गुरुवार, 14 मई 2020

श्रीगंगानगर- कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव जिला स्तर से गांव-वार्ड तक क्वारन्टीन प्रबन्धक समितियों का गठन

श्रीगंगानगर, 14 मई 2020.

राज्य सरकार के निर्देशानुसार कोविड-19 का प्रकोप होने के कारण जिले में हाल ही आए हुए अथवा आने वाले प्रवासियों  के लिए राजस्थान एपिडेमिक ओर्डिनेंस 2020 के अन्तर्गत अनिवार्य क्वारन्टीन करने के निर्देश दिए गए है। निर्देशों की पालना के लिए जिला स्तर से लेकर गांव व वार्ड तक क्वारन्टीन प्रबन्धक समितियों का गठन किया जाएगा। 


जिला कलक्टर एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार जिले में होम क्वारन्टीन व्यवस्था को सुचारू रूप से क्रियान्विति करना अतिआवश्क है।

*जिला स्तरीय क्वारन्टीन प्रबन्धन समिति*

 कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए जिला स्तरीय क्वारन्टीन प्रबन्धन समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें जिला कलक्टर अध्यक्ष, क्षेत्रीय सांसद लोकसभा सदस्य, जिले के विधायकगण सदस्य, जिला पुलिस अधीक्षक सदस्य, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद समन्वयक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पीएमओ, रसद अधिकारी, आयुक्त नगर परिषद, पीडब्ल्यूडी के अधिशषी अभियन्ता, जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे। 


^ जिला स्तरीय क्वारन्टीन प्रबन्धन समिति के कार्य ^


जिला स्तरीय समिति जिला ब्लाॅक स्तर पर कोविड केयर सेंटर चिन्हित कर स्थापित करना, जिला मुख्यालय पर कोविड केयर सेंटर की प्रबन्धकीय एवं सुरक्षा व्यवस्था, कोविड केयर सेंटर प्रबन्धकीय व सुरक्षा जिले के क्वारन्टीन सेंटर की प्रबन्धकीय सुरक्षा व्यवस्था, जिले में प्रवासियों के आवागमन, पंजीकरण, स्क्रीनिंग व होम क्वारन्टीन की समरक्षा व उल्लंघन पर कार्यवही की समीक्षा, दैनिक सूचना राज्य स्तर पर प्रेषित करना एवं राज्य स्तरीय समिति के निर्देशानुसार कार्य करना।


* उपखण्ड स्तरीय क्वारन्टीन प्रबन्धन समिति *


उन्होने बताया कि उपखण्ड स्तरीय क्वारन्टीन प्रबन्धन समिति में उपखण्ड मजिस्ट्रेट अध्यक्ष, क्षेत्रीय विधायक सदस्य, पुलिस उप अधीक्षक, विकास अधिकारी, तहसीलदार, ब्लाॅक सीएमएचओ, मुख्य ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी, नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी, रसद के प्रवर्तक अधिकारी, सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

 यह समिति ब्लाॅक स्तर पर कोविड केयर सेंटर की स्थापना, उसकी प्रबन्धकीय एवं सुरक्षा व्यवस्था, उपखण्ड में प्रवासियों के ग्राम, वार्ड में आवागमन अनुसार पंजीकरण व स्क्रीनिंग, प्रत्येक गांव व मौहल्ले स्तर पर स्थानीय निवासियों की समिति क्रियाशील होने की समीक्षा, ग्राम पंचायत स्तर पर क्वारन्टीन सेंटरों की समीक्षा, होम क्वारन्टीन की सुचारू व्यवस्था व उल्लंघन प्रकरणों की समीक्षा के साथ-साथ निर्धारित प्रपत्र में प्रतिदिन जिला स्तरीय टीम को सूचना देनी होगी।


*ग्राम पंचायत स्तरीय क्वारन्टीन प्रबन्धन समिति*


ग्राम पंचायत स्तरीय क्वारन्टीन प्रबन्धन समिति में पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी संयोजक, पटवारी सहसंयोजक, बीएलओ, बीट कांनिस्टेबल, एएनएम, महिला पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

 * वार्ड स्तरीय क्वारन्टीन प्रबन्धन समिति (नगरीय क्षेत्र)*

बीएलओ संयोजक, पार्षद, सफाई निरीक्षक, बीट कांनिस्टेबल, एएनएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा सहयोगिन तथा अन्य सदस्य के रूप में शामिल होंगे। 


* ग्राम स्तरीय समितियां, ग्राम व मौहल्लों में स्थानीय निवासियों की समिति गठित कर सुचारू रूप से क्रियाशील करना, आने वाले प्रत्येक प्रवासी का फार्म नम्बर 4  में पंजीकरण, स्क्रीनिंग एवं होम क्वारन्टीन के आदेश जारी कर लागू करना, इसका दायित्व बीएलओ का होगा। होम क्वारन्टीन व्यवस्था की गहन निगरानी व उल्लंघन करने वालों की सूचना तत्काल देना। स्थानीय व्यक्तियों, जनप्रतिनिधि के सहयोग से क्वारन्टीन सेंटरों की सुचारू व्यवस्था व उल्लंघन की सूचना तत्काल एसडीएम को देनी होगी। प्रतिदिन की सूचना संबंधित एसडीएम को दी जाएगी।

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