रविवार, 29 सितंबर 2019

कच्चाआढ़तिया-श्रीगंगानगर,हनुमानगढ़ बीकानेर का सूरतगढ़ सम्मेलन 28-9-2019.



^^  करणीदानसिंह राजपूत ^^
राजस्थान कच्चा आढतिया संघ के तत्वावधान में गंगानगर हनुमानगढ़ व बीकानेर के व्यापारियों सम्मेलन का आयोजन शनिवार को व्यापार मंडल कार्यालय नई धान मंडी सूरतगढ़ में किया गया।
इस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष श्री किशन दुग्गल ने की। मंच पर प्रदेश संरक्षक श्री निरंजन अग्रवाल प्रदेश महामंत्री श्री ओमप्रकाश गर्ग प्रदेश सचिव श्री अनिल रांका जिलाध्यक्ष श्री चन्द्रेश जैन हनुमानगढ़ जिला सचिव श्री हनुमान रोहतकिया, जिला उपाध्यक्ष श्री सुशील धानुका और व्यापार मंडल सूरतगढ़ के अध्यक्ष दीपक भाटिया उपस्थित थे।
विभिन्न वक्ताओं ने सीसीआई द्वारा काश्तकार से सीधे की जाने वाली नरमे की खरीद को व्यापारियों के माध्यम से किए जाने, सभी कृषि जिंसों पर कच्चा आढ़तियों को सरकार द्वारा आढ़त दिए जाने, भारतीय खाद्य निगम द्वारा बकाया रही आढ़त का शीघ्र भुगतान करने, नरमा कपास पर लगने वाले रिवर्स चार्ज मेकैनिज्म को खत्म करने, गेहूं की खरीद हरियाणा पंजाब पैटर्न पर व्यापारिक बिलों के माध्यम से करने आदि मुद्दों पर अपने विचार रखें। वक्ताओं ने कहा कि सरकार व्यापारिक मांगो पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है जिससे कच्चा आढ़तिया के हितों पर कुठाराघात हो रहा है।
वक्ताओं का सुझाव था कि नरमा कपास कृषि जिंस है जबकि जीएसटी काउंसिल ने उसे वाणिज्यिक उत्पाद मान लिया है जिसकी वजह से उस पर आरसीएम लागू हो गया है अतः उसे कृषि जींस में जुड़वाने हेतु प्रयास करें।
फैक्ट्री मालिक सीसीआई को नरमा कपास की प्रोसेसिंग के लिए अपनी फैक्ट्रियां ना दें।किसानों मजदूरों को भी साथ लेकर आंदोलन किया जाए।  कच्चा आढ़तिया काश्तकारों का एटीएम है जो हर जरूरत पड़ने पर धन उपलब्ध करवाता है।किसान व्यापारी की कड़ी खत्म हो गई कि सभी पक्षों को नुकसान होगा। सरसों चना आदि की ऑनलाइन खरीदने के लिए एक कॉलम बनाया जाए जिसमें व्यापारी का नाम हो। प्रदेश अध्यक्ष श्री किशन दुग्गल ने अगले हफ्ते में मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें अपनी मांगों से अवगत करवाने का निवेदन किया। मांगे पूरी ना करने पर मंडियां बंद करने का आह्वान किया।उन्होंने अपनी कार्यकारिणी में दोनों जिले के सभी व्यापार मंडल अध्यक्षों को शामिल किया। श्री भजन कामरा, मोहन लाल सियाग, वेदप्रकाश सेतिया, रतनलाल,नरोत्तम सिंगला, ताराचंद शर्मा, प्यारेलाल बंसल,मिठू सिंह,कुलवंत सिंह मान, सुरेश बंसल आदि ने विभिन्न सुझाव रखें। इस सम्मेलन में विभिन्न मंडियों से करीब 100 व्यापारी सम्मिलित हुए।कार्यक्रम का मंच संचालन संजय बैद ने किया।
सूरतगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष दीपक भाटिया ने सभी का स्वागत किया।
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शनिवार, 28 सितंबर 2019

सीबीआई ने रेलवे सेक्शन इंजीनियर को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा,


अनूपगढ़ में सेक्शन इंजीनियर आर.एच. मीना ले रहा था रिश्वत,जिसे पकड़ा गया।

सिंचाई पानी की पाइप लाइन क्रोसिंग करने की एवज में मांगी थी रिश्वत।

घटनाक्रम  के अनुसार अनूपगढ़ के पास 78 जीबी निवासी रणवीर सिंह सेखों की जमीन रेलवे पटरी के दोनों और पड़ती है,दोनों और सिंचाई सुविधा के लिए रेल लाइन के नीचे से पाइप को गुजारना था, जिसके लिए आवश्यक निर्धारित रकम जमा करवा दी गई थी।  सीनियर सेक्शन इंजीनियर पिछले 3 महीने से रणवीर सिंह सेखों को परेशान कर रहा था। पहले ₹50000 रिश्वत मांगी गई उसके बाद 25 सितंबर को उक्त इंजीनियर ने ₹28000 में काम करने की सहमति दी और उसके बाद में ₹25000 में मान गया कि काम कर दूंगा।

इसके विरुद्ध रणवीर सिंह सेखों ने सीबीआई जोधपुर हेड क्वार्टर से संपर्क किया और शिकायत दर्ज करवाई।  सीबीआई ने शिकायत का सत्यापन करवाया शनिवार 28 सितंबर को रणवीर सिंह को ₹25000 केमिकल पाउडर लगाकर भेजा गया। सीबीआई टीम के सदस्य इधर उधर नजर लगाए हुए थे।करीब 7:00 बजे राम हरि मीणा  ने रणवीर सिंह सेखों से रिश्वत की रकम ले ली। उसके रकम लेते ही सीबीआई की टीम ने इंजीनियर मीणा को नोटों सहित  गिरफ्तार कर लिया। सूचना है कि बाद में इंजीनियर के सूरतगढ़ स्थित रेलवे आवास की भी जांच की गई और पैतृक आवास की जांच की गई।

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आईपीएस ममता राहुल बिश्नोई के भाई सुनील ने गोली मार आत्महत्या की

बीकानेर।

आइपीएस ममता राहुल बिश्नोई के छोटे भाई ने शुक्रवार रात को घर के कमरे में खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

घटना के समय घर के सभी सदस्य मौजूद थे। गोली की आवाज सुनकर कमरे की तरफ दौड़े। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए। घर में कोहराम मच गया।


 परिजनों ने नयाशहर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद बीकानेर रेंज आइजी जोश मोहन व पुलिस मौके पर पहुंचे।

पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि आइपीएस ममता बिश्नोई का छोटा भाई  सुनील पुत्र स्व. ईश्वर बिश्नोई वैध मघाराम काॅलोनी में परिवार सहित रहता था। शुक्रवार रात करीब आठ बजे उसने घर के कमरे में जाकर खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसका शव कमरे में लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़ा था। प्रथमदृष्टया आत्महत्या लग रही है। 

आइपीएस ममता एवं जोधपुर ग्रामीण एसपी राहुल बारहठ को घटना की इत्तला दी गई है, वे बीकानेर के लिए रवाना हो गए है। शव का पोस्टमार्टम शनिवार को कराया जाएगा। आइपीएस ममता व एसपी राहुल बारहठ  के आने के बाद शव को पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया जाएगा।

आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। सुनील ने अपने लाइसेंसी रिवाॅल्वर से कनपटी पर गोली मारी है। सिर, नाक व मुंह से खून निकला हुआ है।

मामला पुलिस अधिकारी के रिश्तेदार से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने कमरे को सील कर देने के साथ-साथ घर के आसपास के 50 मीटर के इलाके को सील कर दिया। वहां आने-जाने पर रोक लगा दी है। सुरक्षा में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। सीओ सिटी सुभाष शर्मा, कोटगेट, सिटी कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची।

मृतक सुनील दो बहिनों का इकलौता भाई था। इनका पुश्तैनी गांव पांचू है, यह काफी समय से यहां रह रहा था। जानकारी के मुताबिक सुनील की पत्नी भी आरपीएस की तैयारी कर रही है।


गौरतलब है कि आइपीएस ममता राहुल बिश्नोई बीकानेर में एसीबी पुलिस अधीक्षक के पद पर रही थी। यहां से उनका स्थानांतरण अजमेर जीआरपी एसपी पद पर हुआ। हाल ही में हुए स्थानांतरण में ममता को जोधपुर में जीआरपी लगाया गया। ममता के पति आइपीएस राहुल बाहरठ जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत है। 

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शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

एमपी प्रेमजाल में बड़े नेताओं अफसरों व्यापारियों को नाम खुलने का डर



* मध्य प्रदेश हनी ट्रैप कांड: 18 साल की आरोपी सरकारी गवाह बनने को तैयार, कई बड़े नाम आ सकते हैं सामने*

26 सितंबर 2019.

