शुक्रवार, 30 अगस्त 2019

दिल्ली मेट्रो में सफर में केवल 1 बैग,साइज, वजन तय, CISF बोली- कराएंगे नियम का पालन

* मेट्रो रेलवे प्रशासन की मंजूरी के बिना कोई भी आदमी मेट्रो ट्रेन में यात्रा के दौरान एक से अधिक बैग नहीं ले जा सकता है। नियम के मुताबिक 25 किलोवजन का सामान गठरी के रूप में नहीं होना चाहिए।*

नई दिल्ली 30 अगस्त 201

सरकार ने इसके लिए मेट्रो रेलवे (भाड़ा और टिकट) नियमावली-2014 में परिवर्तन किया है।

*दिल्ली मेट्रो में यात्रियों के लिए सफर के दौरान बैग का साइज और वजन तय कर दिया गया है। यात्री अब सफर के दौरान 25 किलोग्राम भार तक का सामान ले जा सकेंगे। पहले यह सीमा 15 किलोग्राम तक थी।

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की तरफ से 27 अगस्त को अधिसूचित नियम के मुताबिक मेट्रो ट्रेन में यात्रियों को 25 किलोग्राम वजन तक का केवल एक बैग ले जाने की अनुमति होगी। नियम के मुताबिक यह गठरी नहीं होनी चाहिए। 

अधिसूचना के अनुसार मेट्रो रेलवे प्रशासन की मंजूरी के बिना कोई भी आदमी मेट्रो ट्रेन में यात्रा के दौरान एक से अधिक बैग नहीं ले जा सकता है। इस बैग का आकार 80 सेंटीमीटर X 50 सेंटीमीटर X 30 सेंटीमीटर के आकार और 25 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए।


 * मंत्रालय ने एयरपोर्ट को जोड़ने वाली मेट्रो ट्रेन में अधिकतम 32 किलो वजन ले जाने की अनुमति दी है। एयरपोर्ट मेट्रो ट्रेन में भी गठरी के रूप में सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

अधिसूचना में कहा गया है कि मेट्रो रेलवे प्रशासन की मंजूरी के बिना कोई भी व्यक्ति एयरपोर्ट को जोड़ने वाली मेट्रो ट्रेन में यात्रा के दौरान एक से अधिक बैग नहीं ले जा सकता है। इस बैग का आकार 90 सेंटीमीटर गुना 75 सेंटीमीटर गुना 45 सेंटीमीटर के आकार और 32 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। सीआईएसएफ की तरफ से कहा गया है कि वह मंत्रालय की तरफ से अधिसूचित किए गए नियमों का पालन कराएगी।००


गुरुवार, 29 अगस्त 2019

पुष्कर तीर्थ अंचल की विश्व विख्यात किशनगढ़ की राजपूत चित्रकला



पुष्कर की पवित्र झील और  दर्शनीय आरावली की पर्वत श्रंखलाएं


पुष्कर तीर्थ के अंचल की विश्व विख्यात किशनगढ़ की राजपूत चित्रकला
किशनगढ़ के शासक की प्रेमिका बणी ठणी के नाम से प्रसिद्ध है यह चित्रशैली



शानदार किशनगढ़ चित्रशैली
बनी ठणी के चित्र वाले बॉक्स
शानदार किशनगढ़ चित्रशैली

 इस शैली की चित्रकारी की सामग्री को अपने भवनों की सुंदरता बढ़ाने के लिए विदेशी पर्यटक और भारतीय खूब खरीदते हैं।

 राजस्थान  के बाजारों में इस चित्र शैली की खरीद बिक्री सामान्य दिनों में भी चलती रहती है


विशेष लेख : करणीदानसिंह राजपूत

राजस्थान के अजमेर जिले में हजारों वर्षों से पूजनीय तीर्थराज पुष्कर के अंचल का किशनगढ़ सैंकड़ों वर्षों से राजपूत चित्र शैली से विख्यात है। यहां के शासक सांवतसिंह की एक प्रेमिका बणी ठणी का चित्र राजा के चित्रकार मोरध्वज ने बनाया था। वह चित्र राजा को पसंद आया। उसी बणी ठणी के नाम से यह चित्र शैली प्रसिद्ध हुई।
    इस चित्र शैली की मांग देश ओर विदेश में बहुत है। वर्तमान युग में जहां साज सज्जा के तरीकों में बहुत बदलाव आ गया है, लेकिन इस पुरातन शैली के चित्रों से साज सज्जा करना बढ़ता जा रहा है। वर्षों से किशनगढ़ शैली में चित्रकारी करने में सिद्धहस्त किशनगढ़ वासी जसवंतसिंह ने बताया कि इस चित्रशैली की सज्जा आवासीय भवनों में व बड़े बड़े होटलों में स्वागत कक्ष से शयन कक्ष तक की जाने का प्रचलन बढ़ रहा है। गैलरी में और सामान्य घरों तक की बैठकों में इस शैली के चित्र सजाए जाते हैं। सरकारी विश्राम गृहों सर्किट हाऊसों और पर्यटन विभाग के बंगलों व भवनों में इस शैली के चित्रों से की गई साज सज्जा देखते ही बनती है।
    इस शैली के चित्र कागज व  सिल्क कपड़े पर की जाती है।  लक्कड़ी पर आलमारी, बैड, टेबल-चेयर, सजावट के कॉर्नर पर यह चित्र शैली खूब सुंदर लगती है। संगमरमर पर इसका आकर्षण लाजवाब होता है। लोहे के सामान छोटे मोटे बॉक्स, बैंगल बॉक्स,मटके आदि पर भी इसकी सजावट करने का प्रचलन है। कांच पर भी यह चित्रकारी की जाती है। धार्मिक स्थलों में मंदिरों व धर्मशालाओं आदि में भी इस चित्र शैली की फूल पत्तियां बनवाने का प्रचलन है।
    जसवंतसिंह और उनके छोटे भ्राता विजेन्द्रसिंह किशनगढ़  शैली के चित्र बनाने में सिद्धहस्त हैं। उनसे जानकारी मिली कि किशनगढ़ में चार सौ से अधिक लोग इस चित्र शैली में चित्र बना कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। इसके अलावा आसपास के कस्बों में भी इस शैली की चित्रकारी की जाती है।
    जसवंतसिंह ने बताया कि पुष्कर मेले में हस्तकला उद्योग की प्रदर्शनी लगती है जिसमें किशनगढ़ शैली की चित्रकारी के सामान की बिक्री बहुत होती है। जसवंतसिंह स्वयं पुष्कर मेले में पुरस्कार प्राप्त है। जसवंतसिंह ने बताया कि पुष्कर तीर्थ आने वाले श्रद्धालु और दर्शनार्थी आदि सामान्य दिनों में भी खरीदारी करते हैं जिससे पूरे वर्ष इस चित्रकारी के सामान की मांग रहती है। जसवंतसिंह ने बताया कि देश विदेश में पहुंचाने के लिए बड़े व्यवसायी और कंपनियां हैं जिनके मालिक आदेश देकर मांग के अनुसार संबंधित सामान पर चित्रकारी करवाते हैं। ये जानकारी भी मिली कि अनेक वस्तुएं ऐसी होती हैं जिन्हें लाया ले जाया नहीं जा सकता, उन पर चित्रकारी उस स्थान पर पहुंच कर ही की जाती है। किशनगढ़ चित्र शैली का व्यवसाय पुष्कर व अजमेर के अलावा जयपुर, उदयपुर,जोधपुर,कोटा में खूब फलफूल रहा है। विदेशों में बढ़ रही मांग के कारण निर्यात का व्यवसाय भी काफी बढ़ा है।
किशनगढ़ शैली की चित्रकारी में सिद्धहस्त जसवंतसिंह से मोबाइल नं 98299 44359  पर तथा चित्रकार छोटे भ्राता विजेन्द्रसिंह से मोबाइल नं 77422 24021 पर संपर्क किया जा सकता है। इन भ्राताओं से चित्रकारी करवाने, देखने और जानकारी लेने के लिए संपर्क किया जा सकता है।

