रविवार, 14 जून 2020

राजस्थान में उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की ताकत को किनारे नहीं लगाया जा सकता.


- करणीदानसिंह राजपूत-
राजस्थान की कांग्रेस में सचिन को किनारे पर फेंक देना अशोक गहलोत के वश में नहीं है।
यदि यह संभव होता तो सरकार के गठन में देरी नहीं होती। बहुमत के बावजूद यह  तय नहीं हो पाया था कि मुख्यमंत्री कौन होगा? सचिन का भी दावा था सीएम पद पर। राहुल का नारा था युवाओं को आगे लाने का? सचिन को विधानसभा में आने से रोका नहीं जा सका। आखिर उप मुख्यमंत्री बनाए गए। वैसे यह पद होता ही नहीं है। एक प्रकार से डंडे के बल पर सचिन ने यह पद लिया। यह पद तो मिला लेकिन मंत्रालय गृह विभाग अशोक ने अपने पास रख लिया। सचिन ने उप मुख्यमंत्री पद लिया मगर अशोक गहलोत के कार्य में अप्रत्यक्ष रूप में अड़गें डलने शुरू हो गए। ऐसे में सचिन के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हो सकती। सचिन के विरुद्ध कार्रवाई का सीधा विस्फोट सत्ता में होने का खतरा। यह खतरा कभी खत्म नहीं होने वाला। अशोक गहलोत की सरकार पर हर समय नंगी तलवार। सचिन के पास इतनी ताकत है तभी तो उसे फेंका नहीं जा सकता। कुछ भी सचिन के विरुद्ध हुआ तो सचिन और उसके समर्थक विधायकों को को अशोक गहलोत के विरूद्ध होने का मौका मिल जाएगा।
अशोक गहलोत समर्थकों को सचिन के विरुद्ध कार्रवाई की काफी समय से उम्मीद है और कुछ कुछ समय बाद वे हवा भी देते रहते हैं। सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और उनके विरुद्ध कार्यवाही की बातें फैलाते रहना हवाई किले बनाना है। आशोक समर्थकों की
मान लें कि राज्यसभा के चुनाव के बाद सचिन पर कोई कार्यवाही होती है तब भी सरकार पर खतरा तो रहेगा बल्कि विस्फोटक स्थिति हो जाएगी। राजस्थान की कांग्रेस सरकार में क्या एकेले सचिन समर्थकों की गलतियां है? इसका जवाब ना में मिलेगा। विस्तार से बिंदु तलाशने पर अशोक गहलोत की कमियां भी बहुत मिलेंगी।
राजस्थान में कांग्रेस की सत्ता में विरोध पनपने का मुख्य अशोक गहलोत भी हैं। मंत्री मंडल का विस्तार नहीं करना एक प्रमुख कारण है। अभी मंत्री मंडल में 30 सदस्यों में से केवल 25 हैं। मंत्री मंडल विस्तार करने से असंतोष पैदा होने का संभावित खतरा तो रहेगा लेकिन अब बिना विस्तार के भी खतरा तो चल ही रहा है। इसके अलावा विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष आदि भी नहीं बनाए गए। यह इंतजार से इंतजार की घड़ियां भी अशोक गहलोत सरकार के लिए खतरा बनी हुई हैं।**
दि. 14  जून 2020.
* करणीदानसिंह राजपूत.
पत्रकार,
सूरतगढ़.( राजस्थान)
94143 81356.
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