रविवार, 31 मई 2020

गृह विभाग राजस्थान सरकार की गाइडलाईन जारी- श्रीगंगानगर जिले में नई गाइडलाईन


* करणीदानसिंह राजपूत *
श्रीगंगानगर, 31 मई 2020.
गृहमंत्रालय भारत सरकार द्वारा सम्पूर्ण भारत में लागू किया गया लाॅकडाउन 30 जून 2020 तक बढा दिया गया है।
इसके सबंध में राजस्थान सरकार द्वारा राज्य में लाॅकडाउन के क्रियान्वयन हेतु गाइडलाईन जारी की गई है।
 जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने जिले के समस्त उपखंड मजिस्ट्रेट को 1से 30 जून 2020 के लिए लाॅकडाउन 5.0 की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।
क्रमिक रियायतों के साथ एक लम्बी अवधि के लाॅकडाउन से कोविड-19 के सामुदायिक प्रसार को रोकने और हजारों लोगों का जीवन बचाने में सफलता मिली है, तथापि वायरस से खतरा अभी भी जारी है। उन्होने गाइडलाईन्स, कार्यस्थलों, सामाजिक स्थानों और सार्वजनिक परिवहन में ऐहतियाति और सुरक्षा उपायों के माध्यम से सामान्य स्थिति की सावधानी पूर्वक बहालों के सिद्धांतो पर आधारित है एवं जनता द्वारा जिम्मेदारी स्व-नियमन अपेक्षित है।
* कन्टेन्मेंट जोंस या कफ्र्यू क्षेत्र*
जिला कलक्टर श्री नकाते ने बताया कि कन्टेन्मेंट जोन, कफ्र्यू क्षेत्र में अतिआवश्यक सेवाओं के लिए आवागमन होगा, अन्य किसी भी नागरिक का आवागमन नही होगा।
उन्होंनेे बताया कि इस क्षेत्र की उपयुक्त पहचान की जाएगी एवं कन्टेन्मेंट जोंस में भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की गई गाइडलाईन में प्रोटोकाॅल की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी और केवल आवश्यक गतिविधियों को ही अनुमति प्रदान की जाएगी। चिकित्सा आपात स्थिति और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के अलावा इन जोन के अन्दर या उसके बाहर आबादी का आवागमन नही होने को सुनिश्चित करने हेतु सख्त परिधि नियंत्रण लागू होगा।
गाइडलाईन के तहत किसी प्रकार की छूट, हाॅट-स्पाॅट तथा कलस्टर्स के कन्टेन्मेंट एरिया या कफ्र्यू क्षेत्रों में लागू नही होगा। 
* दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत प्रतिबंध*
जिला मजिस्ट्रेट श्री नकाते बताया कि दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत जिले में रात्रि 9 बजे से प्रातः 5 बजे तक सभी गैर आवश्यक गतिविधियों के लिए व्यक्तियों के आवागमन पर सख्त निषेध रहेगा तथा पुलिस, जिला प्रशासन, सरकारी अधिकारी जो ड्यूटी पर है, चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सा, पैरा मेडिकल स्टाॅफ (राजकीय व निजी) पारी व आपातकालीन ड्यूटी पर, आईटी और आईटीएस कम्पनियों का स्टाॅफ (रात्रि यात्रा पास जिला प्रशासन व पुलिस से प्राप्त करना होगा), चिकित्सा या अन्य आपातकालीन स्थिति के लिए कोई भी व्यक्ति, दवा की दुकानों के मालिक और स्टाॅफ (रात्रि पास के साथ), ट्रक, मालवाहक वाहन जो माल, निर्माण या अन्य किसी सामग्री को लेकर परिवहन कर रहे है का आवागमन या खाली लौट रहे हो पर यह प्रतिबंध लागू नही होगा।
सभी कार्य स्थल (दुकाने, कार्यालय, कारखाने आदि) उपयुक्त समय पर बंद कर दिए जाएंगे ताकि उनका स्टाॅफ रात्रि 9 बजे तक अपने घर पहुंच जाए, जब तक कि खुले रखने के लिए जिला प्रशासन से स्वकृति प्राप्त नही कर ली गई हो तथा निरन्तर उत्पादन के प्रकृति की फैक्ट्रिया, रात की पारी वाली फैक्ट्रियां, निर्माण गतिविधियों  पर लागू नही होगा। इनके द्वारा पारी का प्रबन्ध इस प्रकार किया जाए कि रात्रि 9 बजे से प्रातः 5 बजे तक कोई भी श्रमिक सड़क पर नही आएगा।
*निषिद्ध गतिविधिया*
सम्पूर्ण जिले में सभी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई यात्राऐं, मेट्रो रेलसेवा, सभी विद्यालय, महाविद्यालय, शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक, कोचिंग संस्थान, सभी सिनेमा हाॅल, शाॅपिंग माॅल, व्यायाम शालाएं  स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार, आॅडिटोरियम, एसेम्बिली हाॅल और समान प्रकृति के स्थान बंद रहेंगे।
सभी सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मंनोरंजन, आकदमिक, सांस्कृतिक धार्मिक कार्यक्रम तथा अन्य सभाऐं एवं बडे सामुहिक आयोजन, होटल्स, रेस्टोरेन्टस, क्लब हाउस, (स्पोर्टस सुविधाओं के अरितक्त) तथा अन्य आतिथ्य सेवाए और खाने की जगहें (होम डिलिवरी और टेक-अवे को छोडकर, जो पहले से अनुमत है)। शाॅपिंग माॅल्स, सभी धार्मिक स्थल और पूजा के स्थल जनता के लिए बंद रहेंगे। 
* सामान्य सुरक्षा सावधानिया
सार्वजनिक स्थलों पर*
सभी सार्वजनिक व कार्य स्थलों एवं सार्वजनिक परिवहन में चेहरे पर मास्क, कवर पहनना अनिवार्य हागा, सार्वजनिक और कार्य स्थलों पर थूंकना निषेद्ध, सभी व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक स्थानों में सामाजिक दूरी (6 फीट या दो गज की दूरी) की पालना की जाएगी, सार्वजनिक स्थानों पर शराब, पान, गुटका, तम्बाकू आदि का सेवन पूर्णतः निषिद्ध है। सभी व्यक्तियों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी ऐसी सतह जो सार्वजनिक सम्पर्क में हो, जैसे दरवाजे का हैण्डल को छूने के उपरान्त साबुन और पानी से हाथ धोए, सेनेटाइजर का उपयोग करे। 
^कार्य स्थल^
कार्य स्थलों (कार्यालय, प्रतिष्ठान, कारखानों, दुकान आदि) के लिए जहां तक संभव हो घर से काम करने की विधी की पालना की जाए, कार्य स्थलों के प्रभारी व्यक्तियों द्वारा श्रमिकों के बीच पर्याप्त दूरी, पारियों के बदलने में पर्याप्त अन्तराल तथा लंच ब्रेक में उपयुक्त अन्तराल आदि के माध्यम से सामाजिक दूरी को सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यालयों, कार्य स्थलों, दुकानों बाजारों और औद्योगिकी प्रतिष्ठानों में काम, व्यवसाय के घण्टों में अन्तराल रखा जाए।
सभी प्रवेश और निकास बिन्दुओं और काॅमन स्थानों पर थर्मल स्केनिंग, हैण्डवाॅश और सेनेटाइजर का प्रबन्ध किया जाए।
सम्पूर्ण कार्य स्थलों में शिफ्टो के मध्य सहित आम सुविधाओं और मानव सम्पर्क में आने वाले सभी दरवाजों के हैण्डल आदि का बार-बार सेनेटाइजेशन करना सुनिश्चित किया जाए। सभी नियोजनकर्ता अपने कर्मचारियों को सार्वजनिक एवं स्वयं की सुरक्षा के लिए उनके मोबाईल फोन पर आरोग्य सेतु को इन्स्टाॅल करने एवं उपयोग करने के लिए प्रेरित एंव प्रोत्साहित करेंगे तथा श्रेष्ठ स्वच्छता विधियों पर सघन संचार और प्रशिक्षण दिया जाएगा। 
भेद्य व्यक्तियों के लिए सुरक्षा सलाह
काविड-19 के तहत 65 वर्ष एवं उससे ऊपर की आयु के व्यक्ति, पुराने रोगों एवं सःरूगणता परिस्थितियों से पीडित व्यक्ति, गर्भवती महिलाए, 10 वर्ष से
कम आयु के बच्चे एवं ऐसे व्यक्तियों को यथासंभव घर पर ही रहने की सलाह दी गई हैै।
अनुमत गतिविधिया
सभी दुकाने प्रतिबंधों के साथ अनुमत की गई है, जिसके तहत दुकानदार द्वारा किसी भी ग्राहक को जिसने मास्क नही पहन रखा है, बिक्री नही की जाएगी। दुकानों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सामाजिक दूरी के साथ एक समय पर छोटी दुकानों में 2 से अधिक तथा बडी दुकानों में 5 से अधिक ग्राहकों को प्रवेश की अनुमति नही हो अन्य व्यक्ति सामाजिक दूरी की अनुपालना करते हुए दुकान के बाहर पंक्ति में अपनी बारी की प्रतिक्षा करेंगे। उल्लंघन करने पर दुकान को सील किया जाएगा तथा जुर्माना या विधिक कार्यवाही की जा सकती है।
प्रत्येक ग्राहक की सेवा के उपरान्त पूर्ण सुरक्षा सावधानियों, कीटणुशोधन एवं सफाई सहित नाई की दुकानें, सैलून एवं ब्यूटर पार्लर इत्यादि, दुकान, स्टाॅल, ठेला, कियोस्क के माध्यम से जूस, चाय, चाट सहित खाद्य पदार्थो की बिक्री आवश्यक मानकों के साथ सुनिश्चित की जाएगी। स्वच्छता, साफ-सफाई एवं कचरा निपटान के आवश्यक मानकों को संधारित किया जाएगा। सामाजिक दूरी एवं अन्य निर्धारित सावधानियांें का संधारण किया जाएगा, व्यक्तियों की भीड़ अनुमत नही होगी। विशेष तौर पर स्थानीय के निकाय अधिकारीगण इन शर्तो की अनुपालना सुनिश्चित करेंगे। पार्क, सामुदायिक पार्क शर्तो के साथ खोले जा सकेंगे। व्यक्तियों के सम्पर्क रहित प्रवेश के लिए मुख्य द्वार खुले रखे जाए, सभी छूने, सम्पर्क संबंधी गतिविधियां बंद रहेगी, इन्हे ढका जा सकता है, ताकि उनका उपयोग नही किया जाए, जैसे जिम, झूले आदि। यदि पार्क के अन्दर पूजा स्थल है तो उनके लिए निर्धारित प्रतिबंद जारी रहेगा। सामाजिक दूरी की सख्ती से पालना की जाएगी। एक-दूसरे से कम से कम 6 फिट की दूरी रखनी होगी। इन सब के लिए पार्क के इंचार्ज प्राधिकारी उपरोक्त शर्तो की पालना कराने के लिए उत्तरदायी होंगे।
विवाह संबंधी आयोजन के लिए
उपखण्ड मजिस्ट्रेट को पूर्व में सूचना देनी होगी, कार्यक्रम के दौरान सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जाएगी तथा अधिकतम मेहमानों की संख्या 50 से अधिक नही होगी। अन्त्येष्टी या अन्तिम संस्कार संबंधित कार्यक्रम में सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जाएगी तथा अनुमत व्यक्तियों की संख्या 20 से अधिक नही होगी। उल्लंघना अपराध है और भारी जुर्माने के साथ दण्डनीय है। 
सभी अन्य अनुमत गतिविधियां
ऐसी इकाईयां यह सुहिनश्चित करेगी कि उनके द्वारा मूलभूत ऐहतियाती उपायो की अनुपालना की जा रही है। जिला मजिस्ट्रेट, संबंधित विभागों व अभिकरणों के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगे कि इन मापदण्डों व सावधानियों का सभी इकाईयों द्वारा पालना की जा रही है। संबंधित इकाई द्वारा शर्तो की पालना नही की जा रही है, तो उसे बंद कर दिया जाएगा।
व्यक्तियों के आवागमन, परिवहन, पास
गाइडलाईन के अनुसार व्यक्तियों और वस्तुओं के अन्तर्राज्यीय एवं राज्य के अन्दर आवागमन पर कोई प्रतिबंद नही होगा। अन्तर्राज्यीय परिवहन के लिए पडौसी राज्य पंजाब के अधिकारियों से बातचीत कर परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाया जाएगा।
किसी भी वाहन (निजी/वाणिज्यक) से यात्रा कर रही सवारियों की संख्या पंजीकृत वाहन की स्वीकृत बैठक क्षमता से अधिक नही होगी। 
उपखण्ड मजिस्ट्रेट श्री उम्मेद सिंह ने बताया कि नई गाइडलाईन के अनुसार एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री शिवप्रसाद एम. नकाते के निर्देशानुसार प्रतिष्ठानों में काम करने वालेे कामदारों को रात्रि 9 बजे तक घर पहुंचना होगा। इसके लिए प्रतिष्ठान रात्रि 8 बजे बंद करने होंगे, जिससे दुकानदरों, कार्मिको व कामगारों को घर पहुंचनें में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
-----( पीआरओ)