जसवंतसिंह     98299 44359
 विजेन्द्रसिंह   77422 24021


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किशनगढ़ चित्र शैली चित्रकारी करवाने, देखने और जानकारी लेने के लिए संपर्क करें
श्री भटियानी आर्ट्स
मालियों का मोहल्ला,गुमानसिंह गेट के पास,
नया शहर,
किशनगढ़।   
जिला अजमेर।  मोबा. 98299 44359, 77422 24021
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लेखन 16 अक्टूबर 2016.
अपडेट 29 अगस्त 2019.
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रविवार, 25 अगस्त 2019

एक दिन बेटियों के नाम-वसुंधरा में बेटियों का सम्मान


** करणीदानसिंह राजपूत **

वसुंधरा हॉस्पिटल सूरतगढ़ में 25 अगस्त रविवार को महावीर इंटरनेशनल सूरतगढ़ के सहयोग से एक दिन बेटियों के नाम के अंतर्गत स्कूली बच्चों की चित्रकला तथा रंग भरो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
जूनियर ग्रुप में
तृप्ति जैन, आयरा चुघ तृतीय स्थान पर, आरोही द्वितीय स्थान पर, और पुश्ती वर्मा प्रथम स्थान पर रही।
सीनियर ग्रुप में 
भव्या, रुकमणी व रूबल तृतीय स्थान पर, मैत्री सुराणा द्वितीय स्थान पर, वंशिता छाबड़ा प्रथम स्थान पर रही।







श्रीमती डिंपल बेनीवाल,पूनम पूनिया, वंदना निर्णायक मंडल में थे।

डॉक्टर इंद्र चुघ के अनुसार अतिथिगण सीआरपीएफ के उप महा निरीक्षक श्री गिरीश जी चावला, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री रामेश्वर जी गोदारा, शैल्वी हॉस्पिटल जयपुर के वरिष्ठ ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉक्टर चिन्मय शर्मा, सूर्या सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जयपुर की डायबिटीज एवं हार्मोन रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वसुंधरा चुघ ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों से डॉ चुघ ने स्वास्थ्य से संबंधी प्रश्न पूछे व सही उत्तर देने वाले  अभिभावकों को  पुरस्कृत किया गया।
बालिकाओं ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जिन्‍हें पुरस्‍कृत भी किया गया।
कार्यक्रम में वसुंधरा हॉस्पिटल के स्टाफ एवं महावीर इंटरनेशनल  के अध्यक्ष वीर नत्थू राम कलवासिया, सुरेश सिडाना, चंद्र सिंह चौधरी, कालू राम बिश्नोई, सचिव राजेश वर्मा ने सहयोग किया। 
वोकार्ड लाइफ विंस के प्रतिनिधि संजय कुमार टेकवानी,अशोक धमीजा, अजित का विशेष सहयोग रहा.

कार्यक्रम में 25 अगस्त को जन्मी उपस्थित समस्त बालिकाओं का जन्मदिन भी  मनाया गया. डॉक्टर श्रीमती नरेश चुघ ने समस्त बालिकाओं को आशीर्वाद प्रदान किया एवं उपस्थित अतिथिगण व अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।



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शनिवार, 24 अगस्त 2019

युवती संतोष फरार 7 युवक गिरफ्तार:सूरतगढ़ से बड़ी खबर

* करणीदानसिंह राजपूत *

 सूरतगढ़ 23 अगस्त 2019.

युवती को आगे रखकर वारदात करने वाली गैंग के 7 नौजवानों शंकरलाल,भीमसेन,राजेंद्र कुमार, अजय कुमार,राकेश कुमार,टिक्कू राम, पवन कुमार को पुलिस ने पकड़ा मगर युवती संतोष धाणक बच निकली और फरार हो गई।

यह गैंग पुलिस के धक्के चढ़ी जिसमें महिला का बड़ा रोल सामने आया है। ताजा वारदात से लगा है की ये सूरतगढ़ में राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 62 पर वारदात करके भागकर पास के मोहल्ले में अपने निवासों मे चले जाते। कुछ युवक सूरतगढ़ के और कुछ बाहर से अपराध के लिए सूरतगढ़ में राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 62 के चिपते वार्ड नं 1 में रहने लगे। 

इस गिरोह के पकड़ में आने से और राज अपराध खुलने की संभावना मानी जा रही है लेकिन युवती संतोष धानक पुलिस के हत्थे लगने से पहले ही फरार हो गई। 

ताजा अपराध से लगता है युवती गैंग के एक युवक के साथ वाहन चालकों को रोकती,फिर कुछ अन्य युवक भी आते और वाहन चालक से मारपीट और लूटपाट करके भाग जाते।  इन्होंने कितने वाहन चालकों को अभी तक लूटा है यह मालूम नहीं हो सका लेकिन 21 अगस्त और 22 अगस्त की मध्यरात्रि के बाद करीब 3:00 बजे हुई एक घटना ने इनको पुलिस की गिरफ्त में पहुंचा दिया।

 पंजाब से एक ट्रक फ्रीज्ड मीट का लेकर चालक साहून खान सूरतगढ़ के पास बीरधवाल में सेना को पहुंचाने के लिए रवाना हुआ था। सूरतगढ़ के पास से नेशनल हाईवे पर से वह ट्रक ले जा रहा था। रिलायंस पेट्रोल पंप के पास में युवती और एक व्यक्ति ने टॉर्च के रोशनी से रुकने का इशारा किया। वाहन चालक ने अपना ट्रक रोका और नीचे उतरा। वह कुछ समझ पाता इससे पहले ही आसपास से और लोग आए और हमला कर दिया।चालक अचानक मारपीट से वह घबरा गया।

 इस गैंग ने वाहन चालक से रुपए मोबाइल ड्राइविंग लाइसेंस आदि छीने और फरार हो गए। पीड़ित ने सूरतगढ़ सिटी थाने की मदद ली और अपने साथ हुआ सारा किस्सा बताया। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर अपराध गंभीर श्रेणी का माना जाता है और अपराध होते ही उच्चाधिकारियों को भी सूचना दी जाती है। तत्काल ही जिला मुख्यालय कंट्रोल रूम और शीघ्र ही राज्य के कंट्रोल रूम को ऐसी सूचना से अवगत कराया जाता है।


 सूरतगढ़ सिटी पुलिस थाना के थाना अधिकारी सीआई निकेत कुमार पारीक ने सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्यवाही की और स्वयं के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर करतार सिंह व दो सिपाहियों रोशन लाल और तरसेम सिंह (ड्राइवर)के साथ एक टीम का गठन किया व खोज में लगाया। 


