रविवार, 1 नवंबर 2020

निरंजन कुमार आर्य राजस्थान के मुख्य सचिव बनाए गए. 10 की वरिष्ठता को सुपरसीड किया गया.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

* शनिवार की रात करीब ढाई बजे वित्त विभाग में तैनात निरंजन आर्य की मुख्य सचिव के पद पर हुई नियुक्त*

राजस्थान की अफसरशाही में 31 अक्टूबर यानि शनिवार को दिन भर सस्पेंस रहने के बाद रात करीब 2:30 बजे वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निरंजन कुमार आर्य को राज्य का मुख्य सचिव  नियुक्त कर दिया गया। निरंजन कुमार आर्य अनुसूचित जाति से राज्य के पहले मुख्य सचिव हैं लेकिन वे कुशल प्रशासक माने जाते हैं। माना जाता है कि राज्य को इसका लाभ मिलेगा।

इससे पहले सेवा विस्तार की चर्चाओं के बीच निवर्तमान मुख्य सचिव राजीव स्वरूप सेवानिवृत्त हो गए। दिल्ली से ग्रीन सिग्नल नहीं मिलने के कारण राजीव स्वरूप को 3 महीने का एक्सटेंशन नहीं मिला। राज्य के कार्मिक विभाग में निरंजन कुमार आर्य के मुख्य सचिव पद पर नियुक्ति के आदेश जारी हुए। सरकार ने 10 आईएएस अफसरों की वरिष्ठता लांघकर निरंजन कुमार आर्य को ब्यूरोक्रेसी का नया मुखिया बनाया है.
अब वे जनवरी 2022 तक मुख्य सचिव पद पर रहेंगे।
निरंजन आर्य भारतीय प्रशासनिक सेवा 1989 बैच के अफसर है। वे अशोक गहलोत के करीबी और विश्वस्त अफसरों में है। पहले भी गहलोत सरकार में अहम पदों पर रहकर जिम्मेदारी संभाली है।

निरंजन आर्य को 10 सीनियर आईएएस अफसरों को पीछे छोड़कर मुख्य सचिव बनाया है। राजस्थान में आईएएस की वरिष्ठता सूची में निरंजन आर्य का 11 वां नंबर था लेकिन गहलोत सरकार ने राज्य के 10 आईएएस अफसरों की वरिष्ठता लांघ कर आर्य पर भरोसा जताया है। इसमें 6 आईएएस राजस्थान में पदस्थापित है और चार आईएएस अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली हैं।

तीन सीनियर आईएएस अफसरों को करना पड़ा सचिवालय से बाहर

निरंजन आर्य के मुख्य सचिव बनाने के कारण वर्ष 1987 बैच की सीनियर आईएएस अफसर वीनू गुप्ता, 1988 बैच के सुबोध अग्रवाल और 1989 बैच के राजेश्वर सिंह को सचिवालय से बाहर करना पड़ा।
इनके अलावा आईएएस गिरिराज सिंह, पीके गोयल और रविशंकर श्रीवास्तव पहले से ही सचिवालय से बाहर है। वहीं, वी. श्रीनिवास, नीलकमल दरबारी, उषा शर्मा और शुभ्रा सिंह पहले से ही केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में है।

राजीव स्वरूप को नहीं मिला एक्सटेंशन

31 अक्टूबर यानि शनिवार को दिन भर पूर्व मुख्य सचिव राजीव स्वरूप को एक्सटेंशन मिलने का इंतजार होता रहा. लेकिन दिल्ली से ग्रीन सिग्नल नहीं मिला।  एक्सटेंशन मिलने के इंतजार में दिन में कई बार मुख्य सचिव कार्यालय खुलवाया गया। करीब 5:00 बजे पूर्व मुख्य सचिव राजीव स्वरूप मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री के साथ 1 घंटे तक बैठक की। 6:00 बजे  राजीव स्वरूप को एक्सटेंशन मिलने की संभावनाओं पर पूर्ण विराम लग गया। कार्मिक विभाग ने राजीव स्वरूप का नाम सेवानिवृत्त अफसरों की सूची में डाल दिया।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देर रात तक मंथन करने के बाद के अतिरिक्त मुख्य सचिव निरंजन कुमार आर्य को मुख्य सचिव बनाने की हरी झंडी प्रदान कर दी।

कांग्रेस के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ चुकी है पत्नी
प्रदेश के नए मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी संगीता आर्य राजनीति में हाथ आजमा चुकी है। वर्ष 2013 में कांग्रेस के टिकट पर संगीता आर्य सोजत विधानसभा से विधायक का चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि, वे जीत हासिल नहीं कर सकी थी। पिछले दिनों ही राज्य सरकार ने निरंजन आर्य की पत्नी संगीता आर्य को राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (आरपीएससी) में सदस्य लगाया था।
👌चलते चलते- निरंजन आर्य उर्दू शायरी प्रेमी हैं। ००






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