों का गठन करने का निर्देश भी है,लेकिन सभापति यह नहीं करते और सारी सत्ता को अपने कब्जे में ही रखते हैं। पार्षदों की ओर से इस पर गंभीरता नहीं होती। सभापति यह कार्य नहीं करे तो निदेशालय में शिकायत की जा सकती है। इसके लिए 6 माह से पहले मांग भी की जा सकती है। बैठक में भी प्रस्ताव लाया जा सकता है।
पार्षदों के लिए महत्वपूर्ण है कि वे एजेंडे के प्रस्तावों पर एक दूजे पार्षदों से अच्छी तरह से अध्ययन और तैयारी कर बैठक में शामिल हों। 00
सामयिक लेख.
करणीदानसिंह राजपूत.
स्वतंत्र पत्रकार ( सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय, राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़.
94143 81356.
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मेरी इंटरनेट साइट पर बहुत मैटर है। उसे अवश्य ही देखते रहें।
करणी प्रेस इंडिया
Karni press india
www.karnipressindia.com
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कैमिस्ट डे 20 दिसंबर-श्रीगंगानगर जिला कैमिस्ट एसोसिएशन ने मनाया

 





श्रीगंगानगर 21 दिसंबर 2020.

श्रीगंगानगर जिला कैमिस्ट एसोसिएशन की ओर से रविवार कैमिस्ट डे मनाया गया। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र चुघ (राजा), सचिव मदन अरोड़ा, कोषाध्यक्ष अनिल अरोड़ा व प्रवक्ता इंद्रजीत नागपाल ने वैदिक कन्या गुरुकुल ट्रस्ट फतुही पहुंच कर वहां की कन्याओं को जरूरत का सामान भेंट किया। इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी केमिस्टों को केमिस्ट डे कि बधाई देते हुए कहा कि हर वर्ष 20 दिसंबर को कैमिस्ट डे मनाया जाता है। इस दिन एसोसिएशन भी अपने सामाजिक सरोकार का निर्वहन करते हुए समाज सेवा सेवा के कार्यों में भागीदारी निभाती है। इसी के तहत आज वैदिक कन्या गुरुकुल में बच्चियों को सामान उपलब्ध करवाया गया है।00






 


रविवार, 20 दिसंबर 2020

सूरतगढ़ के जानलेवा सड़क मोड़ों पर संकेत जरूरी- दुर्घटनाओं में वंश खत्म हो चुके हैं

 


* करणीदानसिंह राजपूत *


तेज गति के वाहन और सूरतगढ़ की सड़कों के जानलेवा सड़क मोड़ हर माह दो चार जीवन का भख ले लेते हैं। पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड देखा जाए तो जान जाने की संख्या 100 से ऊपर पहुंच चुकी है। 

सूरतगढ़ शहर से सटा मानकसर हनुमानगढ़ बाईपास का करणीमाता मंदिर के पास का मोड़। राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 62 पर श्री गंगानगर जाते आने वाला केन्द्रीय पशु प्रजनन केन्द्र के पास का मोड़ बहुत ही खतरनाक है और इस पर पचासों दुर्घटनाएं और मौतें हो चुकी है। 

इसी मार्ग पर सूरतगढ़ से बीकानेर जाते हैं तब करीब चार किमी पर हनुमानजी मंदिर के पास का मोड़ जो दोनों ओर है। राजपुरा पीपेरन गांव में मोड़। आगे खतरनाक ह़िदौर फांटा तथा राजियासर श्री बिजयनगर सड़क फांटा पर भी आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है और लोगों के प्राण जाते हैं। सूरतगढ़ शहर में से राष्ट्रीय राज मार्ग नं 62 निकलता है जो आबादी की क ई सड़कों को जोड़ता है,यह सारी लंबाई ही खतरे वाली है और सभी स्थानों पर संकेतक चाहिए। गुरूशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय के पास सड़क पर संकेत लगाने की मांग  तो वर्षों से है।

इन स्थानों पर हुई दुर्घटनाओं में हुई मौतें अनेक परिवारों के वंश खत्म कर चुकी हैं।00







