सोमवार, 6 जुलाई 2020

👌 भोले,सेनानियां की सुण ले- खोल तीसरा नेत्र.


अरे भोले!
तनै एक बात
कहणी थी।
तप तपस्या
हम नै
बथेरी करली सै।
भोले,
इब म्हारा
लोकतंत्र सेनानियां
का एक कहणा
तूं भी मान ले।
नरेन्द्र मोदी के
कानां भीतर
फूंक मार
जोरां सै
परदा अर
भेज्या
खुल ज्या।
मोदी नै दिखादे
चमत्कार।
उसका मन
बदल दे।
वो माने
सेनानियां की
बात।
बस इतना सा करदे।
भोले,
तनै सब बैरा सै,
हम मर रहे तिल तिल।
म्हारी सुणाई नहीं
हो री सै।
लोग आपातकाल अर
म्हारै नामां पर
बण मंत्री मौजां मारै
अर हम राज में
संतरी भी नां सै।
इण बातां का
तनै सब बेरा सै।
खोल तीसरा नेत्र
म्हारै सम्मान में
बाधा डालने
वारां नै
भस्म करदे।
*****
*श्रावण के प्रथम सोमवार पर आह भरी भोले के नाम पुकार। कहते हैं भोले को की गई पुकार खाली नहीं जाती।*
दि. 6 जुलाई 2020.


करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार।
उम्र 74 वर्ष।
आपातकाल 1975 जेल यात्री.
सूरतगढ़ ( राजस्थान) भारत.
94143 81356.
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