रविवार, 23 अगस्त 2020

पांच पूर्व सीएम समेत 23 वरिष्ठ कांग्रेसियों का सोनिया गांधी को खत-क्या आमूल-चूल बदलाव कर पाएंगी?


* करणीदानसिंह राजपूत *


कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में ऊपर से नीचे तक व्यापक बदलाव करने का आह्वान किया है। लेकिन क्या सोनिया गांधी यह करके कांग्रेस की डूबती नाव को किनारे लगा पाएंगी। देश में मजबूत विपक्ष के लिए कांग्रेस का मजबूत होना जरुरी है,जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को कांग्रेस मुक्त करने की ईच्छा को घोषित कर रखा है।

पत्र में भाजपा के आगे बढ़ने को स्वीकार किया गया है। साथ ही कहा गया कि युवाओं ने निर्णायक रूप से नरेंद्र मोदी को वोट दिया। पत्र में पार्टी का आधार और युवाओं के विश्वास खोने को गंभीर चिंता का विषय बताया गया। 

पार्टी में सुधार के एजेंडे वाले इस पत्र को करीब 15 दिन पहले भेजा गया था। इसमें पार्टी के मौजूदा नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र में एक “पूर्णकालिक और प्रभावी नेतृत्व” की बात कही गई है।

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पत्र में व्यापक सुधार, सत्ता के विकेंद्रीकरण, राज्य इकाइयों के सशक्तीकरण, हर स्तर पर कांग्रेस संगठन के चुनाव, ब्लॉक से कांग्रेस वर्किंग कमेटी और एक केंद्रीय संसदीय बोर्ड के तत्काल संविधान की मांग की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकसभा चुनाव में हार के एक साल बाद भी, पार्टी ने “निरंतर गिरावट” के कारणों का पता लगाने के लिए कोई “ईमानदार आत्मनिरीक्षण” नहीं किया है।


पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद, पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, शशि थरूर; सांसद विवेक तन्खा भी शामिल हैं। एआईसीसी के पदाधिकारी और सीडब्ल्यूसी सदस्य  मुकुल वासनिक के साथ ही जितिन प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, राजेंदर कौर भट्टल, एम वीरप्पा मोइली, पृथ्वीराज भवन, पी जे कुरियन, अजय सिंह, रेणुका चौधरी, और मिलिंद देवड़ा भी हस्ताक्षर करने वालों में शामिल हैं।

पूर्व पीसीसी प्रमुख राज बब्बर (यूपी), अरविंदर सिंह लवली (दिल्ली) और कौल सिंह ठाकुर (हिमाचल); वर्तमान बिहार अभियान प्रमुख अखिलेश प्रसाद सिंह, हरियाणा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा; दिल्ली के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।


पत्र में कांग्रेस कार्यसमिति के चुनाव के साथ ही पार्टी के पुनरुद्धार के लिए “सामूहिक रूप से” “संस्थागत नेतृत्व तंत्र” की तत्काल स्थापना पर जोर दिया गया है। 

 पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी की बैठक सोमवार को सुबह 11 बजे आरंभ होगी। इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक मुद्दों, अर्थव्यवस्था की स्थिति और कोरोना वायरस संकट समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। 

सीडब्ल्यूसी की यह बैठक उस वक्त हो रही है जब अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी एक साल की अवधि पूरा कर चुकी हैं। राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद उन्हें अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।००





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