बुधवार, 25 सितंबर 2019

कट गए हजारों बिना पेच लड़़े: कविता-करणीदानसिंह राजपूत


कट गए हजारों
बिना पेच लड़े।
आकाश में उड़ने के सपने
धरती पर ढेर हो गए।
हर शहर में
हर गली में
मिलेंगे बिलखते
कोई नहीं उनके
आंसू पोंछने वाला।
कितने रंगों से सजे
कितने संपर्क बनाए
कितने रिश्ते जोड़े
कितने हाथ जोड़े
कितने चरण दबाए।
मगर कट गए हजारों
बिना पेच लड़े।
सोचते थे
हम ही उड़ेंगे
मगर आरक्षण के
धागे से
बिना उड़े ही
कट गए।
बड़े भी नहीं बचे
जो ढाल कहलाते थे
बड़े का गुमान था
बड़े की ताकत थी
वे भी कट गए।
ये तो चुनाव का
खेल था
पांच साल का
सरकारी नौकरियों में तो
लाखों सिमट गए।
***
करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार,
सूरतगढ़।
94143 81356.

शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

रेलवे फुट ओवर ब्रिज बंद-पास के पुल का प्रयोग करें की सूचना

 ^^  करणीदानसिंह राजपूत ^^

 सूरतगढ़ 20 सितंबर 2019.

बिजली से गाड़ियां चलाना अभियान के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण में अब सूर्योदय नगरी को मुख्य बाजार से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज को आज से 6 माह के लिए बंद कर दिया गया है। (इसके सूचना पट्ट पर तारीख नहीं है।)


फुट ओवरब्रिज रेल यात्रियों के लिए तो पहले ही बंद कर दिया गया था व प्लेटफार्मों  से कट कर दिया गया था। अब केवल सूर्योदय नगरी के लोगों के इस्तेमाल के लिए था।

अब सूचना पट्ट पर यह  लिखा है कि पास के दूसरे पुल का प्रयोग करें,लेकिन वह सीढियों वाला है और सीढियां भी काफी है।

सूर्योदय नगरी के हजारों लोगों को टिकट लेने के लिए मुख्य गेट पर आने के लिए परेशानी होगी। वरिष्ठ नागरिक, छूट की टिकट के लिए मुख्य गेट पर ही पहुंचना होता है, क्योंकि ये टिकट मुख्य गेट पर ही मिलती है। दिव्यांग के लिए भी भारी परेशानी होगी। 

सूरतगढ में पटरियों के साथ बिजली लाइनों से जोड़ने का कार्य चल रहा है और जल्दी ही पूरा होने के बाद बठिंडा सूरतगढ़ के बीच रेलवे गाड़ियां बिजली से संचालित होगी और उनकी स्पीड भी बढ़ाई जाएगी।



 

बुधवार, 18 सितंबर 2019

सूरतगढ के वार्डो की लाटरी/ अधिकृत सूची

 

श्रीगंगानगर, 18 सितम्बर 2019.

 राज्य सरकार के निर्देशानुसार आरक्षण के क्रम में कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष मे बुधवार को नगरपालिका सूरतगढ के लिये वार्डो की लॉटरी निकाली गई। 

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में वार्डों की लॉटरी निकाली गई। इस अवसर पर गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड, सूरतगढ विधायक श्री रामप्रताप कासनिया, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन श्री ओपी जैन, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. हरितिमा, एसडीएम श्री मुकेश बारहठ, एसडीएम रामावतार कुमावत,विभिन्न राजनैतिक दलों के जिला स्तरीय पदाधिकारी आईएनसी के श्री भीमराज डाबी, बीजेपी के श्री अमित चलाना, सीपीआईएम के श्री विजय रेवाड़, बीएसपी के श्री लूणाराम, सीपीआई के श्री इन्द्रजीत बिश्नोई एवं सूरतगढ खण्ड के पदाधिकारी महेश सेखसरिया उपस्थित थे। 

