शुक्रवार, 1 नवंबर 2019

सूरतगढ़ व श्रीगंगानगर में धारा 144 लगाई.चुनाव लड़ने वाले जरूर पढें

सूरतगढ़/श्रीगंगानगर, 1 नवम्बर 2019.  जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने श्रीगंगानगर जिले में नगरपरिषद गंगानगर व नगरपालिका सूरतगढ में स्थानीय निकाय चुनाव 16 नवम्बर को होने जा रहे है, चुनाव शान्तिपूर्वक, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराये जाने व नगरपरिषद व नगरपालिका सूरतगढ की सीमा के सभी मतदाता विशेषकर कमजोर वर्ग के मतदाता बिना किसी आंतक व भय के अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिये दण्ड प्रक्रिया संहिता 144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किये है। 

आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति तहसील श्रीगंगानगर व सूरतगढ सीमा के भीतर अपने पास विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय शस्त्र जैसे रिवाल्वर, पिस्तौल, राईफल, बन्दूक एवं एम.एल.गन आदि एवं अन्य हथियार जैसे गंडासा, फरसा, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बरछी, गुप्ती, खाखरी, बल्लभ, कटार, धारिया, बघनख (शेरपंजा) जो किसी धातु से शस्त्र के रूप में बना हो आदि एवं मोटे घातक हथियार लाठी आदि सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शन नही करेगा। 

कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचोन वाले नारे नही लगायेगा, न ही इस प्रकार का भाषण, उद्बोधन देगा, न ही ऐसे पेम्पलेट, पोस्टर चुनाव सामग्री छपवायेगा या वितरण करेगा या वितरित करवायेगा, न ही ऐसे आॅडियों, विडियों कैसेट के माध्यम से किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करायेगा। 


कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नही करेगा, न ही अन्य व्यक्ति किसी को सेवन करवायेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं को छोड़कर कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के कारण छोड़कर किसी अन्य उपयेाग हेतु सार्वजनिक स्थलों में से मदिरा लेकर आवागमन नही करेगा। 

 वे व्यक्ति जो निशक्त अथवा अतिवृद्ध है जो लाठी के सहारे के बिना नही चल सकते है, वे लाठी का प्रयोग सहारा लेने हेतु कर सकेगें एंव सिख समुदाय के व्यक्तियों को उनकी धार्मिक परम्परा के अनुसार नियमांतर्गत निर्धारित कृपाण रखने की छूट रहेगी। 

यह आदेश पर्वों के दौरान पुलिस स्वीकृति के तहत आयोजित धार्मिक समारोह, जुलूसों व कार्यक्रमों पर लागू नही होगा। 

कोई भी व्यक्ति संबंधित अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर, उपखण्ड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्व अनुमति के बिना जुलूस, सभा एवं सार्वजनिक मिटिंग का आयोजन नही कर सकेगा, परन्तु यह प्रतिबंध विवाह समारोह, शवयात्रा पर लागू नही होगा। कोई भी व्यक्ति संबंधित अतिरिक्त कलक्टर शहर, उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना लाउड स्पीकर, एम्पलीफायर, रेडियो, टेप अथवा अन्य ध्वनि प्रसारक यंत्रों का उपयोग नही कर सकेगा। यह आदेश उन व्यक्तियों पर जो राजकीय डयूटी के दौरान अपने पास हथियार रखने को अधिकृत है, पर लागू नही होगा। सभा, रैली के दौरान कोई भी व्यक्ति धर्म, जाति सम्प्रदाय, भाषा आदि के आधार वैमनस्य फैलाने, तनाव बढाने या उकसाने का कार्य नही करेगा। सभा, रैली के दौरान कोई भी व्यक्ति किसी व्यक्ति के निजी जीवन या निजता पर कोई लांछन लगाने संबंधी कोई गतिविधियां या कार्य नही करेगा तथा किसी उम्मीदवार एवं राजनैतिक व्यक्ति के घर के आगे किसी प्रकार का प्रदर्शन नही करेगा। 

कोई भी व्यक्ति किसी वैधानिक स्वीकृत किसी कार्यक्रम या मीटिंग में विघ्न, बाधा या किसी प्रकार का अवरोध पैदा नही करेगा। कोई भी व्यक्ति सभा, रैली के दौरान साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहूंचाने वाले नारे नही लगायेगा, न ही भाषण उद्बोधन देगा, न ही ऐसे पम्पलेट, पोस्टर चुनाव सामग्री छपवायेगा, छापेगा या वितरण करेगा या वितरित करवायेगा। न ही ऐसे आॅडियों, विडियों कैसेट के माध्यम से किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवायेगा। उम्मीदवार, राजनैतिक व्यक्ति श्रीगंगानगर शहर हेतु अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर श्रीगंगानगर एवं संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्व अनुमति के बिना जुलूस, सभा, रैली एवं सार्वजनिक मीटिंग का आयोजन नही कर सकेगा, परन्तु यह प्रतिबंध विवाह समारोह, शवयात्रा पर लागू नही होगा। साथ ही इस प्रकार की प्रत्येक सभा, जुलूस एवं सार्वजनिक मीटिंग की अनुमति आदर्श आचार संहिता एवं निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना के अंतर्गत होगी, जिसका स्पष्ट उल्लेख अनुमति देने वाले अधिकारी द्वारा किया जायेगा एवं सक्षम मजिस्टेªट व पुलिस अध्किारी उसकी पालना सुनिश्चित करवायेगें। ऐसे प्रत्येक आयोजन की विडियोग्राफी भी उपखण्ड , तहसील स्तरीय आदर्श आचार संहिता टीम द्वारा करवानी भी प्राधिकृत अधिकारी (उपखण्ड अधिकारी) द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। यह आदेश 27 नवम्बर 2019 को रात्रि 12 बजे तक सम्पूर्ण श्रीगंगानगर जिले की सीमा में प्रभावशील रहेगा। 

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