अनूपगढ़ बठिंडा, सूरतगढ-गंगानगर, बीकानेर दिल्ली सराय रोहिल्ला रेलों के संचालन की मांग

 



 * करणी दान सिंह सिंह राजपूत *


 सूरतगढ़ कोरोना संक्रमण बचाव के तहत इलाके की बंद की गई रेलों के पुन: संचालन की मांग जोर पकड़ रही है।

अनूपगढ़ सीमांत स्टेशन है जो अभी पूरी तरह से रेल सेवाओं से कटा हुआ है।

अनूपगढ़ रेलवे समिति ने मांग की है कि अनूपगढ़ से बठिंडा वाया सूरतगढ़ गाड़ी को शीघ्र ही चलाया जाए।

 अनूपगढ़ बठिंडा वाया सूरतगढ़ गाड़ियां साधारण और एक एक्सप्रेस गाड़ी थी  जो सभी बंद हैं। रेलवे चाहे तो अनूपगढ़ बठिंडा एक्सप्रेस रेल सेवा का संचालन शीघ्र कर सकती है। अभी पूरा क्षेत्र  रेल आवागमन से कटा हुआ है।  बसें नागरिकों की मांग को पूरा नहीं कर पाती और किराया भी रेलवे से बहुत अधिक है। इसके अलावा सुविधाएं रेल यात्रा में ही है। 


सूरतगढ़ में 18 दिसंबर 2020 को दो रेल समितियों ने मंडल प्रबंधक संजय श्रीवास्तव से भेंट करके अनूपगढ़ बठिंडा वाया सूरतगढ़, बीकानेर दिल्ली सराय रोहिल्ला वाया सूरतगढ़ बठिंडा शीघ्र संचालन की मांग की है।

 रेल विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमित कड़वासरा सचिव प्रियंका कल्याणा एडवोकेट ललित शर्मा सतनाम वर्मा अमित कल्याणा आदि ने ने मंडल प्रबंधक से मांग में लोकल गाड़ी और लोकल खिड़की खोली जाए का आग्रह किया। 

 सूरतगढ़ से श्रीगंगानगर,सूरतगढ़ से अनूपगढ़, सूरतगढ़ से बठिंडा वाया सूरतगढ़  गाड़ियां जो साधारण गाड़ियां है उनका संचालन भी शुरू संचालन भी शुरू गाड़ियां है उनका संचालन भी शुरू संचालन भी शुरू उनका संचालन भी शुरू करवाया जाए। इस समिति ने अनूपगढ़ - सूरतगढ़, बीकानेर दिल्ली सराय रोहिल्ला वाया सूरतगढ़ बठिंडा गाड़ियों की मांग की।


नागरिक संघर्ष समिति रेल के प्रतिनिधिमंडल ने संयोजक लक्ष्मण शर्मा संयुक्त सचिव राम प्रताप तिवारी तिवारी बार संघ राजस्व धनवीर सिंह हुंदल महावीर भोजक गोपी राम शर्मा पवन तावनिया आदि के नेतृत्व में रेल मंडल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा और विभिन्न रेलों के संचालन की मांग की।  समिति ने ज्ञापन में कहा कि बीकानेर दिल्ली सराय रोहिल्ला सुपरफास्ट, जम्मू तवी एक्सप्रेस, श्री गंगानगर सूरतगढ़ पैसेंजर ट्रेनें संचालन शुरु हो। 

 रेल महाप्रबंधक से रेल यात्री सलाहकार समिति की सदस्य श्रीमती रजनी मोदी ने भी मंडल प्रबंधक से विभिन्न मांगों पर चर्चा की।

मंडल प्रबंधक से सूर्योदय नगरी और शहर की ओर और शहर की ओर पहुंचने वाले यात्रियों और नागरिकों के लिए भी रेल पुल पर से आने जाने की अनुमति शुरू की जाने की मांग की। सूर्योदय नगरी के नागरिकों को आरक्षण के लिए मुख्य द्वार पर ही आना जाना पड़ता है जिसके पड़ता है जिसके लिए पहले ढलान फुटओवर ब्रिज बना हुआ था जो ब्रिज बना हुआ था जो बना हुआ था जो विद्युतीकरण योजना में तोड़ दिया गया, अब नया पुल बनाया गया है जहां से आने जाने का रास्ता  दिया जाए।0









शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020

नारायण सेवा संस्थान ने जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित किए

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर 17 दिसंबर 2020.