ट्रक चालक साहुन खान पुत्र कासिम निवासी टपकन जिला नूंह (मेवात) से पूछताछ और स्थान की जानकारी ले पुलिस टीम ने शीघ्र ही अभियुक्तों का पीछा किया। जहां पर यह मारपीट और लूट हुई वहां से पैरों के निशान पास के मोहल्ले में गए। पुलिस तो पुलिस होती है। पुलिस ने खोजबीन शुरू की तब वहां मालूम हुआ कि कुछ लोग सूरतगढ़ के और कुछ बाहर के इस लूट में शामिल है जिसमें एक युवती भी है। 

पुलिस ने 7 युवकों को अपनी गिरफ्त में लिया।  1-शंकरलाल पुत्र पप्पू राम धाणक उम्र 24 निवासी 42 एसएसडब्ल्यू,पुलिस थाना हनुमानगढ़ सदर,हाल निवासी वार्ड नंबर 1 सूरतगढ़।

2- भीमसेन पुत्र पप्पू राम जाति धाणक उम्र 21 साल निवासी एसएसडब्ल्यू,पुलिस थाना हनुमानगढ सदऱ जिला हनुमानगढ़ हाल निवासी वार्ड नंबर 1 सूरतगढ़।

3- राजेंद्र पुत्र पालाराम  जाति नायक उम्र 19 साल निवासी वार्ड नंबर 1 सूरतगढ।

4- अजय कुमार पुत्र राजकुमार जाति ओड  राजपूत उम्र 19 साल निवासी वार्ड नंबर 1 सूरतगढ़।

 5- राकेश कुमार पुत्र हेतराम जाति नायक उम्र 20 साल निवासी वार्ड नंबर 1 सूरतगढ।

6- टिकु राम उर्फ सुनील कुमार पुत्र सुखराम जाति नायक उम्र 20 साल निवासी वार्ड नंबर 1सूरतगढ़।

 7- पवन कुमार पुत्र काशीराम जाति नायक उम्र 19 साल निवासी वार्ड नंबर 1 सूरतगढ़।

ये सात लोग पुलिस की पकड़ में आए लेकिन इस गैंग में शामिल युवती संतोष धाणक बचने के लिए फरार है। 

सीआई निकेत कुमार पारीक ने बताया कि शीघ्र ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। पुलिस के अनुसार ट्रक चालक शाहुन खान के साथ मारपीट कर उसके पास से ₹13,000 ड्राइविंग लाइसेंस और मोबाइल छीन लिया गया था ।

पुलिस सब इंस्पेक्टर करतार सिंह 

की तेज जांच के कारण अपराधी कुछ घंटों में  पुलिस की निगाह में आ गए और 23 अगस्त को पकड़े गए।

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शुक्रवार, 16 अगस्त 2019

माइक्रोवेव ओवन स्वास्थ्य का दुश्मन - कारण जान दंग हो जाएंगे

जापान सरकार ने इस वर्ष के अंत से पहले देश में सभी  *माइक्रोवेव ओवन*  का निपटान करने का फैसला किया है और सभी नागरिक और संगठन जो आवश्यकता को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें जुर्माना और जेल की शर्तों के साथ धमकी दी जाती है।

राइजिंग सन की भूमि में "माइक्रोवेव ओवन" पर प्रतिबंध का कारण हिरोशिमा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया एक शोध था, जहां उन्होंने पाया कि "रेडियो तरंगें" 20 वर्षों में नागरिकों के स्वास्थ्य को अधिक नुकसान पहुंचाती हैं, खासकर जब माइक्रोवेव ओवन का उपयोग करना जो 1945 में हिरोशिमा एन नागासाकी पर अमेरिकी परमाणु बमों की तुलना में अधिक हानिकारक है।विशेषज्ञों के अनुसार, माइक्रोवेव ओवन में गर्म किए गए भोजन में बहुत ही अस्वास्थ्यकर कंपन और विकिरण होते हैं।

दरअसल, जापान में "माइक्रोवेव ओवन" के सभी सबसे बड़े निर्माताओं को बंद किया जा रहा है, जहां यह उत्पाद निर्मित होता है।

2021 में, "माइक्रोवेव ओवन" का उत्पादन रोक दिया जाएगा, जैसा कि दक्षिण कोरिया में घोषणा की गई है, और चीन ने 2023 में इस प्रकार की तकनीक को छोड़ने की योजना बनाई है।

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काशीरा कैंसर केंद्र में कैंसर की रोकथाम पर एक सम्मेलन आयोजित किया गया था, सम्मेलन के अंत में की गई सिफारिशों के अनुसार, इन खाद्य पदार्थों से बचा जाना चाहिए:


1. परिष्कृत तेल

2. पशु उत्पत्ति का दूध (अनुशंसित सोया दूध)

3. खाद्य क्यूब्स (चिकन शोरबा मसाले जैसे मैगी और जैसे)

4. सोडा (प्रति लीटर चीनी के 32 टुकड़े)

5. *परिष्कृत चीनी*

6. माइक्रोवेव ओवन

7. इकोकार्डियोग्राफी को छोड़कर जन्म से पहले मैमोग्राम न करें

8. बहुत संकीर्ण अंडरवियर n ब्रा

9. शराब

10. आइस्ड फूड को डिसाइड करना और फिर उसे रिफ्रीज़ करना

11. प्लास्टिक की बोतलों में रेफ्रिजरेटर से पीने का पानी

12. गोलियां क्योंकि यह महिलाओं में हार्मोनल सिस्टम को बदलती है और कैंसर का कारण बनती है

13. शेविंग के बाद उपयोग किए जाने विशेष डिओडोरेंट क्योंकि वे कैंसर का कारण बनते हैं

14. *व्हाइट शुगर* किसी भी रूप में (कैंसर कोशिकाओं को मुख्य रूप से चीनी पर फ़ीड)। कैंसर के रोगियों को अपने आहार में चीनी से बचना चाहिए।



*सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार, वे इन्हें अपने आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं*


1. सब्जियाँ

2. शहद का उपयोग चीनी के बजाय मध्यम रूप से किया जाता है

3. प्लांट प्रोटीन (मांस के बजाय सेम)

4. दांत ब्रश करने से पहले खाली पेट पर शरीर के तापमान पर दो कप पानी

5. भोजन गर्म होना चाहिए और बहुत गर्म नहीं होना चाहिए

6. एलोवेरा जूस + अदरक + अजमोद + अजवाइन + ब्रोमेलिन। हम उन्हें मिश्रण करने और उन्हें खाली पेट पीने की सलाह देते हैं

7. प्रतिदिन गाजर का रस

8. भोजन के साथ टमाटर, लहसुन n प्याज



ध्यान दें : *अमेरिकन फिजिशियन एसोसिएशन ने पाया कैंसर के कारण*


1. प्लास्टिक के कप में चाय, कॉफी या कुछ भी गर्म न पीएं

2. कागज या कार्डबोर्ड या प्लास्टिक की थैली में लिपटे हुए कुछ भी न खाएं (उदाहरण के लिए: तले हुए आलू)

3. प्लास्टिक या माइक्रोवेव के व्यंजन न खाएं


😇

*निम्नलिखित नोट करना चाहते हैं:*


जब प्लास्टिक गर्मी के संपर्क में होता है, तो रासायनिक यौगिक जो 52 प्रकार के कैंसर का कारण बन सकते हैं।


इस प्रकार, आपको सभी प्रकार के शीतल पेय जैसे "कोला, पेप्सी, एवी, फांटा एन सभी केंद्रित रस पीने से बचना चाहिए।


ताजा अनानास खाएं और कोला के साथ अनानास के रस के मिश्रण से बचें क्योंकि यह मिश्रण घातक है क्योंकि यह लोगों को मौत का कारण होगा क्योंकि उन्हें लगता है कि इसका कारण विषाक्तता है और वे इस घातक कॉकटेल के अपने अज्ञान का शिकार हैं!


