शनिवार, 25 जुलाई 2020

बसंत विहार कालोनी से इनोवा कार चोरी.खूंटे सांकल से बाधनी होगी कारें।


* करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ 25 जुलाई 2020.


वसंत विहार कॉलोनी में से 24- 25 जुलाई की मध्य रात्रि में घर के आगे खड़ी इनोवा कार अज्ञात चोर ले गए। ठेकेदार विशाल गुप्ता की इनोवा कार घर के आगे खड़ी थी। विशाल गुप्ता का घर सुखवंत चावला के घर के पास में है। 

आसपास के घरों के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे गए।

रमन मोदी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के सड़क पर केन्द्रित कैमरे में चोरों का मालूम हुआ है। चार व्यक्ति एक  स्विफ्ट कार में मुख्य सड़क से प्रवेश कर गुप्ता के घर के आगे कार रोकते हैं। 

कार में से दो आदमी उतरते हैं और कार वापस लौट जाती है।

 वे दो आदमी गुप्ता की इनोवा कार को स्टार्ट करते हैं और बड़े आराम से लेकर के जाते हैं। एक घर के आगे चौकीदार भी होता है उसके आगे से चोरों की कार आती है जाती है। इनोवा कार भी उसके आगे से ले जाई जाती है,लेकिन उसे मालूम नहीं पड़ता। 

आश्चर्य यह है कि बसंत बिहार से कुछ वर्ष पहले पंकज शर्मा की कार ऑल्टो  भी चोरी हुई थी जिसको पुलिस आज तक बरामद नहीं कर सकी।

 बसंत विहार से यह दूसरी कार की चोरी हुई है।

कुछ दिन पहले रेलवे स्टेशन के पास से बाजार से भी कार की चोरी हुई थी। 

सूरतगढ़ के नगर पालिका द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। जिनका नियंत्रण सिटी पुलिस के पास है।इन कैमरों की सुबह शाम दो बार कंप्यूटर स्टाफ के द्वारा सही खराब की रिपोर्ट होनी चाहिए। ठेकेदार को नगर पालिका की ओर से रखरखाव का ठेका दिया हुआ है उसको कोई परवाह नहीं है। 

पुलिस रिपोर्ट करेगी तो खराब दिनों के पैसे ठेकेदार के काटे जाएंगे। 

कुछ दिन पहले मिश्रा कांप्लेक्स के आगे से एक मोटरसाइकिल चोरी हुआ। उस समय सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गए तो मालूम हुआ कि कैमरे खराब पड़े हैं। कैमरों के खराब होने के लिए कितनी ही बार नगरपालिका की बैठकों में प्रश्न उठ चुके हैं। 

 एक बार फिर बसंत बिहार की बात करें। यहां पैसे वालों के मकान है लेकिन कार सड़क पर खड़ी करते वक्त वे लापरवाह हो जाते हैं। 

ऐसा लगता है कि कॉलोनियों में जहां कारें घरों से बाहर खड़ी रहती है वहां खूंटे से बंधी जानी चाहिए। मतलब घर के किसी जगह से लेकर कार के कार तक सांकल से बंधी हो तो शायद कार बच जाए। इसे मजाक भी नहीं समझें। 

बसंत विहार कॉलोनी में कई बार अवरोधक लगाने के लिए कोशिशें हुई। कोरोना लोकडाउन में भी यह कोशिश हुई लेकिन कोई न कोई निवासी दिक्कत महसूस करते हुए बसंत बिहार के सारी सड़कों को तालाबंदी नहीं करवाना चाहता। रात्रि को सुरक्षा के लिए चारों तरफ से बंद हो और एक गेट या एक सड़क खुली हो तो इस वीआईपी कॉलोनी में इस प्रकार के अपराध रुक सकते हैं। 

सूरतगढ़ में पिछले कुछ दिनों से वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। 

****








कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

यह ब्लॉग खोजें