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने बताया कि माह नवम्बर 2019 में नगरपालिका सूरतगढ के आगामी आम चुनाव हेतु वार्डों का आरक्षण करने बाबत स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान जयपुर अधिसूचना 6 सितम्बर 2019 नगरपालिका सूरतगढ के वार्डों का राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 1994 (अधिनियम संख्या 18 वर्ष 2009) की धारा 6 के अंतर्गत एवं राजस्थान नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 5 के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछडा वर्ग, अनारक्षित वार्डों एवं महिलाओं के लिये विभागीय अधिसूचना 29 जुलाई 2019 एवं स्थानीय निकाय विभाग के दिशा निर्देश के अनुसार वार्डों के आरक्षण हेतु लॉटरी की कार्यवाही की गई। 

जिला कलक्टर श्री नकाते ने बताया कि नये परिसीमन एवं जनगणना 2011 के अनुसार स्वायत्त शासन विभाग द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के वार्डों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर किया गया है। 

नगरपालिका सूरतगढ में कुल 45 वार्ड है, जिनमें से अनुसूचित जाति के निर्धारित 9 वार्डों में से तीन वार्ड अनुसूचित जाति की महिला के लिये आरक्षित किये गये है। एक वार्ड अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित है। ओबीसी के 9 वार्ड रहेंगे, जिनमें से तीन वार्ड ओबीसी की महिलाओं के लिये निर्धारित किये गये है। सामान्य वर्ग के 26 वार्डों में से 9 वार्ड सामान्य महिला के लिये आरक्षित किये गये है। लॉटरी की प्रक्रिया के दौरान लॉटरी  प्रारम्भ से लेकर अंत तक विडियोग्राफी करवाई गई। लॉटरी की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ जनप्रतिनिधियों व मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूर्ण की गई। 



---------



अब तो जागो, कब तक सोते रहोगे?

उठ जाग मुसाफिर भोर भई,

अब रैन कहां जो सोवत है?

जो सोवत है वो खोवत है,

जो जागत है सो पावत है।

यह भजन गीत या जागृति संदेश  50 से अधिक सालों से गूंज रहा है। चाहे देवालय हो चाहे, निवास स्थान, चाहे कोई आयोजन यह समय पर जागने का संदेश सुनाया जा रहा है।

 यह भजन,गीत किसने लिखा और कब लिखा?

यह तो मालूम नहीं मगर लिखने वाले को भी यह अनुमान नहीं हुआ होगा कि आने वाले सालों में यह जगाने का संदेश गूंजता रहेगा। 

समय पर जागने वाले ही सब कुछ पा लेते हैं और दिन में भी सोने वाले सब कुछ खो देते हैं। कितना सटीक संदेश है कि दिन निकलने से कुछ पहले भोर में ही जाग लेना चाहिए।

20-4-2018.

अपडेट 18-9-2019.


करणीदानसिंह राजपूत,

 सूरतगढ़

************



मंगलवार, 17 सितंबर 2019

राजस्थानः बसपा के सभी 6 विधायक कांग्रेस में शामिल


* राजस्थान में बसपा के सभी 6 विधायक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। इन विधायकों के कांग्रेस का हिस्सा बनने से राजस्थान में गहलोत सरकार की स्थिति पहले से मजबूत हो गई है।*


जयुपर 17 सितंबर 2019.

राजस्थान में बहुजन समाजवादी पार्टी के सभी 6 विधायक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। सभी बसपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को उनके विलय पत्र सौंप दिए हैं। विधायक वाजिब अली ने राजस्थान में बसपा के सभी विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम सभी विधायकों ने सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबले के लिए कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है।

जल्द होने वाले हैं निकाय और पंचायत चुनावः


  प्रदेश में निकाय औप पंचायत चुनाव होने वाले हैं ऐसे में इस तरह बसपा के सभी विधायकों का कांग्रेस में शामिल होना बसपा के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।


बहुमत में आई गहलोत सरकारः 

साल 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को 99, बीजेपी को 73 औप बसपा को 6 सीटें हासिल हुई थीं। इन 6 विधायकों के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से गहलोत सरकार बहुमत में आ गई है और राजस्थान में उसकी स्थिति पहले से मजबूत हो गई है।


