रविवार, 29 नवंबर 2020

समारोह में 25 हजार जुर्माना भरना आसान- प्रशासन मौके पर मौजूद होकर अधिक प्रवेश रोके

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

शादी ब्याह में समारोह में 100 से ज्यादा उपस्थिति होने पर ₹25000 जुर्माना लगाने के बजाय राजस्थान सरकार ऐसी व्यवस्था करे कि 100 से ज्यादा व्यक्ति समारोह स्थल में प्रवेश ही नहीं कर सके।
सरकार इतना तामझाम खड़ा कर रही है तो ऐसी स्थिति में जब समारोह की सूचना उपखंड अधिकारी के पास आती है तो उस समय ही कुछ स्टाफ और पुलिस की नियुक्ति होनी चाहिए। समारोह स्थल के बाहर ही मुख्य द्वार से या अन्य द्वार से कोई अंदर प्रवेश न कर सके। क्योंकि 25000 का जुर्माना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। जहां ब्याह शादी में लाखों रुपए लग रहे हैं वहां पर आयोजक ₹25000 जुर्माना की रकम भी शादी के खर्चे में शामिल करते हुए सरकार के नियम को तोड़ रहे हैं।

सरकार की सूचना प्रशासन की सूचना आई थी कि 100 से से अधिक उपस्थिति होने पर समारोह स्थल मैरिज हॉल आदि सीज कर दिए जाएंगे लेकिन ऐसी कोई कार्रवाई कहीं भी नहीं हुई है।
आयोजक कोई भी हो उनके हौसले बुलंद है कि उन्होंने 100 से अधिक व्यक्तियों को बुलाया जुर्माना भर दिया। यह बातें बड़ाई में हो रही हैं।  हालांकि यह बड़ाई धूल में मिल जाएगी जब कोई कोरोना पॉजिटिव से आगे अन्य लोग प्रभावित हो जाएंगे।
सरकार को भी जुर्माना वसूल करते ही अपनी जिम्मेदारी खत्म नहीं माननी चाहिए। जुर्माना वसूल करने के साथ ही वहां पर यह व्यवस्था करनी चाहिए कि जुर्माना भरे जाने के बाद भी कोई भी व्यक्ति  समारोह स्थल में प्रवेश न कर सके।
शादी ब्याह में लोग आते रहते हैं खाना आदि लेकर जाते रहते हैं और यह संख्या बहुत अधिक होती है।
केवल प्रशासनिक अधिकारियों की जांच के समय 100 से अधिक होने पर ही जुर्माने की व्यवस्था है। सरकार व्यवस्था में सुधार करें और 100 से अधिक प्रवेश को अपने स्तर पर रोके. आयोजक को निर्णय नहीं करने दे।
जनता को बार-बार कहा जा रहा है। संदेश दिए जा रहे हैं।अपीले की जा रही है कि शादी व अन्य समारोह में जाने से बचें।  जहां भीड़ का संबंध है वहां पर कम से कम वृद्ध लोगों को शामिल होने से बचना चाहिए।
यदि संबंध और संपर्क बहुत जरूरी है तो बाहर से ही हेलो करें शगुन देना है तो दें लेकिन समारोह के भीतर जाकर  खुद को संकट में ना डालें।
सरकार की ओर से प्रशासन की ओर से जितना कहा गया है उससे अधिक व्यक्ति को खुद को करना होगा। कोरोना से व्यक्ति उबर भी रहे हैं ठीक हो रहे हैं लेकिन उनमें कोई ना कोई कमी रह रही है। ऐसा अनेक लोग अनुभव कर रहे हैं।

लोग भयभीत हैं जिन लोग कोरोना वायरस से ईलाज के बाद ठीक हो गए उनसे भी मिलने में परहेज किया जा रहा है। जो दुकानदार कोरोनावायरस से ईलाज बाद ठीक हो गए हैं उनसे भी मिलने में लोग परहेज कर रहे हैं।

अब कोरोना की दस्तक नहीं  हमला है। किसी पर भी यह हमला हो सकता है इसलिए बचाव बहुत जरूरी है।  खुद बचें और अपने परिवार को भी बचाएं क्योंकि एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव होता है तो परिवार पर भी संकट आता है। ऐसे मामले भी हैं कि परिवार का एक व्यक्ति ठीक होता है तब तक दूसरा व्यक्ति कोरोना प्रभावित मिलता है। इन सब हालातों का केवल एक ही तरीका है कि संकट में आने से पहले के सारे बचाव किए जाएं। ००

सामयिक लेख. 29 नवंबर 2020.
करणीदानसिंह राजपूत.
स्वतंत्र पत्रकार ( सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356.
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