शुक्रवार, 14 अगस्त 2020

सूरतगढ़ में नाले नालियां बंद है पूरा पानी निकल नहीं रहा- भारी बरखा में क्या होगा?

* करणी दान सिंह राजपूत*/

 14 अगस्त 2020.

 जयपुर राज्य की राजधानी में वर्षा के कारण हालात बेकाबू हो रहे हैं। जनजीवन अस्त व्यस्त है। न जाने कितनी संपत्ति का नुकसान होगा जिसकी भरपाई नहीं हो पाएगी।


 बरसात आने से पहले प्रशासन को अलर्ट किया जाता है।  

जिला कलेक्टर के यहां आपदा प्रबंधन की बैठक होती है। पूरे जिले में आपदा प्रबंध के निर्देश होते हैं।

नगर पालिका और ग्राम पंचायतों को विशेष निर्देश दिए जाते हैं लेकिन उनका कितना पालन होता है यह वहां की जनता जानती है।

 प्रशासनिक आदेश पालनकर्ताओं के लिए एक कागज का टुकड़ा जैसा हो जाता है। 

नाले और नालियों की सफाई का प्रबंध खानापूर्ति जैसा होता है।

जनता इसकी गवाह रहती है लेकिन कुछ कर नहीं पातीऔर उसका नतीजा भोगना पड़ता है। 

जयपुर की इस भयावह स्थिति को ध्यान में रखते हुए सूरतगढ़ शहर पर चर्चा करें।

सूरतगढ़ शहर में और बाजारों में नाले नालियों की सफाई पानी का निकास का प्रबंध कितना किया गया है ? यह जनता देख रही है? 

मुख्य बाजार में और अन्य काफी जगह पर नाले नालियों पर पक्का अतिक्रमण निर्माण और आगे लोहे एंगल से निर्माण किया हुआ है जिसके हटाए बिना नाले नालियों की सफाई किसी भी हालत में सफाई कर्मचारी नहीं कर सकते। नाले नालियां कवर्ड है।

प्रशिक्षु आईएएस मोहम्मद जुनेद अधिशासी अधिकारी के समय पक्के निर्माणों को हटाने का निर्देश हुआ था। जेसीबी से ये निर्माण हटाने थे।


उसके बाद व्यापारियों के साथ बैठक हुई नगरपालिका के चुने हुए प्रतिनिधि उसमें थे। यह कहा गया कि दुकानदार अपने आप नालों नालियों पर से पक्के निर्माण अतिक्रमण हटा लेंगे और उसके बाद आज तक यह निर्माण नहीं हटाए गए। नगरपालिका के अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को यह अच्छी तरह से मालूम है। अधिशासी अधिकारी चाहे बदल कर नये मिल्खराज चुघ आ गए लेकिन इस व्यवस्था को देखने की पूरी जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी सफाई निरीक्षक आदि की बनती है। 

अगर सूरतगढ़ में भयानक वर्षा हुई और नुकसान हो गया तो उसकी भरपाई कैसे हो पाएगी।

 दुकानदारों ने भी भरोसा दिलाया था कि वह अपने आप नालों के ऊपर किए हुए अतिक्रमण निर्माण हटा देंगे तो फिर उन्होंने आज तक यह निर्माण क्यों नहीं हटाए? दुकानदार नहीं हटाना चाहते तब क्या नगरपालिका की ड्यूटी नहीं बनती? 

अगर नाले नालियों में सफाई नहीं होती है पानी का निकास नहीं होता है तो यह जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

नगर पालिका के साथ कोई समझौता होता है,समय लिया जाता है,सुझाव होता है तो बाद में गौर क्यों नहीं करते? सभी भूल गए हैं या जानबूझकर ध्यान नहीं देते और अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो यह अब याद करा दिया है।.

नगर पालिका में चुना हुआ बोर्ड है उसकी भी पूरी जिम्मेदारी शहर के प्रति है और यह व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी भी है।

नगरपालिका गलत निर्माण सीज कर सकती है लेकिन नालों नालियों का अतिक्रमण नहीं हटा रही।००



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