कौन हैं ये विधायकः 


बसपा से कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बने इन विधायकों के नाम- राजेंद्र गुढा, जोगेंद्र सिंह अवाना, वाजिब अली, लाखन सिंह मीणा, संदीप यादव और दीपचंद खेरिया है। इन विधायकों ने सोमवार (16 सितंबर) देर रात कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली। सभी विधायक रात 10:30 बजे विधानसभा पहुंचे थे।


पहला मौका नहींः


यह कोई पहला मौका नहीं है जब बसपा विधायक कांग्रेस का हिस्सा बने हैं। साल 2008 के विधानसभा चुनाव के बाद जब अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बने थे उस समय बसपा के 6 विधायक कांग्रेस में शामिल हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शामिल हुए विधायकों में से कुछ को मंत्री और संसदीय सचिव पद दिया जा सकता है।

********




शुक्रवार, 13 सितंबर 2019

एसडीएम रामावतार कुमावत का स्थानांतरण। कहां गए,कौन आएगा?

सूरतगढ़ 13-9-2019.

उपखंड अधिकारी रामावतार कुमावत का यहां से नोहर स्थानांतरण हुआ है।

सूरतगढ़ एसडीएम पद पर जयपुर से मनोज कुमार मीणा स्थानांतरित हुए हैं। 

रामावतार कुमावत यहां पर करीब 6 माह रहे।  उन्होंने 6 मार्च 2019 को सूरतगढ़ एसडीएम का पद ग्रहण किया था।

०००००००००००



मंगलवार, 10 सितंबर 2019

क्या बोले गंगानगर विधायक -गांधी विचार एवं ग्रामीण विकास पर संगोष्ठी




* ग्रामीण विकास का सपना था गांधीजी का* गंगानगर विधायक

श्रीगंगानगर, 10 सितम्बर 2019.

 महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में मंगलवार को चौथे दिन नोजगे पब्लिक स्कूल के ओडिटोरियम में गांधी विचार एवं ग्रामीण विकास विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। संगोष्ठी व समापन कार्यक्रम में पिछले कई दिनों से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। 

संगोष्ठी में बोलते हुए गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश में लगभग 2 वर्ष तक प्रत्येक जिले में विभिन्न कार्यक्रम करवाये जायेगें। इसके लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत आभार के पात्रा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गंगानगर जिले में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये गये, कार्यक्रमों में भारी जन जुड़ाव यह दर्शाता है कि गांधी जी की आज भी प्रासंगिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा तीन दिन का कार्यक्रम निर्धारित था, जबकि गंगानगर जिले में इसे चार दिवस का किया गया, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मानव श्रृंखला ने भी इतिहास रचा है तथा इस मानव श्रृंखला की चर्चा जयपुर तक हुई है। 

श्री गौड ने कहा कि आजादी के बाद जिन बच्चों ने जन्म लिया है, उन्हें गांधीजी के बारे में बताना बहुत जरूरी है कि किस प्रकार गांधी जी ने अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्हें लगा कि आम आदमी के साथ व्यवहार अच्छा नही है। उनका सपना था कि देश आजाद हो, वह भी अंहिसा के बल पर और उन्होंने वैसा ही कर दिखाया। गांधीजी का ग्राम विकास का सपना था। उनका कहना था कि ग्राम का विकास होने से देश का विकास स्वयं हो जायेगा। 

विधायक गौड ने कहा कि आजादी से पूर्व की परिस्थितियां ज्यादा अच्छी नही थी। उत्पादन कम था, गंगानगर में 1927 में नहर आने के बाद अच्छी फसले होने लगी, उत्पादन बढा तथा यहा का जीवन स्तर अच्छा हुआ। गंगानगर से बीकानेर जाने में पूरा एक दिन लग जाया करता था, जबकि आज मात्र 4 घंटे में बीकानेर पहुंच सकते है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के अंहिसा आंदोलन में इतनी ताकत थी, कि आज पूरा विश्व अंहिसा दिवस मनाता है। महात्मा गांधी ने स्वराज व हथकरघा की परिकल्पना की थी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज का सपना गांधीजी का था, जिसकी शुरूआत राजस्थान के नागौर जिले से हुई। उन्होंने कहा कि भारत के चन्द्रयान की ताकत पूरी दूनिया देख रही है। ये सभी उंचाईयां निरन्तर प्रयासों से प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों को विकसित करना चाहती है, इसके लिये ग्राम पंचायतों को सीधे ही विकास राशि दी जा रही है, जिससे वे अपने गांव की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य करवा सकें। 

