शनिवार, 18 जुलाई 2020

पालिका अध्यक्ष ओम कालवा के आरोपों पर पूर्वाध्यक्ष बनवारीलाल के जवाब और कालवा पर नये आरोपों की बौछार


 * करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ नगरपालिका मैं अतिक्रमण, पट्टे बनाने,खांचा भूमि देने आदि को लेकर करोड़ों रूपयों के आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं लेकिन यह हवाई फायर हैं। कोई भी गहराई में जाकर न जांच करवाना चाहता है न मुकदमे करवाना चाहता है। गरीब कच्ची बस्तियों के नागरिक इस बड़े लोगों की लड़ाई में पिस रहे हैं और शहर गंदगी और टूट फूट में विकसित होता जा रहा है। पूर्व पालिकाध्यक्ष बनवारीलाल ने वर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के विरुद्ध शिकायतें की है या अन्य लोगों ने आरोप लगाए हैं। 

 

नगर पालिका में पट्टे बनाने और सीवरेज सिस्टम में गड़बड़ी होने के आरोप निरंतर लग रहे है।  पत्रकार वार्ता में आरोप लगते रहे हैं लेकिन बड़े अखबार कभी भी भ्रष्टाचार के बाबत पूछने वाले सवालों पर न्यूज़ नहीं बनाते। उनका कोई विवरण भी नहीं देते। सरकारी पक्ष से सत्ता पक्ष से लाभ उठाने की नीयत भी रहती है।


यहां नगरपालिका के भ्रष्टाचार आरोप-प्रत्यारोप पर राजनेताओं को राजनीतिक दलों को शिक्षित लोगों को जागना चाहिए मगर उनको जगाना बहुत मुश्किल है।


राजनेता आरोप तो लगाते हैं मगर उससे आगे कार्रवाई नहीं करना चाहते।

पत्रकार वार्ताओं में ताजा घटनाक्रम भाजपा ने शुरू किया। कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने भोजन के साथ प्रेस वार्ता की जिसमें पूर्व विधायक गंगाजल मील और पालिका अध्यक्ष ओम प्रकाश कालवा पर आरोप लगाए गए थे। 

इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा की ओर से एक होटल में 2 जुलाई को पत्रकार वार्ता आयोजित की गई जिसमें पूर्व विधायक गंगाजल मील ने भी पूरा हिस्सा लिया। 

 भारतीय जनता पार्टी के आरोपों पर और पूर्वपालिकाध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल के आरोपों का जवाब दिया गया। बनवारीलाल मेघवाल और गंगाजल मील कभी एकसाथ थे। मील विधायक और बनवारीलाल पालिका अध्यक्ष थे। दोनों ही कांग्रेसी। 

ओमप्रकाश कालवा की प्रेस वार्ता में आरोपों के समय यह कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी के काजल छाबड़ा की अध्यक्षता वाले पिछले बोर्ड में सर्वाधिक भ्रष्टाचार हुआ और नियम विरुद्ध कानून तोड़ते हुए रिकॉर्ड तोड़ते पट्टे बनाए गए मगर मीडिया वह बातें नहीं छापता।

  इसके अलावा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल पर भी उनकी अध्यक्षता काल में गलत पट्टे बनाने का आरोप लगाया गया। कालवा और मील ने कहा कि बनवारीलाल मेघवाल ने पहले तो गलत पट्टे बना दिए और बाद में जब मालूम हुआ कि इस प्रकरण में फंस रहा हूं तब खुद ने ही जांच की मांग कर ली और कहा कि  ईओ मदनसिंह बुड़ानिया ने भ्रमित करके गलत जानकारी देकर के पट्टे बनवा लिए। इन पट्टों,खांचा भूमि और स्टेट ग्रांट में जारी पट्टों में बनवारीलाल ने जमकर भ्रष्टाचार किया। 

