रविवार, 23 अगस्त 2020

सोनिया गांधी कल अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ सकती है- इन नामों में कौन बन सकता अध्यक्ष।

* करणीदानसिंह राजपूत *

कांग्रेस नेताओं के पत्र पर मची हलचल में कल कांग्रेस वर्किंगकमेटी की मीटिंग में सोनिया गांधी अपने कार्यकारी अध्यक्ष पद छोड़ने की घोषणा कर सकती है। उन्होंने यह पद भी बेमन से ही संभाला था। राहुल के पद त्याग के बाद यह स्थिति बनी थी। राहुल और प्रियंका दोनों ही अध्यक्ष पद पर आने का इन्कार कर चुके हैं।

ऐसी स्थिति में कौनसा नेता अध्यक्ष बनाया जा सकता है?

कांग्रेस में काफी समय से पूर्ण कालिक अध्यक्ष की मांग चल रही है। सोनिया के पद को छोड़ने के बाद कांग्रेस के सामने नया अध्यक्ष चुनना एक बड़ी चुनौती होगी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहले भी कह चुके हैं कि कांग्रेस का अध्यक्ष गांधी परिवार के बजाय कोई और बनें। 


यदि राहुल या प्रियंका दोनों में से ही कोई भी पद की जिम्मेदारी नहीं लेते तो कांग्रेस की कमान किसके हाथों में जाएगी? कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा? 

पार्टी के पास दो विकल्प हैं या तो कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य किसी एक नाम को चुन लें या फिर संगठन का चुनाव किया जाए। हालांकि पार्टी में ऐसे नेताओं की कमी नहीं है जो कांग्रेस की सेवा कर सकें.


कांग्रेस के नेताओं पर नजर डाली जाए तो पार्टी के पास अनुभवी नेताओं की कमी नहीं है।  कई ऐसे चेहरे हैं जो पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी को संभाल सकते हैं।  


 पार्टी में ग़ुलाम नबी आज़ाद, पी चिदंबरम, अहमद पटेल, मुकुल वासनिक, कपिल सिब्बल, दिग्विजय सिंह, मिलिंद देवड़ा, शशि थरूर, मनीष तिवारी जैसे अनुभवी नेता हैं, जिनमें से किसी एक के हाथों में कमान को सौंपा जा सकता है। इनमें से कई लोग ऐसे हैं जिन्हें सार्वजनिक पदों पर रहने का लंबा अनुभव है. इनके अलावा अगर अध्यक्ष किसी वरिष्ठ नेता को चुना जाए तो भी पार्टी के पास चेहरों की कमी नहीं है.


कांग्रेस के पास पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, एके एंटनी, सुशील कुमार शिंदे जैसे कई दिग्गज भी हैं जो दशकों के अपने अनुभव के आधार पर समय-समय पर पार्टी को सलाह देते आए हैं. ऐसे में इन्हें भी पार्टी की कमान सौंपी जा सकती हैं। 

वर्तमान में चार राज्यों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भी हैं। इन चार मुख्यमंत्रियों कैप्टन अमरिंदर सिंह, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और वी नारायणसामी में से किसी एक को अध्यक्ष पद सौंपा जा सकता है हालांकि राज्य का मुख्यमंत्री पद छोड़ कर आने को कोई तैयार नहीं होगा। अमरेंदरसिंह ने तो कह भी दिया है कि वर्तमान समय ऐसे निर्णय के लिए उचित नहीं है। अशोक गहलौत भी राजस्थान छोड़कर शायद ही दिल्ली जाना चाहें। ००





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