शनिवार, 7 सितंबर 2019

नगरपालिका चुनाव-आपने क्या किया है जो पार्षद चेयरमैन बनना चाहते हैं-खरी खरी.

*पशु,सड़कें, सफाई, रोशनी पर बताएं अपने काम*


*  करणी दान सिंह राजपूत*


नगर पालिका चुनाव अब कुछ दिनों में होने वाले हैं और अध्यक्ष तथा वार्ड पार्षदों के लिए हर कहीं हलचल मची है। लोग स्वतंत्र और पार्टियों के नाम पर चुनाव में खड़े होंगे जिनके कुछ प्रचार सामाजिक सेवाओं की सूचनाएं खूब बढाचढा कर  सोशल नेटवर्क पर लगातार ग्रुपों  में आ रही है।  समाचार पत्रों में भी कुछ न कुछ छप रहा है। लोग कहीं ज्ञापन देते हुए कहीं मांग करते हुए कहीं पौधा रोपण करते हुए कहीं कन्याओं की शादी में कुछ भेंट करते हुए फोटो खिंचा रहे हैं। यह प्रचार लगातार कुछ महीनों से हो रहा है। क्या इन लोगों ने नगरपालिका संबंधित कार्य करवाएं हैं?

नगर पालिका के  मुख्य कार्य जो आम जनता से जुड़े हुए हैं उनमें सड़कें सफाई रोशनी, गलियों में किसी न किसी को चोटिल करते हुए पशुधन से बचाव की व्यवस्था, निर्माण कार्य मैं गुणवत्ता आदि हैं। जो लोग खड़े होने का सपना ले रहे हैं,अपनी विजय श्री भी मान रहे हैं वे कम से कम अपने पिछले 5 साल का आकलन स्वयं करें कि उन्होंने अपने वार्ड में क्या करवाया है?

 यदि आप खुद की समीक्षा में खरे उतरते हैं तो बहुत अच्छी बात है। 

चुनाव लड़ने के लिए काबिल माने जाने से पहले भी समीक्षा से पहले कुछ सवाल हैं जिनके उत्तर आप दे सकते हैं। समझ सकते हैं। 

वार्ड वासी भी आपसे जानकारी मांग भी सकते और सवाल भी कर सकते हैं।

आप जिस वार्ड में चुनाव के लिए इच्छुक हैं। क्या उस वार्ड में अभी भी कोई 1-2,5-10 या 20-25 पशुधन जिन्हें आवारा कहते हैं वह घूम रहे हैं? जब गौशालाएं हैं नंदी शाला भी बनाई जा चुकी है,तब सड़कों पर अभी भी पशुधन आपके वार्ड में क्यों घूम रहा है? आपने फिर क्या किया? कितने पशुधन को आपने अपने स्तर पर गौशाला या नंदी शाला में पहुंचाने के लिए कार्य किया। 

आपके वार्ड में सीवरेज नालियां सड़कें क्या इनकी सफाई निरंतर हो रही है? कचरा छुट्टी के दिन रविवार के दिन सड़ांध मारता रहता है? क्या आपके वार्ड में स्ट्रीट लाइट समुचित है या उसमें गड़बड़ है? क्या आपके वार्ड में सड़कें अच्छी बनी हुई है या टूटी फूटी है? क्या नगर पालिका द्वारा करवाए गए निर्माण कार्य मजबूत हैं बिखर गए या टूटे-फूटे हैं?

आपने 5 साल में चाहे सरकार किसी की रही हो चाहे वार्ड पार्षद कोई भी रहा हो आपने स्वयं अपने अपने स्तर पर इन कार्यों के लिए क्या-क्या किया? 

यदि इन कार्यों में आपका उत्तर नहीं आता है, वार्ड के नागरिकों की ओर से सवाल होने पर आप जवाब नहीं दे पाते हैं तो आप नगर पालिका के पार्षद पद का चुनाव लड़ने के लिए स्पष्ट रूप से काबिल नहीं हैं। 

5 साल का वक्त बहुत होता है। इसका मतलब यह हुआ कि आपने प्रचार तो विभिन्न कार्यों का किया लेकिन असल में जहां आपकी आवश्यकता थी वहां पर आप पूर्णतया गैरहाजिर रहे।  

नगर पालिका में नागरिकों के कार्य कराने के लिए आप कितना सक्रिय रहे?वृद्धावस्था पेंशन, योजनाओं मेंआवासीय पट्टे बनाने के कार्य, अन्य कार्यों के लिए कितने लोगों को सहयोग दिया,आगे बढ़ कर के काम किया। 

इसका उत्तर भी आप स्वयं खोजें। 5 साल के अंदर वार्ड भर में आपने ऐसे 10-12 कार्य भी नहीं करवाए तब आप किस मुंह से पार्षद का चुनाव लड़ना चाहते हैं?

