सोमवार, 30 दिसंबर 2019

5G नेटवर्क स्पीड परीक्षण को सभी टेलीकॉम कंपनियों को अनुमति दी जाएगी-मोदी सरकार की घोषणा


नई दिल्ली,  30 दिसंबर 2019. 

दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद।

सरकार 5जी स्पेक्ट्रम परीक्षण में किसी भी कंपनी पर रोक नहीं लगायेगी। 

दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि सरकार ने सभी दूरसंचार कंपनियों को अत्यंत तीव्र गति वाले 5जी नेटवर्क पर परीक्षण के लिए स्पेक्ट्रम देने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से चीन की हुवावेई जैसी उपकरण आपूर्तिकर्ता कंपनी को भी 5जी स्पेक्ट्रम परीक्षण के लिये रास्ता साफ हो गया। हुवावेई पर अमेरिका में प्रतिबंध है। कई देशों ने अपने यहां दूरसंचार सेवाप्रदाताओं को चीन के उपकरणों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। अब भारत ने भी संकेत दिया है कि उसका इरादा किसी कंपनी को 5जी परीक्षण से बाहर रखने का नहीं है।

दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को दूरसंचार पर एक कार्यक्रम के मौके पर अलग से बातचीत में कहा, ‘‘हमने सभी कंपनियों को परीक्षण के लिए 5जी स्पेक्ट्रम देने का फैसला किया है।’’ इसका मतलब है कि सभी आपरेटर चाहे वे किसी भी उपकरण वेंडर के साथ भागीदारी कर रहे हैं, 5जी परीक्षण में भाग ले सकेंगे।  उन्होंने कहा, ‘‘5जी भविष्य है, यह रफ्तार है। हम 5जी में नए नवोन्मेषण को प्रोत्साहन देंगे।’’


चीन की कं हुवावेई के बारे में अलग से पूछे जाने पर प्रसाद ने कहा कि सभी कंपनियों का मतलब सभी कंपनियों से है। 

5जी परीक्षण चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है।

सूचना है कि सरकार को 5जी परीक्षण के लिए सात आवेदन मिले हैं। सभी आपरेटर और वेंडर (नोकिया, एरिक्सान, हुवावेई, जेडटीई और सैमसंग) इसमें भागीदारी के इच्छुक हैं। हुवावेई ने पिछले साल सितंबर में कहा था कि उसे उम्मीद है कि भारत सरकर सभी विदेशी कंपनियों के साथ समानता का व्यवहार करेगी और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र उसे देश में 5जी परीक्षण में अनुमति देने के बारे में ‘स्वतंत्र’ तरीके से फैसला करेगा। उस समय चीन की कंपनी ने भारत सरकार को आश्वस्त करने का प्रयास किया था कि वह भारत के नियमनों का पूरी तरह अनुपालन करेगी और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करेगी।०००






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