शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

रक्षाबंधन पर्व पर कोरोना वायरस के अधिक फैलने का खतरा-समझदारी करें



* करणीदानसिंह राजपूत*


शादी ब्याह,नूतन गृहप्रवेश समारोहों से कोरोना वायरस बहुत तेजी से फैला है। 

अब रक्षाबंधन भी आने वाला है।इस त्यौहार पर  आने जाने और कार्यक्रम में कोरोना वायरस के फैलने का खतरा पहले से अधिक है। कारण की यह त्यौहार घर घर में होता है। चाहे एक दो परिवारों का ही कार्यक्रम हो,लेकिन संक्रमण फैलने में सबसे अधिक बड़ा कारण हो सकता है।


👌 इसमें बचाव कैसे हो सकता है। 

* विवाहिता पुत्री को पीहर आने का नहीं कहा जाए। बेटी से कहा जाए कि कोरोना से बचने के लिए ससुराल में सुरक्षित रहे और संतान को भी सुरक्षित रखें। दस वर्ष से कम आयु के बच्चे तो बहुत नाजुक संवेदनशील होते हैं जिनके संक्रमित होने का खतरा बड़ों के मुकाबले कई गुना अधिक होता है। 


** बहु अपने पीहर का निमंत्रण मना करे और कहे कि कोरोना संकट में ससुराल से बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। पीहर वालों को मां बाप भाई को बाद में आने का कहा जाए। 


*** ससुराल के आसपास फैला कोरोना उसके साथ पीहर पहुंच सकता है। पीहर के आसपास फैला वायरस उसके साथ ससुराल पहुंच सकता है। दोनों परिवारों को समझदारी से कोरोना वायरस संक्रमण से बचाया जा सकता है। यह समझदारी पीहर और बेटी दोनों की ओर से होनी चाहिए।


**** बहु भी पीहर जाने की बात करे तो ससुराल की तरफ से मना किया जाए। अभी कोरोना बहुत फैल रहा है,बाद में पीहर जाने का कहें जब खतरा बहुत कम हो जाए। 


***** बहन बच्चों के साथ पीहर आए जाए। उससे अच्छा है कि भाई अपनी जांच करा कर बहन की ससुराल पहुंचे और राखी बंधवा ले। इसमें कुछ हद तक सुरक्षा रह सकती है।


👌 रक्षा बंधन त्यौहार पर सभी की समझदारी जरूरी है। यह संकट भी टलेगा खत्म होगा और उसके बाद भी हरेक त्यौहार पहले की तरह हर्ष उल्लहास से मनाते रहेंगे।०००




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