बाएं कान के माध्यम से कॉल का जवाब दें और हेडफ़ोन का बेहतर उपयोग करें


ठंडे पानी से दवा न पिएं


शाम 7 बजे के बाद भारी भोजन न करें


सुबह में पानी पीएं शाम को कम,

खाने के तुरंत बाद एक क्षैतिज स्थिति (लेट / नींद) न लें


जब आपकी फोन की बैटरी लगभग मृत हो जाए, तो फोन को न उठाएं, क्योंकि यह रेडिएशन चार्ज बैटरी से 1000 गुना ज्यादा मजबूत है।


रविवार, 11 अगस्त 2019

मानसिक और नशा रोगों का इलाज:माईंड केअर क्लिनिक सूरतगढ़- डा.सुरेश परिहार

* करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ 11 अगस्त 2019.

मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुरेश परिहार ने आज अपने चिकित्सालय माईंड केअर क्लिनिक के उद्घाटन अवसर पर पत्रकार वार्ता में कहा कि मानसिक रोग और नशा करने वाले लोगों का इलाज किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि मानसिक रोग से ग्रस्त लोगों की पहचान होना बहुत जरूरी है और यह समाज में जागरूकता से ही संभव है। अनेक प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति किसी बीमारी का ईलाज करवाता रहता है लेकिन उसको मालूम ही नहीं हो पाता कि वह किसी मानसिक रोग जैसी अवस्था में पहुंच रहा है।  सिर दर्द को सामान्य मान करके ही दवाइयां ली जाती रही है लेकिन सर दर्द भी अनेक प्रकार का होता है यह रोगी को बिना जांच और परामर्श के मालूम नहीं होता। उन्होंने कहा कि समाज में मनोरोगी को इलाज के लिए दो चार जगह ले जाने के बाद घर परिवार वाले मान लेते हैं कि इसका इलाज कहीं भी संभव नहीं है और भी इलाज बंद करवा देते हैं। अनेक बार इस प्रकार के रोगी को घरों में बांध कर के रख दिया जाता है जो एक बहुत बड़ा अत्याचार है। यदि रोगी की पहचान हो जाए तो उसको परामर्श और इलाज देकर के पूर्ण स्वस्थ किया जा सकता है। स्वस्थ होने पर व्यक्ति अपना काम अपना व्यवसाय आदि खुद बेहतर तरीके से संभालने वाला बन जाता है। 

डॉ परिहार ने बताया कि बेरोजगारी से भी व्यक्ति अनेक रोगों का शिकार हो जाता है। 

उन्होंने व्यक्ति की मानसिक दशा का वर्णन करते हुए कहा कि व्यक्ति जब खुश होता है तो वह स्वयं को धरती से कुछ ऊपर चलता हुआ महसूस करता है और जब वह अवसाद में ग्रस्त होता है तो वह धरती के नीचे चलता महसूस करता है और सामान्य व्यक्ति धरती पर चलता है। यह सब व्यक्ति के रोग की स्थितियां प्रकट करता है। इस प्रकार के रोगियों को भी पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनेक परेशानियों के कारण व्यक्ति नशा करने लगता है और उसे मालूम नहीं कि वह नशा उस के शरीर को मन को कितना नुकसान पहुंचा रहा है। नशा सामान्य रूप से शराब तंबाकू आदि का और उससे आगे खतरनाक ड्रग्स का होता है जो आदमी को ऐसा जकड़ लेता है कि बाद में छुड़ाने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि स्मैक जिसे पंजाब में चिट्टा कहते हैं बहुत फैला हुआ है और श्रीगंगानगर में भी अनेक स्थानों पर इसके व्यवसाय करने वाले लोग मिलते हैं।

पहले लोगों को मुफ्त देकर के 

आदत डाली  जाती है किया जाता है और बाद के अंदर उस व्यक्ति को व्यवसाय में जकड़ लेते हैं और उसे रोक दिया जाता है कि वह अन्य लोगों को अपना साथी संगी बनाए ताकि उसका जो खर्चा हुआ है मुफ्त में स्मैक मिलता रहे उन्होंने कहा कि स्थिति है नशे से लोगों को बचाया जाना चाहिए क्योंकि इससे भी मनो रोग से पीड़ित हो जाते हैं डॉ परिहार ने बताया कि नशे के कारण व्यक्ति कुछ हालात में अपराधी तक हो जाता है। घरवाले नशे के लिए पैसा नहीं देते तो उनके साथ मारपीट करता है और कई बार हत्या तक कर देता है।

उन्होंने कहा कि मनो रोगों की चिकित्सा और नशा करने वाले रोगो के परामर्श  का अभियान विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के माध्यम से चलाया जाएगा ताकि जनता रोगों के प्रति जागरूक हो।


डॉ परिहार का चिकित्सालय परामर्श केंद्र ' माईंड केअर क्लिनिक 'सुप्रसिद्ध एडवोकेट पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिद्धू की कोठी के परिसर में बीकानेर रोड पर दिनांक 11 अगस्त 2019 से शुरू हुआ है। यहां हर सप्ताह रविवार को परामर्श दिया जाएगा।

डॉ परिहार ने बताया कि यहां पूरा परामर्श पूछताछ करने के बाद रोगी का इलाज किया जाएगा ताकि रोग ठीक होने के उपरांत व्यक्ति समाज में सामान्य जीवन जी सके। उन्होंने एक खास बात कही की समाज और परिजनों को मनोरोगी और नशा रोगी को प्रताड़ित करते रहने के बजाय उसका इलाज करवाना चाहिए ताकि वह सामान्य जीवन में लौट सके।



शनिवार, 10 अगस्त 2019

राजकीय महाविद्यालय का नाम स्व.गुरु शरण छाबड़ा के नाम पर हुआ


^^विशेष समाचार करणीदानसिंह राजपूत ^^

 10 अगस्त 2019.
 राजस्थान सरकार के बजट 2019- 20 को प्रस्तुत करते समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ का नामकरण स्वर्गीय गुरुशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय करने की घोषणा की थी। शिक्षा मंत्रालय ने 7 अगस्त 2019 को यह आदेश जारी कर दिया है जो समस्त संबंधित विभागों को भिजवा दिया गया है।
 यह राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ में राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62 पर आकाशवाणी केंद्र के सामने स्थित है। 

विदित रहे कि सूरतगढ़ के  विधायक गुरु शरण छाबड़ा ने सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खुलवाने को लेकर 1972 से आंदोलन शुरू किया और विधायक काल में 1977 में स्थापित करवा दिया था।
छाबड़ा ने राजस्थान प्रदेश में संपूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर जयपुर में अनशन करते हुए 3 नवंबर 2015 में प्राण त्याग दिए थे।

 गुरूशरण छाबड़ा आपातकाल के बाद 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। उस समय भैरों सिंह शेखावत जिस दिन मुख्यमंत्री निर्वाचित हुए उसी रात्रि में 11 बजे विधायक गुरुशरण छाबड़ा,राजा राम कड़वासरा मानकसर (अब स्वर्ग वासी) पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत भैरों सिंह जी से मिले। 