 कालवा और मील ने उनके बारे में आरोप तो लगाए जांच कार्य करवाने के मामले में पत्रकारों को समुचित उत्तर नहीं दिया। जांच करवाने और मुकदमें करवाने बाबत सवालों पर हां नहीं की।  

बनवारी लाल मेघवाल पर आरोप लगे तो बनवारीलाल मेघवाल का तिलमिलाना लाजिमी ही था। 


 बनवारीलाल मेघवाल ने भी 15  जुलाई को एक पत्रकार वार्ता आयोजित की जिसमें खुद द्वारा जारी 62 पट्टों के मामले में कहा कि मैंने तो भ्रमित होकर पट्टे गलत जारी कर दिए और मालूम होते ही जांच करने आदि के लिए मार्गदर्शन मांगने के लिए मुख्यमंत्री को और तत्कालीन विधायक गंगाजल मील को पत्र भी दे दिए थे। अब उन पट्टों को गलत और भ्रष्टाचार मानते हैं तो जांच करवाने और मुकदमें करने की ड्यूटी

वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष ओम प्रकाश कालवा की है। कालवा की जांच करवाने की पूरी जिम्मेदारी बनती है। बनवारीलाल ने चैलेंज किया कि मेरे द्वारा जारी पट्टे गलत हैं तो कालवा जांच करवाएं मुकदमा करवाएं उनको खुली छूट है। चैलेंज देते हुए बनवारी लाल ने  आरोपों की गेंद को वापस ओमप्रकाश कालवा के पाले में फेंक दिया। अब वर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा आगे जांच करवाने के लिए या मुकदमा करवाने के लिए कार्यवाही करते हैं ऐसी उम्मीद लग नहीं रही क्योंकि अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने और मील ने ऐसी किसी भी कार्यवाही करने की हां नहीं की। असल में उन पट्टों में अधिकांश भाजपा के नेताओं कार्यकर्ताओं के हैं। उनमें काग्रेसी लोगों के भी हैं। 

अब बनवारील मेघवाल के बड़े  चैलेंज दिए जाने पर और व नए आरोप लगाए जाने पर कालवा और मील कोई कार्यवाही कर सकते हैं। ऐसी उम्मीद हो सकती है। 

बनवारीलाल मेघवाल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर तो कह डाला कि ओमप्रकाश कालवा कार्यवाही करें उनकी जिम्मेदारी बनती है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने ओम प्रकाश कालवा पर भी अनेक नये आरोप जड़ दिए। जिनका जवाब आगे ओमप्रकाश कालवा को देना है।  वे आरोपों का जवाब कार्यवाही करके देते हैं या फिर पत्रकार वार्ता में जबानी जमा खर्च करते हैं। यह कुछ दिनों में आगे आ सकता है।  

बनवारीलाल मेघवाल ने पत्रकार वार्ता में जो आरोप लगाए वह गंभीर श्रेणी में आते हैं।  बनवारी लाल ने पत्रकार वार्ता में मील पर आरोप नहीं लगाए केवल कालवा को ही घेरा। बनवारी लाल ने कहा कि कालवा अपने पर लगे आरोपों में बचने के लिए मील को भ्रमित कर साथ रख रहा है। 


पूर्व अध्यक्ष ने कहां के कोरोना काल लॉकडाउन शुरू होने के बाद जब लोक प्रशासन कोरोना बचाव में लगा हुआ था तब वर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा और सेवानिवृत्त हो चुके अधिशासी अधिकारी लालचंद सांखला गैर कानूनी रूप से पट्टे बनाने में लगे हुए थे। पूर्व अध्यक्ष का आरोप है कि लाखों रुपए लेकर के यह पट्टे बनाए गए जो पूरी तरह से गैरकानूनी हैं। कच्ची बस्ती के अतिक्रमण नियमित करने के प्रावधान के तहत जारी पट्टे,खांचा भूमि के पट्टे नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव से पारित होने चाहिए थे लेकिन ओमप्रकाश कालवा के अध्यक्षता काल में केवल दो बैठकें   हुई है जिन में अतिक्रमण नियमित करने के पट्टे और खांचा भूमि दिए जाने संबंधी प्रकरण एजेंडे में ही नहीं थे।