मध्‍य प्रदेश हनी ट्रैप कांड में बड़ा खुलासा, गिरोह के पास जांच एजेंसियों को आईएएस अधिकारियों की 'टारगेट लिस्‍ट' मिली। उधर, एक आरोपी मामले में सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हो गई है। एसआईटी ने उससे चार घंटे पूछताछ की।


मध्‍य प्रदेश में हनी ट्रैप रैकिट के खुलासे ने कई दिग्‍गज नेताओं, अधिकारियों और व्‍यापारियों की नींद उड़ा दी है। देश का 'सबसे बड़ा ब्‍लैकमेलिंग सेक्‍स स्‍कैंडल' कहे जाने वाले इस केस में एक और महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। हनी ट्रैप मामले में पांच अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार हुई 18 वर्षीय आरोपी मोनिका यादव सरकारी गवाह बनने के लिए राजी हो गई है। अब वह इस मामले में मुख्य गवाह होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही इस सबसे बड़े ब्‍लैकमेलिंग सेक्‍स स्‍कैंडल केस में कई अहम खुलासे होंगे। 

मोनिका के सरकारी गवाह बनने की यह बात तब सामने आई है जब एक दिन पहले ही उसके पिता ने मानव तस्करी मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

 इंदौर नगर निगम के अधीक्षण इंजिनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मोनिका के अलावा, आरती दयाल, श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन, बरखा सोनी और एक ड्राइवर ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया था। इंजिनियर ने आरोप लगाया गया कि एक आरोपी महिला ने उनसे दोस्ती कर एक आपत्तिजनक विडियो बनाया और उसके आधार पर 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही है।


मोनिका को बनाया गया 'मोहरा'


पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस गैंग को श्वेता जैन चला रही थी। ऐसे में पुलिस मान रही है कि मोनिका के सरकारी गवाह बनने से यह बात सामने आएगी कि श्वेता ने किस तरह से ऑपरेशन को अंजाम दिया। सूत्रों ने बताया कि मामले में मोनिका को 'मोहरा' बनाकर आरोपियों ने कई लोगों से करोड़ों रुपये ठगे हैं।


आरोपी से चार घंटे कड़ी पूछताछ

उधर, प्रदेश सरकार की तरफ से मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी टीम ने बुधवार सुबह इंदौर पहुंचकर मोनिका से पूछताछ शुरू कर दी है। एसआईटी टीम मोनिका को एक गुप्त स्थान पर ले गई। यहां एडीजी संजीव शमी और एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा द्वारा अन्य सदस्यों की उपस्थिति में उससे चार घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों ने बताया कि अगला कदम अब मोनिका और उनके पिता को संरक्षण देना है।


मध्य प्रदेश को हिलाने वाली हनी ट्रैप कांड की पूरी कहानी


हार्ड डिस्क की तलाश में एसआईटी

एसआईटी टीम बुधवार देर रात भोपाल में आरती दयाल के घर से सबूत जुटाने के इंदौर से रवाना हो गई। सूत्रों ने बताया कि मोनिका ने पूछताछ के दौरान हनी ट्रैप मामले में आरती की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी है। इसमें उसने हार्ड डिस्क का भी जिक्र किया है जिसमें कई विडियो सेव हैं। पुलिस भोपाल में हार्ड डिस्क की तलाश में दबिश दे रही है।


आरोपी से जेल में हो सकती है पूछताछ

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी मोनिका जो इंदौर जेल में हैं, उसे पूछताछ के लिए भोपाल ले जाया जा सकता है या उससे जेल में पूछताछ की जा सकती है। एसआईटी प्रभारी एडीजी संजीव शमी ने कहा, 'टीम सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अगर मामले में पाया जाता है तो प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आएंगे।'


एक अन्य महिला की तलाश में दिल्ली गई टीम

पुलिस को आरोपी के साथ एक महिला की संलिप्तता भी मिली, जिसे 'रूपा अहिरवार' माना जाता है, जब वे एक स्थानीय होटल में गए थे। इस महिला का पता लगाने के लिए एक टीम दिल्ली भेजी गई है। इस बीच, बेचैनी की शिकायत के बाद आरती दयाल को बुधवार को फिर से अस्पताल ले जाया गया। हालांकि एसएसपी ने बताया कि उसकी सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं।


जांच में ये भी खुलासा

1.आरोपियों ने कई सारे एस्कॉर्ट सर्विस पोर्टल्स पर खुद का ब्योरा दे रखा था। कई सारे मोबाइल ऐप्स पर भी उन्होंने अपने बारे में जानकारी दी थी।

2.जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि क्लाइंट्स के साथ उन्होंने अपनी प्रोफाइल्स शेयर की हैं। इतना ही नहीं वे गोवा, मुंबई, दिल्ली सहित कई शहरों में आती-जाती रही हैं।

3.जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी मुख्य रूप से बड़े घरों के लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं। खासकर अमीर शादीशुदा लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करती थीं।

4.ये सभी आरोपी एक दिन के लिए 10 हजार से 40 हजार रुपये तक चार्ज करती थीं और महंगे होटलों में ठहरती थीं।


गुरुवार, 26 सितंबर 2019

सबसे बड़ा सेक्स स्कैंडल:नंगे विडिओ.तस्वीरों और सेक्स चैट की 4000 फाइलें

नई दिल्ली 25-9-2919.

*हनीट्रैप रिंग से जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन में अबतक लगभग 4,000 फाइलें मिलीं हैं, जिनमें कई नेताओं, अधिकारियों और व्‍यापारियों के सेक्स चैट के स्क्रीनशॉट, आपत्तिजनक स्थिति में नग्न वीडियो और ऑडियो क्लिप सामने आए हैं।**


  मध्य प्रदेश में देश का सबसे बड़ा ब्‍लैकमेलिंग सेक्‍स स्‍कैंडल पकड़ा गया है। हनीट्रैप रिंग से जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन में अबतक लगभग 4,000 फाइलें मिलीं हैं, जिनमें कई नेताओं, अधिकारियों और व्‍यापारियों के सेक्स चैट के स्क्रीनशॉट, आपत्तिजनक स्थिति में नग्न वीडियो और ऑडियो क्लिप सामने आए हैं। मध्‍य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह लोगों को इंदौर और भोपाल से गिरफ्तार किया है।

जांच एजेंसियों को हनीट्रैप रैकिट में शामिल लोगों के लैपटॉप और मोबाइल फोन से ये फाइलें मिलीं हैं। इस मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि ये देश का सबसे बड़ा ब्‍लैकमेलिंग सेक्‍स स्‍कैंडल है।


 जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है और फाइलें मिल रहीं हैं। हनीट्रैप रिंग से जब्त किए गए मेमोरी कार्ड और फोनों से फोटो तथा विडियो निकालने के लिए फोरेंसिक टीम को ओवरटाइम काम करना पड़ रहा है।


अबतक 4 हज़ार से ज्यादा फाइलें मिलीं हैं और ये संख्या 5 हज़ार के ऊपर जा सकती है। नव भारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस स्कैंडल में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ लड़कियों की उम्र 18 साल है। ये लड़कियों भोपाल के एक चर्चित क्‍लब में जाती थीं जहां वरिष्‍ठ नौकरशाहों और अधिकारियों द्वारा कमरे बुक किए जाते थे। अधिकारी ने बताया कि क्‍लब का चेक इन रजिस्‍टर गायब हैं और जिन रिकोर्ड्स में लड़कियों की तस्वीर है उसने छेड़छाड़ की गई है।



हनीट्रैप रिंग के इस जाल में फंसे वालों की लिस्ट बहुत लंबी है। इसमें वरिष्ठ नौकरशाहों से लेकर जूनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर और भाजपा, कांग्रेस के शीर्ष नेता तक शामिल हैं। जैसे-जैसे सेक्‍स विडियो सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे प्रभावशाली लोगों को अपना चेहरा बेनकाब होने का डर सताने लगा है। मध्‍य प्रदेश में पिछले दिनों हनी ट्रैप गिरोह के भंडाफोड़ के बाद राज्‍य में राजनीति गरम हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी पर राज्‍य सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। उधर, बीजेपी ने भी पलटवार किया है और कहा है कि पुलिस पर हनी ट्रैप मामले को लेकर दबाव बनाया जा रहा है।

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नेता, अफसर और हसीनाएं: 15 करोड़ के हनी ट्रैप- 90 वीडियो.


नई दिल्ली, 24 सितंबर , 2019.


5 खूबसूरत 'शिकारी.' युवतियां 20 नेता अफसर  शिकार. 90 'रंगीन' वीडियो. 15 करोड़ का 'हनी टैक्स.' एक सरकार को ब्लैकमेल करने की साज़िश. मध्य प्रदेश में हुए वीडियो ब्लैकमेलिंग कांड*


* मध्य प्रदेश में पांच लड़कियों के एक ग्रुप ने सत्ता में बैठे कुछ मंत्रियों, विपक्ष के कुछ नेताओं, अफसरों, ठेकेदारों और इंजीनियरों को अपनी खूबसूरती के जाल में फंसा कर खुफिया कैमरों में कैद कर लिया. तस्वीरें ऐसी कि अगर बाजार में आ गई तो उन सबकी इज्जत उतर जाए।

इन पांच हसीनाओं ने एक दो या पांच दस नहीं बल्कि 20 से भी ज़्यादा सफेदपोश इज्जतदार लोगों की अश्लील वीडियो बनाई है. एमपी के इस सबसे बड़े ब्लैकमेलिंग कांड की जांच के लिए बाकायदा स्पेशल इंवेस्टिगेटिव टीम यानी एसआईटी बनाई गई है।

मध्य प्रदेश में हुए वीडियो ब्लैकमेलिंग कांड में जैसे जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है. एक से बढ़कर एक सनसनीखेज खुलासे होते जा रहे हैं. ऐसे खुलासे जिससे सिर्फ पुलिस ही नहीं, अफसर, नेता, मंत्री सबकी सांसे अटकती जा रही हैं। 

पुलिस और एटीएस की अब तक की पड़ताल से पता चला है कि इन पांच हसीनाओं ने एक दो या पांच दस नहीं बल्कि करीब 20 से भी ज़्यादा रसूखदार लोगों की रंगीन मिज़ाजी का फायदा उठाकर उनके अश्लील वीडियो बना लिए थे। इनमें सत्ताधारी पार्टी औऱ विपक्ष के कई नेताओं से लेकर कई सरकारी अफसर भी शामिल हैं. यहां तक कि इंजीनयर, कारोबारी और ठेकेदार भी इनके हुस्न के जाल से नहीं बच पाए. ख़बर है कि इन हसीनाओं ने करीब 20 से ज़्यादा नेताओं और अफसरों को अपना शिकार बनाया.