उनके समक्ष सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खुलवाने की मांग रखते हुए बताया कि विधायक का चुनाव सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोले जाने की बात पर लड़ा गया है। जनता ने पूरा साथ दिया है इसलिए सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोला जाए। 
माननीय भैरों सिंह जी शेखावत ने तत्काल ही कहा कि प्रदेश में जब भी राजकीय महाविद्यालय खोले जाएंगे तब सूरतगढ़ प्रथम रहेगा।
उसी घोषणा के तहत ही सूरतगढ़ में 1977 में राजकीय महाविद्यालय खोला गया। उस समय उच्च शिक्षा मंत्री ललित किशोर चतुर्वेदी थे,जिन्होंने भी पूरा सहयोग किया।

उस समय एक धर्मशाला भवन में कुछ महीने कक्षाएं लगाई गई और भवन निर्माण के लिए एक समिति का गठन सोहन लाल रांका की अध्यक्षता में हुआ। पहले भवन निजी रूप से बना कर सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंपा गया और बाद में उसका विस्तार सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा समय-समय पर किया जाता रहा।

इस राजकीय महाविद्यालय की नींव उस समय के लोकप्रिय गृहमंत्री प्रोफेसर केदारनाथ  के कर कमलों से रखी गई थी। आज यह महाविद्यालय आसपास के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है। महाविद्यालय का नाम गुरु शरण छाबड़ा के नाम से किए जाने पर यह सदा के लिए एक महत्वपूर्ण यादगार रहेगा।


विदित रहे कि गुरु शरण छाबड़ा के स्वर्गवास के बाद उनकी  पुत्र वधु पूजा छाबड़ा पत्नी गौरव छाबड़ा ने भी शराबबंदी को लेकर आमरण अनशन किया था। राजस्थान सरकार ने उनसे एक समझौता किया जिसमें राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ का नाम स्वर्गीय गुरु शरण छाबड़ा के नाम से किए जाने का निर्णय हुआ था।


1.यहां पर राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ का चित्र।

2. स्व.गुरूशरण छाबड़ा की प्रतिमा सूरतगढ़ के राजकीय चिकित्सालय के आगे स्थापित है।

मंगलवार, 6 अगस्त 2019

हमारा ताज कश्मीर है जिसे भूले बैठे हो और आगरा के ताज की चिंता है

करणी की बात: काल चक्र-6
हमारा ताज कश्मीर है जिसे भूले बैठे हो और आगरा के ताज की चिंता है
                खबर आई कि आगरा का ताज नष्ट हो जाएगा। उसकी नींव में लगी लक्कडिय़ां पानी नहीं मिलने से नष्ट होने लगी है। सडऩे लगी है। उसकी मरम्मत जल्दी नहीं हुई तो वह नष्ट हो जाएगा। विदेशी पर्यटकों के आने की बहुतायत है और उनको बाद में हम क्या दिखलाएंगे? यमुना के किनारे बना हुआ ताज महल। बेगम मुमताज महल की यादगार में बादशाह शाहजहां का बनाया हुआ ताज महल। कई बार विवाद भी होते रहे हैं कि यह शाहजहां का बनवाया हुआ भी नहीं है। महल में कभी कब्रें नहीं होती और जहां कब्रें होती हैं उनको महल नहीं कहा जाता। बड़े लोगों की कब्र जहां होती हे जहां उन्हें दफनाया हुआ होता है उनको मकबरा कहा जाता है। कुछ इसे हिन्दु राजा का बनाया हुआ बतलाते हैं।
    अभी इसके निर्माण पर बहस का कोई मुद्दा नहीं है। अभी एक विषय है कि यमुना किनारे का ताज नष्ट होने के कगार पर है। उसकी कई स्थानों पर दरारें आ चुकी है। पत्थर खंडित हो रहे हैं। ताजा खबर यह आई है कि उसकी नींव में लगी लक्कडिय़ां खराब होने लगी हैं। बड़े अखबारों और चैनलों पर यह अहम खबर के रूप में परोसी गई है। देश की सरकार पुरातत्व विभाग बहुत चिंतित है। ताज के नष्ट होने से हमारे महान देश का पर्यटन उद्योग पर बुरा असर पड़ेगा। मानो हमारा यह भारत देश पर्यटकों के टकड़ो पर ही जिंदा हो।
    सरकार को आगरा के ताज की सदा से चिंता रही है। सोचने का विषय यह है कि हमारे देश का ताज कश्मीर है। भारत माता मुकुट है। उस ताज की उस मुकुट की हमें चिंता नहीं है। वहां पर रोजाना ही कुछ न कुछ गड़बड़ी होती रहती है। आंतककारियों के अतिक्रमण आम लोगों पर सुरक्षा सैनिकों पर होते रहते हैं। उस ताज की हमें कोई चिंता क्यों नहीं है? उस ताज के दो टुकड़े कर दिए गए तथा एक टुकड़े का नाम पाकिस्तान सरकार ने आजाद कश्मीर रख दिया। देश की स्वतंत्रता के कुछ समय बाद की यह घटना भूल गए। इसके बाद भी पाकिस्तान ने दो बार आक्रमण करके उस ताज के कुछ हिस्से को और दबा गया। वहां से हजारों पंडित परिवारों को सब कुछ छोड़ कर निकलना पड़ा। वे कश्मीरी पंडित परिवार बीस पचीस सालों से दर दर की ठोकरें खाते घूम रहे हैं। उनका पूरा ओर आने वाली पीढिय़ों का जीवन नष्ट हो गया। उनकी सरकार को कोई चिंता नहीं है। देश का असली ताज तो कश्मीर है वह आधा हमारे पास नहीं है। उसकी चिंता नहीं। सरकार तुष्टिकरण की नीति पर चल रही है। कश्मीरी पंडितों के परिवारों की चिंता नहीं है, मगर बांग्ला देश से जबरन देश में घुस आए बांग्लावासियों की चिंता है। उनके लिए सहारा कैंप हैं। उनको निकाले जाने पर कोई विचार नहीं करना चाहता। उल्टा उनके वोट तक बना दिए गए। यह हैं हमारी ताज नीति।
दि. 7-10-2011.
अपडेट 6-7-2019.
करणीदानसिंह राजपूत
राजस्थान सरकार द्वारा अधिस्वीकृत पत्रकार
94143 81356

सोमवार, 5 अगस्त 2019

करणी दान सिंह राजपूत बीकानेर संभााग के 'राजस्थान सेवा गौरव पत्रकारिता' पुरस्कार से सम्मानित

बीकानेर के रवीन्द्र मंच पर आयोजित समारोह में यह सम्मान करणीदानसिंह राजपूत की माता हीरा और पिता रतनसिंह की सीख एवं पत्रकारिता के इतिहास का वर्णन करने के बाद प्रोफेसर चतुर्वेदी स्मृति संस्थान जयपुर की ओर से रविवार 4 अगस्त 2019 को प्रदान किया गया। 


समारोह में स्वामी श्री समवित सोम गिरी जी महाराज (महंत श्री लालेश्वर महादेव मंदिर बीकानेर) श्री गुलाबचंद कटारिया (नेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा व पूर्व गृह मंत्री राजस्थान सरकार)

श्री अरुण चतुर्वेदी (पूर्व कैबिनेट मंत्री राजस्थान सरकार) के द्वारा प्रदान किया गया।

