रविवार, 6 सितंबर 2020

उद्यान आभा को बंद किए जाने से बचाया जाए- पंजाब व हरियाणा के सांसद भी प्रयास करें-भीम शर्मा




** श्रीगंगानगर, फिरोजपुर, फरीदकोट, बठिण्डा, सिरसा, सोनीपत व रोहतक संसदीय क्षेत्र की जनता होगी प्रभावित **


*श्रीगंगानगर सांसद की ओर से सुपरफास्ट का दर्जा देने का भेजा गया था प्रस्ताव*


-- करणीदानसिंह राजपूत --


श्रीगंगानगर, 5 सितम्बर 2020.


श्रीगंगानगर व दिल्ली को रेलसेवा से सीधा जोड़ने वाली अनेक दशकों पुरानी ट्रेन उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 13007/13008 को स्थायी रूप से बन्द किये जाने की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में लग रही हैं, लेकिन श्रीगंगानगर सांसद श्री निहालचंद को छोड़कर पंजाब व हरियाणा के 6 सांसदों के प्रयास नाकाफी लग रहे हैं।

 

जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य श्री भीम शर्मा के अनुसार तत्कालीन केंद्रीय मंत्री, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष चैधरी श्री बलराम जाखड़ ने अनेक दशकों पूर्व इस ट्रेन को श्रीगंगानगर से शुरू करने में अपनी महती भूमिका निभाई थी। उस समय की यह पहली  ट्रेन थी, जिसने इस पूरे इलाके की जनता को बड़ी खुशी प्रदान की थी। ऐसा माना जाता हैं कि श्रीगंगानगर आने से पूर्व यह ट्रेन दिल्ली व हावड़ा के मध्य ही संचालित होती थी। इस ट्रेन को लेकर यात्रियों के अच्छे-बुरे सभी तरह के अनुभव रहे है।

      श्री भीम शर्मा के अनुसार लाॅक डाउन के दौरान ईस्टर्न रेलवे की ओर से इस ट्रेन को स्थाई रूप से बन्द करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया था। इस बात की भनक लगने के बाद उन्होंने सांसद श्री निहालचंद से सम्पर्क किया व सांसद की ओर से इस ट्रेन को सुपरफास्ट का दर्जा देते हुए श्रीगंगानगर से हावड़ा के मध्य मात्र 25 ठहराव देने का प्रस्ताव रेल मंत्री पीयूष गोयल को भेजा गया, लेकिन ईस्टर्न रेलवे के सूत्रों से जो जानकारी मिली हैं, उसके अनुसार रेलवे बोर्ड की ओर से इस पर ईस्टर्न रेलवे से बोर्ड की कोई चर्चा नही हुई हैं, जिसका अर्थ यही लगाया जा रहा हैं, कि रेलवे इसे बन्द करने का पूरा मन बना चुका हैं।


* यह रहा मुख्य कारण*


     ईस्टर्न रेलवे के सीपीटीएम की ओर से रेलवे बोर्ड को भेजे गये प्रस्ताव में इस ट्रेन को स्थाई रूप से बन्द करने के पीछे जो मुख्य कारण बताये गये थे उसमे श्रीगंगानगर से हावड़ा के मध्य 1973 किलोमीटर के सफर में यह ट्रेन 112 स्टेशन पर ठहराव करती हैं। दूसरा बड़ा कारण कोहरे के दौरान इसे लम्बे समय तक रद्द करना पड़ता हैं। ऐसा अनेक बार हुआ है जब इस गाड़ी को रद्द करना पड़ा हैं। ईस्टर्न रेलवे को इस ट्रेन को बन्द करने से हावड़ा में मेंटिनेंस के एक स्लाॅट व 5 रैक की बचत होगी। रेलवे की ओर से दिल्ली से मुम्बई व हावड़ा रुट पर लम्बी दूरी की सभी ट्रेनों को 130 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन चलाने की योजना भी बड़ा कारण हैं।

सांसदों को करने चाहिये प्रयास

     श्री भीम शर्मा के अनुसार इस ट्रेन के बन्द होने से बिहार आने जाने वालों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। यह इस रूट की एकमात्र ट्रेन है जो श्रीगंगानगर, पंजाब व हरियाणा के अनेक स्टेशनों को बिहार व बंगाल से सीधा जोड़ती हैं। इसमें  श्रीगंगानगर स्टेशन जहां  से ट्रेन शुरू होती हैं वह सांसद श्री निहालचंद के संसदीय क्षेत्र में आता हैं। इसके अलावा दिल्ली से पहले फिरोजपुर, फरीदकोट, बठिण्डा, सिरसा, सोनीपत व रोहतक सांसदों के क्षेत्र आते है। इसके बाद दिल्ली से तो हावड़ा के लिये ट्रेनों की कोई कमी नही हैं। ऐसे में इन 7 सांसदों के लिये जरूरी हो जाता हैं कि ये सभी रेलमंत्री से इस ट्रेन को सुपरफास्ट का दर्जा दिलाकर लाखों यात्रियों के हित का काम करे। रेलमंत्री 7 सांसदों की मांग को नजर अंदाज नही कर सके। *

👌 पूर्वांचल के लोग जो राजस्थान पंजाब हरियाणा दिल्ली में काम करते हैं उन्हें भी अपने इलाके के सांसदों से दबाव डलवाना चाहिए ताकि यह पुरानी ट्रेन बंद नहीं हो सके*

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