 बोर्ड की स्वीकृति के  बिना यह सारे पट्टे गैर कानूनी जारी कर दिए गए जिन पर मेघवाल के अनुसार लाखों रुपए लिए गए। 

मेघवाल ने कहा कि जब यह पट्टे बनाए जाने शुरू हुए थे तभी अधिकारियों को शिकायत कर दी गई थी और बाद में भी शिकायत की गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई और नगरपालिका में यह भ्रष्टाचार का खेल चलता रहा रहा। 

 पूर्व अध्यक्ष ने कोरोना  लोकडाउन  काल में राशन बांटने में भी घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 5000 किट बांटने का अनुमानित ठेका 25 लाख रुपए का हुआ। बाजार में आटे का भाव साडे ₹22 था लेकिन उससे बहुत अधिक कीमत में खरीदा गया। भारी कमाई कर ली गई। उन्होंने यह आरोप लगाया कि ढाई हजार किट्स पहले आई और वितरित हुए लेकिन बाद वाली ढाई हजार  कब आई कब वितरित हुए यह जांच का विषय है?

पूर्व अध्यक्ष आरोप लगाया कि कोरोना काल में शहर में सैनिटाइजेशन की जो सामग्री खरीदी गई और शहर को सैनिटाइजेशन किया गया। उसमें भी घपला है जो जांच का विषय है। पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि अरोड़ा युवा कार्यकर्ताओं की ओर से उनके क्षेत्र में सैनिटाइजेशन करवाने की सामग्री नगर पालिका को उपलब्ध करवाई गई थी। 

नगर पालिका ने सैनिटाइजेशन की सामग्री किस रेट में खरीदी गई यह जांच का विषय है। 

नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि सीवरेज सिस्टम बाईपास रोड पर प्लांट नं 1बना हुआ है वहां से पानी नजदीकी किसानों को और सूरतगढ़ फार्म को दिया जा सकता है लेकिन वर्तमान अध्यक्ष पाइप लाइन के द्वारा सीवरेज सिस्टम संयंत्र  2 पर  यहां का पानी लेजाने की योजना को पूरा करना चाहते हैं जिसमें  40-45 लाख रुपए का खर्च करके उसके आसपास के खेतों को सिचाई का पानी देना चाहते हैं।  पालिका अध्यक्ष कालवा के जानकार नेताओं के खेत है उनकी सिंचाई करने के लिए नगर पालिका को खर्चे में डाला जा रहा है। 

पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि ओमप्रकाश कालवा ने पत्रकार वार्ता में 30 सूत्री  विकास चार्ट पेश किया है वह झूठ का पुलिंदा है। 

उस विकास चार्ट में अध्यक्ष ने कहा कि सूरतगढ़ में लैंड बैंक की स्थापना की जाएगी जबकि लैंड बैंक तो ऑलरेडी सालों से काम कर रहा है। उनके बनवारी लाल के कार्यकाल से ही लैंड बैंक में राजस्व विभाग से ली गई जमीनों की एंट्री शुरू हो चुकी थी।

कालवा ने कहा था कि लैंडबैंक से गरीबों को रियायती छूट पर भूखंड देंगे। लेकिन नगरपालिका यह नहीं कर सकती। राज्य सरकार ही छूट दे सकती है। नगर पालिका नगरपालिका के नए भवन निर्माण के बारे में पूर्व पालिकाध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल ने कहा कि उसका शिलान्यास मेरे कार्यकाल में हो चुका है। कोई नई बात नहीं है पुरानी बातों का पुराने कामों का श्रेय वर्तमान अध्यक्ष अपने नाम से करना चाहते हैं। 

