सोमवार, 13 जनवरी 2020

आकाश साफ हुआ-लोहड़ी पर बरखा शीत लहर के बाद. * करणीदानसिंह राजपूत *

लोहड़ी पर वर्षा और भयानक शीत हवाएं चलती रहने के बाद बूंदाबांदी के साथ पूरा दिन बीत गया। सूर्य भगवान के दर्शन नहीं हो पाए मगर सूर्यास्त से कुछ पहले आकाश साफ हो ही गया। 6:00 बज कर 41 मिनट पर सूरतगढ़ में आकाश का दृश्य कैमरे में लिया गया। आकाश में बादल नहीं थे, रात्रि के अंधकार की छाया में जैसा आकाश दिखाई दे रहा था,वहीं पश्चिमी दिशा में उगा हुआ तारा दिख रहा था। यह तारा सूर्य के साथ ही कुछ पहले दिखाई देने लगता है वह दिखाई पड़ रहा था।

आकाश के साफ होने से लोहड़ी मनाने का आनंद सभी लेते हुए परंपरा का पालन करेंगे वहीं लोहड़ी मनाने का सीख देने वाला कारण भी आगे देंगे। बालिकाओं की रक्षा करने की सीख।

आज का दिन तिलकुट चौथ का व्रत रखने वाली नारियों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।

प्रार्थना के साथ आशा की जानी चाहिए कि  तिलकुट चौथ का व्रत रखने वाली नारियों के लिए चंद्र दर्शन भी अवश्य होंग,ताकि वे दर्शन पूजन अर्घ्य देकर भोजन कर व्रत खोल सके। उनके चन्द्र दर्शन करने तक वरुण देव भी कृपा रखें और बादलों को नहीं भेजेंगे यह प्रार्थना सभी ओर से हो भी रही होंगी।

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