नेपाल झगड़ा करने पर उतरा.भारतीय सीमा पर सेना तैनात करेगा.भारतीयों के प्रवेश के नाके तय किये।


नई दिल्ली, 31 म ई  2020.
नेपाल ने भारत के तीन क्षेत्रों को अपने नक्शे में दिखाने के लिए संविधान संशोधन बिल को नेपाली संसद में पेश किया है. प्रधानमंत्री केपी ओली ने खुली सीमाओं को बंद कर दिया है अब केवल कुछ सीमाओं से ही भारतीय नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे.
*नेपाल-भारत संबंधों में बढ़ा तनाव नए नक्शे के लिए बिल नेपाली संसद में पेश।*
*चयनित बॉर्डर से ही भारतीयों को मिलेगा प्रवेश*
नेपाल सरकार ने नेपाल प्रवेश करने के लिए खुली सीमाओं को बंद करने और सरकार द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र से ही नेपाल में प्रवेश देने का फैसला किया है. भारत के साथ तनाव को देखते हुए नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दी है. ऐसा पहली बार हो रहा है.
नेपाल और भारत के बीच करीब 1,700 किलोमीटर की खुली सीमाएं हैं. अभी तक भारतीय नागरिकों को बिना रोक-टोक अपनी सुविधा के मुताबिक इन खुली सीमाओं से प्रवेश मिलता था। नेपाल सरकार के ताजा फैसले से अब सिर्फ निर्धारित सीमा से ही नेपाल में प्रवेश करने की इजाजत मिलेगी.
जिस दिन नेपाल सरकार ने भारतीय क्षेत्रों को मिलाकर अपना नया नक्शा जारी किया था, यह निर्णय उसी दौरान लिया गया है. लेकिन सरकार ने एक हफ्ते तक इस निर्णय को छिपा कर रखा. राजपत्र में प्रकाशित करने के बाद इसे सार्वजनिक किया गया है.
सीमा विवाद को लेकर भारत से टकराव के मूड में रहे नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की कैबिनेट ने सीमा व्यवस्थापन और सुरक्षा के नाम पर सख्ती दिखाते हुए भारत से लगी 20 सीमाओं को छोड़कर बाकी सभी को बन्द करने का निर्णय किया है.
* सीमा क्षेत्र में सेना की तैनाती *
भारत के साथ तनाव को देखते हुए नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दे दी है. यह पहली बार है जब नेपाल-भारत सीमा पर सेना की तैनाती होने जा रही है. अब तक भारत के तरफ सीमा की निगरानी एसएसबी करती थी वहीं नेपाल की तरफ से सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के हवाले सुरक्षा की जिम्मेदारी थी. नेपाल के हर सीमावर्ती जिलों में सैन्य बैरक होने के बावजूद सीमा की निगरानी या सुरक्षा के नाम पर सेना को बॉर्डर पर कभी नहीं भेजा गया था.
* नेपाली विदेश मंत्री बोले- नए नक्शे को जल्द मिल जाएगी संसद की मंजूरी।
नेपाल भारत के बीच सीमा को नियंत्रित करना, बन्द करना और सेना की तैनाती करना दोनों देशों के बीच 1950 में हुए मैत्री संधि के विरुद्ध है.
नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से इस संधि के खिलाफ रही है. इनके चुनावी घोषणा पत्र से लेकर हर सभा सम्मेलन में आजाद भारत के साथ हुए पहले समझौते का विरोध किया जाता रहा है. कम्युनिस्ट नेताओं का एक बड़ा एजेंडा‌ भारत के साथ रहे सांस्कृतिक, धार्मिक, पारिवारिक और राजनीतिक संबंधों को खत्म करना रहा है।
* नेपाल की संसद में संशोधन बिल पेश, नये नक्शे में भारत के तीन हिस्से*
20 जगहों से ही होगी भारतीयों की एंट्री
इस निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिव नारायण बिडारी ने कहा कि कैबिनेट ने यह फैसला लिया है कि ‌भारत से आने वाले लोगों को अब सिर्फ 20 सीमा गेट से ही आने की इजाजत मिलेगी. नेपाल के 22 जिलों की सीमा भारत से जुड़ी है. सरकार ने सिर्फ 20 जिलों के लिए एक-एक प्रवेश स्थान तय किए हैं.
*नेपाल ने पीछे खींचा कदम, पूरे घटनाक्रम पर भारत की नजर*
कोरोना वायरस की वजह से नेपाल ‌और भारत दोनों देशों ने 31 मई तक सीमाओं को सील किया हुआ है. इसलिए 1जून से अगर सीमाओं को खोला भी जाता है तो नेपाल के नए नियम के मुताबिक भारतीय नागरिक अब सिर्फ तय नाका से ही नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे.
सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले होंगे परेशान
नेपाल सरकार के निर्णय से सबसे अधिक परेशानी सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ही होने वाली है. व्यापार, व्यवसाय रोजगार और शादी-विवाह तक दोनों देशों के बीच सामान्य तरीके से होता है. ऐसे में नए नियमों से लोगों को परेशान होना पड़ेगा. लाखों की संख्या में लोग हर रोज सीमा आर-पार करते हैं. अब नेपाल में वैध आईडी कार्ड के साथ ही एंट्री मिलेगी.
*शादी के संबंध में नेपाल ने बदली नीति*
नेपाल के नए संविधान में भारतीय लड़कियों ‌के नेपाल में शादी होने पर उन्हें राजनीतिक अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है. यह नियम लगाकर पारिवारिक रिश्तों को खत्म करने योजना बनाई गई है. नेपाल कभी पशुपतिनाथ के पुजारी को हटाने के बहाने तो कभी भारत के चारधामों और कुम्भ को न मानने के बहाने धार्मिक रिश्तों पर चोट पहुंचा रहा है. अब सीमा नियंत्रण करके जन-जन के संबंधों को खत्म करने की साजिश की जा रही है.
*स्वतंत्र भारत के समझौते को नहीं मानती नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार*
नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार स्वतंत्र भारत के साथ हुए समझौतों को नहीं मानती है. जबकि ब्रिटिश इंडिया के साथ हुए समझौते को ही मानने, उसी हिसाब से अपनी जमीन पर दावा करने की तैयारी नेपाल कर रहा है. साल 1816 में ब्रिटिश हुकूमत और नेपाल के तत्कालीन राजसत्ता के साथ हुए सुगौली संधि के हिसाब से इस‌ समय‌ भारत के हिस्से में रहे कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपना बताते हुए उस हिस्से को समेट कर नया नक्शा जारी कर दिया है.**
(प्रस्तुतकर्ता-करणीदानसिंह राजपूत)

भारत सहित विश्व भर में विश्व शांति व कल्याण हेतु गायत्री हवन हुए।


* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 31 मई 2020.
विश्व में शांति और कल्याण के लिए आज भारत सहित विश्व भर में करीब 100 देशों में श्रद्धालुओं ने अपने घरों में सपरिवार हवन किए। गायत्री मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां डाली गई। गायत्री मंत्र चौबीस बार उच्चारित किया गया। गायत्री मंत्र अनेक विशेषताओं के साथ प्रभावशाली मंत्र है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज
हरिद्वार के आह्वान पर विश्व शुद्धि के लिए विश्व में लगभग 100 देशों के 10 लाख परिवारों ने अपने घरों में गायत्री हवन यज्ञ का आयोजन किया। 
गायत्री यज्ञ 31 मई रविवार के दिन प्रातः 9:00 से 12:00 बजे के मध्य किया गया।
गृहे गृहे गायत्री यज्ञ की श्रृंखला गत वर्ष से पूरे विश्व में चलाई गई है जिसका वातावरण शुद्धि व सकारात्मक तथा स्वास्थ्यवर्धक और वातानुकूलित प्रभाव पड़ता है ।
शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देश थे कि इस दिन सभी साधक या जनसामान्य अपने-अपने घरों में ही गायत्री या किसी निराकार सृष्टि की संचालक सत्ता का ध्यान करते हुए 24 गायत्री मंत्र की आहुतियां तथा विश्व शांति व कोरोना विषाणु दुष्प्रभाव से मुक्ति के लिए पांच महामृत्युंजय मंत्र से आहुतियां समर्पित करें।
*
सूरतगढ़ में विजयश्री करणी भवन में पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत पत्नी विनीता सूर्यवंशी,बड़े पुत्र योगेंद्र प्रताप सिंह और पोती अनायासिंह ने मंत्रोच्चार से हवन किया। अनायासिंह के सूर्यवंशी सी.सै.स्कूल में बच्चों को गायत्री मंत्रोच्चार कराया जाता है और सभी बच्चों को याद है।*
*****


शनिवार, 30 मई 2020

रेत में जन्मा नया नेता राकेश बिश्रोई




* करणीदान सिंह राजपूत *


इंदिरा गांधी नहर में से ऐटा-सिंगरासर माइनर निकाले जाने की मांग अब पूरे जोश में है तथा इसे इतनी ऊंचाई तक पहुंचाने वाले व्यक्ति राकेश बिश्रोई के नेतृत्व में अन्य छोटे-बड़े नेताओं को एक कतार में लगा दिया है। रेत के समंदर में शक्तिशाली शूर पैदा हो गया है जिसे सरकारी डंडे-गोली से रोका नहीं जा सकता।