एडीएम प्रशासन श्री ओपी जैन ने कहा कि ग्रामीण विकास में गांधीजी की प्रासंगिकता क्या है, उसे समझने की आवश्यकता है। गांधीजी के जीवन से ग्राम विकास को देखा जा सकता है। गांधीजी सदैव विकेन्द्रीकरण पर विश्वास करते थे। ग्राम विकास के लिये ग्राम पंचायत सबसे बड़ी पंचायत है, जो स्वयं के निर्णय ले सकती है। आजादी के बाद निति निर्धारकों ने ग्राम विकास के लिये अनेक प्रकार की योजनाएं प्रारम्भ की। ग्राम विकास के लिये त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था की शुरूआत हुई तथा 73वां संविधान संशोधन किया गया। गांधीजी का ग्राम स्वराज का सपना था, जिसे मूर्तरूप दिया जा रहा है। 

करणपुर एसडीएम श्रीमती रिना छिम्पा ने कहा कि आजादी की लम्बी लड़ाई लड़ी गई। आजादी के बाद ग्रामीण विकास, ग्राम स्वरोजगार पर जोर दिया गया। महात्मागांधी ने अपनी आत्मकथा में सपनों का भारत बताया है। गांव में पूर्ण गणराज्य हो, कि परिकल्पना की गई थी। ग्रामीण विकास में फसल उत्पादन बढे, सार्वजनिक भवन हो, गांव में पाठशालाएं हो तथा पांच व्यक्तियों की पंचायत ग्राम में विकास के कार्य करवाएं। श्रीमती रिना छिम्पा ने आर्य काल से लेकर अब तक के पंचायत तंत्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुगल शासकों व अंग्रेजों के शासन काल में पंचायत व्यवस्था नष्ट हुई थी। उन्होंने 64 व 73वां संविधान संशोधन पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुड गर्वनेंस, गांव में उत्पादक व गांव में उपभोक्ता, कौशल विकास, श्रमदान, शिक्षा जो रोजगार से जोड़े इत्यादि पहलुओं पर विचार व्यक्त किये। ग्राम स्वराज के साथ समाज में व्याप्त कुरीतियों, बुराईयों, अस्पर्शता को समूल नष्ट करने के संबंध में विचार व्यक्त किये। 

श्री संदेश त्यागी ने कहा कि गांधीजी की 150वीं जयंती के अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि सड़कों की गंदगी के साथ-साथ मन की गंदगी को भी साफ किया जाये। महात्मागांधी जी ने जो आजादी का सपना देखा था, वह पूरा हुआ लेकिन आजाद भारत में अशिक्षा, गरीबी को खत्म करना, समय-समय पर गुलामी के खतरों को भांपना व उसी के अनुरूप व्यवस्थाओं में बदलाव की आवश्यकताओं पर बल दिया। उन्होंने ग्रामीण विकास पर बोलते हुए कहा कि वर्तमान में ग्रामीण संस्कृति को बचाना है। हमारी सबसे बड़ी धरोहर संस्कृति है, जिसे नष्ट नही होने देना। ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की पहली कड़ी है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही ग्राम विकास संभव होगा। 

आयोजित समापन समारोह में गत तीन दिवस से आयोजित की जा रही विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन स्थान, सांत्वना पुरूस्कार, विभिन्न कार्यालयों मे साफ-सफाई प्रतिस्पर्धा तथा पोस्टकार्ड प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरूस्कृत किया गया। जिले के प्रभारी श्री प्रवीण गौड ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप गत चार दिनों से जिले भर में अनेक गांधीजी के जीवन पर आधारित कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई गई, जिसमें हजारों-हजारों की भागीदारी यह दर्शाती है कि गांधीजी आज भी कितने लोकप्रिय है। 




