गुरुवार, 11 जून 2020

सीएम अशोक गहलोत का दावा है कि कांग्रेस विधायकों को 25 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया है। गहलोत ही है एसीबी के बॉस।


* एस. पी. मित्तल *

* राजस्थान की एसीबी की जांच के दायरे में मध्यप्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में हुए दल बदल की घटनाएं भी आएंगी?*


राजस्थान में कांग्रेस सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक को एक शिकायत दी है। इस शिकायत में कहा गया है कि मध्यप्रदेश और कर्नाटक की तरह राजस्थान में भी चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को 25 करोड़ रुपए का ऑफर दिया जा रहा है। पत्र में गुजरात में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे का भी उल्लेख है। यह भी कहा गया है कि विधायकों को खरीदने के लिए जयपुर में बड़ा कैश ट्रांसफर हुआ है। ऐसे तत्वों को चिन्हित कर कानूनी कार्यवाही की जाए। जोशी ने यह पत्र 10 जून को दिया। 11 जून को एसीबी के बॉस माने जाने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जिनके पास गृह विभाग का भी प्रभार है ने कहा कि एक विधायक को 25 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया है। 10 करोड़ रुपए एडवांस देने की बात कही गई है। 15 करोड़ रुपए बाद में दिए जाएंगे। सवाल उठता है कि जब सरकार के मुख्य सचेतक और मुख्यमंत्री इतनी जानकारी दे दी है तब एसीबी क्या जांच करेगी। जांच का निष्कर्ष तो आ ही गया है। यदि मुख्यमंत्री कोई बात कह रहे हैं तो वह झूठ नहीं हो सकती। अब तो एसीबी को उन लोगों को पकडऩा है, जिन्होंने ऑफर दिए हैं। एसीबी को यह भी पता लगाना है कि 25 करोड़ रुपए के ऑफर किस किस निर्दलीय और कांग्रेस के विधायकों को दिए। हो सकता है कि एसीबी का यह काम भी एक दो दिन में मुख्यमंत्री गहलोत आसान कर दें। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में दो-तीन विधायक कह सकते हैं कि उन्हें 25 करोड़ रुपए वाला ऑफर मिला है। जैसे जैसे राज्यसभा चुनाव की 19 जून की तिथि नजदीक आएगी, वैसे वैसे मुख्यमंत्री गहलोत और शिकायतकर्ता महेश जोशी बहुत सारे सबूत एसीबी को उपलब्ध करवा देंगे। 19 जून के बाद जोशी की शिकायत का क्या होगा, यह एसीबी के बॉस अच्छी तरह जानते हैं। लेकिन एक बात अहम है कि गहलोत के अधीन काम करने वाली राजस्थान की एसीबी की जांच का दायरा मध्यप्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में हुए दल बदल तक बढ़ सकता है। चूंकि महेश जोशी की शिकायत में इन राज्यों का उल्लेख किया गया है, इसलिए राजस्थान एसीबी की टीम जांच के लिए संबंधित राज्यों में जा सकती है। मालूम हो कि कर्नाटक में कांग्रेस जेडीएस के विधायकों के इस्तीफे से सत्ता परिवर्तन हो गया। इसी प्रकार मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 22 विधायकों की बगावत की वजह से कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस गिर गई, जबकि गुजरात में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का गणित गड़बड़ा गया है। हालांकि गुजरात में भाजपा की ही सरकार है। अब देखना है कि सरकार के मुख्य सचेतक की शिकायत और मुख्यमंत्री के दावों के बीच एसीबी किस प्रकार से जांच शुरू करती है। 

साभार

(एस.पी.मित्तल) 

(11-06-2020)


कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

यह ब्लॉग खोजें