सोमवार, 18 मई 2020

सूरतगढ़ नगरपालिका ईओ मिल्खराज चुघ से शहर को आशाएं* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन निदेशालय अपनी निजी एडवाइस से सूरतगढ़ में अधिशासी अधिकारी को पद स्थापित करे तो शहर की जनता को उम्मीद जागती है कि सही कार्य होंगे और जनता की बात सुनी जाएगी व कार्यों में भी पारदर्शिता रहेगी।

नगरपालिका सूरतगढ़ में अधिशासी अधिकारी के पद पर मिल्खराज चुघ को लगाया गया है। चुघ श्री गंगानगर नगर परिषद में कई साल कार्य करने के अनुभव रखते हैं। इसी पर ध्यान रख निदेशालय ने अपने विचार से यहां नियुक्त किया है।चुघ श्री गंगानगर के ही रहने वाले हैं। प्राय अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही हवा बहती है कि फलां ने नियुक्ति करवाई है, फलां लेकर आए हैं। चुघ के साथ यह हवा नहीं आई है।

नगरपालिका सूरतगढ़ घोटालों की नगरपालिका कही जाती है जिसके सबसे अधिक मामले शिकायतें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में रहती हैं। यहां के बारे में विचारवान लोगों का तो यह मानना है कि फाईलों पर स्वीकृति के हस्ताक्षर करने से पहले हर कागज की पड़ताल करली जाए खासकर पुरानी फाईलों की। फाईलों में प्राय अधिकारी कर्मचारी के पूर्ण हस्ताक्षर के बजाय इनीशियल( प्रथम अक्षर का ही होना गोलमाल करता है। जिसे प्रचलित बोली में सभी घुग्घी मारी कहते हैं)

यह सोच गलत भी नहीं है क्योंकि सरकारी अधिकारी की ही नौकरी खतरे में रहती है और वही परेशानियां भोगता है। इतिहास गवाह है की राजनेता और उनकी मित्रता जानकारी काम नहीं आती।

भू माफिया, पार्षदों के जानकारों की ठेकेदारियां आदि नगरपालिका को बदनाम करती रही हैं। 

नगरपालिका को साफ सुथरा रखना अधिशासी अधिकारी की ही प्रमुख जिम्मेदारी है,वही सरकार का प्रतिनिधि होता है और उसी के हस्ताक्षर की मान्यता है।

लोगों को जो उम्मीद है वह रहनी चाहिए।००

* करणीदानसिंह राजपूत* स्वतंत्र पत्रकार( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत) सूरतगढ़।




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