बुधवार, 11 मार्च 2020

एसबीआई के बचत खाताधारकों को अब ‘जीरो बैलेंस’ की सुविधा, नहीं रखना होगा मिनिमम बैलेंस.


11 मार्च 2020.

 *एसबीआई ने बचत खातों पर वार्षिक ब्याज दर घटाकर तीन प्रतिशत कर दी। एसबीआई ने एक बयान जारी कर इस सूचना को साझा किया*

 भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने होली के अगले ही दिन यानि बुधवार (11 मार्च) को बचत खातों में मिनिमम बैलेंस रखने की अनिवार्यता समाप्त करने की घोषणा की। बैंक ने कहा है कि अब सभी बचत खाताधारकों को अपने एकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की कोई जरूरत नहीं। इसके साथ ही एसबीआई ने बचत खातों पर वार्षिक ब्याज दर घटाकर तीन प्रतिशत कर दी। एसबीआई ने एक बयान जारी कर इस सूचना को साझा किया।


बयान में कहा गया ‘बैंक ने मंथली मिनिमम बैलेंस (एएमबी) की बाधता को समाप्त करने का फैसला लिया है। ऐसा देश में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। सभी 44.51 करोड़ बचत खाताधारकों को इसका सीधा लाभा पहुंचेगा। यही नहीं बैंक ने त्रैमासिक आधार पर एसएमएस सर्विस के लिए लिए जाने वाले चार्ज को भी खत्म कर दिया है।’


बैंक के इस फैसले से पहले मेट्रो शहरों के सेविंग अकाउंट्स के लिए मिनिमम बैलेंस के तौर पर 3,000 रुपये, कस्बों में 2,000 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 1,000 रुपये निर्धारित थे। वहीं इतना बैलेंस न रखने पर पांच रुपये से लेकर 15 रुपये का चार्ज लिया जाता था।


भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने छूट की घोषणा करते हुए कहा, ‘यह घोषणा हमारे मूल्यवान ग्राहकों के लिए और अधिक मुस्कुराहट और प्रसन्नता लाएगी। एएमबी को खत्म करना ग्राहकों को अधिक सुविधा और बेहतरीन बैंकिंग अनुभव प्रदान करने के लिए एसबीआई की एक की तरफ से बड़ी पहल है। यह पहल हमारे ग्राहकों को एसबीआई के साथ और सशक्त करेगी और बैंक के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी। ‘सबसे पहले ग्राहक हित’ की अवधारणा पर चलते हुए यह कदम उठाया गया है।’००


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