रविवार, 3 नवंबर 2019

सूरतगढ़:गुरूशरण छाबड़ा का बलिदान दिवस मनाया-3नवम्बर2019.



आपातकाल के जुझारू नेता पूर्व विधायक स्व.गुरुशरण छाबड़ा की पुण्यतिथि 3 नवंबर को उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और उनके कार्यों का बखान किया गया। आपातकाल के सेनानियों करणीदानसिंह राजपूत,लक्ष्मण शर्मा व मुरलीधर उपाध्याय ने भी भाग लिया। 

सूरतगढ़ समिति के अध्यक्ष श्याम मोदी,नारी उत्थान केंद्र की अध्यक्ष श्रीमती राजेश सिडाना,पालिकाध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा, पूर्व पालिका उपाध्यक एन.डी सेतिया नोटेरी व मदनलाल औझा, पूर्व पार्षद सुनील छाबड़ा व पूर्ण कवातड़ा,क्रांतिकारी महावीरप्रसाद भोजक, डा.टी.एल.अरोड़ा, सहित अनेक ने भाग लिया।

गुरूशरण छाबड़ा अमरर रहे के जय घोष के नारे करणी दान सिंह राजपूत व  संघर्षशील लोगों ने लगाए।

 इस कार्यक्रम में आपातकाल में  संघर्षशील रहे अनेक लोग और शराबबंदी आंदोलन में भाग लेने वाले अनेक लोगों ने भाग लिया।

गुरुशरण छाबड़ा के नेतृत्व में आपातकाल लगाने के  दिन 26 जून ,1975 को राजस्थान में पहली आमसभा सूरतगढ़ में हुई थी जिसमें विरोध किया गया और उसके बाद उनके नेतृत्व में गिरफ्तारियां दी थी। 

15 अगस्त1975 को गुरूशरण छाबड़ा ने राजनीतिक बंदी घोषित करने की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया जो कुछ दिन चला। उसके बाद श्रीगंगानगर जेल में बंद सभी आंदोलनकारियों को राजनीतिक बंदी घोषित किया गया था।

राजस्थान में संपूर्ण शराबबंदी और लोकपाल को लेकर उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया और उस आमरण अनशन के दौरान 3 नवंबर 2015 को जयपुर में निधन हुआ था। समर्थक इस दिवस को छाबड़ा जी के बलिदान दिवस के रूप में मनाते हैं। 

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