उन्होंने एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही की वर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा पूर्व विधायक गंगाजल मील को गुमराह करते हुए गलत जानकारियां देते हुए कार्य कर रहे हैं नगर पालिका में जो कुछ हो रहा है जो गड़बड़ घोटाले हो रहे हैं उनसे बचने के लिए वर्तमान अध्यक्ष गंगाजल मील को आगे करते हुए कार्यवाही कर रहे हैं। वे मील को भ्रमित कर रहे हैं। 

पूर्व अध्यक्ष ने ओम प्रकाश कालवा पर अनेक आरोप मंड दिए। 

 ओमप्रकाश कालवा ने पत्रकार वार्ता में दो सामुदायिक भवनों एक दमकल विभाग के पास और दूसरा स्टेडियम के भीतर का अधिक सुधार करके उपयोग में लाने की बात कही थी।  बनवारी लाल ने कहा कि यह बहुत बड़ा घोटाला है। वे इनमें क्या कार्रवाई ,क्या नया निर्माण कराना चाहते हैं?अभी तक नगर पालिका को ठेकेदारों ने यह भवन सुपुर्द भी नहीं किए हैं। 

पूर्व पालिका अध्यक्ष ने सीवरेज सिस्टम पर कहा कि इसमें बहुत बड़ा घोटाला है गलत निर्माण हुए हैं फिर भी सीवरेज कंपनी को करीब 2 करोड रुपए का भुगतान कर दिया गया जिसमें अध्यक्ष जी पर बड़ी रकम लेने का आरोप लगाया गया। आने वाले समय में ओमप्रकाश कालवा को आगे जवाब देने हैं अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जवाब देना है या खंडन करना है और जांच का चैलेंज भी कार्यवाही के रूप में पूर्ण करना है।

बनवारी लाल ने कहा कि सीवरेज का दूसरा चरण जिन वार्डो में जहां पर तय है वहां नयी सड़कें आदि बना कर पालिका को करोड़ों रूपये के नीचे धकेला जा रहा है। यह भी बड़ा घोटाला है।

ओमप्रकाश कालवा को

बनवारीलाल के चैलेंज का जवाब देना बहुत जरूरी है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि बनवारीलाल मेघवाल ने जो 62 पट्टे कच्ची बस्ती नियमन में खांचा भूमि में स्टेट ग्रांट में वितरित किए जो गैर कानूनी रूप से किए गए थे। खुद बनवारीलाल यह बात स्वीकार करते हैं कि अधिशासी अधिकारी ने गलत करवाया लेकिन पता लगते ही उन्होंने राज्य सरकार को इस संबंध में सूचना दे दी। बनवारी लाल ने जो चैलेंज दिया है कि वर्तमान अध्यक्ष इसकी जांच करवाएं। वह चैलेंज ओमप्रकाश कालवा को पूरा करना है तथा खुद पर लगे आरोपों का भी जवाब देना है। 

अब ओमप्रकाश कालवा के द्वारा पत्रकारवार्ता में ही जवाब दिए जाने की संभावना अधिक है। तब तक ये आरोप सिर पर रहेंगे। 

👌 ओमप्रकाश कालवा ने चैलेंज को स्वीकार करके जांच भी शुरू करवा दी तो पूर्व अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल और पट्टे लेने वाले बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। करणी प्रेस इंडिया में यह प्रकरण 2015 में प्रसारित हुआ और 2017 में अपडेट भी हुआ। यह ब्लास्ट की आवाज में भी दो बार प्रकाशित हुआ। चैलेंज में अब आया है।

बनवारीलाल की पत्रकार वार्ता में कई पत्रकार नाराजगी के कारण नहीं आए।एक पत्रकार का कहना था कि बनवारीलाल ने कुछ समय पहले पत्रकारों को चोर  कह दिया था। बनवारीलाल ने पूछने पर कहा कि सभी पत्रकारों को चोर कहने की बात असत्य है।  ००० 





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