शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

एमपी प्रेमजाल में बड़े नेताओं अफसरों व्यापारियों को नाम खुलने का डर



* मध्य प्रदेश हनी ट्रैप कांड: 18 साल की आरोपी सरकारी गवाह बनने को तैयार, कई बड़े नाम आ सकते हैं सामने*

26 सितंबर 2019.

मध्‍य प्रदेश हनी ट्रैप कांड में बड़ा खुलासा, गिरोह के पास जांच एजेंसियों को आईएएस अधिकारियों की 'टारगेट लिस्‍ट' मिली। उधर, एक आरोपी मामले में सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हो गई है। एसआईटी ने उससे चार घंटे पूछताछ की।


मध्‍य प्रदेश में हनी ट्रैप रैकिट के खुलासे ने कई दिग्‍गज नेताओं, अधिकारियों और व्‍यापारियों की नींद उड़ा दी है। देश का 'सबसे बड़ा ब्‍लैकमेलिंग सेक्‍स स्‍कैंडल' कहे जाने वाले इस केस में एक और महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। हनी ट्रैप मामले में पांच अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार हुई 18 वर्षीय आरोपी मोनिका यादव सरकारी गवाह बनने के लिए राजी हो गई है। अब वह इस मामले में मुख्य गवाह होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही इस सबसे बड़े ब्‍लैकमेलिंग सेक्‍स स्‍कैंडल केस में कई अहम खुलासे होंगे। 

मोनिका के सरकारी गवाह बनने की यह बात तब सामने आई है जब एक दिन पहले ही उसके पिता ने मानव तस्करी मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

 इंदौर नगर निगम के अधीक्षण इंजिनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मोनिका के अलावा, आरती दयाल, श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन, बरखा सोनी और एक ड्राइवर ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया था। इंजिनियर ने आरोप लगाया गया कि एक आरोपी महिला ने उनसे दोस्ती कर एक आपत्तिजनक विडियो बनाया और उसके आधार पर 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही है।


मोनिका को बनाया गया 'मोहरा'


पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस गैंग को श्वेता जैन चला रही थी। ऐसे में पुलिस मान रही है कि मोनिका के सरकारी गवाह बनने से यह बात सामने आएगी कि श्वेता ने किस तरह से ऑपरेशन को अंजाम दिया। सूत्रों ने बताया कि मामले में मोनिका को 'मोहरा' बनाकर आरोपियों ने कई लोगों से करोड़ों रुपये ठगे हैं।


आरोपी से चार घंटे कड़ी पूछताछ

उधर, प्रदेश सरकार की तरफ से मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी टीम ने बुधवार सुबह इंदौर पहुंचकर मोनिका से पूछताछ शुरू कर दी है। एसआईटी टीम मोनिका को एक गुप्त स्थान पर ले गई। यहां एडीजी संजीव शमी और एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा द्वारा अन्य सदस्यों की उपस्थिति में उससे चार घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों ने बताया कि अगला कदम अब मोनिका और उनके पिता को संरक्षण देना है।


मध्य प्रदेश को हिलाने वाली हनी ट्रैप कांड की पूरी कहानी


हार्ड डिस्क की तलाश में एसआईटी

एसआईटी टीम बुधवार देर रात भोपाल में आरती दयाल के घर से सबूत जुटाने के इंदौर से रवाना हो गई। सूत्रों ने बताया कि मोनिका ने पूछताछ के दौरान हनी ट्रैप मामले में आरती की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी है। इसमें उसने हार्ड डिस्क का भी जिक्र किया है जिसमें कई विडियो सेव हैं। पुलिस भोपाल में हार्ड डिस्क की तलाश में दबिश दे रही है।


आरोपी से जेल में हो सकती है पूछताछ

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी मोनिका जो इंदौर जेल में हैं, उसे पूछताछ के लिए भोपाल ले जाया जा सकता है या उससे जेल में पूछताछ की जा सकती है। एसआईटी प्रभारी एडीजी संजीव शमी ने कहा, 'टीम सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अगर मामले में पाया जाता है तो प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आएंगे।'


एक अन्य महिला की तलाश में दिल्ली गई टीम

पुलिस को आरोपी के साथ एक महिला की संलिप्तता भी मिली, जिसे 'रूपा अहिरवार' माना जाता है, जब वे एक स्थानीय होटल में गए थे। इस महिला का पता लगाने के लिए एक टीम दिल्ली भेजी गई है। इस बीच, बेचैनी की शिकायत के बाद आरती दयाल को बुधवार को फिर से अस्पताल ले जाया गया। हालांकि एसएसपी ने बताया कि उसकी सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं।


जांच में ये भी खुलासा

1.आरोपियों ने कई सारे एस्कॉर्ट सर्विस पोर्टल्स पर खुद का ब्योरा दे रखा था। कई सारे मोबाइल ऐप्स पर भी उन्होंने अपने बारे में जानकारी दी थी।

2.जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि क्लाइंट्स के साथ उन्होंने अपनी प्रोफाइल्स शेयर की हैं। इतना ही नहीं वे गोवा, मुंबई, दिल्ली सहित कई शहरों में आती-जाती रही हैं।

3.जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी मुख्य रूप से बड़े घरों के लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं। खासकर अमीर शादीशुदा लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करती थीं।

4.ये सभी आरोपी एक दिन के लिए 10 हजार से 40 हजार रुपये तक चार्ज करती थीं और महंगे होटलों में ठहरती थीं।


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