बुधवार, 29 अप्रैल 2020

कोविड-19-मिशन लाईफ सेविंग-जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग को दिये निर्देश



^^ करणीदानसिंह राजपूत ^^
श्रीगंगानगर, 29 अप्रैल2020.
जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण को महामारी घोषित करने से उत्पन स्थिति के परिपेक्ष्य में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव, रोकथाम, इसके संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने तथा इसके संक्रमण को न्यूनतम किये जाने हेतु व्यापक लोकहित में केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा सभी संभव प्रयास किये जा रहे है।
श्री नकाते ने बताया कि इस क्रम में कंटेनमेंट जोन में आईसीएमआर गाईड लाईन के अनुसार की जा रही जांचों को पूर्व की भांति यथावत जारी रखते हुए राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या, मृत्युदर को न्यूनतम रखने, संक्रमण से ग्रस्त रोगियों व हाईरिस्क गु्रप के व्यक्तियों के जीवन को बचाने हेतु मिशन लाईफ सेविंग प्रारम्भ किया जा रहा है। जिला कलक्टर ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है कि कोविड-19 संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या को न्यूनतम रखने, संक्रमण से ग्रस्त रोगियों व हाईरिस्क गु्रप के व्यक्तियों के जीवन को बचाने हेतु मिशन लिसा के अंतर्गत कार्यवाही संपादित करें।
**हाई रिस्क ग्रुप की पहचान**
हाई रिस्क गु्रप में 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, उच्च रक्तचाप से पीड़ित, ह्दय रोगी, मधुमेह, अस्थमा, सीओपीडी, किडनी संबंधित रोग, कैंसर, टी.बी. व अन्य गंभीर रोगों से प्रभावित व्यक्ति, गर्भवती महिलाये तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे सम्मिलित है।
हाई रिस्क ग्रुप की सूचना का संकलन
जिले में इसके लिये हाई रिस्क ग्रुप के व्यक्तियों की पहचान विभिन्न माध्यमों से की जा सकती है, उदाहरण के तौर पर महात्मा गांधी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थी, एनसीडी डेटाबेस, वृद्धावस्थ पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्ति, जनाधार केन्द्र, मतदाता सूची, राशन कार्ड, सरकारी पेंशनर्स का रिकाॅर्ड इत्यादि से सूचना का संकलन कर ग्राम या वार्डवार सूची तैयार की जावे। 
**कंटेनमेंट जोन में सर्वे **
चिन्हित कंटेनमेंट जोन में आशा, एएनएम, बीएलओ अथवा अन्य कार्मिकों, निर्वाचित जन प्रतिनिधियों, विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संगठनों तथा अन्य सामाजिक संस्थाओं की मद्द से लगभग 20 घरों पर एक स्वयं सेवक का चयन कर उनको कोविड-19 से संबंधित प्रशिक्षण देकर हाईरिस्क वाले रोगियों की पहचान कर सूची अपडेट की जावे। ऐसे व्यक्तियों के सर्वें की विस्तृत सूचना निर्धारित प्रपत्र में संकलित की जावे, जिसे बाद में डिजीटाईज किया जावे। साथ ही सर्वे के दौरान सर्वे दल द्वारा हाईरिस्क वाले व्यक्तियों को कोविड-19 संक्रमण से बचाव तथा संक्रमण होने की स्थिति में खतरे के लक्षणों के बारे में संबंधित जानकारी पेम्फलेट के माध्यम से एवं व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध करवाई जावे। संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0154-2440988, जिला स्वास्थ्य नियंत्रण कक्ष के 0154-2445071 पर संपर्क करने बाबत जानकारी