इन पांचों ब्लैकमेलर हसीनाओं ने एक दो नहीं बल्कि पूरे 90 ऐसे वीडियो बनाए थे, जिनमें उनके साथ क्लाइंट की रासलीला की तस्वीरें कैद हैं. खास बात ये कि इनमें 90 वीडियो में से 30 वीडियो सिर्फ नेताओं-मंत्रियों और आईएएस-आईपीएस अफसरों के हैं. पुलिस को आरोपी महिलाओं के पास से 90 वीडियो के साथ 8 सिम कार्ड्स भी मिले हैं. जिनका पूरा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है. हालांकि पुलिस ने इन्हें रिकॉर्ड में नहीं लिया है. पर फॉरेंसिक जांच के लिए ये सारे सबूत लैब में भेज दिए गए हैं.

जिन 20 नेताओं-मंत्रियों और अफसरों के इन हसीनाओं ने अश्लील वीडियो बनाए. उसके बदले में बड़ी कीमत भी वसूल की गई. अभी तक की तहकीकात से पता चला है कि ये शिकारी हसीनाएं अपने शिकार से अब तक करीब 15 करोड़ की रकम वसूल कर चुकी थीं. इनमें अलग अलग शिकार से 50 लाख रुपये से लेकर 3 करोड़ तक की रकम शामिल है. यानी जिसका जितना बड़ा ओहदा और रसूख. उससे उतनी बड़ी वसूली। 

इन ब्लैकमेलर हसीनाओं का ये गेम कई सालों से चल रहा था. जिसमें भोपाल से लेकर इंदौर तक. नेता से लेकर नौकरशाह तक. कारोबारी से लेकर ठेकेदार तक कई रसूखदार लोग ट्रैप हो चुके थे।

मामला तब खुला जब इंदौर नगर निगम के एक इंजीनियर को अपने जाल में फंसाने के बाद उससे तीन करोड़ की रकम मांगी गई. और इंजीनियर ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवा दी. उसके बाद पुलिस ने प्लान बनाकर पहले उस ब्लैकमेलर महिला को इंदौर बुलाया और फिर उसे दबोचने के बाद एक एक कर तीन और आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया.

आखिर इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस सेक्स रैकेट के बारे में क्या पुलिस को पहले से खबर नहीं थी.जो मंत्री नेता और अफसर इन हसीनाओं की ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहे थे. वो अब तक खामोश क्यों रहे. पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि क्लब में क्लाइंट फंसाने के अलावा ये शातिर हसीनाएं अपने शिकार को साधने के लिए हाई प्रोफाइल पार्टियों में भी आया जाया करती थीं.

हनी ट्रैप में पकड़ी जाने वाली महिलाएं लेट नाइट पार्टियों की शौकीन थीं. इनके मोबाइल फोन में शराब पार्टियों के कई वीडियो मिले हैं. अक्सर शनिवार की रात को हाईवे पार्टी के नाम से ये पिकनिक मनाती थीं. अक्सर ये हाईवे पार्टी भोपाल-इंदौर फोरलेन रोड पर होती थीं. इसके अलावा सीहोर बायपास के रिसोर्ट में और बड़े होटलों या फार्म हाउस में ऐसी पार्टियों को रखा जाता था. इन पार्टियों में नेताओं और मंत्रियों से लेकर आईएएस और आईपीएस अफसरों तक को बुलाया जाता रहा है.

इन ब्लैकमेलर महिलाओं के जाल में फंसे 20 रसूखदार लोगों में से सात-आठ ऐसे भी थे, जिन्हें इनके मकसद के बारे में पूरी जानकारी थी. इसकी जानकारी इन महिलाओं से मिले मोबाइल फोन पर हुई बातचीत और मैसेजे से मिली है. यही वजह है कि पुलिस इसे संगठित अपराध मानते हुए बेहद गोपनीय तरीके से पूछताछ कर रही है और पुलिस प्रशासन के बड़े अफसरों को भी आरोपियों से मिलने की इजाजत नहीं है.


बुधवार, 25 सितंबर 2019

कट गए हजारों बिना पेच लड़़े: कविता-करणीदानसिंह राजपूत


कट गए हजारों
बिना पेच लड़े।
आकाश में उड़ने के सपने
धरती पर ढेर हो गए।
हर शहर में
हर गली में
मिलेंगे बिलखते
कोई नहीं उनके
आंसू पोंछने वाला।
कितने रंगों से सजे
कितने संपर्क बनाए
कितने रिश्ते जोड़े
कितने हाथ जोड़े
कितने चरण दबाए।
मगर कट गए हजारों
बिना पेच लड़े।
सोचते थे
हम ही उड़ेंगे
मगर आरक्षण के
धागे से
बिना उड़े ही
कट गए।
बड़े भी नहीं बचे
जो ढाल कहलाते थे
बड़े का गुमान था
बड़े की ताकत थी
वे भी कट गए।
ये तो चुनाव का
खेल था
पांच साल का
सरकारी नौकरियों में तो
लाखों सिमट गए।
***
करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार,
सूरतगढ़।
94143 81356.

मंगलवार, 24 सितंबर 2019

1000 की आबादी वाले गांवों में ई-मित्र की सुविधा मिलेगी-2 अक्टूबर 2019 से शुरू


श्रीगंगानगर, 24 सितम्बर 2019.

आमजन को घर के पास विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करवाने हेतु सरकार ने सहकारिता के माध्यम से ई-मित्र सेवा शुरू की है। बिजली, पानी, मोबाईल के बिल जमा करवाने से लेकर जन्म-मृत्यु, प्रमाण पत्र, मूल निवास, परिक्षाओं की फीस, विवाह प्रमाण पत्र बनवाना, रेवेन्यू कोर्ट मेनेजमैन्ट, रोजगार आवेदन जैसी लगभग 500 प्रकार की सेवाएं ई-मित्र केन्द्रों पर उपलब्ध है। इस संबंध में सहकारिता के सचिव श्री पवन के नीरज ने वीसी के माध्यम से आवश्यक निर्देश दिये तथा तत्काल ई-मित्र की सेवाएं प्रारम्भ करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एक हजार की आबादी वाले गांवों में ई-मित्र की सुविधाएं सहकारिता के माध्यम से दी जायेगी। 

राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा राज्य की समस्त लगभग 6500 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में ई-मित्र की सुविधा प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत राज्य के सभी गांवो-ढाणियों में यह सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। श्रीगंगागर केन्द्रीय सहकारी बैंक की पदमपुर तहसील की 02 समितियों बींझबायला और फकीरवाली में पूर्व में ही यह सुविधा ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध करवा रही है। बींझबायला ग्राम सेवा सहकारी समिति लगभग 5 वर्षों और फकीरवाली समिति 3 वर्षों से यह सुविधा समिति सदस्यों एवं अन्य कृषकों को दे रही है। पहले विभिन्न राजकीय कार्यों के लिये अलग-अलग कार्यालयों में जाना पड़ता था, जिससे समय खराब होता था और परेशानी भी होती थी। अब गांव-गांव तक सेवाएं घर के पास ही उपलब्ध है। 

सहकारिता के क्षेत्र में ई-मित्र सुविधा उपलब्ध होने से यह सुविधा गांव-गांव में घर के पास उपलब्ध हो गई है। राज्य सरकार द्वारा घोषित अल्पकालीन ऋण माफी योजना 2018 के और ऋण वितरण योजना 2019 के अंतर्गत भी ई-मित्र से सुविधा दी गई है। सहकारिता विभाग राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार 2 अक्टूबर 2019 (गांधी जयंती) से जिले की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों में यह सुविधा प्रारम्भ हो जायेगी। वीवी में 2 अक्टूबर को विशेष सभाएं आयोजित करने तथा रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश दिये गये है। 

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सोमवार, 23 सितंबर 2019

एसडीएम का रीडर रिश्वत लेते गिरफ्तार: बावड़ी का मामला


* भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से 23-9-2019 को बावड़ी क्षेत्र में की गई विशेष कार्रवाई में एसडीएम के रीडर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है*
जानकारी के अनुसार धनारी कला में भारी नगर निवासी केसाराम की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। उसने शिकायत की थी कि उसकी मां के नाम छिंदड़ी गांव में जमीन के मामले में स्टे हटाने व एसडीएम से पत्थरगढ़ी का आदेश करवाने की एवज में रीडर ने पचास हजार रुपए मांगे थे। पच्चीस हजार रुपए लेने के बाद सोमवार को दस हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रीडर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ दुर्ग सिंह राजपुरोहित ने यह कार्रवाई की है।

रविवार, 22 सितंबर 2019

कांग्रेस की खराब हवा में कैसे जिताएंगे चेयरमैन?

