सोमवार, 11 मई 2020

श्रमिकों को लू-ताप से बचाव के लिए सरकारी निर्देशों की पालना हो-जिला कलेक्टर


* करणीदानसिंह राजपूत*

श्रीगंगानगर, 11 मई2020.

 राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण नई दिल्ली व राज्य सरकार के निर्देशानुसार  श्रमिकों को लू-ताप से बचाव के लिए निर्देशों की पालना कराया जाना सुनिश्चित हो।

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने बताया कि जिले में  अवस्थित औद्योगिक संस्थानों पर विशेष अभियान चलाकर कार्यरत श्रमिकों को मौसमी बीमारी, लू-तापघात से बचाने का कारगर प्रबन्ध कराये जाने के लिए नियोजक को पाबंद किया जाए। उन्होनेे समस्त औद्योगिक नियोजकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु पाबंद किया तथा किसी भी हालत में पानी की गुणवत्ता में समझौता नही किया जाए। समस्त संस्थानों ठेका श्रम (नियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम 1970 के प्रावधानों के तहत कैंटीन, रेस्ट रूम, पीने का पानी, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करे।

उन्होने बताया कि माह मई-जून में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक लू एवं ताप का प्रभाव सर्वाधित होता है। इसलिए नियोजक श्रमिकों के कार्य समय को इस प्रकार पुनः निर्धारित करे की श्रमिकगण लू-ताप से बच सके। गर्मी के समय में मौके पर आवश्यक दवाईयां एवं आवश्यकता पडने पर तुरन्त उपलब्ध होने वाले नर्स एवं कम्पाउण्डर की व्यवस्था हेतु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर श्रमिकों का हैल्थ चैकअप करवाया जाना नियोजक से सुनिश्चित करावे। ऐसे संस्थान जहां पीस रेट पर दिहाडी श्रमिक नियोजित किये जाते है, वहां मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए पीस के हिसाब से उसकी मजदूरी की दरों में कमी नही की जाए। 

उन्होने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 (कोरोना वायरस) के संक्रमण को रोकने के संबंध में भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी एडवाईजरी जैसे जिले में श्रमिकों द्वारा मास्क लगाकर कार्य सम्पादन, नियमित अन्तराल पर सैनेटाइजर का प्रयोग एवं साबुन से हाथ धोना, श्रमिक आपस में पर्याप्त दूरी बनाए रखे, परिसर में गुटखा, धुम्रपान न करे तथा थूके नही इसके लिए नियोजक को पाबंद करवाया जावें।

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