आयोजित संगोष्ठी व समापन समारोह के अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ स्वामी ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एडीएम सर्तकता श्री राजवीर सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री मोहम्मद जुनैद, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री विष्णुदत्त स्वामी, श्री हरचन्द गोस्वामी, जिला रसद अधिकारी श्री राकेश सोनी, सहायक निदेशक उद्यान श्रीमती प्रीती गर्ग, राजकीय कन्या महाविधालय के श्री प्रदीप मोदी सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधियों, शहर के जागरूक नागरिकों, विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के प्रधानाचार्यों व विधार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालत श्री लक्ष्मीनारायण शर्मा व श्रीमती शीतल सैन ने किया। ००

शनिवार, 7 सितंबर 2019

नगरपालिका चुनाव-आपने क्या किया है जो पार्षद चेयरमैन बनना चाहते हैं-खरी खरी.

*पशु,सड़कें, सफाई, रोशनी पर बताएं अपने काम*


*  करणी दान सिंह राजपूत*


नगर पालिका चुनाव अब कुछ दिनों में होने वाले हैं और अध्यक्ष तथा वार्ड पार्षदों के लिए हर कहीं हलचल मची है। लोग स्वतंत्र और पार्टियों के नाम पर चुनाव में खड़े होंगे जिनके कुछ प्रचार सामाजिक सेवाओं की सूचनाएं खूब बढाचढा कर  सोशल नेटवर्क पर लगातार ग्रुपों  में आ रही है।  समाचार पत्रों में भी कुछ न कुछ छप रहा है। लोग कहीं ज्ञापन देते हुए कहीं मांग करते हुए कहीं पौधा रोपण करते हुए कहीं कन्याओं की शादी में कुछ भेंट करते हुए फोटो खिंचा रहे हैं। यह प्रचार लगातार कुछ महीनों से हो रहा है। क्या इन लोगों ने नगरपालिका संबंधित कार्य करवाएं हैं?

नगर पालिका के  मुख्य कार्य जो आम जनता से जुड़े हुए हैं उनमें सड़कें सफाई रोशनी, गलियों में किसी न किसी को चोटिल करते हुए पशुधन से बचाव की व्यवस्था, निर्माण कार्य मैं गुणवत्ता आदि हैं। जो लोग खड़े होने का सपना ले रहे हैं,अपनी विजय श्री भी मान रहे हैं वे कम से कम अपने पिछले 5 साल का आकलन स्वयं करें कि उन्होंने अपने वार्ड में क्या करवाया है?

 यदि आप खुद की समीक्षा में खरे उतरते हैं तो बहुत अच्छी बात है। 

चुनाव लड़ने के लिए काबिल माने जाने से पहले भी समीक्षा से पहले कुछ सवाल हैं जिनके उत्तर आप दे सकते हैं। समझ सकते हैं। 

वार्ड वासी भी आपसे जानकारी मांग भी सकते और सवाल भी कर सकते हैं।

आप जिस वार्ड में चुनाव के लिए इच्छुक हैं। क्या उस वार्ड में अभी भी कोई 1-2,5-10 या 20-25 पशुधन जिन्हें आवारा कहते हैं वह घूम रहे हैं? जब गौशालाएं हैं नंदी शाला भी बनाई जा चुकी है,तब सड़कों पर अभी भी पशुधन आपके वार्ड में क्यों घूम रहा है? आपने फिर क्या किया? कितने पशुधन को आपने अपने स्तर पर गौशाला या नंदी शाला में पहुंचाने के लिए कार्य किया। 

आपके वार्ड में सीवरेज नालियां सड़कें क्या इनकी सफाई निरंतर हो रही है? कचरा छुट्टी के दिन रविवार के दिन सड़ांध मारता रहता है? क्या आपके वार्ड में स्ट्रीट लाइट समुचित है या उसमें गड़बड़ है? क्या आपके वार्ड में सड़कें अच्छी बनी हुई है या टूटी फूटी है? क्या नगर पालिका द्वारा करवाए गए निर्माण कार्य मजबूत हैं बिखर गए या टूटे-फूटे हैं?