* चेयरमैन का चुनाव पार्षदों के द्वारा कराने की अधिसूचना आ सकती है* 


^^ करणीदानसिंह राजपूत ^^


राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को आए हुए 10 माह होने आए हैं मगर कहीं भी कांग्रेस सरकार के चलने के और जनता के काम होने के संकेत नहीं मिल रहे। सरकारी कार्यों जनता के साथ हो रहे व्यवहार और बढ़ रही रेप की घटनाओं को लेकर प्रदेश में भारी असंतोष है। वहीं ग्रुपों में बंटी कांग्रेस अपनी स्थिति को सुधारने में बहुत पीछे है। 

राजस्थान में 52 स्थानों पर नगरीय निकाय के चुनाव नवंबर में होने वाले हैं जिनकी मतदाता सूचियां आदि की प्रक्रिया पूरी होने वाली है। वार्डों की संख्या में बढोतरी और पुनर्गठन हो चुके हैं। 

प्रदेश में कांग्रेस की खराब हवा के चलते चेयरमैन पद पर सीधे चुनाव में कांग्रेस की जबरदस्त हार होने की संभावना पर चर्चाएं गरम हैं। 

52 स्थानों पर चुनाव होने वाले हैं और करीब 48 स्थानों पर कांग्रेस का चेयरमैन सीधे चुनाव से आने की संभावना नहीं है। इन चर्चाओं को लेकर यह संभावना मानी जा रही है कि चेयरमैन के सीधे चुनाव की प्रक्रिया बदल दी जाए और पार्षद गण ही चेयरमैन पद के लिए चुनाव करें। 

कांग्रेस को आशा है कि इस बदलाव से नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के बोर्ड बनाए जा सकेंगे। अभी हालात भाजपा के पक्ष में मजबूत हैं। 

कश्मीर में धारा 370 में बदलाव होने के बाद भारतीय जनता पार्टी और मोदी का नाम जनता में और ज्यादा प्रभावी हो गया है। मोदी के नाम पर नगर पालिका चुनाव में भी वोट मांगे जाएंगे इससे कांग्रेस में भय व्याप्त है। यदि 52 निकायों के चुनाव में कांग्रेश को केवल चार पांच स्थानों पर ही जीत मिलने की संभावना हो तब नियम बदलना सरकार के लिए कठिन नहीं आसान कार्य है। 

कांग्रेस का प्रदेश में इक्का-दुक्का बोर्ड ही बन पाये और भारतीय जनता पार्टी का ध्वज लहराए तब सरकार के लिए नियमों का बदलना कोई बड़ी बात नहीं। अधिसूचना के जरिए यह कार्य तुरंत हो सकता है।

 इस नियम के बदलाव की चर्चाओं में पार्षदों का चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों में खुशी की लहर है। पहले यह था कि चैयरमैन सीधे चुनाव से जीत कर आएगा जो पार्षदों की कम सुनेगा और उसे दबाकर नहीं रखा जा सकेगा।

उसे हटाया नहीं जा सकता क्योंकि तीन चौथाई पार्षद अविश्वास के लिए जुटाने बहुत मुश्किल होते हैं। एक बार जो जीत गया वह जीत गया हालांकि पार्षदों के द्वारा चुने गए चेयरमैन को हटाने के लिए भी तीन चौथाई पार्षदों का होना आवश्यक है।

चैयरमैन पद पर  चुनाव के लिए पार्षदों का बहुमत जरूरी होगा इसलिए पार्षदों की पूछ होगी। इसी के लिए पार्षद खुश हो रहे हैं कि 5 साल तक स्थानीय निकाय में उनका वर्चस्व भी

 रहेगा। 

चेयरमैन को पार्षदों की खुशामद भी करते रहना पड़ेगा। अब देखते हैं कि सरकार कि नियम बदलने की यह अधिसूचना कब आती है? 

इसके बावजूद भी यह गारंटी नहीं होगी कि अधिकांश चैयरमैन पदों पर जीत प्राप्त करले। 

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शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

रेलवे फुट ओवर ब्रिज बंद-पास के पुल का प्रयोग करें की सूचना

 ^^  करणीदानसिंह राजपूत ^^

 सूरतगढ़ 20 सितंबर 2019.

बिजली से गाड़ियां चलाना अभियान के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण में अब सूर्योदय नगरी को मुख्य बाजार से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज को आज से 6 माह के लिए बंद कर दिया गया है। (इसके सूचना पट्ट पर तारीख नहीं है।)


फुट ओवरब्रिज रेल यात्रियों के लिए तो पहले ही बंद कर दिया गया था व प्लेटफार्मों  से कट कर दिया गया था। अब केवल सूर्योदय नगरी के लोगों के इस्तेमाल के लिए था।

अब सूचना पट्ट पर यह  लिखा है कि पास के दूसरे पुल का प्रयोग करें,लेकिन वह सीढियों वाला है और सीढियां भी काफी है।

सूर्योदय नगरी के हजारों लोगों को टिकट लेने के लिए मुख्य गेट पर आने के लिए परेशानी होगी। वरिष्ठ नागरिक, छूट की टिकट के लिए मुख्य गेट पर ही पहुंचना होता है, क्योंकि ये टिकट मुख्य गेट पर ही मिलती है। दिव्यांग के लिए भी भारी परेशानी होगी। 

सूरतगढ में पटरियों के साथ बिजली लाइनों से जोड़ने का कार्य चल रहा है और जल्दी ही पूरा होने के बाद बठिंडा सूरतगढ़ के बीच रेलवे गाड़ियां बिजली से संचालित होगी और उनकी स्पीड भी बढ़ाई जाएगी।



 

आनन्द प्रकाश बने उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबन्धक



सूरतगढ़/श्रीगंगानगर, 20 सितम्बर 2019.

 श्री आनन्द प्रकाश ने 19 सितम्बर 2019 को उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबन्धक का पदभार ग्रहण किया। इससे पूर्व श्री आनन्द प्रकाश पूर्वोत्तर रेलवे में अपर महाप्रबन्धक के पद पर पदस्थापित थे।

उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी श्री अभय शर्मा के अनुसार श्री आनन्द प्रकाश, 1982 बैच के ‘‘भारतीय रेल इंजीनियरिंग सेवा’’ (आईआरएसई) के एक ख्याति प्राप्त अधिकारी हैं। श्री आनन्द प्रकाश ने इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्वालियर से सिविल इंजीनियर में स्नातक एवं रूड़की विश्वविद्यालय से परास्नातक की उपाधि प्राप्त की है। श्री प्रकाश ने रेलसेवा के दौरान वर्ष 2013 में इन्दिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिर्वसिटी से एम.बी.ए. की डिग्री भी प्राप्त की है। अपने उत्कृष्ट कैरियर के दौरान श्री आनन्द प्रकाश ने भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। श्री प्रकाश ने अपर महाप्रबन्धक-पूर्व रेलवे, कोलकाता, मुख्य रेलपथ इंजीनियर-दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर, दक्षिण रेलवे पर मण्डल रेल प्रबन्धक-पालघाट, कार्यकारी निदेशक (इरकान) आदि महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक कार्य किया है। श्री प्रकाश ने इरकान में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्य करते हुये देश की सबसे बड़ी रेल सुरंग पीर पंजाल टनल (जम्मू कश्मीर) की कमीशनिंग कराई।

श्री आनन्द प्रकाश ने स्ट्रेटिक मैनेजमेंट में मिलानो-इटली तथा पिट्सबर्ग-यू.एस.ए. में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन्हें योगा, मेडिटेशन, अध्ययन एवं पर्यटन में गहन रूचि है।

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पूर्व मंत्री चिन्मयानंद गिरफ्तार:यौनशोषण मुकदमा

शाहजहांपुर, 20 सितंबर, 2019

यौन शोषण केस में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया गया है. अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. यूपी की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने चिन्मयानंद को शाहजहांपुर से ही गिरफ्तार किया. इसके बाद शाहजहांपुर की जिला अदालत में चिन्मयानंद का मेडिकल टेस्ट करवाया गया. यहां से उन्हें स्थानीय अदालत में ले जाकर पेश किया गया. अदालत ने स्वामी चिन्मयानंद को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

गिरफ्तारी के बाद स्वामी चिन्मयानंद की वकील पूजा सिंह ने बताया कि उनके मुवक्किल को उनके घर से ही गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया के मुताबिक अगला कदम उठाएंगी.

लॉ की एक छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इन आरोपों के सिलसिले में पिछले शुक्रवार को SIT की टीम ने करीब 7 घंटे तक स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ की थी. स्वामी चिन्मयानंद से पुलिस लाइन में स्थित एसआईटी के दफ्तर में पूछताछ की गई थी.

दुष्कर्म के आरोपों पर पूछताछ

स्वामी चिन्मयानंद से सारे सवाल छात्रा और उसके आरोपों के बारे में ही पूछे गए. चिन्मयानंद से पूछा गया कि आखिरकार उनसे जुड़े वीडियो का सच क्या है? वह छात्रा को कैसे जानते हैं? और छात्रा की ओर से लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के बारे में उनका क्या कहना है? एसआईटी ने कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में मिले साक्ष्यों के आधार पर भी स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ की.


आरोपों को स्वामी ने बताया था साजिश

लॉ छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों पर स्वामी चिन्मयानंद का कहना था कि वह जल्द ही एक विश्वविद्यालय का निर्माण करने जा रहे थे. कुछ लोग चाहते हैं कि उसका निर्माण कार्य ना हो पाए. इसीलिए उनके खिलाफ पूरी साजिश की गई है और इसी के तहत आरोप लगाए गए हैं.


गुरुवार, 19 सितंबर 2019

कौन पालिका चुनाव नहीं लड़ सकेंगे - अध्यक्ष पार्षद चुनाव की पात्रता

* दो से अधिक संतान होने, मुकदमों दोषसिद्धी  की जानकारी देनी होगी* 


^ विशेष- प्रस्तुति - करणीदानसिंह राजपूत ^


श्रीगंगानगर, 19 सितम्बर 2019.

राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान के निर्देशानुसार नगरपालिकाओं के अध्यक्ष, सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिये निरर्हता दो से अधिक संतान होने, दोषसिद्धि एवं विचाराधीन मुकदमों के संबंध में सूचना अभ्यर्थियों से प्राप्त की जायेगी। 

जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजस्थान नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 को संशोधित करते हुए राज्य सरकार ने अधिसूचना के द्वारा राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) (संशोधन) नियम 2019 प्रवृत किये है। नियमों में उक्त संशोधन के परिणामस्वरूप नियम 78 के प्रावधानों के अनुसार नगरपालिका के अध्यक्ष का पद नगरपालिका के समस्त वार्डों के मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने गये व्यक्ति से भरा जायेगा। उक्त नियम 78 के उप नियम 3 में यह प्रावधान है कि कोई व्यक्ति अध्यक्ष के रूप में चुने जाने के लिये या इस पद को धारण करने के लिये तभी पात्र होगा यदि वह नगरपालिका अधिनियम के अंतर्गत नगरपालिका के सदस्य चुने जाने के लिये योग्य है और नियोग्य नही है।


 इस प्रकार राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 में उपबन्धित निरर्हताये नगरपालिका सदस्य के निर्वाचन के साथ-साथ अध्यक्षीय पदों के निर्वाचन में भी लागू है। 


राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 में नगरपालिका सदस्य के निर्वाचन के लिये निरर्हताये बताई गई है, जिनमें कुछ अपराधों के लिये दोषसिद्ध व्यक्तियों को तथा दो से अधिक संतान होने पर निर्वाचन के प्रयोजनार्थ निरर्हित माना गया है। उक्त अधिनियम की धारा 24 के खण्ड (1) के अनुसार कोई भी व्यक्ति जिसे सक्षम न्यायालय द्वारा किसी भी अपराध के लिये दोष सिद्ध ठहराया गया हो और छः माह या अधिक की अवधि के लिये दण्डादिष्ट किया गया हो तो वह नियम कारावास की अवधि समाप्ति की दिनांक से छः साल की अवधि के लिये नियोग्य माना जावेगा।


अपराधों के लिये दोषसिद्ध व्यक्तियों के संबंध में धारा 24 के खण्ड (2) एंव खण्ड (4) में जिसमें नगरपालिका अधिनियम की धारा 245 में किसी अपराध में दोषसिद्ध व्यक्ति को तथा खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 में किसी अपराध में दोषसिद्ध व्यक्ति को निर्वाचन के लिये सदैव के लिये निरर्हित माना गया है। 


राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 के खण्ड (5) के प्रावधान के अनुसार यदि ऐसा व्यक्ति जिसके विरूद्ध दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 110 के अधीन संस्थित कार्यवाही में उस संहिता की धारा 117 के अधीन कोई आदेश पारित किया गया हो और ऐसा आदेश तत्पश्चात उलटा नही गया हो तो वह व्यक्ति उस कालावधि जिसके लिये प्रतिभूति देने का आदेश दिया गया है, के समाप्त होने तक निर्वाचन के प्रयोजनार्थ निर्योग्य माना जायेगा। 

उक्त धारा 24 के खण्ड (10) के प्रावधानों के अनुसार नगरपालिका सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिये यह भी आवश्यक है कि अभ्यर्थी राजस्थान राज्य के विधान मण्डल के सदस्य के चुनाव के लिये निर्धारित योग्यता रखता हो। विधान मण्डल के निर्वाचन के लिये न्यूनतम आयु 25 वर्ष नियत है लेकिन नगरपालिका चुनाव के लिये 21 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाला व्यक्ति निर्योग्य नही होगा। इसी प्रकार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के प्रावधान भी नगरपालिका के सदस्य के निर्वाचन की निर्योग्यता के प्रयोजन हेतु लागू होगें। 

उक्त अधिनियम में यह प्रावधान है कि किसी व्यक्ति के विरूद्ध सक्षम न्यायालय द्वारा  5 वर्ष या अधिक अवधि के कारावास से दण्डनीय मामले में संज्ञान ले लिया है और आरोप विरचित कर दिये गये है, तो ऐसे विचाराधीन मामले में वह व्यक्ति नगरपालिका सदस्य के निर्वाचन के प्रयोजनार्थ अपात्र माना जायेगा। 

नगरनिगम, नगरपरिषद, नगरपालिका बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य पदों के चुनाव में कोई अभ्यर्थी कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत पात्र है इसके लिये अभ्यर्थियों से जानकारी रिटर्निंग अधिकारी को प्राप्त होना आवश्यक है। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 के प्रावधानों के संबंध में नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी से घोषणा पत्र प्रस्तुत करने की भी अपेक्षा रिटर्निंग अधिकारी द्वारा की जायेगी। 

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तेजतर्रार ईओ लालचंद सांखला को नीलामी क्यों रोकनी पड़ी? ईओ का सूचना पत्र

^ करणीदानसिंह राजपूत ^

सूरतगढ़ 19 सितंबर 2019.

नगर पालिका सूरतगढ़ की ओर से इंदिरा सर्किल के पास राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62 पर 19-20 सितंबर को होने वाली नीलामी नहीं हो पाई। नगरपालिका ने 19 सितंबर को नीलामी नहीं होने बाबत एक सूचना पत्र जारी किया है।

अधिशाषी अधिकारी लालचंद सांखला ने सूचना में कारण नहीं लिखा। किन्हीं ओर कारणों से नीलामी का स्थगित किया जाना बताया है।

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भूखंड नीलामी नहीं होगी: पूर्व विधायक व पूर्व अध्यक्ष के पत्र पर कार्यवाही


^^ करणी दान सिंह राजपूत ^^

सूरतगढ़ 19 सितंबर 2019.

राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62 पर इंदिरा सर्किल के पास नगर पालिका की ओर से भूखंडों की नीलामी प्रस्तावित थी जिसका व्यापक प्रचार 18 सितंबर तक किया जाता रहा था पर रोक लगा दी गई है। 



पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिद्धू और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल ने भूखंडों की नीलामी पर आपत्ति करते हुए 16 सितंबर 2019 को  जिला कलेक्टर को विस्तृत पत्र दिया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि मास्टर प्लान की आड़ में नगर पालिका द्वारा व्यावसायिक भूमि को आवासीय के रूप में बेचा जा रहा है। आवासीय भूमि के रूप में बेचने पर केवल 7 करोड़ रुपए के करीब आय हो सकती है जबकि व्यावसायिक भूमि के रूप में बेचने पर करीब 70 से 80 करोड़ रुपए की आय होती है। राज्य कोष को इतना बड़ा घाटा है इसलिए 19,20,21 सितंबर को होने वाली बोली पर रोक लगाई जाए। इस पत्र में यह भी लिखा गया है कि पूर्व में मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और स्वायत्त शासन मंत्री को भी सूचित किया जा चुका है। पूर्व में यह बोली 11-12 सितंबर को होने वाली थी जिसे रोककर नगरपालिका ने अब 19,20,21 सितंबर किया है। 


विदित रहे कि नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित नीलामी भूखंडों पर नगरपालिका के अलावा पुराना कब्जा बताते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने भी अपना दावा और पत्र पेश कर रखे हैं। 

अब यह नीलामी नहीं होगी इसके पहले जांच होगी। संपूर्ण तथ्यों की जांच के बाद ही कोई परिणाम आएगा। 


बुधवार, 18 सितंबर 2019

सूरतगढ़ से गुरूदीप कौर गुम कृपया पता लगाएं

 सूरतगढ़ 18 सितंबर 2019.

 सूरतगढ़ (जिला श्रीगंगानगर राजस्थान) से वृद्धा 68 वर्षीय गुरूदीप कौर जट सिख दिनांक 9 सितंबर से गुम है।

यदि आप किसी सज्जन को मालूम हो तो उसके निवास स्थान के और सूरतगढ़ पुलिस स्टेशन के नंबरों पर सूचित करें।


सूरतगढ के वार्डो की लाटरी/ अधिकृत सूची

 

श्रीगंगानगर, 18 सितम्बर 2019.

 राज्य सरकार के निर्देशानुसार आरक्षण के क्रम में कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष मे बुधवार को नगरपालिका सूरतगढ के लिये वार्डो की लॉटरी निकाली गई। 

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में वार्डों की लॉटरी निकाली गई। इस अवसर पर गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड, सूरतगढ विधायक श्री रामप्रताप कासनिया, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन श्री ओपी जैन, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. हरितिमा, एसडीएम श्री मुकेश बारहठ, एसडीएम रामावतार कुमावत,विभिन्न राजनैतिक दलों के जिला स्तरीय पदाधिकारी आईएनसी के श्री भीमराज डाबी, बीजेपी के श्री अमित चलाना, सीपीआईएम के श्री विजय रेवाड़, बीएसपी के श्री लूणाराम, सीपीआई के श्री इन्द्रजीत बिश्नोई एवं सूरतगढ खण्ड के पदाधिकारी महेश सेखसरिया उपस्थित थे। 

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने बताया कि माह नवम्बर 2019 में नगरपालिका सूरतगढ के आगामी आम चुनाव हेतु वार्डों का आरक्षण करने बाबत स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान जयपुर अधिसूचना 6 सितम्बर 2019 नगरपालिका सूरतगढ के वार्डों का राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 1994 (अधिनियम संख्या 18 वर्ष 2009) की धारा 6 के अंतर्गत एवं राजस्थान नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 5 के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछडा वर्ग, अनारक्षित वार्डों एवं महिलाओं के लिये विभागीय अधिसूचना 29 जुलाई 2019 एवं स्थानीय निकाय विभाग के दिशा निर्देश के अनुसार वार्डों के आरक्षण हेतु लॉटरी की कार्यवाही की गई। 

जिला कलक्टर श्री नकाते ने बताया कि नये परिसीमन एवं जनगणना 2011 के अनुसार स्वायत्त शासन विभाग द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के वार्डों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर किया गया है। 

नगरपालिका सूरतगढ में कुल 45 वार्ड है, जिनमें से अनुसूचित जाति के निर्धारित 9 वार्डों में से तीन वार्ड अनुसूचित जाति की महिला के लिये आरक्षित किये गये है। एक वार्ड अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित है। ओबीसी के 9 वार्ड रहेंगे, जिनमें से तीन वार्ड ओबीसी की महिलाओं के लिये निर्धारित किये गये है। सामान्य वर्ग के 26 वार्डों में से 9 वार्ड सामान्य महिला के लिये आरक्षित किये गये है। लॉटरी की प्रक्रिया के दौरान लॉटरी  प्रारम्भ से लेकर अंत तक विडियोग्राफी करवाई गई। लॉटरी की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ जनप्रतिनिधियों व मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूर्ण की गई। 



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अब तो जागो, कब तक सोते रहोगे?

