सोमवार, 27 अप्रैल 2020

बाहर से आने वालो की स्क्रिनिंग व14 दिन का होम क्वारनटीन जरूरी- श्रमिकों का रिकार्ड संधारित हो

श्रीगंगानगर, 27 अप्रैल 2020.

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद एम. नकाते ने बताया कि राज्य सरकार के गृह विभाग के निर्देशानुसार लाॅकडाउन के दौरान अन्य राज्यों व जिलों से गंगानगर में आ रहे राजस्थान के मूल निवासियों के लिये दिये गये महत्वपूर्ण निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाये।

श्री नकाते ने बताया कि लाॅकडाउन की अवधि के दौरान अन्य राज्यों से राजस्थान के मूल निवासी अपने राज्यों से परमिट आदि लेकर वाहनों से राज्य में प्रवेश कर रहे है एवं अपने शहर, गांव जा रहे है, एवं इस प्रवृत्ति की आगामी दिनों में बढ़ने की संभावना है। इस स्थिति में जिले के लोगों की कोरोना संक्रमण से बचाव करने के उद्देश्य से विभिन्न व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थापित की जाये। जिले की सीमा वाले एसडीएम एवं पुलिस अधिकारी स्थापित चैक पोस्ट के माध्यम से निगरानी रखेगें। जहां समस्त आगन्तुकों का रजिस्ट्रीकरण हो, जिसमें उनका नाम, पता, मोबाईल नम्बर आदि अंकित किया जाये। 

आने वाले नागरिक अपने निजी साधनों से सीधे अपने घर पहुंच सकते है, जिसकी सूचना प्रशासन को न हो, अतः यह आवश्यक है कि स्थानीय स्तर पर मौहल्ला एवं गांव में सुदृढ़ सूचना तंत्र हो, जिससे कि इस अवधि में कोई भी नया व्यक्ति आये तो उसके बारे में सूचना स्थानीय प्रशासन को मिल सकें, जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसे व्यक्ति आगामी 14 दिनों तक होम क्वारनटीन में रहें। प्रत्येक पटवारी अपने पटवार हल्का क्षेत्र के लिये उत्तरदायी होगा कि उसके पास ऐसी सूचना तत्काल उपलब्ध हो जो वह तहसीलदार, उपखण्ड अधिकारी को नियमित रूप से देगा। पटवारी को इस कार्य में बीएलओ सहायता करेगें। शहरी क्षेत्र के लिये भी इसी प्रकार की व्यवस्था स्थापित की जाये।  

उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय में जन चेतना विकसित की जाये कि वे भी अपने हित के लिये यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बाहर का व्यक्ति आता है तो उसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को हो एवं वे 14 दिनों के लिये अपने घर के अंदर क्वारनटीन में रहें। साथ ही यदि कोई ऐसा व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो उसकी भी सूचना वह तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें, जिससे कि ऐसे व्यक्ति को घर से हटाकर प्रशासन के आईसोलेशन सेन्टर में रखा जा सकें। 

ग्रामीण क्षेत्र में कुछ ऐसे नागरिक हो सकते है जो उस गांव के निवासी न हो, ऐसी स्थिति में वहां किसी स्कूल आदि भवन में क्वारनटीन सेन्टर बनाया जाये, जहां पर बाहर से आये व्यक्तियों को ठहराया जा सकें एवं खाने पीने की व्यवस्था का उत्तरदायित्व भी स्थानीय लोगों को दिया जाये। 

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