आपने 5 साल में चाहे सरकार किसी की रही हो चाहे वार्ड पार्षद कोई भी रहा हो आपने स्वयं अपने अपने स्तर पर इन कार्यों के लिए क्या-क्या किया? 

यदि इन कार्यों में आपका उत्तर नहीं आता है, वार्ड के नागरिकों की ओर से सवाल होने पर आप जवाब नहीं दे पाते हैं तो आप नगर पालिका के पार्षद पद का चुनाव लड़ने के लिए स्पष्ट रूप से काबिल नहीं हैं। 

5 साल का वक्त बहुत होता है। इसका मतलब यह हुआ कि आपने प्रचार तो विभिन्न कार्यों का किया लेकिन असल में जहां आपकी आवश्यकता थी वहां पर आप पूर्णतया गैरहाजिर रहे।  

नगर पालिका में नागरिकों के कार्य कराने के लिए आप कितना सक्रिय रहे?वृद्धावस्था पेंशन, योजनाओं मेंआवासीय पट्टे बनाने के कार्य, अन्य कार्यों के लिए कितने लोगों को सहयोग दिया,आगे बढ़ कर के काम किया। 

इसका उत्तर भी आप स्वयं खोजें। 5 साल के अंदर वार्ड भर में आपने ऐसे 10-12 कार्य भी नहीं करवाए तब आप किस मुंह से पार्षद का चुनाव लड़ना चाहते हैं?

नगर पालिका के चुनाव में राजनीतिक दल विशेषकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी व अन्य कुछ दल अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारेंगे। वह भी इन प्रश्नों का उत्तर उम्मीदवार के तय करने से पहले खोजें तो उचित रहेगा।  राजनीतिक दल प्रभाव से टिकट वितरित करते हैं चाहे व्यक्ति वार्ड में कोई उपस्थिति रखता है या नहीं रखता। नेताओं के नजदीक होना जरूरी होता है।  ऐसे व्यक्ति जीतने चाहिए या नहीं जीतने चाहिए? इसका निर्धारण तो जनता ही करेगी।

जो लोग राजनीतिक पार्टियों से टिकट नहीं चाहते कि दोनों पार्टियों का कहीं ना कहीं विरोध होगा तब निर्दलीय खड़ा होना ज्यादा उचित है। ऐसे लोगों को लोग वोट भी दे देते हैं और जिता भी देते हैं लेकिन नगरपालिकाओं के पिछले चुनावों को ध्यान से देखें समीक्षा करें कि जिन लोगों को निर्दलीय जिताया वे 1 दिन का इंतजार भी नहीं किया और 2- 4 घंटों में ही सत्ताधारियों में मलाई खाने को जा मिले। इस प्रकार के मलाई खाने वाले व्यक्तियों ने कभी भी जनता का सहयोग नहीं किया और जनता के काम करवाने में पीछे रहे।  जहां-जहां फर्जीवाड़े से धन कमाने की बातें आई उनमें इस प्रकार से जीते हुए निर्दलियों ने भी कमाई करने में स्वयं को पीछे नहीं रखा। इस प्रकार के लोग अब अन्य दूसरे वार्डों में भी घूमने लगे हैं।  लोगों से मेलजोल बढ़ाने लगे हैं ताकि वहां से खड़े होकर फिर से नगरपालिका में पहुंच जाएं लेकिन वे चाहे किसी भी वार्ड से खड़े हो उनसे सवाल जवाब तो होने ही चाहिए कि क्या-क्या किया है?

 लेकिन यह सच्चाई भी है कि सवाल करने वाले 1- 2 व्यक्ति ही होते हैं इसलिए भ्रष्टाचारियों और दोगले लोगों की खराब गाड़ियां भी निकल जाती हैं। 

नगरपालिका का नया नियम है अध्यक्ष या सभापति का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाएगा। अब ऐसे लोगों में जो चेयरमैन का चुनाव लड़ेंगे कितनी काबिलियत वाले होने चाहिए? शहर के लिए उन्होंने क्या कुछ किया है और आगे क्या करने वाले हैं?

