सोमवार, 31 अगस्त 2020

👌कड़वा सच्च* मीडिया लिखे खुद पढे,व्यापारी नहीं पढे.- काव्यशब्द करणीदानसिंह राजपूत.



कोरोना बचाव में बंद बाजार

मीडिया लिखे नुकसान पर और

खुद ही पढता रहे अपना लिखा

व्यापारी तो पढते ही नहीं।


मीडिया नहीं लिखे या फिर

लिखने में कुछ देरी हो जाए

तब झट से कह देते हैं लोग

मीडिया को बिकाऊ है।


*****

करणीदानसिंह राजपूत

पत्रकार,

सूरतगढ़।

94143 81356.

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