मंगलवार, 4 अगस्त 2020

* राम राज के सूर्योदय को नमन करें: काव्य- करणीदानसिंह राजपूत.



रामराज की सोच से ही 

दूर होगा अमावस्या जैसा अंधकार।


अंधकार में देव जैसे लोग पीड़ित 

और पीड़ित हैं देवी जैसी नारियां।

युवा वर्ग भटकता घूम रहा

छाया है चारों और भ्रष्टाचार।


आपाधापी और 

भाई भतीजावाद का 

अंधियारा

देश की उन्नति और विकास की

राह से कोई सरोकार नहीं।


एकदूजे को पछाड़ने में लगे 

सभी को है कुर्सी प्यारी

उसके धोखे में जी रहे हैं।


दीप जलाने की आड़ में भी

काले ही काले कर्म 

करते जा रहे हैं।

दूसरों को नीचा दिखलाते

सब हड़प करते जा रहे हैं।


राम का सा कार्य नहीं

रावण का अभिनय 

सुखद लगता है।

वे ऐसी विचारधारा को

पनपाने लगे हैं।


ऐसे दुष्कर्मों  से समाज और

राष्ट्र को हो रही हानि।

घरों में भी राम जैसे विचार की 

बातें रुक गई।


कहते हैं कलयुग,

घोर कलयुग खत्म 

हो रहा है।


सतयुग आ रहा है

यह कब कैसे आएगा

रामराज की सोच से 

यह परिवर्तन छाएगा।


दूर होगा घनघोर अंधकार

मुक्त होंगे पीड़ित प्राणी

बढे़गा प्रेम चारों ओर

मिटेगी आपाधापी।


समाज चहकेगा 

राष्ट्र महकेगा

राम की सोच से 

मिटेगा अंधियारा।


आओ,

घर घर,डगर डगर 

राम की सोच कायम करें।


रामराज से ही होगा कायापलट। 

आओ,

देश और दुनिया का 

निर्माण करें।


आओ, दूर करें अंधियारा

राम राज के 

सूर्योदय को 

नमन करें।


राम राज के

सूर्योदय को 

नमन करें।

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करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,
सूरतगढ़।

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यह कविता 20 जनवरी 2004 को आकाशवाणी के सूरतगढ़ केन्द्र पर  रिकॉर्ड हुई और 29 जनवरी 2004 को प्रसारित की गई थी।००

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सोमवार, 3 अगस्त 2020

महावीर इंटरनेशनल शाखा सूरतगढ़ का 170 वां रक्तदान शिविर की खासियत.



* करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ 2 अगस्त 2020.

सामाजिक सेवाओं में अग्रणी संस्था महावीर इंटरनेशनल की स्थानीय शाखा द्वारा मैत्री ब्लड बैंक सूरतगढ़ में संस्था का 170 वां स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया।

 संस्था अध्यक्ष वीर नथुराम कलवासिया के अनुसार शिविर में मैत्री ब्लड बैंक के सुनील योगी और बृजेंद्र बिश्नोई की टीम ने कुल 59 यूनिट रक्त संग्रह किया। 

संजय वर्मा और मंजु वर्मा दंपति ने रक्तदान किया। सूरजभान सिंगल ने अपने पुत्रों राजेश व मनोज सहित, बृजमोहन प्रजापति ने अपने पुत्र विजय सहित,संजय बैद ने अपने पुत्र निखिल सहित तथा अशोक शर्मा ने अपनी पुत्री सोनाली शर्मा सहित रक्तदान कर दूसरों को भी प्रेरणा दी।


 संस्था सचिव वीर राजेश वर्मा के अनुसार सभी रक्त दाताओं को प्रशस्ति पत्र और मास्क देकर सम्मानित किया गया।शिविर में सोशल डिस्टेंसिंग व सेनेटाइजिंग का पूर्ण ख्याल रखा गया।शिविर में इंजीनियर रमेश चंद्र माथुर सहित महावीर इंटरनेशनल के सदस्यों ने अपनी सेवाएं दी।००




रविवार, 2 अगस्त 2020

रक्तदान महादान मरणोपरांत देहदान सबसे महान* काव्य- करणीदानसिंह राजपूत.


रक्तदान महादान
मरणोपरांत देहदान सबसे महान।

आओ इनकी अलख जगाएं
चेतन सबको करें
अग्रसर करें मानव सेवा को।
जीवन संघर्ष के अनमोल क्षणों में 
आवश्यकता पड़ जाए
जब लाल रक्त की
बीमार घायल प्रसूता और नवजात
सब के सब लाचार।

कहां से आए रक्त
कहां से लाएं रक्त
पीड़ा और बेबसी में
कहां से खोजे रक्तदाता।

जीवन के इन अनमोल क्षणों में
विनती हो जब रक्तदान की
कई बार परिजन भी कर देते बहाना।

ऐसे विकट काल में करें रक्तदान
किसी को करें जीवनदान
कौन अपना है कौन पराया
यह तो होता समय का फेरा।

निस्वार्थी बन करदें सेवा
विकट काल में कर देंं सेवा।
आओ जन,
जीवनदाता बनने को
रक्तदान करने को
घर-घर में अलख जगाएं।
इस धरती पर अनेक लोग हैं
और हैं अनेक संस्थाएं
कामकाज उनका देवदूत सा
अलख जगाती जीवनदान का।
अलख जगाती रक्तदान का,
मरणोपरांत देहदान का।
रक्तदान महादान
मरणोपरांत देहदान सबसे महान।
आओ,
 रक्तदान की अलख जगाएं
 लोगों को प्रेरित करें आगे लाएं।
रविवार हो या कोई अवकाश
कोई त्यौहार हो या जन्मदिन
जयंती हो पुण्यतिथि हो
रक्तदान का शिविर लगाएं
पीड़ितों की जान बचाएं।

मेरा इलाका दानी महादानी
सबसे आगे सबसे महान
आओ,पूजें उन लोगों को
जो करते हैं रक्तदान
जो कर गए देहदान
शरीर संरचना शिक्षा के खातिर
कर गए देहदान।

मैं कैसे उनके नाम गिनाऊं
उनके नाम तो यहां गली गली
कूचे कूचे में भरे पड़े हैं।

मेरा इलाका दानी महादानी
किस-किस के मैं नाम बताऊं।
आओ,
अलख जगाएं रक्तदान की
अलख जगाएं मरणोपरांत देहदान की।*
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करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
सूरतगढ़
9414381356.
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यह कविता आकाशवाणी के सूरतगढ़ केन्द्र से 2007-8 के करीब प्रसारित हुई थी।( मामूली सा संशोधन). 
मैं सूरतगढ़ की संस्थाओं का आभारी हूं जिनकी प्रेरणा से यह कविता उत्पन्न हुई लिखी गई। आकाशवाणी केंद्र और स्टाफ का भी आभारी हूं जिन्होंने इसे रिकॉर्ड किया और प्रसारित किया।
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आपके आसपास के रक्तबैंक में रक्तदान करें। शिविर लगे उसमें रक्तदान करें। अन्य जन को भी प्रेरित करें।
- करणीदानसिंह राजपूत.

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