नगर पालिका के चुनाव में राजनीतिक दल विशेषकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी व अन्य कुछ दल अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारेंगे। वह भी इन प्रश्नों का उत्तर उम्मीदवार के तय करने से पहले खोजें तो उचित रहेगा।  राजनीतिक दल प्रभाव से टिकट वितरित करते हैं चाहे व्यक्ति वार्ड में कोई उपस्थिति रखता है या नहीं रखता। नेताओं के नजदीक होना जरूरी होता है।  ऐसे व्यक्ति जीतने चाहिए या नहीं जीतने चाहिए? इसका निर्धारण तो जनता ही करेगी।

जो लोग राजनीतिक पार्टियों से टिकट नहीं चाहते कि दोनों पार्टियों का कहीं ना कहीं विरोध होगा तब निर्दलीय खड़ा होना ज्यादा उचित है। ऐसे लोगों को लोग वोट भी दे देते हैं और जिता भी देते हैं लेकिन नगरपालिकाओं के पिछले चुनावों को ध्यान से देखें समीक्षा करें कि जिन लोगों को निर्दलीय जिताया वे 1 दिन का इंतजार भी नहीं किया और 2- 4 घंटों में ही सत्ताधारियों में मलाई खाने को जा मिले। इस प्रकार के मलाई खाने वाले व्यक्तियों ने कभी भी जनता का सहयोग नहीं किया और जनता के काम करवाने में पीछे रहे।  जहां-जहां फर्जीवाड़े से धन कमाने की बातें आई उनमें इस प्रकार से जीते हुए निर्दलियों ने भी कमाई करने में स्वयं को पीछे नहीं रखा। इस प्रकार के लोग अब अन्य दूसरे वार्डों में भी घूमने लगे हैं।  लोगों से मेलजोल बढ़ाने लगे हैं ताकि वहां से खड़े होकर फिर से नगरपालिका में पहुंच जाएं लेकिन वे चाहे किसी भी वार्ड से खड़े हो उनसे सवाल जवाब तो होने ही चाहिए कि क्या-क्या किया है?

 लेकिन यह सच्चाई भी है कि सवाल करने वाले 1- 2 व्यक्ति ही होते हैं इसलिए भ्रष्टाचारियों और दोगले लोगों की खराब गाड़ियां भी निकल जाती हैं। 

नगरपालिका का नया नियम है अध्यक्ष या सभापति का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाएगा। अब ऐसे लोगों में जो चेयरमैन का चुनाव लड़ेंगे कितनी काबिलियत वाले होने चाहिए? शहर के लिए उन्होंने क्या कुछ किया है और आगे क्या करने वाले हैं?

 इसके अलावा वर्तमान में नगर पालिकाओं में जो भ्रष्टाचार हुए घपले हुए निर्माण कार्यों में अनियमितताएं हुई उन पर कितने लोगों ने विरोध प्रकट किया? किस किसने संबंधित विभागों को सूचना दी या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में तथा पुलिस मेें कोई शिकायत की?  स्वायत शासन निदेशालय में क्या कोई पत्र लिखा?यदि कुछ भी नहीं किया है तो वे लोग अध्यक्ष पद के लिए काबिल कैसे माने जा सकते हैं? 

यहां पर एक और कार्य है जो नगरपालिका का तो नहीं है लेकिन जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है उसमें महानुभावों ने क्या किया है?  जलदाय विभाग जो पानी गंदा दे रहा है उसको रोकने रुकवाने के लिए संबंधित चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति ने कभी कुछ किया है या नहीं किया है? 

यहां पर अनेक लोग अपनी समाज सेवा का बखान कर सकते हैं लेकिन उन सेवाओं का नगर पालिका के पार्षद और चेयरमैन चुनाव से किसी प्रकार का संबंध नहीं होना चाहिए? आजकल पर्यावरण के नाम पर भी लोग 2-4 पौधे लगा कर फोटो खिंचा कर खुश हो रहे हैं कि नगर पालिका चुनाव में अपनी हिस्सेदारी किसी न किसी तरीके से पेेश कर चुनाव लड़ेंगे।  बहुत से ऐसे कार्य हैं जिनमें फोटो खिंचवाने और प्रचार करना आसान है वे सभी कार्य किए हैं लेकिन मुख्य कार्य नगरपालिका के जो उपर वर्णित हैं उनमें कितने कार्य किए गए हैं?००

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