राकेश बिश्रोई का झंडा सबसे ऊंचा हो गया है। अपनी मौत का संदेश देते हुए अभी तक इलाके का अन्य नेता आगे नहीं आया था। राकेश बिश्रोई ने ऐटा-सिंगरासर माइनर की मांग को जोर-शोर से उठाकर इलाके की राजनीति को गरमा दिया है।
राकेश बिश्रोई ने इस मांग को उठाया तो राजनीतिक दलों के नेता भी जुटे और कानौर हैड पर भाषण देने पहुंचने लगे। अभी तक सभी चुप्पी साधे बैठे सोये थे, अगर राकेश बिश्रोई इसे शुरू नहीं करता तो नेताओं की चुप्पी आगे के चुनाव पर जाकर टूटती।
इस मांग को और अधिक शक्तिशाली बनाने में बाकी नेताओं को लगे रहना होगा। अब भी वे खिसकने में रहे तो जनता से कटे हुए हैं तथा और दूर हो जाएंगे।
नेताओं के खतरा भांप कर खिसक जाने की प्रवृत्ति अच्छी नहीं है। कानौर हैड पर पहले नेताओं ने जोश भरे वक्तव्य दिए और पुलिस की कार्यवाही में केवल निर्दोष ग्रामीण किसान ही शिकार हुए। बड़े नेता वहां नहीं थे। पुलिस लाठी गोली बरसा रही थी तब नेता नहीं थे। अगर नेता वहां होते तो एक आध लाठी गोली उनके भी लगती।
मान लेते हैं कि पुलिस ने उन पर लाठी नहीं चलाई। यह भी मान लेते हैं कि लाठी गोली ही समझदार हो गई और स्वयं नियंत्रित हो गई और बड़े नेताओं की तरफ नहीं घूमी। लेकिन ये नेता इस घटना को अपने मोबाइल कैमरों में शूट तो कर लेते ताकि इसे कहीं भी उपयोग में लाया जा सकता। अखबारी प्रकाशन में भी ये तस्वीरें प्रकाशित हो पाती। दो दिन से अखबारों व चैनलों पर कहीं भी पुलिस लाठीचार्ज का फोटो नहीं है इसे क्या कहा जाए?
यह प्रमाणित करता है कि लाठीचार्ज के वक्त नेता वहां पर नहीं थे।नेता होते तो फोटो होता हरेक नेता के पास में शक्तिशाली मोबाइल फोन है और उनमें कैमरे भी। इन मोबाइलों के बिना बड़े छोटे नेता एक मिनट भी नहीं रह सकते। नेता वहां नहीं थे और जनता की पिटाई हुई। पहली लाठीचार्ज और गोली के बाद प्रशासन से वार्ता हुई जिसमें कौन-कौन नेता थे जो नेता दोपहर
में भाषण देने में आगे थे वे कहां चले गए थे?
नेताओं की सूझबूझ रही कि लाठीचार्ज व गोली के शुरू होने से पहले वे खिसक गए थे जिसे यह भी कह सकते हैं कि उनको अपने-अपने काम याद आ गए थे और वे भाषण देकर चले गए थे।
नेताओं कार्यकर्ताओं की करीब बीस गाडिय़ों को
लाठियां मार-मार कर क्षतिग्रस्त किया। ये गाडिय़ां काफी दूरी पर खड़ी थी। गाडिय़ों के ये मालिक टूटी गाडिय़ों को वहां से ले गए।
ये टूटी गाडिय़ां वहां रहनी चाहिए थी कि पुलिस व प्रशासन का रूप लोग देखते और इनके फोटो दूर के लोग देखते तो एक पक्का 

सबूत था। जहां जान की बाजी लगाकर राकेश बिश्रोई जमा था वहां पर उसकी कीमत के आगे गाडिय़ों की क्या कीमत थी?
प्रशासन ने पत्रकारों के कैमरे छीन लिए या दबाव से पत्रकारों ने सौंप दिए लेकिन मोबाइल फोन के कैमरों से पुलिस की लाठीचार्ज
का शूट तो किया जा सकता था और वे घिनौने कहे जाने वाले दृश्य आमजन के सामने आने चाहिए थे। कहीं न कहीं कमजोरी रही। अनेक बार अधिकारियों के साथ समझे जाने वाले दोस्ताना रिश्तों के कारण ये भूलें और गलतियां होती है और बड़े महत्वपूर्ण तथ्य छूट जाते हैं। एक पुरानी कहावत है कि सरकारी मशीनरी और
पुलिस किसी की भी नहीं होती। चाहे फिर किसी भी श्रेणी का पत्रकार व फोटो पत्रकार हो। बार-बार इसके उदाहरण
आंदोलनों में मिलते रहे हैं। पत्रकार फोटो पत्र7कारों के
पास साल के 365 दिन होते हैं और अधिकारियों के पास इस प्रकार के आंदोलनों, संघर्षों के चंद दिन। बस। बात इतनी सी है
कि पत्रकारों ने अपने-अपने संबंधों को मानते हुए जिस स्थान परस्वयं को स्थापित कर रखा है वहां से दूर हटकर अधिकारियों को बताते। चाहे कोई भी अधिकारी हो। पत्रकार देखें कि अधिकारियों ने जो व्यवहार किया उसकी रिपोर्ट व समाचार दबे-दबे क्यों छापे गए?
नेताओं कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों, किसानों को भी अपनी पीड़ाएं याद रखनी चाहिए। अधिकारी चाहे जिस विभाग का हो वक्त आने पर जब भी कार्यवाही की जरूरत हो तो उसे सबक सिखलाने में देरी न हो।
ऐटा-सिंगरासर माइनर का यह आंदोलन प्रशासन व पुलिस कार्यवाही से दबाया नहीं जा सकता। इसका लाभ जनता को मिलेगा इसी सोच से सभी दलों को लगना पड़ेगा।


14-3-2016.
अपडेट 8-2-2018
अपडेट 30 मई 2020.
********



गुरुवार, 28 मई 2020

लोकडाउन नियम तोड़ने पर प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं करने से कोरोना संक्रमण का खतरा सिर पर।


* करणीदानसिंह राजपूत *
कोरोना लोकडाउन नियमों के टूटने के समाचार रिपोर्टस और फोटोग्राफ्स पर
जनता,प्रशासन और मेरी  सोच मेल नहीं खाती।
गाइडलाइन टूटने जानबूझकर तोड़ने के समाचार रिपोर्टस और फोटोग्राफ्स छपने पर प्रशासन उसे शिकायत करना मान कर रद्दी में डाल देता है। एक से ज्यादा समाचार हो और अलग अलग लगातार लिखा तो पक्का मान लेता है कि यह तो शिकायती है। प्रशासन ही विभिन्न रूपों में लोकडाउन नियमों के पालन करने और तोड़ने पर कार्यवाही का प्रचार करता है। किसी भी समाचार को अनदेखा करना है तो बस उसे शिकायत मानकर और बताकर कार्यवाही नहीं करना। फोटोग्राफ्स तो पक्का प्रमाण होते हुए भी उस पर कार्यवाही नहीं करने की सोच ही बना ली जाए तो अधिकारी की कलम नहीं चलती। कानून तोड़ने वालों पर लिखना छापना नकारात्मक बता दिया जाता है जबकि वह कानून के पक्ष में होता है। प्रशासन की यह नीति किसी न किसी कानून तोड़ने वाले को दंडात्मक कार्यवाही और मुकदमे से बचाने की होती है जिसका दुष्परिणाम क्षेत्र के लोग भोगते हैं।
गाइडलाइन टूटने जानबूझकर तोड़ने के समाचार रिपोर्टस और फोटोग्राफ्स छपने पर जनता का दृष्टिकोण होता है। फालतू है। कुछ नहीं होने वाला।होगा तब देखा जाएगा। ऐसे नियम तोड़ने की प्रक्रिया चलती रहती है। प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं होती तब नियम तोड़ने वालों की संख्या भी बढने लगती है।
नियम कानून टूटने पर खतरा मानते हुऐ मैं या और पत्रकार भी समाचार रिपोर्ट्स फोटोग्राफ्स छापते हैं और बार बार भी छापते हैं। प्रशासन द्वारा शिकायतें बता कर कार्यवाही नहीं करने और जनता की ओर से बेवकूफी लापरवाही और नियम तोडे़ जाने पर मन में मान लेते कि हमने तो अपना फर्ज पूरा किया। अब जो होगा सो होगा। इसके आगे पत्रकार क्या करेगा?
अब कोरोना संक्रमण रोकने बचाव रखने के नियम कानून टूटने के बाद जब कहीं संक्रमण की घटना सामने आती है या मामले बढते हैं तब प्रशासन की भागदौड़ और जनता की परेशानी शुरू होती है। जब दुष्प्रभाव पड़ जाता है तब प्रशासन और जनता अपना दृष्टिकोण बदलने को मजबूर होते हैं।
प्रशासन की अनदेखी लापरवाही और कर्तव्य को पालन नहीं करने की उदासीनता से कोरोना संक्रमण का कहां कब हो जाए।
***
करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़. राजस्थान
94143 81356.
----------------------



श्रीगंगानगर में मां बाप बच्चा 3 कोरोना संक्रमित मिले: जवाहर नगर सेक्टर न-2 सील


श्रीगंगानगर 27 मई 2020.
कोविद-19 का गंगानगर में नया मामला जवाहर नगर के सेक्टर 2 में आज बाद दोपहर मिला जिसमें एक परिवार के तीन जने कोरोना संक्रमित मिले हैं। सेम्पल जांच में परिवार में माता पिता और एक बच्चा संक्रमित मिले।
जवाहर नगर में कोरोना की सूचना मिलते ही हरकत में आये पुलिस प्रसाशन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मोके पर पहुँच कर पूरे इलाके को सील करते हुए सेनेटाइज करवाया है।
कोरोना की चपेट में आने वाला यह परिवार 9-10 दिन पहले ही दिल्ली से श्रीगंगानगर लौटा था। पहले बच्चे की रिपोर्ट पोजिटिव की सूचना थी और कुछ समय बाद मां बाप की रिपोर्ट भी पोजिटिव की होने पर इलाके में परेशानी महसूस हो रही है।
यहां आने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके सैम्पल जांच के लिए लेब में भेजे गए थे। आज बाद दोपहर आई पोजिटिव रिपोर्ट ने सबसे पॉश इलाके को भी कोरोना प्रभावित क्षेत्र में ला खड़ा किया।**


बुधवार, 27 मई 2020

श्रीगंगानगर के जवाहर नगर में मिला कोरोना संक्रमित बच्चा:सेक्टर न-2 सील

श्रीगंगानगर 27 मई 2020.


 कोविद-19 का गंगानगर में तीसरा केस जवाहर नगर के सेक्टर 2 में आज बाद दोपहर मिला।

 इस पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। 

जवाहर नगर में कोरोना की सूचना मिलते ही हरकत में आये पुलिस प्रसाशन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मोके पर पहुँच कर पूरे इलाके को सील करते हुए सेनेटाइज करवाया है।

कोरोना की चपेट में आने वाला कोई व्यक्ति नही अपितु एक 19 महीने का बच्चा है जो 9-10 दिन पहले ही अपने परिवार के साथ दिल्ली से श्रीगंगानगर लौटा था। 


यहां आने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसके भी सैम्पल जांच के लिए लेब में भेजे गए थे। आज बाद दोपहर आई पोसिटिव रिपोर्ट ने सबसे पॉश इलाके को भी कोरोना प्रभावित क्षेत्र में ला खड़ा किया।**





सोमवार, 25 मई 2020

सिंचाई विभाग में गड़बड़:बजट प्रावधान होते किसानों द्वारा चंदे से काम क्यों?सरकार की छवि होती है खराब.सीएम को मामला प्रेषित.


* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान के नेशनल कांग्रेस वर्कर्स कमेटी के राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर मोहन लाल बंसल (श्रीगंगानगर) ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सिंचाई विभाग में नहरों पर होने वाले मरम्मत कार्यों में बजट गड़बड़ी पर ध्यान आकर्षित करने के लिए पत्र मेल किया है।

सिंचाई विभाग और सिंचाई व्यवस्था के अनुभवि बंसल ने राजस्थान पत्रिका श्रीगंगानगर एडिशन में  25 मई 2020 को पृष्ठ 5 पर छपी विशेष रिपोर्ट को भेजा है जो जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ से संबंधित है।

 मुख्यमंत्री का विशेष ध्यान आकर्षित कर अनुरोध किया है कि जब फसलों के सालाना का कुल आबियाना प्राप्त राशि का 42.5% राशि Water user associations को,5% राशि Distributory commette को, व 2.5% राशि project commette के बैंक खातों में विभाग द्वारा हर साल इसलिए जमा करवाई जाती है कि वे अपने अधीन नहर सेक्शन में Water discharge Proper & Safe  flow के लिए repair & mentainnance व वक़्त जरूरत petty Contingencies के काम सरकारी एजेंसी जेईएन एईएन एक्सईएन से दफ्तरी कार्यवाही एस्टीमेट बनाना मंजूर करना टेंडर लगाना पूरी करवा कर अफसरों की देखरेख में ही काम करवा सकें।


जबकि पत्रिका न्यूज़ में बताए अनुसार WUA अध्यक्ष का बजट ना होना बोलने पर, नहर के किसानों द्वारा चन्दा इकट्ठा कर, मौके पर  WUA,JEn,AEn,XEn की गैर मौजूदगी में  खुद के स्तर पर ही काम करवाना,पूरी तरह से गैर कानूनी है।

यदि यह सही है तो सरकारी राशि देने के बावजूद, किसानों का चन्दा इकट्ठा कर विभाग की नाक के नीचे ,खुद जेसीबी से काम करवाने वाली न्यूज़ से आम जनता में सरकार के खिलाफ बहुत Negative message जाता है जो नाकाबिले बर्दाश्त है।

मुख्यमंत्री से इसकी जांच करवाने और जांच में दोषी सिद्ध होने वालों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्यवाही निलंबन आदि करने का आग्रह किया है।

****


सूरतगढ़ में कौन तुड़वा रहा है लोकडाउन?कौन उड़वा रहा है कानून की धज्जियां?




* करणीदानसिंह राजपूत*


कोरोना वायरस संक्रमण रोकने और बचाव करने के लॉकडाउन कार्यकाल में केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार की गाइडलाइन घोषित है और समझा जाना चाहिए कि हर व्यक्ति इसका जानकार है।

 सूरतगढ़ में गाइडलाइन का उल्लंघन कौन करवा रहा है?कौन तुड़वा रहा है और किसके इशारे पर कानून तोड़े जा रहे हैं? या यह समझा जाए कि कानून के पालन करवाने वाले लापरवाही में अनदेखी कर रहे हैं जिससे यह सब हो रहा है।

लॉकडाउन गाइड लाइन में 6:00 बजे बाजार बंद का नियम बनाया हुआ है। गाइडलाइन में स्पष्ट है कि शाम के 7:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक कोई भी अपने घरों से बाहर नहीं निकलेगा। ऐसी स्थिति में सूरतगढ़ में इसका पालन क्यों नहीं हो रहा है? नागरिक प्रशासन और पुलिस दोनों पर गाइडलाइन पालन कराने का दायित्व है। 

शाम 7:00 बजे के बाद बैंकों के एटीएम पर लोग पैसे निकलवाने के लिए पहुंचते हैं। यह लोग पहले क्यों नहीं पहुंच सकते?

इन कानून तोड़ने वालों के कारण एक और बखेड़ा हो रहा है। राठी स्कूल के पास और एसबीआई बैंक (पुराने बस अड्डे के पास ) शाम को 6:00 बजे के बाद फल सब्जी के बाजार सजने लगे हैं। इन दोनों स्थानों पर एटीएम है और आश्चर्य यह है कि रात के 8-9 बजे तक वहां फलों सब्जियों की रेहड़ियों की भरमार रहने लगी है।

जो वीआईपी लोग रात को कानून तोड़कर बाहर निकलते हैं एटीएम पर पहुंचते हैं उनके लिए यह बाजार सजते हैं। कोई रोक-टोक नहीं है। कई दिनों से यह देखा जा रहा है।इसके अलावा जब यह नियम बन चुका है कि रात को कोई शाम के 7:00 बजे बाद नहीं निकलेगा तो अनेक लोगों को सड़कों पर घूमने दौड़ लगाने की अनुमति कौन दे रहा है? क्यों नहीं रोका जा रहा ?ये वीआईपी लोग जानबूझकर नियमों को तोड़ रहे हैं और पालन करवाने वाले जांच के लिए निरीक्षण के लिए 6:00 बजे के बाद 7:00 बजे से लेकर 9:00 बजे तक बाजारों में भ्रमण करके देखें की क्या की क्या देखें की क्या की क्या स्थिति है?

मोहल्लों में 6:00 बजे के बाद भी 8:00 बजे तक सब्जियों फलों की रैलियां कैसे घूम रही है? क्यों नहीं रोका जा रहा? 7:00 बजे के बाद जब घरों से बाहर निकलना बंद है तब अनेक मोहल्लों में सड़कों के किनारों पर 5 से अधिक लोग बतियाते हुए बिना मास्क के दिखाई देते हैं। इनको अपनी परवाह नहीं है मगर शहर में दूसरे लोग जो नियमों का पालन कर रहे हैं उन पर भी अनहोनी घटित हो सकती है। 

गाइडलाइन में 10 वर्ष तक के बच्चों का घरों से बाहर निकलना,बाजार में निकलना बंद है, मगर मोहल्लों से निकलकर छोटे बच्चे भयानक दोपहरी में बाहर घूमते दिखाई देते हैं या फिर शाम के 6:07 बजे बाजारों में भी घूमते दिखाई देते हैं। इनके लिए कोई रोक-टोक क्यों नहीं है?यह बच्चे मोहल्लों से निकलकर बाजार तक पहुंचते हैं। इन्हें मोहल्लों में ही रोका जाना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। जिन घरों से यह बच्चे निकलते हैं उनके आसपास के समझदार लोग भी मोहल्लों के अंदर इनके मां-बाप को को इसलिए नहीं समझाना चाहते कि अनावश्यक विवाद हो जाएगा। सभी जानते हैं कि अड़ोस पड़ोस के लोगों से समझाइश नहीं हो सकती। 

कुछ हद तक कानून का डंडा ही समझा सकता है।ऐसी स्थिति में पुलिस का बाजारों में गलियों में गश्त करना जरूरी है और केवल गस्त ही नहीं कार्यवाही भी की जानी चाहिए। बिना कार्यवाही के लोग मानने वाले नहीं हैं। पुलिस के बीट कांस्टेबल को भी मोहल्लों में भेजा जाना चाहिए ताकि किन-किन स्थानों पर लोग बाहर निकलते हैं बिना मास्क के  निकलते हैं,शाम के 7:00 बजे से सुबह 7:00 बजे के बीच में निकलते हैं,यह मालूम करके और वहां पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

कुछ लोगों की सुख सुविधा के लिए पूरे शहर के जनता के लिए नियमों का पालन करवाया जाना जरूरी है। जो लोग अपने को बड़ा समझते हैं,कानून तोड़ते हैं,कानून को मजाक समझते हैं, उनको सही स्थान यानी कानून के पास पहुंचाया जाना बहुत जरूरी है।** करणी दान सिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार,( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़।

( ब्लॉस्ट की आवाज दि 25 मई 2020.कापी नहीं करें। ( ब्लॉस्ट की आवाज नेट पर भी उपलब्ध है)




रविवार, 24 मई 2020

पुलिस अनुसंधान में कितने कैसे होते हैं अधिकारियों के दबाव-विष्णुदत्त बिश्नोई की दबाव से आत्महत्या।


* करणीदानसिंह राजपूत *


+अभी तक और जो सुसाइड नोटों से पहली नजर में आता है कि अपराधों के इन्वेन्स्टिगेशन अनुसंधान में विष्णु दत्त पर दबाव रहे।
1-अपराधों के अनुसंधान पर निर्देशन डिप्टी( उप अधीक्षक पुलिस) का चलता है। डिप्टी के पास ही समीक्षा होती है और अदालत में पेश करने की चार्ज शीट भी डिप्टी ही मंजूरी देता है।
सारे इन्वेन्स्टिगेशन पर डिप्टी का पूरा नियंत्रण रहता है। डिप्टी के दिशा निर्देश को ही मानते हुए अनुसंधान अधिकारी को चलना होता है। वह डिप्टी के निर्देश जो की मौखिक ही होते हैं,के विपरीत चल नहीं सकता। यह दबाव होता है।
2-पेंडिंग व कई प्रकार के और अनुसंधान पर एसपी का निर्देश चलता है। एसपी के यहां क्राइम मीटिंग (समीक्षा) होती है,कमसे कम माह में एक समीक्षा बैठक तो होती ही है। एसपी का निर्देश आदेश पालन करते हुए अनुसंधान करना होता है। एसपी के निर्देश के विपरीत अनुसंधान अधिकारी जा नहीं सकता। यह दबाव रहता है।
3-डिप्टी और एसपी दोनों को हर केस का मालूम होता है।
4- सत्ता, पैसा,राजनीति आदि के शक्तिशाली ऊंचे पदों पर संपर्क करते हैं और वहां से दबाव अनुसंधान अधिकारी पर डलवाते हैं।
5- सरकार,प्रतिपक्ष, पुलिस का कांस्टेबल से लेकर महानिदेशक तक, वकीलगण,और न्यायप्रक्रिया के हर संबंधित लोग इस प्रकार के दबाव को जानते हैं।कोई भी अनजान अनभिज्ञ नहीं है। कोई अनुशासन के दबाव में नहीं बोलता तो कोई अपने रोजगार के नाम पर नहीं बोलते।
6-विष्णु दत्त के विभिन्न अनुसंधान जो हो गए और जो थाने में पेंडिंग हैं पर भी डिप्टी और एसपी दोनों को मालूम होगा कि कौनसे मामलों में थानाधिकारी पर इतना क्रूर दबाव था? नहीं मालूम वाली स्थिति हो ही नहीं सकती।
7- जांच में दबाव का खुलासा हो सकेगा। यह उम्मीद की जा सकती है।
लेकिन क्या राजस्थान का पुलिस विभाग बिना दबाव के सही जांच कर पाएगा? सही जांच के लिए हाल के अधिकारियों को वहां से हटाना भी संभव है ताकि वे जांच को प्रभावित नहीं कर सकें।
8-न्यायिक जांच और सीबीआई जांच में भी क्या अंतर है यह जानना चाहिए। दोनों ही जांचे सरकार ही करवाती है। केन्द्र सरकार इस मामले को सीधे ही सीबीआई को नहीं सौंपती। राज्य सरकार केन्द्र सरकार से सीबीआई जांच की मांग करती है। सीबीआई जांच में संबंधित अपराधियों को गिरफ्तार करने का अधिकार होता है। संपूर्ण जांच के बाद गिरफ्तारी या पहले भी हो सकती है तथा गिरफ्तारी के बाद आगे का अनुसंधान चलता है।
न्यायिक जांच पूर्ण होने पर राज्य सरकार को सौंपी जाती है। सरकार उस पर निर्णय करती है या नहीं भी करती। सरकार चाहे तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक भी नहीं की जाती। कार्यवाही करना तो दूर की कौड़ी होती है।
अनेक सालों में मामलों में जो होता रहा है।उसी की जो जानकारी मुझे है,उसी को यहां लिखा है। कहीं मामूली अंतर हो सकता है।
मैं चाहता हूं कि पुलिस,वकील, राजनीतिक लोग,सभी पढें।
राजगढ़ अपराध और राजनीति का 50 सालों से भी अधिक समय से गढ रहा है।
विष्णुदत्त बिश्नोई पर दबाव रहे और डीएसपी एसपी को मालूम नहीं हो,यह बात जंचती नहीं है। अनेक मामलों में पुलिस महानिदेशक, गृहमंत्री तक का दबाव रहता है। इन दबावों से अपराधियों को बचाने के लिए मुकदमों का रूप ही बदलवा दिया जाता है। अनुसंधान अधिकारी कितने दबाव में कितने तनाव में यह करने को मजबूर होता है? विष्णुदत्त बिश्नोई की आत्महत्या से बड़ा कोई प्रमाण नहीं हो सकता।
अभी गृहमंत्रालय मुख्यमंत्री आशोक गहलोत के पास ही है। मुख्यमंत्री को बिना विलंब के यह जांच सीबीआई से करवाने का निर्णय ले लेना चाहिए।
दि. 24 मई 2020.+

* करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

सूरतगढ़

9414381356.

*******

राजस्थान-सतर्क है-बेहतर क्वारेंटाइन सुविधाओं के साथ की जा रही मानसिक काउंसलिंग: स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा.


* करणीदानसिंह राजपूत*

श्रीगंगानगर-जयपुर, 23 मई 2020.


 चिकित्सा मंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले प्रत्येक प्रवासी राजस्थानी और कामगारों का मेडिकल चैकअप के साथ उन्हें बेहतरीन क्वारेंटाइन सुविधा देकर मनोचिकित्सकों द्वारा उनकी काउंसलिंग भी करवाई जा रही है, ताकि वे किसी भी तरह का तनाव महसूस ना करें।

 स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में करीब 10 लाख प्रवासी राजस्थानी और श्रमिक राज्य में आए हैं। इनमें से करीब 7.25 लाख लोगों को होम क्वारेंटाइन मेें रखा गया है जबकि 10 हजार संस्थागत क्वारेंटाइन सेंटर्स में करीब 34 हजार लोगों को रखा गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी सेंटर्स में खाने-पीने से लेकर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।


*बेहतर सुविधाओं के लिए बनाई 3 स्तर पर कमेटी*


 डाॅ. शर्मा ने बताया कि बाहर से आने वाला प्रत्येक प्रवासी राजस्थानी या श्रमिक क्वारेंटाइन सेंटर्स के प्रोटोकाॅल का पालन करें और सुविधाओं से लाभान्वित हों,इसके लिए 3 तरह की कमेटियों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत, उपखंड मुख्यालय और जिला स्तर पर कमेटी बनाकर काम किया जा रहा है, ताकि अप्रवासियों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो।


*प्रतिदिन ली जा रही है रिपोर्ट, दिए जा रहे हैं निर्देश*


 डाॅ़. शर्मा ने बताया कि ग्राम 3 स्तर पर बनी कमेटियों में पंचायत के सरपंच, पूर्व सरपंच, प्रधानाध्यापक, ग्राम सेवक, पटवारी, एनजीओ, समाजसेवियों के अलावा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। प्रतिदिन इन कामों की माॅनिटरिंग की जाकर पल-पल पर नजर रखी जा रही है। प्रतिदिन वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए जाते हैं ताकि कोई भी व्यक्ति क्वारेंटाइन पीरियड का उल्लंघन ना करे। 


*17 जिलों से मिले 1300 प्रवासी पाॅजीटिव*

 चिकित्सा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 2600 लोग कोरोना पाॅजीटिव चिन्हित किए गए हैं, इनमें से 1300 से ज्यादा से बाहर से आने वाले प्रवासी हैं। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर, सिरोही, पाली, जालौर, बीकानेर सहित 17 जिलों में 1300 से ज्यादा पाॅजीटिव केसेज आए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पाॅजीटिव केसेज की तादात में और भी इजाफा हो सकता है लेकिन सभी लोग यदि क्वारेंटाइन पीरियड को अनुशासन से बितायें तो कोई भी परेशानी नही होगी। 


*होम क्वारेंटाइन में भी रखी जा रही है नजर*


 उन्होंने बताया कि होम क्वारेंटाइन के लिए 14 दिनों तक घर में रहने और प्रोटोकाॅल ना तोड़ने के लिए बाॅन्ड भरवाया जा रहा है। उसके दो पड़ोसियों को गवाह बनाया जाता है ताकि वे होम क्वारेंटाइन को तोड़ ना सकें। किसी को भी क्वारेंटाइन प्रोटोकाॅल तोड़ने पर संस्थागत क्वारेंटाइन में भी भेज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि डीओआईटी के साॅफ्टवेयर के द्वारा भी होम क्वारेंटाइन पर नजर रखते हैं। इससे हमें पता चल जाता है कि किस व्यक्ति ने कितनी बार प्रोटोकाॅल को तोड़ा है। 

* जांच क्षमता में हुआ लगातार इजाफा*


 डाॅ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में दिनोंदिन टेस्टिंग क्षमता में इजाफा किया जा रहा है। जब प्रदेश में पहला पाॅजीटिव केस आया था तब प्रदेश में जांच सुविधा तक नही थी। आज प्रदेश भर में 16000 से ज्यादा जांचें प्रतिदिन की जा रही हैं। आने वाले दिनों में इसे 25000 तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैंपलिंग के मामलों में भी देश चुनिंदा राज्यों में शामिल है। प्रदेश में अब तक लगभग 3 लाख सैंपल किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मृत्युदर भी राष्ट्रीय दर के मुकाबले काफी कम है। प्रदेश में महज 2.36 प्रतिशत है। 


*क्वारेंटाइन सुविधाओं के लिए राज्य सरकार है संवेदनशील*

 उन्होंने कहा कि क्वारेंटाइन व्यवस्थाओं के लिए राज्य सरकार बेहद संवेदनशील हैं। स्वयं मुख्यमंत्री सभी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इन सुविधाओं के क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती वीनू गुप्ता को इसका प्रभारी बनाया गया है व प्रति दो जिलों पर एक आईएएस अधिकारियों को निगरानी के लिए लगाया गया है। प्रदेश में आने वाले किसी भी प्रवासी को संस्थागत क्वारेंटाइन में किसी भी तरह की कोई परेशानी नही होनी दी जा रही है।**

( राजस्थान सूचना एवं जनसंपर्क)




शनिवार, 23 मई 2020

ईमानदार पुलिस अधिकारी विष्णु बिश्नोई ने आत्महत्या क्यों की?सुलगते सवालों पर पुलिस के बयान का इंतजार



*सीएम अशोक गहलोत के बयान का इंतजार। गृहमंत्रालय है अशोक गहलौत के पास*
*क्राइम ब्रांच को दी गई मामले की जांच*
*रायसिंहनगर के लूणेवाला गांव के रहने वाले थे। गांव में माता पिता और एक भाई रहते हैं। आत्महत्या नोट मिला है जिसमें पिता से माफी मांगी है। इस बारे में कोई विस्तृत खबर नहीं है।*
SP क्राइम विकास शर्मा जांच के लिए जयपुर से हुए रवाना ADG BL सोनी कर रहे मामले की मॉनिटरिंग
राजगढ़ एसएचओ विष्णुदत्त बिश्नोई का शव उनके सरकारी क्वाटर में पंखे से बंधे फंदे में लटकता हुआ मिला।
पुलिस अधिकारी के निधन पर पूरे राजगढ़ में शोक की लहर, व्यापारी सहित आमलोग सड़कों  पर उतरे।
डीजीपी भूपेन्द्रसिंह ने तत्काल ADG राजीव शर्मा को को चुरू जाने के दिए निर्देश, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली के नेतृत्व में धरना शुरू हुआ।
बीकानेर संभाग से पुलिस मुख्यालय तक दुखद घटना पर शोक की लहर, पुलिस विभाग के उच्चधिकारी मौके पर पहुंचे, पूर्व विधायक न्यांगली ने सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, हनुमान बेनीवाल ने भी सीबीआई जांच की मांग की है।
सड़को पर उतरे व्यापारियों ने सीआई विष्णुदत्त बिश्नोई को बताया राजगढ़ का भगवान, वाकई ऐसे काबिल अधिकारी द्वारा आत्महत्या करने का कदम उठाना बड़ी साजिश से नहीं कम की चर्चाएं तेज।
वरिष्ठ अधिवक्ता गोरधनसिंह ने सोशल मीडिया पर स्क्रीन शॉट किए सीआई विष्णुदत्त बिश्नोई से चेटिंग के वायरल, आखिर क्या है पूरा रहस्य?
पुलिस विभाग में उनकी योग्य व साफ सुथरी छवि थी।
पुलिस विभाग की कार्यशैली पर उठने लगे सवाल, DGP खुल पूरे  मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
एक दबंग पुलिस अधिकारी का फंदे पर लटक जाना, कई सवाल खड़े कर रहा है।
राजस्थान के चुरू जिले के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्रोई का शव शनिवार को उनके सरकारी आवास पर फांसी के फंदे पर लटका मिला है। जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। हालांकि यह मामला संदिग्ध दिखता नजर आ रहा हैं, क्योंकि एक दबंग पुलिस अधिकारी का फंदे पर इस तरह लटकना पुलिस विभाग ओर राजस्थान में गृह विभाग संभाले सीएम अशोक गहलौत पर सवाल खड़े करता है।
थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्रोई पिछले कुछ समय से तनाव में चल रहे थे। आत्महत्या के क्या कारण थे इसकी भी जांच का इंतजार है। इस मामले की सूचना मिलते ही बीकानेर संभाग के आईजी जोस मोहन भी राजगढ़ के लिये रवाना हो गये।
*विधायक कृष्णा पूनियां के खिलाफ नारेबाजी*
थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्रोई की आत्महत्या की खबर फैलते ही राजगढ़ के व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता थाने के बाहर पहुंचे ओर विधायक कृष्णा पूनियां के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिससे साफ जाहिर होता कुछ न कुछ राजनीतिक कनेक्शन तो रहा होगा, इस सबके पीछे। तो वहीं दूसरी ओर पूर्व विधायक मनोज न्यांगली भी थाने पहुंचे ओर सीबीआई जांच की मांग की।
*- सादूलपुर में पोस्टिंग को लिया चैलेंज के रूप में*
पोस्टिंग के समय एक रिपोर्टर द्वारा लिये गये साक्षात्कार में थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्रोई ने बताया था कि राजगढ़ में अपराध का ग्राफ चरम सीमा पर हैं ओर यह एरिया बदनाम होता जा रहा है। इसलिये पुलिस विभाग के उच्चधिकारियों ने मुझेवं यहां लगाया हैं, इसलिये मैं प्रयास करूगां कि इस क्षेत्र से बदनामी के नाम का धब्बा लगा हैं वह हटे। इसके लिये प्रयास करूगा।
*- सांसद हनुमान बेनीवाल ने घेरा गहलोत को*
राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्रोई के सरकारी आवास पर फांसी के फंदे पर लटकने के मामले को लेकर सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान की गहलोत सरकार को घेरा है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपने फेसबुक पेज पर गहलोत सरकार के बारे में लिखा हैं कि आपके पुलिस विभाग के एक थानाधिकारी ने आत्महत्या कर ली हैं ओर यह सिस्टम पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है। जांच सीबीआई को देकर मामले में आप स्वयं वक्तव्य जारी करें, क्योंकि गृह विभाग भी आपके पास है। उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत को लिखा है कि गृह विभाग का मोह त्याग कर यह जिम्मा किसी काबिल जनप्रतिनिधि को दे देना चाहिये।
*- संभाग के कई थानों में रहे, अपराधियों में था भय*
राजगढ़ के थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्रोई बीकानेर संभाग के कई जिलों में कार्यरत्त रहे, वे बीकानेर, संगरिया से लेकर जयपुर तक में कार्यरत रहे थे।अपराधी उनके नाम से कांपते थे। हनुमानगढ़ के संगरिया में उन्होंने अपराधियों के अवैध धंधे तक बंद करा दिये थे।थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्रोई ने 3 नवंबर 1997 को पुलिस सेवा ज्वाईन की, जिसमें उनकी पोस्टिंग जयपुर, बीकानेर सहित कई थानों में रही। उनकी सेवाकाल को करीब 23 साल हो गये थे। गौरतलब हैं कि उनके दो बच्चे है, एक बेटा ओर एक बेटी।
*- केन्द्रीय मंत्री से लेकर कई सांसदों ने जताया शोक*
थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्रोई के दबंगई ओर ईमानदारी के चर्चे पूरे संभाग मे चर्चित थे ओर वे हर किसी के चहेते थे। लेकिन जब उनकी मौत की खबर फैली तो चहुंओर से शोक जताने के लिये हर कोई आगे आया। इसी क्रम में केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, सांसद हनुमान बेनीवाल, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली सहित कई नेताओं ने चुरू जिले के ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी ओर राजगढ़ एसएचओ श्री विष्णुदत्त
बिश्रोई के निधन पर शोक जताया है।००

राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधायक राजकुमार गौड़ से श्रीगंगानगर का हाल-चाल जाना


* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर 23 मई 2020।

लॉकडाउन में आमजन को हो रही परेशानी ओर व्यापक चिकित्सा एवं अन्य सेवाओं के बेहतर संचालन की जानकारी लेने के लिए राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने श्रीगंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड़ को फोन किया ओर जानकारी ली। 

राज्यपाल ने विधायक श्री राजकुमार गौड़ से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा ओर हालचाल जाना। वहीं  राज्यपाल ने विधायक गौड़ से श्रीगंगानगर जिले के बारे जानकारी लेते हुए आमजन को सरकार की ओर से मिल राहत सेवाओं के बारें में भी पूरी जानकारी ली। 

श्रीगंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड़ ने उन्हें बताया कि श्रीगंगानगर जिले में जिला प्रशासन पूरी तरह सचेत हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीमें हर स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रही है, उसी के साथ-साथ श्रीगंगानगर के समाजसेवी ओर समाजसेवी संस्थायें भी जिला प्रशासन के साथ मिलकर जरूरतमंदों तक राशन किट और  भोजन  पहुंचा रही हैं, जिससे इस मुश्किल समय में सबको भोजन मिल रहा है।

विधायक ने बताया कि वर्तमान में श्रीगंगानगर जिले में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। राज्य सरकार ने पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र परिवारों को हर बार गेहूं उपलब्ध करवाया जा रहा है। अतिरिक्त गेहूं भी दिया गया है। 

राज्यपाल ने विधायक श्री गौड़ से कहा कि क्षेत्र में कोई समस्या आ रही हो तो बताएं ताकि किसी तरह मदद की जा सके। गौरतलब हैं कि राज्यपाल कलराज मिश्र से पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, स्वास्थ्यमंत्री रघु शर्मा, स्वास्थ्य राज्यमंत्री सुभाष गर्ग भी गत दिनों श्रीगंगानगर जिले के बारे में विधायक श्री राजकुमार गौड़ से बातचीत कर चुके हैं ओर उनके माध्यम से हालात पर ध्यान रखे हुए है।००



शुक्रवार, 22 मई 2020

श्रीगंगानगर से बिहार पूर्णिया के लिए विशेष रेल 24 मई को जाएगी-एसडीएम से संपर्क किया जाए.


* करणीदानसिंह राजपूत *


श्रीगंगानगर से बिहार पूर्णिया के लिए विशेष रेल 24 मई को रात्रि 8 बजे जाना प्रस्तावित है. 

कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव के दौरान भारत सरकार द्वारा जारी लाॅकडाउन के तहत विभिन्न राज्यों के प्रवासी नागरिकों को अपने राज्यों में विशेष रेल से भिजवाने के क्रम में दूसरी विशेष श्रमिक रेल बिहार के लिए जाएगी। 

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने बताया कि श्रीगंगानगर से पूर्णिया (बिहार) के लिए विशेष रेल 24 मई 2020 को रात्रि 8 बजे जाना प्रस्तावित है। 

इस विशेष रेल में लगभग 1550 बिहार के प्रवासियों को भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इस क्षेत्र में रह रहे बिहार के प्रवासियों ने आॅनलाईन पंजीयन के अलावा संबंधित एसडीएम को भी अपने नाम सूचीबद्ध करवा रखे है, उन्हे भेजने की व्यवस्था की जाएगी। 

कोई भी प्रवासी सीधा रेलवे स्टेशन या जिला मुख्यालय पर नही आएंगे। संबंधित एसडीएम ही बसों द्वारा इन नागरिकों को गंगानगर तक लाएंगे। अगर कोई नागरिक सीधा गंगानगर पहुंच गया, तो उसे अन्त में प्रतीक्षा में रखा जाएगा, इससे अच्छा है कि संबंधित एसडीएम की सूची में शामिल होकर आए। 

बिहार के लिए हनुमानगढ, सीकर सहित अन्य जिलों से भी विशेष रेल जा रही है। 

कोई भी प्रवासी जल्दबाजी न करे, हडबडाहट न करे। इसके बाद भी रेलगाड़ियां उत्तर प्रदेश, बिहार व मध्य प्रदेश के लिए जाती रहेगी।

-----------


श्रीगंगानगर सहित बीकानेर रेल मंडल में आरक्षण केंद्र प्रारंभ-नाम व टाईम सूची

* करणीदानसिंह राजपूत *

 श्रीगंगानगर, 22 मई 2020. भारतीय रेलवे ने सभी जोनल रेलवे के आरक्षित टिकटों की बुकिंग हेतु रिजर्वेशन काउंटर को वहां की स्थानीय आवश्यकताओं  और शर्तों पर विभिन्न चरणों में खोलने का निर्देश दिया है। 

वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबन्धक श्री जितेंद्र मीणा ने बताया कि जोनल रेलवे के प्रिंसिपल चीफ कमर्शियल यह निर्णय लेंगे कि आवश्यकतानुसार कितनी संख्या में  रिजर्वेशन काउंटर खोले जाने हैं और उनका समय क्या रहेगा। इससे उन यात्रियों को फायदा होगा जो  ट्रेन से यात्रा के इंतजार में  काफी समय से इंतजार में हैं और लोक डाउन की स्थिति में यात्रा नहीं कर पा रहे है।

 भारतीय रेलवे एक जून से 200 नई स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन कर रहा है। आरक्षण काउंटर खोलने का निर्णय उन सभी यात्रियों और प्रवासी श्रमिकों के लिए रिजर्वेशन टिकट बुकिंग  करने  का आसान  तरीका  है। 

 इसके लिए कोविड -19  बीमारी  के फैलाव से बचने के सोशल डिस्टेंसिंग सहित सभी उपायों का पालन करते हुए आरक्षण  किया जाएगा। 

बीकानेर मंडल में भी उपरोक्त निर्देशानुसार मंडल के सभी डिस्ट्रिक्ट मुख्यालयों बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, हिसार, भिवानी,  सिरसा, फतेहाबाद, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ स्टेशनों पर रिजर्वेशन काउंटर 22 मई 2020 से प्रातः 8 बजे से 15-00 बजे तक  खोलने का निर्णय लिया है। 

(पीआरओ से )






अब रेलवे स्टेशनों पर करा सकेंगे टिकट बुकिंग-1.70 लाख कॉमन सर्विस सेंटरों व अन्य बुकिंग पर भी होगी सुविधा-


दि. 22 म ई 2020.

 *रेलवे की ओर से जून में कुछ और ट्रेनों के संचालन की भी घोषणा की जाएगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कई शहरों से रिवर्स बुकिंग भी शुरू हो गई है। इसका यह अर्थ है कि लोग अब काम पर लौटना चाहते हैं।*

रेलवे अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ने लगा है। शुक्रवार  22 म ई 2020 से देश के समस्त रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन टिकट की बुकिंग शुरू हो जाएगी। 


अगले दो से तीन दिनों में चरणबद्ध तरीके से काउंटर पर टिकटों की बुकिंग का काम शुरू किया जाएगा।

 इसके अलावा 1.7 लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स की भी शुरुआत की जाएगी। 

रेलवे ने 1 जून से देश में 200 गैर-एसी ट्रेनों के संचालन का फैसला लिया है। 

गुरुवार 21 म ई को सुबह 10 बजे शुरू हुई बुकिंग हुई के बाद महज ढाई घंटे में ही 4 लाख से ज्यादा टिकट बुक हो गए थे। शाम को 4 बजे तक 5,51,724 यात्रियों के लिए 237,751 टिकटों की बुकिंग हुई थी।

माना जा रहा है कि रेलवे की ओर से जून में कुछ और ट्रेनों के संचालन की भी घोषणा की जाएगी। 

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कई शहरों से रिवर्स बुकिंग भी शुरू हो गई है। इसका यह अर्थ है कि लोग अब काम पर लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि रिवर्स बुकिंग सकारात्मक संदेश है कि लोग अब काम पर वापस लौटना चाहते हैं और रेलवे इस काम में उनकी मदद करेगा। रेल मंत्री ने कहा कि यात्री शुक्रवार से 1.7 लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स पर टिकटों की बुकिंग करा सकेंगे।


उन्होंने कहा कि जल्दी ही कुछ और ट्रेनों के संचालन की भी घोषणा की जाएगी। रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘स्टेशन काउंटर पर बुकिंग के अलावा यात्री डाक घरों, यात्री टिकट सुविधा केंद्र और आईआरसीटीसी के आधिकारिक एजेंट्स से भी टिकट बुकिंग करा सकते हैं।’ गौरतलब है कि रेलवे की ओर से धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा रहा है। इससे पहले 12 मई से दिल्ली से देश के 15 शहरों के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था। यही नहीं एक राज्य से दूसरे राज्य तक मजदूरों को पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया जा रहा है।


गुरुवार, 21 मई 2020

स्पेशल 200 रेल सेवाओं का संचालन एक जून से-उप रेलवे की सूची. *आनलाइन आरक्षण की प्रक्रिया शुरू.