उठ जाग मुसाफिर भोर भई,

अब रैन कहां जो सोवत है?

जो सोवत है वो खोवत है,

जो जागत है सो पावत है।

यह भजन गीत या जागृति संदेश  50 से अधिक सालों से गूंज रहा है। चाहे देवालय हो चाहे, निवास स्थान, चाहे कोई आयोजन यह समय पर जागने का संदेश सुनाया जा रहा है।

 यह भजन,गीत किसने लिखा और कब लिखा?

यह तो मालूम नहीं मगर लिखने वाले को भी यह अनुमान नहीं हुआ होगा कि आने वाले सालों में यह जगाने का संदेश गूंजता रहेगा। 

समय पर जागने वाले ही सब कुछ पा लेते हैं और दिन में भी सोने वाले सब कुछ खो देते हैं। कितना सटीक संदेश है कि दिन निकलने से कुछ पहले भोर में ही जाग लेना चाहिए।

20-4-2018.

अपडेट 18-9-2019.


करणीदानसिंह राजपूत,

 सूरतगढ़

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मंगलवार, 17 सितंबर 2019

राजस्थानः बसपा के सभी 6 विधायक कांग्रेस में शामिल


* राजस्थान में बसपा के सभी 6 विधायक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। इन विधायकों के कांग्रेस का हिस्सा बनने से राजस्थान में गहलोत सरकार की स्थिति पहले से मजबूत हो गई है।*


जयुपर 17 सितंबर 2019.

राजस्थान में बहुजन समाजवादी पार्टी के सभी 6 विधायक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। सभी बसपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को उनके विलय पत्र सौंप दिए हैं। विधायक वाजिब अली ने राजस्थान में बसपा के सभी विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम सभी विधायकों ने सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबले के लिए कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है।

जल्द होने वाले हैं निकाय और पंचायत चुनावः


  प्रदेश में निकाय औप पंचायत चुनाव होने वाले हैं ऐसे में इस तरह बसपा के सभी विधायकों का कांग्रेस में शामिल होना बसपा के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।


बहुमत में आई गहलोत सरकारः 

साल 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को 99, बीजेपी को 73 औप बसपा को 6 सीटें हासिल हुई थीं। इन 6 विधायकों के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से गहलोत सरकार बहुमत में आ गई है और राजस्थान में उसकी स्थिति पहले से मजबूत हो गई है।


कौन हैं ये विधायकः 


बसपा से कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बने इन विधायकों के नाम- राजेंद्र गुढा, जोगेंद्र सिंह अवाना, वाजिब अली, लाखन सिंह मीणा, संदीप यादव और दीपचंद खेरिया है। इन विधायकों ने सोमवार (16 सितंबर) देर रात कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली। सभी विधायक रात 10:30 बजे विधानसभा पहुंचे थे।


पहला मौका नहींः


यह कोई पहला मौका नहीं है जब बसपा विधायक कांग्रेस का हिस्सा बने हैं। साल 2008 के विधानसभा चुनाव के बाद जब अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बने थे उस समय बसपा के 6 विधायक कांग्रेस में शामिल हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शामिल हुए विधायकों में से कुछ को मंत्री और संसदीय सचिव पद दिया जा सकता है।

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सोमवार, 16 सितंबर 2019

मुख्य बाजार और सूर्योदय नगरी को जोड़ने वाला रेलवे फुट ओवर ब्रिज ऊंचा होगा

 

^^  करणीदानसिंह राजपूत ^^in

 सूरतगढ़ 16 सितंबर 2019.

बिजली से गाड़ियां चलाना अभियान के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण में अब मुख्य बाजार और सूर्योदय नगरी को जोड़ने वाले फुट ओवर ब्रिज को 5 फुट ऊंचा उठाया जाएगा।

 फिलहाल यह पुल 6 माह के लिए अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है और पास बने पुल का इस्तेमाल करने की सूचना लगाई गई है। 

इस कार्य के प्रारंभ में कार्य कुछ दिन से चल रहे हैं। सूर्योदय नगरी की ओर वर्तमान में यह पुल प्लेटफार्म नंबर चार पर चढ़ता उतरता है।


पुल के नवनिर्माण ऊंचा करने में पुल को प्लेटफार्म  नं 4 से कट कर दिया जाएगा। पुल का यह लेग सूर्योदय नगरी की ओर उतारा जाएगा जहां पूर्व में आधार का निर्माण हो चुका है।

 सूरतगढ में पटरियों के साथ बिजली लाइनों से जोड़ने का कार्य चल रहा है और जल्दी ही पूरा होने के बाद बठिंडा सूरतगढ़ के बीच रेलवे गाड़ियां बिजली से संचालित होगी और उनकी स्पीड भी बढ़ाई जाएगी।

 रेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह सूर्यवंशी ने बताया कि पुल का यह निर्माण होने से दोनों ओर के नागरिकों को आने-जाने की सुविधा कायम रहेगी। सूर्यनगरी की ओर से रेलवे के मुख्य द्वार पर पहुंचकर भी टिकट प्राप्त कर गाड़ी में बैठने की सुविधा मिलेगी

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शुक्रवार, 13 सितंबर 2019

एसडीएम रामावतार कुमावत का स्थानांतरण। कहां गए,कौन आएगा?

सूरतगढ़ 13-9-2019.

उपखंड अधिकारी रामावतार कुमावत का यहां से नोहर स्थानांतरण हुआ है।

सूरतगढ़ एसडीएम पद पर जयपुर से मनोज कुमार मीणा स्थानांतरित हुए हैं। 

रामावतार कुमावत यहां पर करीब 6 माह रहे।  उन्होंने 6 मार्च 2019 को सूरतगढ़ एसडीएम का पद ग्रहण किया था।

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मंगलवार, 10 सितंबर 2019

क्या बोले गंगानगर विधायक -गांधी विचार एवं ग्रामीण विकास पर संगोष्ठी




* ग्रामीण विकास का सपना था गांधीजी का* गंगानगर विधायक

श्रीगंगानगर, 10 सितम्बर 2019.

 महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में मंगलवार को चौथे दिन नोजगे पब्लिक स्कूल के ओडिटोरियम में गांधी विचार एवं ग्रामीण विकास विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। संगोष्ठी व समापन कार्यक्रम में पिछले कई दिनों से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। 

संगोष्ठी में बोलते हुए गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश में लगभग 2 वर्ष तक प्रत्येक जिले में विभिन्न कार्यक्रम करवाये जायेगें। इसके लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत आभार के पात्रा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गंगानगर जिले में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये गये, कार्यक्रमों में भारी जन जुड़ाव यह दर्शाता है कि गांधी जी की आज भी प्रासंगिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा तीन दिन का कार्यक्रम निर्धारित था, जबकि गंगानगर जिले में इसे चार दिवस का किया गया, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मानव श्रृंखला ने भी इतिहास रचा है तथा इस मानव श्रृंखला की चर्चा जयपुर तक हुई है। 

श्री गौड ने कहा कि आजादी के बाद जिन बच्चों ने जन्म लिया है, उन्हें गांधीजी के बारे में बताना बहुत जरूरी है कि किस प्रकार गांधी जी ने अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्हें लगा कि आम आदमी के साथ व्यवहार अच्छा नही है। उनका सपना था कि देश आजाद हो, वह भी अंहिसा के बल पर और उन्होंने वैसा ही कर दिखाया। गांधीजी का ग्राम विकास का सपना था। उनका कहना था कि ग्राम का विकास होने से देश का विकास स्वयं हो जायेगा। 

विधायक गौड ने कहा कि आजादी से पूर्व की परिस्थितियां ज्यादा अच्छी नही थी। उत्पादन कम था, गंगानगर में 1927 में नहर आने के बाद अच्छी फसले होने लगी, उत्पादन बढा तथा यहा का जीवन स्तर अच्छा हुआ। गंगानगर से बीकानेर जाने में पूरा एक दिन लग जाया करता था, जबकि आज मात्र 4 घंटे में बीकानेर पहुंच सकते है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के अंहिसा आंदोलन में इतनी ताकत थी, कि आज पूरा विश्व अंहिसा दिवस मनाता है। महात्मा गांधी ने स्वराज व हथकरघा की परिकल्पना की थी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज का सपना गांधीजी का था, जिसकी शुरूआत राजस्थान के नागौर जिले से हुई। उन्होंने कहा कि भारत के चन्द्रयान की ताकत पूरी दूनिया देख रही है। ये सभी उंचाईयां निरन्तर प्रयासों से प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों को विकसित करना चाहती है, इसके लिये ग्राम पंचायतों को सीधे ही विकास राशि दी जा रही है, जिससे वे अपने गांव की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य करवा सकें। 