 जरूरतमंदों की सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं हैं, क्योंकि इससे आत्मिक खुशी का अनुभव होता है। यह विचार उदयपुर से पधारे नारायण सेवा संस्थान के नारायण गरीब राशन योजना के वरिष्ठ साधक मुकेश शर्मा ने शिव चौक स्थित सेलिब्रेशन पैलेस में 64 जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि यह योजना पूरे भारतवर्ष में अलग-अलग स्थानों पर चलाई जा रही हैं ओर यह संकल्प संस्थान के अध्यक्ष सेवक प्रंशात भैयाजी ने लिया हैं, जिससे नर सेवा-नारायण सेवा हो रही है।

वहीं नारायण सेवा संस्थान के श्रीगंगानगर शाखा संयोजक एवं टी-सीरीज के अन्तर्राष्ट्रीय  तबला वादक श्री बिंदू गोस्वामी ने कहा कि श्रीगंगानगर में जिले में यह चौथा शिविर में हैं, जिसमें जरूरतमंदों को राशन किट वितरित की गई हैं, इसमें 64 परिवारों को यह राशन साम्रगी की किट दी गई है। उन्होंने बताया कि यह शिविर महीने के मध्यम में एक बार लगाया जाता है, जिससे जरूरतमंदों को राशन किट मिल सकें।

इस मौके पर डॉ. संजीव कुमार चुघ, डॉ. केके जाखड़, श्री ओम सुखीजा, श्री राजकुमार जोग, नितिन चुघ, सीताराम शेरेवाला, इंदू गोस्वामी, नरेन्द्रसिंह गोल्ड़ी, श्रीमती प्रेम गोस्वामी, हरीश बाघला, महिला समाजसेवी श्रीमती पूजा गोस्वामी, गौरव टक्कर, किशनकुमार भार्गव, रामगोपाल जसूजा, शरद जसूजा, नरेश चंचल, अभिषेक व ईशान मौजूद थे।00





 

श्रीगंगानगर के कृषि महाविद्यालय का मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा वर्चुअल लोकार्पण

 



कृषि महाविद्यालय इस क्षेत्र के लिये बड़ी सौगातः- विधायक श्री गौड़


श्रीगंगानगर, 18 दिसम्बर 2020.

गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड़ ने कहा कि श्रीगंगानगर में कृषि महाविद्यालय की शुरूआत इस क्षेत्र के लिये एक बहुत बड़ी सौगात है तथा आज का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा। यह महाविद्यालय आगे चलकर विश्व विद्यालय का रूप ले, ऐसी मैं उम्मीद रखता हूूॅ। 

श्री गौड़ शुक्रवार को कृषि अनुसंधान केन्द्र में कृषि महाविद्यालय का राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा वर्चुअल लोकार्पण करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। माननीय मुख्यमंत्री ने जिले की 11 ग्राम सहकारी समितियों द्वारा संचालित आरओ प्लांट, 33 केवी जीएसएस, एमसीएच भवन, आॅक्सीजन प्लांट (राजकीय जिला चिकित्सालय) सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। श्री गौड़ ने कहा कि 13 मार्च 2020 को बजट घोषणा में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा कृषि महाविद्यालय की घोषणा हुई, लेकिन कोविड-19 के कारण थोड़ा विलम्ब हुआ, लेकिन आज इस क्षेत्र का एक बहुत बड़ा सपना साकार हो चुका है। यह कृषि महाविद्यालय इस क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनायेगा। श्रीगंगानगर के कृषि अनुसंधान केन्द्र ने गेहूं तथा चने सहित अन्य किस्में विकसित की है। हमारे कृषि वैज्ञानिकों के बदौलत आज भारत अन्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है। 