श्री राजपूत को शाल और पीताम्बर व साफा ओढा कर मढे हुए सुनहरे सम्मान प्रशस्ति पत्र को प्रदान कर सम्मानित किया गया। 


आयोजन समिति के अध्यक्ष ताराचंद सारस्वत व अन्य सदस्यों की ओर से स्वागत किया गया।

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा करने वाले 12 प्रबुद्ध जनों को सम्मानित किया गया।

समारोह में स्वामी श्री समवित सोम गिरी जी महाराज (महंत श्री लालेश्वर महादेव मंदिर बीकानेर) श्री गुलाबचंद कटारिया (नेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा व पूर्व गृह मंत्री राजस्थान सरकार)

श्री अरुण चतुर्वेदी (पूर्व कैबिनेट मंत्री राजस्थान सरकार) डा.लोकेश चतुर्वेदी( सचिव प्रो.ललित किशोर चतुर्वेदी स्मृति संस्थान) व ताराचंद सारस्वत ने भारतीय सभ्यता संस्कृति पर विचार प्रगट किए। 

समारोह में संस्थान की ओर से किए जाने वाले सामाजिक कार्यों अवगत कराया गया।






^^^^प्रो चतुर्वेदी स्मृति राजस्थान गौरव सेवा सम्मान समारोह में हुआ विभूतियाँ का सम्मान ^^^


हजारों कार्यकर्ताओ व समाज के विभिन्न वर्ग के लोगो की मौजूदगी में रविन्द्र रंगमंच बीकानेर में प्रो ललित किशोर चतुर्वेदी राजस्थान गौरव सेवा सम्मान समारोह का आयोजन भारत माता प्रो चतुर्वेदी के चित्र पर पुष्पहार , दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ महाराज श्री सोमगिरि जी, श्री गुलाब चंद कटारिया, श्री चंद्रशेखर जी, श्री अरुण चतुर्वेदी जी और पूर्व संचालक श्री नरोत्तम जी के कर कमलों द्वारा हुआ।

इस कार्यक्रम में बीकानेर संभाग की विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों के सम्मान के अवसर राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष *गुलाबचंद कटारिया* ने कहा कि न सिर्फ राजनीति बल्कि जीवन मे आज जो कुछ भी मिला वो उन्ही की बदौलत है वे सिर्फ राजनेता ही नही बल्कि सामाजिक सरोकार से भी जुड़े रहते थे । कार्यकर्ताओ के व्यक्तित्व निर्माण में भी उनकी अहम भूमिका थी । 
प्रदेश संगठन महामंत्री *चन्द्रशेखर* ने कहा कि वे महान विभूति थे उनके कार्यकाल में हुए कार्यों को आज भी  जनता अपने दिल से याद करती है । 
भाजपा सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक *अरुण चतुर्वेदी* ने कहा कि सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय का मूल मंत्र ही उनके जीवन मे रचा बसा था उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए हमें भी उनके कदम चिन्हों पर चलना चाहिए आज जो विभूतियाँ  सम्मानित हो रहीं है युवा उनसे प्रेरणा लें । 
इस दौरान राजस्थान गौरव सेवा सम्मान राजनीति के क्षेत्र में ओम प्रकाश आचार्य व श्रीमती कमला श्रीमाली, खेल क्षेत्र में रिपुदमन सिंह (हनुमानगढ़), समाज सेवा के लिए रोग निदान सेवा संघ ट्रस्ट अध्यक्ष रामरतन भूतड़ा, चिकित्सा सेवा के लिये डॉ शिव गोपाल सोनी , पत्रकारिता के लिये करणीदान सिंह राजपूत (सूूरतगढ/गंगानगर), कला के क्षेत्र में महावीर स्वामी, अध्यात्म के लिये सालासर मन्दिर के पूर्व अध्य्क्ष महावीर प्रसाद पुजारी (चुरू), पुलिस सेवा में महेंद्र नाथ धवन, शिक्षा में हनुमान प्रसाद व्यास, व्यवसाय के लिये देवक़ीनदन गोळ्यांन (गंगानगर), व लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड गेवर चंद जोशी को सम्मान प्रदान किया गया । 
आशीर्वाचन देते हुए *महंत संवित सोमगिरी महाराज* ने कहा कि मानव जीवन की सफलता उसके अच्छे कार्यो से है चतुर्वेदी नाम ही अपने आप मे सार्थक नाम था जिनका जीवन ही दूसरों के दुख दर्द बाँटने के लिये हुवा वे जनसंघ से जुड़कर जनता के प्रति समर्पित हो गए जिनका आज उनके नाम से सम्मान हुवा है वे भी उनके नाम से दिए जा रहे इस सम्मान के लिये काबिल व्यक्तिव है ।
न्यू इंडिया मूवमेंट के प्रदेश संयोजक व संस्थान के महासचिव *लोकेश चतुर्वेदी* ने संस्थागत कार्यों पर प्रकाश डाला व जानकारी दी । 
आयोजन समिति के अध्य्क्ष ताराचंद सारस्वत , संघ के नरोत्तम व्यास , राजेन्द्र शर्मा, हितेश गौतम , बनवारी लाल शर्मा , अरविंद उभा , श्रेयांस बैद , भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ओम प्रकाश सारस्वत, देहात जिलाद्य्क्ष विधायक बिहारी लाल बिश्नोई, स्तयप्रकाश आचार्य , महापौर नारायण चोपड़ा, पूर्व यूआईटी चैयरमेन महावीर रांका , प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामगोपाल सुथार इत्यादि उपस्थित थे ।कार्यक्रम का संयोजन *सिमन्तिनी चतुर्वेदी* ने किया इस दौरान पूरे प्रदेश भर से कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे।

इस समारोह में बीकानेर संभााग के चारों जिलों बीकानेर, श्री गंगानगर, हनुमान गढ,चुरू के अनेक प्रमुख लोग,नेता और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।




शनिवार, 3 अगस्त 2019

वरिष्ठ पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत को बीकानेर संभााग का 'राजस्थान सेवा गौरव पत्रकारिता' पुरस्कार रविवार को प्रदान होगा


 यह सम्मान समारोह प्रोफेसर चतुर्वेदी स्मृति संस्थान जयपुर की ओर से रविवार 4 अगस्त को दोपहर बाद चार बजे बीकानेर के रवींद्र मंच पर शुरू होगा। इस समारोह में कुल 12 लोगों को सम्मानित किया जाएगा जो विभिन्न क्षेत्रों में बरसों से कार्य करते हुए समाज की सेवा में जुटे हुए हैं। 


समारोह में आशीर्वचन स्वामी श्री समवित सोम गिरी जी महाराज महंत श्री लालेश्वर महादेव मंदिर बीकानेर के होंगे।

 

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गुलाबचंद कटारिया नेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा व पूर्व गृह मंत्री राजस्थान सरकार होंगे।

मुख्य वक्ता श्रीमान चंद्रशेखर भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री राजस्थान होंगे।


कार्यक्रम की अध्यक्षता संसदीय कार्य राज्य मंत्री भारत सरकार श्रीमान अर्जुन राम जी मेघवाल करेंगे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्रीमान अरुण चतुर्वेदी पूर्व कैबिनेट मंत्री राजस्थान सरकार व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा राजस्थान होंगे।

आयोजन समिति के अध्यक्ष ताराचंद जी सारस्वत भाजपा नेता व समाजसेवी हैं।

इस समारोह में बीकानेर संभााग के चारों जिलों बीकानेर, श्री गंगानगर, हनुमान गढ,चुरू के अनेक प्रमुख लोग,नेता और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