 इसके अलावा वर्तमान में नगर पालिकाओं में जो भ्रष्टाचार हुए घपले हुए निर्माण कार्यों में अनियमितताएं हुई उन पर कितने लोगों ने विरोध प्रकट किया? किस किसने संबंधित विभागों को सूचना दी या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में तथा पुलिस मेें कोई शिकायत की?  स्वायत शासन निदेशालय में क्या कोई पत्र लिखा?यदि कुछ भी नहीं किया है तो वे लोग अध्यक्ष पद के लिए काबिल कैसे माने जा सकते हैं? 

यहां पर एक और कार्य है जो नगरपालिका का तो नहीं है लेकिन जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है उसमें महानुभावों ने क्या किया है?  जलदाय विभाग जो पानी गंदा दे रहा है उसको रोकने रुकवाने के लिए संबंधित चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति ने कभी कुछ किया है या नहीं किया है? 

यहां पर अनेक लोग अपनी समाज सेवा का बखान कर सकते हैं लेकिन उन सेवाओं का नगर पालिका के पार्षद और चेयरमैन चुनाव से किसी प्रकार का संबंध नहीं होना चाहिए? आजकल पर्यावरण के नाम पर भी लोग 2-4 पौधे लगा कर फोटो खिंचा कर खुश हो रहे हैं कि नगर पालिका चुनाव में अपनी हिस्सेदारी किसी न किसी तरीके से पेेश कर चुनाव लड़ेंगे।  बहुत से ऐसे कार्य हैं जिनमें फोटो खिंचवाने और प्रचार करना आसान है वे सभी कार्य किए हैं लेकिन मुख्य कार्य नगरपालिका के जो उपर वर्णित हैं उनमें कितने कार्य किए गए हैं?००

तुम्हारी एक झलक ही लुभा गई- कविता-करणीदानसिंह राजपूत.


तुम्हारी एक झलक ही लुभा गई,
फिर से आओ,उस रूप में तुम।


लाल टी शर्ट अच्छा फबता है,
गुलाबी भी तुम पर जचता है,
हरे की हरियाली भाती है।
तुम्हारे गौर वर्ण पर ।
निखर जाते हैं हर रंग
तुम टीशर्ट में स्टुडेंट लगती
दिल में चली आती हो।


काला टीशर्ट नहीं लगता
बदन पर अच्छा,
गौरे रंग पर काला तिल
नजर लगने से बचाता है।
ठोड़ी गाल गर्दन पर
कहीं बनाती रहो तिल।


तुम अभिनय करो
तुम गीत गाओ
तुम नृत्य में लुभावो
मुझे हर रूप सुहाना लगता है
आओ, देरी न करो
दिल में समाओ।


झुलसाती गर्मी में
पसीना पोंछती और
सर्दी की शीत लहर में
टोपी लगाई तुम सुंदर
दिख ही जाती हो।


ऊंची छत पर तुम
चहलकदमी करती
चांदनी में जब
नजर आती हो
सुंदर बहुत सुंदर।


तुम्हारी एक झलक ही लुभा गई,
फिर से आओ,उस रूप में तुम।


*****

करणीदानसिंह राजपूत,
विजयश्री करणीभवन, सूर्यवंशी स्कूल के पास,मिनी मार्केट, सूर्योदय नगरी।
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
9414381356.
************

रविवार, 1 सितंबर 2019

पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत के पुत्र व पुत्रवधु रवि-साक्षी अमेरिका पहुंचे


*रविप्रतापसिंह और पत्नी साक्षी अमेरिका पहुंचे.*

सूरतगढ़ 2 सितंबर 2019.सीनियर सोफ्टवेयर इंजीनियर रविप्रतापसिंह एक प्रोजेक्ट पर अध्ययन के लिए अमेरिका गए हैं। रवि Fiserv (इंडिया) में सीनियर सोफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अमेरिका के न्यूजर्सी स्टेट के शानदार लोकेशन  पारसीपैनी में रहेंगे। रवि की पत्नी साक्षी अरोरा भी अमेरिका साथ गई हैं। साक्षी भी सोफ्टवेयर इंजीनियर है।

*************

यह ब्लॉग खोजें