शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

लोकडाउन में वाधवा बंधुओं को टूर की इजाजत देने पर महाराष्ट्र के गृह सचिव को हटाया गया।


*डीएचएफएल और यस बैंक से जुड़े घोटालों में आरोपी कपिल और धीरज वाधवा 8 मार्च को परिवार के साथ 5 गाड़ियों में मुंबई से सतारा स्थित फार्म हाउस पहुंचे थे।*

10 अप्रैल 2020.

महाराष्ट्र सरकार ने वाधवा बंधुओं को लॉकडाउन के दौरान मुंबई से बाहर जाने के लिए पास जारी करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अफसर को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया।

 महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा के बाद विशेष मुख्य सचिव अमिताभ गुप्ता को तत्काल छुट्टी पर भेज दिया गया है। उनके खिलाफ जांच बिठाई जाएगी और इसी के आधार पर कार्रवाई होगी।

देश में कई बड़े घोटालों और फ्रॉड के मामलों में आरोपी बनाए गए बिजनेस टायकून्स वाधवा बंधुओं को लॉकडाउन तोड़ने के लिए शुक्रवार को ही महाबलेश्वर से गिरफ्तार किया गया। 

पुलिस के मुताबिक, दोनों भाई अपने परिवार के 21 लोगों के साथ मुंबई से 250 किलोमीटर दूर सतारा के हिल स्टेशन में छुट्टियां मना रहे थे। आरोप है कि सभी परिवारवालें लॉकडाउन के बावजूद पांच कारों में बैठकर बुधवार रात मुंबई से निकले थे। इसके लिए उन्होंने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से पास प्राप्त किए थे।


इसी बीच भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने महाराष्ट्र सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। 

एक टीवी चैनल से बातचीत में पात्रा ने कहा, “ये कोई एक व्यक्ति नहीं है, जिसने पास पर साइन कर दिया और 23 लोगों को पास दे दिया।

 यह होम सेक्रेटरी हैं, यह राज्य का सबसे बड़ा गृह अधिकारी है। मैं बताता हूं किसके कहने पर उन्होंने यह किया। महाराष्ट्र में तीन वर्चस्व वाले परिवार हैं- शिवसेना, पवार साहब का और कांग्रेस का। प्रफुल्ल पटेल, जो कि एनसीपी के बड़े नेता हैं और पवार साहब का क्या रिश्ता है वाधवा परिवार के साथ।”

पात्रा ने आगे कहा, “दो हफ्ते पहले महाराष्ट्र पुलिस को इनके बारे में जानकारी नहीं थी। यह बेल (जमानत)पर बाहर थे और किसी को इनके छिपे होने की जानकारी नहीं थी। क्या लगता है किसी क्लर्क के कहने पर 23 लोगों को छोड़ा जा सकता है। पूरा देश कोरोना से लड़ रहा है और आप कोरोना करप्शन कर रहे हैं।”

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