सूरतगढ़ सिवरेज में फिर नया घोटाला-अब पार्षद भी फंसेंगे।

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ के सीवरेज निर्माण कार्य में करोड़ों रुपए के घोटाले का आरोप अखबारों चैनलों पर छाए रहने के बाद विधानसभा में भी गूंज उठा लेकिन घोटालों पर रोक की बजाए नए रूप में फिर घोटाला करने का खुला तरीका एक और सामने आने वाला है जिसका खाका बन चुका है।

नगर पालिका प्रशासन पर आरोप है कि उसने बिना काम किए ही सिवरेज कंपनी को करोड़ों रुपए का भुगतान कर दिया। उसका ब्योरा भी खबरों में आया व विधानसभा में भी विधायक राम प्रताप कासनिया ने बताया जिसमें रकम तक का उल्लेख किया गया था। आरोप था कि संबंधित फर्म को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया जो कार्य उसने किया ही नहीं। 

अब आश्चर्य यह है कि नगर पालिका की बैठक का प्रस्ताव है कि सीवरेज का कार्य निर्धारित से अधिक हो गया उसके भुगतान के बाबत विचार किया जाना है। मतलब कि लाखों रुपए कंपनी को और देने वाले हैं और यह बोर्ड की बैठक की स्वीकृति से देने का प्रस्ताव रखा गया है। पार्षदों की सहमति से यह भुगतान होगा। नगर पालिका की बैठक 6 अगस्त को होने वाली है। बैठक की तिथि पूर्व में थी,मगर विधानसभा सत्र चलने के कारण यह अब 6 अगस्त को होगी।  बैठक में सीवरेज कंपनी संबंधित यह प्रस्ताव 20 वें क्रम पर दिया हुआ है।  इस बैठक की सूचना सभी पार्षदों को और विधायक को भी दी जा चुकी है। जब पूरे शहर में सीवरेज कंपनी को बिना काम किए भुगतान करने का आरोप लगा हुआ है ऐसी हालत में यह कहना कि निर्धारित कार्य से अधिक कार्य हो गया जिसका निर्णय करना है। आश्चर्य यह है कि जो कार्य निर्धारित था उससे अधिक कार्य बिना किसी सर्वे बिना आकलन तगमीना और स्वीकृति के कैसे किया गया और करवाया गया। यह कार्य हुआ या नहीं हुआ? इसकी भी क्या गारंटी है? पालिका बोर्ड बैठक का एजेंडा यानि प्रस्ताव अध्यक्ष की स्वीकृति से ही होते हैं। नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा और उपाध्यक्ष पवन ओझा भारतीय जनता पार्टी से हैं।  यह बोर्ड भारतीय जनता पार्टी का है। भारतीय जनता पार्टी स्वच्छ छवि का प्रचार और प्रदर्शन करती है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामप्रताप कासनिया विधानसभा में नगर पालिका में भयानक घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं। अब फिर प्रस्ताव नंबर 20 से यह सामने आ रहा है कि अभी और रुपया लुटाया जाना है और इसमें पार्षदों की भी सहमति होगी। भ्रष्टाचार के आरोप लगे हुए है। सरकार को शिकायतें हो चुकी है उसके बावजूद पार्षद गण इस प्रस्ताव की सहमति देते हैं तो वे भी भ्रष्टाचार के दोषी माने ही जाएंगे. पार्षदों को यह हक नहीं है कि वे बैठक में चाहे जिस प्रकार के प्रस्ताव पारित करके राज्य सरकार के कोष  को नुकसान पहुंचाएं। ऐसा कोई अधिकार उन्हें कानून नियमों में मिला हुआ नहीं है।  अगर वे जानते हुए प्रस्ताव पारित तो करते हैं तो भ्रष्टाचार की मिलीभगत में दोषी होंगे। अब यह पार्षदों को सोचना है कि वे जानते बुझते यह अपराध करेंगे या नहीं करेंगे?पार्षदों को भ्रष्टाचार में लिप्त होना है या नहीं होना है इतनी बुद्धि तो उनमें जरूर होनी ही चाहिए। अब नगर पालिका बोर्ड का कार्यकाल कुछ महीनों का ही बाकी है और जाते-जाते इस अपराध में पार्षद शामिल होते हैं तो वे कहीं ना कहीं मुकदमों में निश्चित रूप से फंसने वाली स्थिति में होंगे और हो सकता है कि खुद जेल में जाने का रास्ता बनाएं। पालिका में महिला पार्षद भी हैं उनको अपना भविष्य सोचना चाहिए।


नगर पालिका की इस प्रस्तावित बैठक में एक और प्रस्ताव भी है। यह भी सीवरेज से संबंधित है जिस में लिखा गया है कि जो सड़के आदि सीवरेज कंपनी ने तोड़ दी और निर्माण नहीं करवाया वह निर्माण नगर पालिका करवाएगी और संबंधित सिवरेज मद में से पैसा लेगी। यह भी एक आश्चर्य है कि सीवरेज कंपनी ने तोड़कर पुनर्निर्माण क्यों नहीं करवाया और नगर पालिका ने उस पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की? 

सीवरेज कंपनी को पहले भी भुगतान किया गया है उस पर आरोप लग रहे हैं। ऐसी स्थिति में इस प्रकार के प्रस्ताव रखना सूरतगढ़ की जनता के साथ खुले रूप से धोखाधड़ी है। आश्चर्य यह है कि प्रदेश में सरकार कांग्रेस की बने हुए 8 महीने बीत चुके हैं और यहाँ के सभी नेता, संगठन पदाधिकारी, पूर्व विधायक आदि सभी चुप हैं।

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शुक्रवार, 2 अगस्त 2019

राजनीति में ललित किशोर चतुर्वेदी जैसे स्पष्टवादी और नारीशक्ति के पक्षधर होने चाहिए



*  ललित किशोर चतुर्वेदी जयंती  2 अगस्त पर विशेष*


संस्मरण लेख - करणीदानसिंह राजपूत.


ललित किशोर चतुर्वेदी जी का नाम और काम राजस्थान में उच्च शिक्षा के प्रसार, राजनीति और समाज में नारी की उन्नति और विकास में सर्वाधिक रुचि वाला और राजनीति में स्पष्टवादी होने का मिलता है। उनका संदेश था कि राजनीति में महिलाएं आगे बढ़कर इतना कार्य करें कि पुरुषों  से आगे निकल जाएं।

ललित किशोर चतुर्वेदी के कुछ विचार घटनाओं के साथ मैं यहां प्रस्तुत कर रहा हूं जो उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हैं।

सूरतगढ़ में सन् 1977 में राजकीय महाविद्यालय खुलवाने में उस समय के विधायक गुरूशरण छाबड़ा और उच्च शिक्षा मंत्री ललित जी की महत्ती भूमिका रही।

वर्तमान में राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और 10 जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट प्रस्तुत करते हुए सूरतगढ़ के राजकीय महाविद्यालय का नाम स्वर्गीय गुरु शरण छाबड़ा के नाम से करने की घोषणा की। गुरुशरण छाबड़ा जनता पार्टी के कार्यकाल में सूरतगढ़ से विधायक चुने गए थे और उन्होंने राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ में खोलने के लिए संघर्ष किया था।