श्री राजकुमार गौड़ ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री का श्रीगंगानगर जिले के प्रति सदैव स्नेह रहा है। मैंने एमएलए बनने के बाद माननीय मुख्यमंत्री से मेडिकल काॅलेज व कृषि महाविद्यालय खोलने का अनुरोध किया था। माननीय मुख्यमंत्री ने यह दोनों मांगे स्वीकार करते हुए शिव चौक से लालगढ़ तक 25 करोड़ रूपये की राशि से सड़क जो लालगढ़ हवाई पट्टी तक है, का सुदृढ़ीकरण का कार्य भी स्वीकृत किया तथा 325 करोड़ रूपये में मेडिकल काॅलेज का निर्माण होगा। इसके लिये कार्यकारी ऐजेंसी आरएसआरडीसी का चयन कर डीपीआर बन रही है तथा अगले वर्ष 2021 के शुरूआत में मेडिकल काॅलेज का कार्य भी प्रारम्भ हो जायेगा। 

श्री गौड़ ने कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रूपये से अधिक की राशि के विकास कार्य हो चुके है। गंगानगर विधानसभा में आठ विधालय क्रमोन्नत हुए, दो अंग्रेजी माध्यम विधालय, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, चार पशु चिकित्सा उपकेन्द्र, 11 करोड़ रूपये की राशि से एचएच माईनर का सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण क्षेत्र में मंडी द्वारा 4 करोड़ की पक्की सड़के, सात करोड़ रूपये से अधिक की पेयजल परियोजनाओं को गति दी गई। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को आठ रूपयें में सस्ता भोजन देने की व्यवस्था की है।

श्री राजकुमार गौड़ ने वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर माननीय मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने सदैव श्रीगंगानगर के साथ स्नेह रखा है तथा जो मांगो वो इस क्षेत्र के नागरिकों को दिया है। उन्होंने कहा कि यहां के निवासियों ने मुझ पर विश्वास जताया है। मैं भरोसा दिलाता हूॅ कि हम सभी मिलकर, दलगत राजनीति से उपर उठकर इस क्षेत्र का विकास करेंगे तथा इस क्षेत्र को विकास के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनायेंगे। 

नगरपरिषद की अध्यक्ष श्रीमती करूणा चांडक ने कहा कि आज का दिन बहुत ही खुशी का दिन है। इस क्षेत्र के नागरिकों को एक नई सौगात मिली है। कृषि महाविद्यालय के लिये उन्होंने मुख्यमंत्री व विधायक श्री गौड़ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारे विधायक के प्रयासों से ही महाविद्यालय की सौगात मिली है। 

केशवानन्द कृषि विश्वविधालय के कुलपति प्रोफेसर श्री आर.पी.सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र में कृषि महाविद्यालय खोलने की 6 दशक पुरानी मांग आज पूरी हुई है। इस क्षेत्र के लिये यह बहुत बड़ी सौगात है। उन्होंने मुख्यमंत्री तथा स्थानीय विधायक श्री गौड़ का कृषि महाविधालय खोलने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस महाविधालय से छात्र शिक्षा ग्रहण कर कृषि के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करेंगे। उन्होंने सभी वैज्ञानिकों व अध्यापकगणों से आग्रह किया कि अपनी मेहनत से इस पौध को एक वट् वृक्ष के रूप में विकसित करना है, इसके लिये आप सभी की लगन व समर्पण की आवश्यकता रहेगी। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के अधीन यह दूसरा राजकीय महाविद्यालय है, 16 निजी क्षेत्र के महाविद्यालय एवं पदमपुर में कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित है। 

इस अवसर पर एसडीएम गंगानगर श्री उम्मेद सिंह रतनू, प्रोफेसर एस.के.शर्मा, प्रोफेसर पी.एस.शेखावत, डीन राकेश शर्मा, क्षेत्राीय निदेशक श्री उम्मेद सिंह शेखावत, पूर्व सभापति श्री जगदीश जांदू सहित विश्व विधालय के प्रोफेसरगण, कृषिअनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधिगण तथा शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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