श्रीगंगानगर, 21 मई 2020.
रेलवे द्वारा 1 जून 2020 से श्रमिक स्पेशल रेलसेवाओं  के अतिरिक्त अन्य स्पेशल रेलसेवाओं का संचालन किया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अभय शर्मा के अनुसार इसी क्रम में उत्तर पश्चिम रेल सेवाओं का संचालन 1 जून 2020 से किया जाएगा।

गाड़ी संख्या 02463/64, जोधपुर- दिल्ली सराय रोहिल्ला-जोधपुर संपर्क क्रांति त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 02479/80,  बान्द्रा टर्मिनस-जोधपुर-बांद्रा टर्मिनस सूर्यनगरी एक्सप्रेस, प्रतिदिन, गाड़ी संख्या 02477/78, जोधपुर-जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस, प्रतिदिन, गाड़ी संख्या 02963/64, हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर-हजरत निजामुद्दीन मेवाड़ एक्सप्रेस, प्रतिदिन, गाड़ी संख्या 02955/56, मुम्बई सैन्ट्रल-जयपुर-मुम्बई सैन्ट्रल एक्सप्रेस, प्रतिदिन, गाड़ी संख्या 02307/08, हावड़ा-जोधपुर/बीकानेर-हावड़ा एक्सप्रेस, प्रतिदिन, गाड़ी संख्या 02555/56, हिसार-गोरखपुर-हिसार एक्सप्रेस, प्रतिदिन, गाड़ी संख्या 02916/15, दिल्ली-अहमदाबाद आश्रम एक्सप्रेस, प्रतिदिन, गाड़ी संख्या 02065/66, अजमेर-दिल्ली सराय रोहिल्ला-अजमेर जनशताब्दी एक्सप्रेस, सप्ताह में 5 दिन होगा।
उन्होंने बताया कि इन रेलसेवाओ की समय सारणी नियमित रेलसेवाओं  के अनुसार होगी। ठहराव व संचालन दिन नियमित रेलसेवाओं के अनुसार व डिब्बों की संरचना नियमित रेलसेवाओं के अनुसार होगी। इन रेल सेवाओं के लिए आॅनलाईन आरक्षण की प्रक्रिया गुरुवार 21 मई 2020 प्रातः 10 बजे से शुरू होगी।
-----------



बुधवार, 20 मई 2020

श्रीगंगानगर में ब्रह्म कालोनी में कर्फ्यू- तहसील रेड जोन में हुई.व्यावसायिक कार्य रेड जोन से चलेंगे।



* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 20 मई 2020.


+कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव 

श्रीगंगागनर शहर में कोरोना संक्रमण पाए जाने के कारण ब्रहम कोलोनी में एसडीएम ने लगाया कर्फ्यू।+

+जिला कलक्टर ने मौके पर जाकर सेनेटाईजेशन एवं कर्फ्यू की+ व्यवस्थाओं को देखा


कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव के दौरान श्रीगंगानगर के बसन्ती चौक एरिया  (ब्रह्म कोॅलोनी) में एक नागरिक कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने संक्रमित क्षेत्र का दौरा किया तथा लगाए गए कर्फ्यू की व्यवस्थाओं को देखा तथा उपखण्ड मजिस्ट्रेट श्री उम्मेद सिंह रतनू को आवश्यक निर्देश दिए। 

संक्रमित क्षेत्र में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सर्वे का कार्य प्रारम्भ करने के साथ-साथ क्षेत्र को सेनेटाइजेशन किया जा रहा है। संक्रमित व्यक्ति के परिवार के सदस्यों एवं जिस चालक के सम्पर्क में था संक्रमित व्यक्ति, इन सभी को आईसोलेशन में रखा गया है तथा इनके जांच नमूने लिए जाकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।

गाइडलाईन के अनुसार भारत सरकार के चिकित्सा एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाईन में वर्णित प्राॅटोकाॅल को सख्ती से लागू किया जाएगा।  चिकित्सा आपात स्थिति और आवश्यक वस्तुओं तथा सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के अलावा इस जोन के अन्दर या इसके बाहर आबादी का आवागमन नहीं  होगा। केंटेमेन्ट क्षेत्र में अत्यआवश्यक सेवाओं की आपूर्ति प्रशासन व पुलिस की देखरेख में की जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिधि नियंत्रण लागू होगा। 


*रेड जोन*


कोरोना संक्रमित आने के बाद तहसील गंगानगर रेड जोन में शामिल हो गई है, लेकिन कोरोना संक्रमित वार्ड में केंटेमेन्ट जोन, कर्फ्यू क्षेत्र के अलावा गतिविधियां शर्तो के साथ क्रियाशील रहेगी। महत्वपूर्ण एवं आवश्यक कार्यो से जुडे हुए विभाग कार्यालय पूर्ण क्षमता के साथ, अन्य कार्यालय अधिकारियों की पूर्ण क्षमता तथा 50 प्रतिशत स्टाॅफ के साथ, शेष स्टाॅफ वर्क फ्रोम होम के आधार पर कार्य करेंगे। वाणिज्यक एवं औद्योगिक प्रतिष्ठान को आवश्कता के अनुसार वर्क फ्रोम को प्रोत्साहित करना चाहिए। अन्य निजी कार्यालय 50 प्रतिशत स्टाॅफ के साथ एवं अन्य वर्क फ्रोम के आधार पर कार्य करेंगे। सार्वजनिक, सामुदायिक पार्क बंद रहेंगे। परिवहन में कोई वाणिज्यक यात्री वाहन बस, टैक्सी, रिक्शा, साईकिल रिक्सा अनुमत नहीं  है, विशिष्ट रूप से अनुमति प्रदान नही कर दी जाती। 

उपखण्ड मजिस्ट्रेट श्री उम्मेद सिंह रतनू ने बताया कि श्रीगंगानगर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी प्रकार का अतिआवश्यक सेवाओं को छोडकर आवागमन नही होगा। श्रीगंगागनर तहसील रेड जोन में आने कारण अब व्यावसायिक गतिविधियां रेड जोन के अनुरूप की जा सकेगी।




कोरोना से संबंधित सावधानियों को आम जीवन में ढ़ालना होगा-गाइडलाइन का पालन जरूरी-जिला कलक्टर


श्री गंगानगर 20 मई 2020.

 जिला कलेक्टर नकाते ने कहा  है कि कोविड-19 के दौरान आईसीएमआर की गाईडलाईन के अनुसार सावधानियों को आमजीवन में ढालना होगा, जिससे हम सुरक्षित रहने के साथ-साथ अन्यों को सुरक्षित रख पायेगें। 

सार्वजनिक स्थलों पर प्रत्येक नागरिक को मास्क का उपयोग करना होगा। उपयोग नही करने पर कार्यवाही होगी। 

सामाजिक दूरी को भी अपनी आदत में शामिल करना होगा। भीड़ वाले स्थानों पर ज्यादा जरूरी होने तक न जाये। 

अधिक उम्र के नागरिकों व बच्चों को घर पर ही रहना चाहिए। 

लाॅकडाउन के दौरान धारा 144 प्रभावी है। धारा 144 में पांच से अधिक नागरिक इकठ्ठे नही हो सकते। 

उन्होंने कहा कि सामान्य जीवन में प्रतिदिन अपने कार्यालय स्थल व सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के अलावा अन्य रोगियों का भी विशेष ध्यान रखना होगा। मातृ-शिशु सुरक्षा, टी.बी. के रोगियों, टीकाकरण, परिवार कल्याण के कार्यों को भी किया जाये। मोबाईल ओपीडी वैन के माध्यम से भी अधिकांश क्षेत्र को कवर किया जा सकता है। 

श्रीगंगानगर जिले में बाहर से आने वाले पर निर्देशानुसार जांच कार्यवाही हो- कलक्टर


श्री गंगानगर 20 मई ,2020. 

 जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद एम नकाते ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव के दौरान वर्तमान समय में बाहर से आ रहे प्रवासियों, आईएलआई के रोगियों तथा जेल बंदियों के अलावा फ्रंट लाईन में कार्य करने वाले वाॅरियर्स के जांच नमूने लिये जाकर जांच करवाई जाये। 

दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों को 14 दिन का पृथक वास की पालना कड़ाई से करवाई जाये। 


जिला कलक्टर  मुख्यमंत्री एवं जयपुर स्तरीय उच्च अधिकारियों की वीसी के पश्चात आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले नागरिकों की जांच के साथ-साथ उन्हें 14 दिवस का होम क्वारनटाईन किया जाये। अगर किसी नागरिक में कोई एक भी लक्षण है तो उनके नमूने अवश्य लिये जाये। होम क्वारनटाईन व संस्थागत क्वारनटाईन की कड़ाई से पालन सुनिश्चित की जाये।

 क्वारनटाईन की अवहेलना करने पर कानूनी कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क ग्रुप की सघन निगरानी की जाये। 

👌सूरतगढ़ में लोकडाउन नियमों में संपूर्ण बाजार खुला- गाइडलाइन में प्रतिबंधित दुकानें नहीं खुलेंगी.


* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 20 मई 2020.
प्रशासन और स्थानीय व्यापारी संगठन पदाधिकारियों की बैठक में कोरोना लोकडाउन -4 में गाइड लाइन की शर्तों पर संपूर्ण बाजार खोलने की सहमति हुई।
प्रशासन के साथ वार्ता में सुनील छाबड़ा ( पूर्व पार्षद) घनश्याम दास आहूजा ( संयुक्त व्यापार संघ)चन्दर जन्वेजा,वेद भूतना,ज्ञान बजाज
झमन जसूजा,कमल जसूजा ( सचिव थोक व्यापार संघ) आदि शामिल थे।मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि आज से पूरा बाज़ार खोल सकते है,
लेकिन नियमों का पालन करना  होगा। जो दूकानें, व्यवसाय आनुमत्त है वे ही खोले जा सकेगें। जिन पर रोक है वे खोलने की अनुमति नहीं है।
दुकानदार और ग्राहक दोनों के मास्क, निर्धारित दूरी,सेनेटाइजर का उपयोग आदि होना जरूरी होगा।
बाजार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही खुलेगा।
कानून की पालना में गड़बड़ी पर कार्यवाही होगी।***




श्रीगंगानगर में कोविड-19 जांच प्रयोगशाला स्थापित होगी-3 करोड़ 76 लाख रू स्वीकृत.

* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 20 मई  2020.

श्रीगंगानगर में कोविड-19 जांच प्रयोगशाला स्थापित होगी जिसके लिए 3 करोड़ 76 लाख रू  स्वीकृत किए गए हैं।

जिला कलक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं पीएमओ को निर्देश दिये है कि कोविड-19 के लिये स्वीकृत जांच लैब आगामी 10 दिवस में प्रारम्भ की जाये। 

इस प्रयोगशाला में  जांच से संबंधित सभी उपकरण मेडिकल काॅलेज बीकानेर के माध्यम से उपलब्ध होगें। उपकरण प्राप्त करने के कार्य में भी तेजी लाई जाये। जिला चिकित्सालय के फिजियोथेरेपी विभाग में कोविड-19 जांच लैब स्थापित होगी। डाॅक्टर सतीश को जांच का प्रशिक्षण देने के लिये बीकानेर भिजवाये गये है। ****




श्रीगंगानगर में बाजार पूरे खुलेंगे- प्रशासन व विधायक राजकुमार गौड़, व्यापारियों की वार्ता में तय.