 तत्कालीन भैरों सिंह शेखावत ने विश्वास दिला दिया था कि जब भी सरकारी महाविद्यालय खोले जाएंगे तब सूरतगढ़ को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन महाविद्यालय खोलने से पहले अनेक शर्तों का पालन करना जरूरी था।

ललित किशोर चतुर्वेदी की भी अभिलाषा रही कि सूरतगढ़ में हर हालत में राजकीय महाविद्यालय खोला जाए। एक दिन रविवार को जयपुर से फोन आया के ललित किशोर चतुर्वेदी जी ने एक उपनिदेशक को सूरतगढ़ भेजा है। उसके पास में एक फार्म है जिसके सभी खाने भरे जाने जरूरी है इसलिए तुरंत मीटिंग बुलाएं,9:30 बजे उपनिदेशक आपके सूरतगढ़ में होगा।  सूरतगढ़ के प्रमुख नागरिकों की एक बैठक सेठ रामदयाल राठी उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित की गई। मैं भी उस बैठक में उपस्थित था, समाजसेवी के नाते और कॉलेज खुलवाने में अग्रणी कार्यकर्ता के रूप में।

इस बैठक में उपनिदेशक ने विभिन्न कार्य बताने के बाद कहा कि महाविद्यालय में 20% लड़कियों का प्रवेश अनिवार्य है। इसकी गारंटी दें। बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु था। इस बिंदु के पूर्ण होने से ही महाविद्यालय खोलना था। यह बिंदु नारी शिक्षा और नारी कल्याण से भी जुड़ा हुआ था। माननीय ललित किशोर चतुर्वेदी के निर्देश पर जब यह कार्यवाही शुरू हुई तब हम लोगों ने इसकी महत्ता को स्वीकार किया और 20% लड़कियों की प्रवेश की गारंटी दी। इस राजकीय महाविद्यालय के खुलवाने में सन 1972 में हमने गुरूशरण छाबड़ा के नेतृत्व में कई महीनों तक आंदोलन किया था। यह कार्यवाही ललित किशोर जी चतुर्वेदी के कार्यकाल में संपन्न हुई जिसमें महत्वपूर्ण बिंदु नारी शिक्षा और नारी उत्थान का जोड़ा हुआ था।

आज सूरतगढ़ के इस राजकीय महाविद्यालय में शहर और आसपास के हजारों छात्र और छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे है। इस राजकीय महाविद्यालय का नाम अब स्वर्गीय गुरूशरण छाबड़ा के नाम पर किया गया है इसकी स्थापना के लिए जब भी कार्यक्रम होंगे माननीय ललित किशोर चतुर्वेदी भी याद आते रहेंगे।


 ललित किशोर जी जब भी श्री गंगानगर जिले के दौरे पर आते थे और सूरतगढ़ से गुजरना होता तब हर हालत में सूरतगढ़ के कार्यकर्ताओं से मिलने की कोशिश रहती थी। 

सूरतगढ़ के नारी उत्थान केंद्र की अध्यक्ष श्रीमती राजेश सिडाना और विभिन्न कार्यों में संस्था के संरक्षक उनके पति इंजीनियर एम.एल.सिडाना के सनसिटी रिसोर्ट परिसर में कार्यकर्ताओं की और महिला कार्यकर्ताओं की बैठकें भी होती रहती थी। 

ललित किशोर चतुर्वेदी 14 अक्टूबर 2012 में सनसिटी रिसोर्ट में पहुंचे। तब राजनीति में महिलाओं और लड़कियों की भूमिका पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई जिसे मैंने उस समय स्थानीय सप्ताहिक ब्लास्ट की आवाज में प्रकाशित किया था।

 सूरतगढ़ की अनेक महिलाएं और लड़कियां ललित किशोर चतुर्वेदी से मिली थी और राजनीति में उनकी स्थिति  भाग लेने के तरीके पर वर्णन करते हुए चतुर्वेदी जी को अनेक प्रकार की जानकारियां दी। मैं उस समय उपस्थित था। मैंने उनसे आग्रह किया कि आप महिलाओं के लिए जो संदेश देना चाहते हैं,वह संदेश दें।

  माननीय ललित किशोर चतुर्वेदी ने कहा कि राजनीति में महिलाओं और लड़कियों को इतनी तेजी व शक्ति के साथ कार्य करना चाहिए कि पुरुष पीछे रह जाएं। उन्होंने कहा कि समाज के अंदर जितनी ताकत महिलाओं में होगी समाज उतना ही आगे बढ़ेगा और यही स्थिति राजनीति की है। राजनीति में भी महिलाओं की भूमिका जितनी शक्तिशाली होगी वह राजनीति भी उसी शक्ति से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय महिलाओं का है, छात्राओं का लड़कियों का है इसलिए शिक्षा ग्रहण करते हुए आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। 

माननीय चतुर्वेदी जी ने एक महत्वपूर्ण बात उस समय उजागर की। उन्होंने कहा कि नारी के स्वास्थ्य की रक्षा भी बहुत जरूरी है। नारी उत्थान केंद्र की अध्यक्ष श्रीमती राजेश सिडाना सूरतगढ़ से अस्वस्थ महिलाओं को जयपुर में हमारे पास भेजती हैं। उनको वहां रखना और एस.एम.एस में स्वास्थ्य परीक्षण तथा इलाज करवाकर उन्हें वापस भेजा जाता है। यह महत्वपूर्ण बात श्रीमती राजेश सिडाना की ओर से मुझे नहीं बताई गई। मुझे आश्चर्य हुआ कि यह बात माननीय ललित किशोर चतुर्वेदी जी ने बताई। मैंने राजेश सिडाना से उसी समय पूछ लिया तब उन्होंने कहा कि हां यह बात सच है। सिडाना ने कहा हमने सूरतगढ़ क्षेत्र की अस्वस्थ महिलाओं को कई बार जयपुर भिजवाया। वहां पर एस एम एस हॉस्पिटल में माननीय ललित किशोर चतुर्वेदी जी की टीम के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण करवाए गए व इलाज करवाए गए। महिलाएं स्वस्थ होकर सूरतगढ़ लौटी। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि रही है। 


ललित किशोर चतुर्वेदी जी राजनीति में स्पष्टवादी व्यक्ति जाने माने जाते रहे हैं। राजनीति में अनेक प्रकार के लोग शामिल हो गए हैं जिन्हें स्पष्टवादिता सुहाती नहीं। 

सूरतगढ़ में कार्यकर्ताओं के साथ उसी दिन14 अक्टूबर 2012 को एक बैठक हुई जिसमें उन्होंने राजनीति में हो रही उथल-पुथल व कार्यकर्ताओं की पूछ नहीं होने की बात कही और कुछ प्रमुख नेताओं पर स्पष्ट आरोप भी लगाए। यह बैठक सनसिटी रिसोर्ट में हुई जिसमें पूर्व विधायक अशोक नागपाल, विधायक बनने से पूर्व राजेंद्र भादू,विजेंद्र पूनिया, प्रयागचंदअग्रवाल,शरणपालसिंह मान,श्याम मोदी आदि मौजूद थे।

मैं बड़े दावे के साथ कह सकता हूं कि ललित किशोर चतुर्वेदी जैसा स्पष्टवादी व्यक्ति राजनीति में होना बहुत जरूरी है।

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फोटो- सूूरतगढ में 14 अक्टूबर 2012 को ललित किशोर चतुर्वेदी महिला कार्यकर्ताओं के साथ और प्रमुख नेताओं के साथ। 


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