दी जावे। सर्वें के दौरान किसी व्यक्ति में कोविड-19 संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर अथवा कोई तकलीफ होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाये। ऐसे व्यक्तियों से टेलीफोन, मोबाईल के माध्यम से उनके स्वास्थ्य के बारे में प्रतिदिन जानकारी प्राप्त की जावे। ऐसे व्यक्तियों को आरोग्य सेतु ऐप के माध्यम से स्वयं की स्थिति का आंकलन करने हेतु प्रेरित किया जावे। यह गतिविधि निरंतर रूप से संपादित की जावे। 
**चिकित्सक दल द्वारा जांच**
कंटेनमेंट जोन में आने वाले राजकीय अथवा निजी चिकित्सालयों को चिन्हित किया जाकर हाईरिस्क वाले रोगियों की चिकित्सक द्वारा जांच की जाये। यदि इन क्षेत्रों में कोई चिकित्सा केन्द्र स्थापित नही है तो अस्थाई रूप से मुख्य-मुख्य स्थानों पर मोबाईल ओपीडी वैन, एम्बूलेंस का उपयोग इस हेतु किया जाकर हाईरिस्क ग्रुप वाले व्यक्तियों की पल्स आॅक्सीमीटर के माध्यम से जांच की जाकर उन्हें आवश्यकतानुसार निकटतम डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में एम्बूलेंस के माध्यम से भर्ती किया जाये। 
**एम्बूलेंस सुविधा**
चिन्हित कंटेनमेंट जोन में स्थाई रूप से एक से दो किलोमीटर के दायरे के भीतर एक एम्बूलेंस की व्यवस्था की जावे। एम्बूलेंस पर कार्यरत कार्मिकों को कोविड-19 से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जावे ताकि वह उच्च जोखिम वाले रोगियों की पहचान कर उन्हें तुरन्त डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में पहुंचा सकें। इस हेतु ट्राईऐज गाईडलाईन की पालना की जावे।
**पैसिव सर्वेलन्स**
राजकीय एवं निजी चिकित्सा संस्थानों पर आने वाले हाईरिस्क ग्रुप के मरीजों को कोविड-19 के बचाव एवं खतरों के लक्षणों के बारे में आईईसी गतिविधियों के माध्यम से जानकारी दी जाये तथा आईएलआई/एसएआरआई के मरीजों विशेषतौर पर हाईरिस्क ग्रुप के व्यक्तियों की पल्स आक्सीमीटर के द्वारा spo2 एवं श्वसन दर की जांच तथा आवश्यकतानुसार कोविड-19 की जांच करवायी जाये एवं जिला स्तर पर साप्ताहिक रूप से विश्लेषण किया जाये।
**आई.ई.सी. गतिविधियां**
कंटेनमेंट जोन के साथ अन्य क्षेत्रों व जिलों में भी हाईरिस्क ग्रुप के सदस्यों के साथ-साथ आमजन को भी नियमित रूप से कोविड-19 से बचाव जोखिम वाले लक्षणों की जानकारी दी जावे तथा संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र, जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर पर संपर्क करने बाबत जानकारी दी जावे।
**सूचना संधारण एवं प्रेषण**
गतिविधियों की सूचना का संकलन निर्धारित प्रपत्र में जिला स्तर पर किया जाये तथा उक्त सूचनाएं निदेशालय की ई-मेल आईडीrajcovid19@gmail.com  पर प्रतिदिन प्रेषित की जावे तथा निरोगी राजस्थान कार्यक्रम के अंतर्गत बनाये गये ऐप में भी सर्वें के दौरान प्राप्त सूचनाओं का इन्द्राज किया जावे। ऐप में सूचना दर्ज करने का प्रशिक्षण पृथक से वीसी के माध्यम से प्रदान किया जावेगा। 
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जांच में उपयोग में लिये जा रहे पल्स आॅक्सीमीटर व अन्य उपकरणों को एक व्यक्ति की जांच करने के पश्चात निर्धारित प्रोटोकाॅल के अनुसार सेनेटाईज कर ही अगले मरीज की जांच हेतु उपयोग में लाया जाये। ( पीआरओ माध्यम)
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