एडीएम प्रशासन श्री ओपी जैन ने कहा कि ग्रामीण विकास में गांधीजी की प्रासंगिकता क्या है, उसे समझने की आवश्यकता है। गांधीजी के जीवन से ग्राम विकास को देखा जा सकता है। गांधीजी सदैव विकेन्द्रीकरण पर विश्वास करते थे। ग्राम विकास के लिये ग्राम पंचायत सबसे बड़ी पंचायत है, जो स्वयं के निर्णय ले सकती है। आजादी के बाद निति निर्धारकों ने ग्राम विकास के लिये अनेक प्रकार की योजनाएं प्रारम्भ की। ग्राम विकास के लिये त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था की शुरूआत हुई तथा 73वां संविधान संशोधन किया गया। गांधीजी का ग्राम स्वराज का सपना था, जिसे मूर्तरूप दिया जा रहा है। 

करणपुर एसडीएम श्रीमती रिना छिम्पा ने कहा कि आजादी की लम्बी लड़ाई लड़ी गई। आजादी के बाद ग्रामीण विकास, ग्राम स्वरोजगार पर जोर दिया गया। महात्मागांधी ने अपनी आत्मकथा में सपनों का भारत बताया है। गांव में पूर्ण गणराज्य हो, कि परिकल्पना की गई थी। ग्रामीण विकास में फसल उत्पादन बढे, सार्वजनिक भवन हो, गांव में पाठशालाएं हो तथा पांच व्यक्तियों की पंचायत ग्राम में विकास के कार्य करवाएं। श्रीमती रिना छिम्पा ने आर्य काल से लेकर अब तक के पंचायत तंत्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुगल शासकों व अंग्रेजों के शासन काल में पंचायत व्यवस्था नष्ट हुई थी। उन्होंने 64 व 73वां संविधान संशोधन पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुड गर्वनेंस, गांव में उत्पादक व गांव में उपभोक्ता, कौशल विकास, श्रमदान, शिक्षा जो रोजगार से जोड़े इत्यादि पहलुओं पर विचार व्यक्त किये। ग्राम स्वराज के साथ समाज में व्याप्त कुरीतियों, बुराईयों, अस्पर्शता को समूल नष्ट करने के संबंध में विचार व्यक्त किये। 

श्री संदेश त्यागी ने कहा कि गांधीजी की 150वीं जयंती के अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि सड़कों की गंदगी के साथ-साथ मन की गंदगी को भी साफ किया जाये। महात्मागांधी जी ने जो आजादी का सपना देखा था, वह पूरा हुआ लेकिन आजाद भारत में अशिक्षा, गरीबी को खत्म करना, समय-समय पर गुलामी के खतरों को भांपना व उसी के अनुरूप व्यवस्थाओं में बदलाव की आवश्यकताओं पर बल दिया। उन्होंने ग्रामीण विकास पर बोलते हुए कहा कि वर्तमान में ग्रामीण संस्कृति को बचाना है। हमारी सबसे बड़ी धरोहर संस्कृति है, जिसे नष्ट नही होने देना। ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की पहली कड़ी है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही ग्राम विकास संभव होगा। 

आयोजित समापन समारोह में गत तीन दिवस से आयोजित की जा रही विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन स्थान, सांत्वना पुरूस्कार, विभिन्न कार्यालयों मे साफ-सफाई प्रतिस्पर्धा तथा पोस्टकार्ड प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरूस्कृत किया गया। जिले के प्रभारी श्री प्रवीण गौड ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप गत चार दिनों से जिले भर में अनेक गांधीजी के जीवन पर आधारित कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई गई, जिसमें हजारों-हजारों की भागीदारी यह दर्शाती है कि गांधीजी आज भी कितने लोकप्रिय है। 




आयोजित संगोष्ठी व समापन समारोह के अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ स्वामी ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एडीएम सर्तकता श्री राजवीर सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री मोहम्मद जुनैद, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री विष्णुदत्त स्वामी, श्री हरचन्द गोस्वामी, जिला रसद अधिकारी श्री राकेश सोनी, सहायक निदेशक उद्यान श्रीमती प्रीती गर्ग, राजकीय कन्या महाविधालय के श्री प्रदीप मोदी सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधियों, शहर के जागरूक नागरिकों, विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के प्रधानाचार्यों व विधार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालत श्री लक्ष्मीनारायण शर्मा व श्रीमती शीतल सैन ने किया। ००

रविवार, 8 सितंबर 2019

चांद की सतह पर गुम विक्रम लैंडर का पता चला-दुनिया की बड़ी खबर


चांद की सतह पर लैंडर विक्रम की लोकेशन का पता चल गया है. ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर की एक थर्मल इमेज क्लिक की है. हालांकि लैंडर विक्रम से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है. इसरो प्रमुख के. सिवन ने कहा है कि टीम लैंडर विक्रम से कम्युनिकेशन स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रही है और जल्द ही संपर्क स्थापित हो जाएगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक उनके पास विक्रम से संपर्क साधने के लिए 12 दिन हैं.क्योंकि अभी लूनर डे चल रहा है. एक लूनर डे धरती के 14 दिनों के बराबर होता है. इसमें से 2 दिन बीत चुके हैं. यानी अगले 12 दिनों तक चांद पर दिन रहेगा. उसके बाद चांद पर रात हो जाएगी, जो पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होती है. रात में उससे संपर्क करने में दिक्कत होगी. फिर इसरो वैज्ञानिको को इंतजार करना पड़ेगा.

इस बीच, इसरो प्रमुख के. सिवन ने भी बताया कि हमें विक्रम लैंडर के बारे में पता चला है, वह चांद की सतह पर देखा गया है. ऑर्बिटर ने लैंडर की एक थर्मल पिक्चर ली है. लेकिन अभी तक कोई संचार स्थापित नहीं हो पाया है. हम संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। ये भी खबर है कि विक्रम लैंडर लैंडिंग वाली तय जगह से 500 मीटर दूर पड़ा है. चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर में लगे ऑप्टिकल हाई रिजोल्यूशन कैमरा ने विक्रम लैंडर की तस्वीर ली है.

अब इसरो वैज्ञानिक ऑर्बिटर के जरिए विक्रम लैंडर को संदेश भेजने की कोशिश कर रहे हैं ताकि, उसका कम्युनिकेशन सिस्टम ऑन किया जा सके. बेंगलुरु स्थित इसरो सेंटर से लगातार विक्रम लैंडर और ऑर्बिटर को संदेश भेजा जा रहा है ताकि कम्युनिकेशन शुरू किया जा सके.

डेटा एनालिसिस से पता चलेगी स्थिति

भविष्य में विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर कितना काम करेंगे, इसका तो डेटा एनालिसिस के बाद ही पता चलेगा. इसरो वैज्ञानिक अभी यह पता कर रहे हैं कि चांद की सतह से 2.1 किमी ऊंचाई पर विक्रम अपने तय मार्ग से क्यों भटका. इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि विक्रम लैंडर के साइड में लगे छोटे-छोटे 4 स्टीयरिंग इंजनों में से किसी एक ने काम न किया हो. इसकी वजह से विक्रम लैंडर अपने तय मार्ग से डेविएट हो गया. यहीं से सारी समस्या शुरू हुई, इसलिए वैज्ञानिक इसी प्वांइट की स्टडी कर रहे हैं.


शनिवार, 7 सितंबर 2019

नगरपालिका चुनाव-आपने क्या किया है जो पार्षद चेयरमैन बनना चाहते हैं-खरी खरी.

*पशु,सड़कें, सफाई, रोशनी पर बताएं अपने काम*


*  करणी दान सिंह राजपूत*


नगर पालिका चुनाव अब कुछ दिनों में होने वाले हैं और अध्यक्ष तथा वार्ड पार्षदों के लिए हर कहीं हलचल मची है। लोग स्वतंत्र और पार्टियों के नाम पर चुनाव में खड़े होंगे जिनके कुछ प्रचार सामाजिक सेवाओं की सूचनाएं खूब बढाचढा कर  सोशल नेटवर्क पर लगातार ग्रुपों  में आ रही है।  समाचार पत्रों में भी कुछ न कुछ छप रहा है। लोग कहीं ज्ञापन देते हुए कहीं मांग करते हुए कहीं पौधा रोपण करते हुए कहीं कन्याओं की शादी में कुछ भेंट करते हुए फोटो खिंचा रहे हैं। यह प्रचार लगातार कुछ महीनों से हो रहा है। क्या इन लोगों ने नगरपालिका संबंधित कार्य करवाएं हैं?

नगर पालिका के  मुख्य कार्य जो आम जनता से जुड़े हुए हैं उनमें सड़कें सफाई रोशनी, गलियों में किसी न किसी को चोटिल करते हुए पशुधन से बचाव की व्यवस्था, निर्माण कार्य मैं गुणवत्ता आदि हैं। जो लोग खड़े होने का सपना ले रहे हैं,अपनी विजय श्री भी मान रहे हैं वे कम से कम अपने पिछले 5 साल का आकलन स्वयं करें कि उन्होंने अपने वार्ड में क्या करवाया है?