* करणीदानसिंह राजपूत*

श्रीगंगानगर 20 मई 2020.

 शहर में अब दुकानें पूरी तरह से खुलेगी और अब अलग-अलग दिन दुकान खोलने का कोई नियम लागू नहीं होगा, लेकिन यह नियम तब तक ही रहेगा जब तक व्यापारी सरकार के आदेशों की पालना के अनुसार ही दुकानों पर मास्क सहित कोरोना वाइरस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था रखेगें। 

वह दुकानेें ओर संस्थान नहीं खुलेगें जो सरकार ने कोरोना वाइरस के चलते लॉकडाउन में पूरी तरह बंद करने के निर्देश दिये हुए है।

 यह बात आज बुधवार को एसडीएम उम्मेदसिंह रतनू ने व्यापारियों के शिष्टमंडल से कहीं, जो बाजार पूरी तरह खोलने की मांग को लेकर विधायक श्री राजकुमार गौड़ के नेतृत्व में आये थे। 

उन्होंने कहा कि मैंने आपकी बात जिला कलक्टर के समक्ष रख दी हैं ओर जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने भी पूरे नियमों ओर सर्तकता के साथ बाजार खोलने के निर्देश दे दिये है। नियमों का पालन करते हुए व्यापारी अपनी दुकानें खोल सकते है, लेकिन वह दुकानेें ओर संस्थान नहीं खुलेगें जो सरकार ने कोरोना वाइरस के चलते लॉकडाउन में पूरी तरह बंद करने के निर्देश दिये है।

 व्यापार मंडल के अध्यक्ष तरसेम गुप्ता ने बताया कि आज बुधवार को व्यापारियों का शिष्टमंडल श्रीगंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड़ के नेतृत्व में एसडीएम श्री उम्मेदसिंह रत्नू से मिला ओर विधायक श्री गौड़ ने व्यापारियों की मांग जिला प्रशासन के समक्ष रखी, जिस पर एसडीएम ने तुरंत मौके पर जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते से मोबाइल पर बात करके समस्या का हल करते हुए व्यापारियों को पूणर्तया: दुकाने खोलने के निर्देश दिये।

 गुप्ता का कहना हैं कि काफी दिनों से व्यापारी असमंजस की स्थिति में थे कि कौनसी दायी दुकान खोले ओर कौनसी बायी दुकान बंद करे ओर इस परेशानी को विधायक राजकुमार गौड़ के समक्ष रखा तो उन्होंने आज इस समस्या का निराकरण भी करा दिया। जिसके चलते अब व्यापारियों को राहत मिली है। 

विधायक राजकुमार गौड़ ने बताया कि गत दिनों व्यापारियों का शिष्टमंडल मुझसे मिला था ओर व्यापारिक समस्याओं से अवगत कराया था, जिस पर आज बुधवार को जिला प्रशासन से मिलकर दुकानें पूणर्तया: खुलवाने का निर्देश जारी कराकर व्यापारियों को राहत दिलवाई है। लेकिन यह राहत तब तक ही रहेगी जब तक सभी व्यापारी सरकार के आदेशों का पालन करते रहेगें।

 विधायक गौड़ ने कहा कि वह दुकानेें ओर संस्थान नहीं खुलेगें जो सरकार ने कोरोना वाइरस के चलते लॉकडाउन में पूरी तरह बंद करने के निर्देश दिये हुए है। वहीं उन्होंने बताया कि राज्य सरकार मजदूरों से लेकर व्यापारियों तक की परेशानी समझती है, तभी यह निर्देश जारी किये गये है। इस मौके पर एसडीएम उम्मेदसिंह रतनू, डीएसपी राहुल यादव, विधायक राजकुमार गौड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष तरसेम गुप्ता, व्यापारी नेता संदीप अनेजा, कृष्ण मील, राकेश शर्मा, सोनू अनेजा, राकेश कुमार, नरेश सेतिया, दीपक मिड्ढ़ा, विजय गुप्ता मौजूद थे।

(करणी प्रेस इंडिया




मंगलवार, 19 मई 2020

श्रीगंगानगर जिला-एसडीएम कराएंगे लाॅकडाउन 4 की पालना-बाजार बाबत निर्णय भी करेंगे * करणीदानसिंह राजपूत*


श्रीगंगानगर, 19 मई 2020. कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव के संबंध में राजस्थान सरकार के गृह विभाग द्वारा 31 मई 2020 तक लाॅकडाउन के दौरान जारी गाइडलाईन की पालना के लिए जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। 

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने बताया कि नई गाइडलाईन कोविड-19 के सामुदायिक संक्रमण के विरूद्ध सुरक्षा एवं सावधानियों तथा आजीविका सुनिश्चित करने हेतु जिले में आर्थिक गतिविधियों को पुनः प्रारम्भ करने के दोहरे सिद्धांतों पर आधारित है। गाइडलाईन के अनुसार दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 की पालना एवं नई गाइडलाईन के अनुसार अनुमत गतिविधियों के संचालन इत्यादि की जिम्मेदारी सबंधित उपखण्ड अधिकारियों को दी गई है। सायं 7 बजे से प्रातः 7 बजे तक सभी गैर आवश्यक गतिविधियों के लिए व्यक्तियों के आवागमन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। 

कार्यालयों, कार्यस्थलों, दुकानों, बाजारों, औद्योगिकी, वाणिज्यक प्रतिष्ठानों में काम, व्यवसाय के घण्टों में अन्तराल रखा जा सकता है या वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। सभी कार्यालय (दुकाने, कार्यालय, कारखाना आदि) सायं 6 बजे या इससे पूर्व बंद किये जाएंगे, ताकि इनका स्टाॅफ एवं अन्य व्यक्ति सांय 7 बजे तक अपने घर पहुंच जाये। विशेष परिस्थिति में इस समय पश्चात खोलने हेतु जिला प्रशासन से विशिष्ट स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। 

जिले में जो गतिविधियां निषिद्ध रहेगी

चिकित्सा सेवाओं, एयर एम्बूलेंस, सुरक्षा गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अनुमत उद्धेश्य को छोडकर घरेलू व हवाई यात्रा, मेस्ट्रो रेल आवागमन, सभी विद्यालय, महाविधालय, शैक्षणिक, कोचिंग संस्थान आदि बंद रहेगें। आॅनलाईन अध्यापन तथा डिस्टेंस लर्निंग की अनुमति रहेगी। 

स्वास्थ्य, पुलिस, सरकारी कर्मचारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, फंसे हुए व्यक्तियों सहित पर्यटकों के आवास के लिये तथा क्वारनटाईन सुविधा के लिये उपयोग में ली गई होटल एवं आतिथ्य सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी आतिथ्य सेवा निषिद्ध है। बस डिपों, रेलवे स्टेशन एवं हवाई अड्डों पर कैंटिन, सभी सिनेमा हाॅल, माॅल, शाॅपिंग माॅल, व्यायाम शालाएं, स्पोर्ट काॅम्पलेक्स, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार, आॅडिटोरियम, ऐसेम्बली हाॅल और सामान प्रकृति के स्थान बंद रहेगें। 

सभी सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन अकादमी, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रम तथा अन्य समारोह निषिद्ध है। सभी धार्मिक स्थल, पूजा स्थल जनता के लिये बंद रहेगें। सभी धार्मिक सम्मेलन पर पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। पान, गुटखा, तम्बाकू आदि का विक्रय प्रतिबंधित रहेगा। 

सामान्य सावधानियां

सार्वजनिक स्थानों पर एवं कार्य स्थलों पर चेहेरे पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा। चेहेरे पर मास्क नही पहनना जुर्माने से दण्डनीय होगा। सार्वजनिक व कार्यस्थलों पर थूंकना, जुर्माने से दण्डनीय होगा। सभी व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक स्थलों और परिवहन में सामाजिक दूरी (6 फिट, 2 गज की दूरी) की पालना की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर शराब, पान गुटखा, तम्बाकू का सेवेन पूर्णतयः प्रतिबंध है। 

जहां तक संभव हो घर से काम करने को व्यवहार में लाए, कार्य स्थलों के प्रभारी व्यक्तियों द्वारा श्रमिकों के बीच पर्याप्त दूरी, पारियों के बदलने पर तथा लंच ब्रेक में उपयुक्त अन्तराल के माध्यम से सामाजिक दूरी को सुनिश्चित किया जाए। सभी कोमन स्थानों पर थर्मल स्क्रीनिंग हैण्डवाॅश और सेनेटाइजर का प्रबन्ध किया जाए। कार्य स्थलों पर दरवाजों के हैण्डल आदि बार-बार सेनेटाइज करे। सभी नियोजनकर्ता व कार्मिक अपने मोबाईल फोन पर आरोग्य सेतु एप को इंस्टाल करने के लिए प्रेरित किये जाए। ( पीआरओ से प्राप्त)

( करणी प्रेस इंडिया)

-----------


सोमवार, 18 मई 2020

सूरतगढ़ नगरपालिका ईओ मिल्खराज चुघ से शहर को आशाएं* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन निदेशालय अपनी निजी एडवाइस से सूरतगढ़ में अधिशासी अधिकारी को पद स्थापित करे तो शहर की जनता को उम्मीद जागती है कि सही कार्य होंगे और जनता की बात सुनी जाएगी व कार्यों में भी पारदर्शिता रहेगी।

नगरपालिका सूरतगढ़ में अधिशासी अधिकारी के पद पर मिल्खराज चुघ को लगाया गया है। चुघ श्री गंगानगर नगर परिषद में कई साल कार्य करने के अनुभव रखते हैं। इसी पर ध्यान रख निदेशालय ने अपने विचार से यहां नियुक्त किया है।चुघ श्री गंगानगर के ही रहने वाले हैं। प्राय अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही हवा बहती है कि फलां ने नियुक्ति करवाई है, फलां लेकर आए हैं। चुघ के साथ यह हवा नहीं आई है।

नगरपालिका सूरतगढ़ घोटालों की नगरपालिका कही जाती है जिसके सबसे अधिक मामले शिकायतें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में रहती हैं। यहां के बारे में विचारवान लोगों का तो यह मानना है कि फाईलों पर स्वीकृति के हस्ताक्षर करने से पहले हर कागज की पड़ताल करली जाए खासकर पुरानी फाईलों की। फाईलों में प्राय अधिकारी कर्मचारी के पूर्ण हस्ताक्षर के बजाय इनीशियल( प्रथम अक्षर का ही होना गोलमाल करता है। जिसे प्रचलित बोली में सभी घुग्घी मारी कहते हैं)

यह सोच गलत भी नहीं है क्योंकि सरकारी अधिकारी की ही नौकरी खतरे में रहती है और वही परेशानियां भोगता है। इतिहास गवाह है की राजनेता और उनकी मित्रता जानकारी काम नहीं आती।

भू माफिया, पार्षदों के जानकारों की ठेकेदारियां आदि नगरपालिका को बदनाम करती रही हैं। 

नगरपालिका को साफ सुथरा रखना अधिशासी अधिकारी की ही प्रमुख जिम्मेदारी है,वही सरकार का प्रतिनिधि होता है और उसी के हस्ताक्षर की मान्यता है।

लोगों को जो उम्मीद है वह रहनी चाहिए।००

* करणीदानसिंह राजपूत* स्वतंत्र पत्रकार( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत) सूरतगढ़।




यह ब्लॉग खोजें