 यदि आप खुद की समीक्षा में खरे उतरते हैं तो बहुत अच्छी बात है। 

चुनाव लड़ने के लिए काबिल माने जाने से पहले भी समीक्षा से पहले कुछ सवाल हैं जिनके उत्तर आप दे सकते हैं। समझ सकते हैं। 

वार्ड वासी भी आपसे जानकारी मांग भी सकते और सवाल भी कर सकते हैं।

आप जिस वार्ड में चुनाव के लिए इच्छुक हैं। क्या उस वार्ड में अभी भी कोई 1-2,5-10 या 20-25 पशुधन जिन्हें आवारा कहते हैं वह घूम रहे हैं? जब गौशालाएं हैं नंदी शाला भी बनाई जा चुकी है,तब सड़कों पर अभी भी पशुधन आपके वार्ड में क्यों घूम रहा है? आपने फिर क्या किया? कितने पशुधन को आपने अपने स्तर पर गौशाला या नंदी शाला में पहुंचाने के लिए कार्य किया। 

आपके वार्ड में सीवरेज नालियां सड़कें क्या इनकी सफाई निरंतर हो रही है? कचरा छुट्टी के दिन रविवार के दिन सड़ांध मारता रहता है? क्या आपके वार्ड में स्ट्रीट लाइट समुचित है या उसमें गड़बड़ है? क्या आपके वार्ड में सड़कें अच्छी बनी हुई है या टूटी फूटी है? क्या नगर पालिका द्वारा करवाए गए निर्माण कार्य मजबूत हैं बिखर गए या टूटे-फूटे हैं?

आपने 5 साल में चाहे सरकार किसी की रही हो चाहे वार्ड पार्षद कोई भी रहा हो आपने स्वयं अपने अपने स्तर पर इन कार्यों के लिए क्या-क्या किया? 

यदि इन कार्यों में आपका उत्तर नहीं आता है, वार्ड के नागरिकों की ओर से सवाल होने पर आप जवाब नहीं दे पाते हैं तो आप नगर पालिका के पार्षद पद का चुनाव लड़ने के लिए स्पष्ट रूप से काबिल नहीं हैं। 

5 साल का वक्त बहुत होता है। इसका मतलब यह हुआ कि आपने प्रचार तो विभिन्न कार्यों का किया लेकिन असल में जहां आपकी आवश्यकता थी वहां पर आप पूर्णतया गैरहाजिर रहे।  

नगर पालिका में नागरिकों के कार्य कराने के लिए आप कितना सक्रिय रहे?वृद्धावस्था पेंशन, योजनाओं मेंआवासीय पट्टे बनाने के कार्य, अन्य कार्यों के लिए कितने लोगों को सहयोग दिया,आगे बढ़ कर के काम किया। 

इसका उत्तर भी आप स्वयं खोजें। 5 साल के अंदर वार्ड भर में आपने ऐसे 10-12 कार्य भी नहीं करवाए तब आप किस मुंह से पार्षद का चुनाव लड़ना चाहते हैं?

नगर पालिका के चुनाव में राजनीतिक दल विशेषकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी व अन्य कुछ दल अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारेंगे। वह भी इन प्रश्नों का उत्तर उम्मीदवार के तय करने से पहले खोजें तो उचित रहेगा।  राजनीतिक दल प्रभाव से टिकट वितरित करते हैं चाहे व्यक्ति वार्ड में कोई उपस्थिति रखता है या नहीं रखता। नेताओं के नजदीक होना जरूरी होता है।  ऐसे व्यक्ति जीतने चाहिए या नहीं जीतने चाहिए? इसका निर्धारण तो जनता ही करेगी।

जो लोग राजनीतिक पार्टियों से टिकट नहीं चाहते कि दोनों पार्टियों का कहीं ना कहीं विरोध होगा तब निर्दलीय खड़ा होना ज्यादा उचित है। ऐसे लोगों को लोग वोट भी दे देते हैं और जिता भी देते हैं लेकिन नगरपालिकाओं के पिछले चुनावों को ध्यान से देखें समीक्षा करें कि जिन लोगों को निर्दलीय जिताया वे 1 दिन का इंतजार भी नहीं किया और 2- 4 घंटों में ही सत्ताधारियों में मलाई खाने को जा मिले। इस प्रकार के मलाई खाने वाले व्यक्तियों ने कभी भी जनता का सहयोग नहीं किया और जनता के काम करवाने में पीछे रहे।  जहां-जहां फर्जीवाड़े से धन कमाने की बातें आई उनमें इस प्रकार से जीते हुए निर्दलियों ने भी कमाई करने में स्वयं को पीछे नहीं रखा। इस प्रकार के लोग अब अन्य दूसरे वार्डों में भी घूमने लगे हैं।  लोगों से मेलजोल बढ़ाने लगे हैं ताकि वहां से खड़े होकर फिर से नगरपालिका में पहुंच जाएं लेकिन वे चाहे किसी भी वार्ड से खड़े हो उनसे सवाल जवाब तो होने ही चाहिए कि क्या-क्या किया है?

 लेकिन यह सच्चाई भी है कि सवाल करने वाले 1- 2 व्यक्ति ही होते हैं इसलिए भ्रष्टाचारियों और दोगले लोगों की खराब गाड़ियां भी निकल जाती हैं। 

नगरपालिका का नया नियम है अध्यक्ष या सभापति का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाएगा। अब ऐसे लोगों में जो चेयरमैन का चुनाव लड़ेंगे कितनी काबिलियत वाले होने चाहिए? शहर के लिए उन्होंने क्या कुछ किया है और आगे क्या करने वाले हैं?

 इसके अलावा वर्तमान में नगर पालिकाओं में जो भ्रष्टाचार हुए घपले हुए निर्माण कार्यों में अनियमितताएं हुई उन पर कितने लोगों ने विरोध प्रकट किया? किस किसने संबंधित विभागों को सूचना दी या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में तथा पुलिस मेें कोई शिकायत की?  स्वायत शासन निदेशालय में क्या कोई पत्र लिखा?यदि कुछ भी नहीं किया है तो वे लोग अध्यक्ष पद के लिए काबिल कैसे माने जा सकते हैं? 

यहां पर एक और कार्य है जो नगरपालिका का तो नहीं है लेकिन जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है उसमें महानुभावों ने क्या किया है?  जलदाय विभाग जो पानी गंदा दे रहा है उसको रोकने रुकवाने के लिए संबंधित चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति ने कभी कुछ किया है या नहीं किया है? 

यहां पर अनेक लोग अपनी समाज सेवा का बखान कर सकते हैं लेकिन उन सेवाओं का नगर पालिका के पार्षद और चेयरमैन चुनाव से किसी प्रकार का संबंध नहीं होना चाहिए? आजकल पर्यावरण के नाम पर भी लोग 2-4 पौधे लगा कर फोटो खिंचा कर खुश हो रहे हैं कि नगर पालिका चुनाव में अपनी हिस्सेदारी किसी न किसी तरीके से पेेश कर चुनाव लड़ेंगे।  बहुत से ऐसे कार्य हैं जिनमें फोटो खिंचवाने और प्रचार करना आसान है वे सभी कार्य किए हैं लेकिन मुख्य कार्य नगरपालिका के जो उपर वर्णित हैं उनमें कितने कार्य किए गए हैं?००

तुम्हारी एक झलक ही लुभा गई- कविता-करणीदानसिंह राजपूत.


तुम्हारी एक झलक ही लुभा गई,
फिर से आओ,उस रूप में तुम।


लाल टी शर्ट अच्छा फबता है,
गुलाबी भी तुम पर जचता है,
हरे की हरियाली भाती है।
तुम्हारे गौर वर्ण पर ।
निखर जाते हैं हर रंग
तुम टीशर्ट में स्टुडेंट लगती
दिल में चली आती हो।


काला टीशर्ट नहीं लगता
बदन पर अच्छा,
गौरे रंग पर काला तिल
नजर लगने से बचाता है।
ठोड़ी गाल गर्दन पर
कहीं बनाती रहो तिल।


तुम अभिनय करो
तुम गीत गाओ
तुम नृत्य में लुभावो
मुझे हर रूप सुहाना लगता है
आओ, देरी न करो
दिल में समाओ।


झुलसाती गर्मी में
पसीना पोंछती और
सर्दी की शीत लहर में
टोपी लगाई तुम सुंदर
दिख ही जाती हो।


ऊंची छत पर तुम
चहलकदमी करती
चांदनी में जब
नजर आती हो
सुंदर बहुत सुंदर।


तुम्हारी एक झलक ही लुभा गई,
फिर से आओ,उस रूप में तुम।


*****

करणीदानसिंह राजपूत,
विजयश्री करणीभवन, सूर्यवंशी स्कूल के पास,मिनी मार्केट, सूर्योदय नगरी।
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
9414381356.
************

मंगलवार, 3 सितंबर 2019

राजस्थान:निजी वाहनों पर नहीं होगा कोई नाम,पद,जाति,चिन्ह आदि.आदेश जारी

*राजस्थान के गृह विभाग ने आदेश पर*

सभी जिला SP को राजस्थान पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी हुए।

यह प्रतिबंध संगठन, पद, भूतपूर्व पद, स्वयं का नाम, गांव का नाम, विभिन्न चिन्ह आदि के इस्तेमाल पर लगाया गया है।

नागरिक अधिकार संस्था की मांग पर यह आदेश जारी हुए हैं। पुलिस ट्रेफिक पुलिस कैसे पालन करेगी। इसकी प्रतीक्षा रहेगी। 


(विदित रहे कि मोटर व्हीकल एक्ट में पहले से ही है। वाहनों पर नम्बरों के अलावा कुछ भी नहीं लिखा जा सकता। लाल पट्टी भी नहीं। कानून की मानें  तो वाहन रखने का स्थान हो तभी रजिस्ट्रेशन नं होता है। लेकिन सच्च कुछ और है। वाहन सड़कों पर खडे़ किए जाते हैं। 16 फुट तक की सड़क पर तो खड़ा ही नहीं कर सकते।)




 


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