सोमवार, 29 जुलाई 2019

मूल संविधान का हिस्सा नहीं अनुच्छेद 35-A. बाद में जोड़ा,क्यों और कैसे?



आजादी के 7 साल बाद यानी 1954 में संविधान में जोड़ा गया था. ये अनुच्छेद नेहरू कैबिनेट की सिफारिश पर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के एक आदेश से संविधान में जोड़ा गया था. इसका आधार है 1952 में प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला के बीच हुआ दिल्ली एग्रीमेंट. जिसमें भारतीय नागरिकता के मामले को जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में राज्य का विषय माना गया.


क्या विशेष अधिकार देता है ये अनुच्छेद

35-A संविधान का वो अनुच्छेद है जिसके तहत कश्मीर के स्थायी निवासियों के लिए नियम तय हुए हैं. इस अनुच्छेद के तहत कश्मीर के स्थायी निवासियों को विशेष अधिकार और सुविधाएं दी गई हैं जो कि नौकरियों, संपत्ति की खरीद-विरासत, स्कॉलरशिप, सरकारी मदद और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाओं से संबंधित हैं.

राष्ट्रपति के आदेश से संविधान में जुड़ा ये अनुच्छेद

राष्ट्रपति का ये आदेश संविधान के अनुच्छेद 370 (1) (d)के तहत जारी किया गया था. ये प्रावधान राष्ट्रपति को जम्मू-कश्मीर के मामले में राज्य के विषय पर संविधान में आवश्यकता पड़ने पर बदलावों और छूट देने का अधिकार देता है.

अनुच्छेद 35-A से जुड़ी खात बात ये है कि इसे बनाते समय संसदीय प्रणाली से कानून बनाने की प्रक्रिया की जगह राष्ट्रपति के आदेश के जरिए इसे संविधान में जोड़ा गया. जबकि संविधान का अनुच्छेद 368 (i)संविधान में किसी भी संशोधन का अधिकार सिर्फ संसद को देता है. 1961 में ये मामला आदालत के सामने आया था कि क्या राष्ट्रपति 370 के तहत संसद को बाइपास करके संविधान में संशोधन का अधिकार रखते हैं. हालांकि अदालत के फैसले में इस बात का तब जवाब नहीं मिला था.

किन तर्कों के आधार पर दी गई कोर्ट में चुनौती?

2014 में सुप्रीम कोर्ट में एक एनजीओ ने याचिका दायर कर इस अनुच्छेद को एक भारत की भावना के खिलाफ और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाला प्रावधान बताया. इस याचिका में अनुच्छेद 35A और अनुच्छेद 370 की वैधानिकता को चुनौती दी गई थी. इस याचिका में तर्क दिया गया कि आजादी के बाद देश का संविधान बनाने के लिए जो संविधान सभा बनी थी उसमें जम्मू-कश्मीर के 4 प्रतिनिधि भी शामिल थे. साथ ही जम्मू-कश्मीर राज्य को कभी भी स्पेशल स्टैटस नहीं दिया गया. ये भी तर्क दिया गया कि 35-ए एक अस्थायी उपबंध था जिसे राज्य में हालात को उस समय स्थिर करने के लिए जोड़ा गया था. इस अनुच्छेद को संविधान के निर्माताओं ने नहीं बनाया.

अलगाववाद को बढ़ावा देने का क्यों लगता है आरोप

याचिका में यह भी कहा गया कि ये अनुच्छेद नागरिकों के बीच भेद उत्पन्न करता है और एक भारत की सोच को कमजोर करता है. ये अनुच्छेद बाकी राज्यों के लोगों को जम्मू-कश्मीर में नौकरी हासिल करने, संपत्ति खरीदने से रोकता है जो कि संविधान में दिए गए मूल अधिकारों का उल्लंघन है. देश के हर नागरिक को संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 में मूल अधिकार यानी फंडामेंटल राइट्स दिए गए हैं. इसी के साथ दायर एक अन्य याचिका में जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के बाहरी शख्स से शादी करने पर उनके बच्चों को नागरिकता नहीं मिलने के प्रावधान को भी चुनौती दी गई है.

इस कानून के प्रावधानों को कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने वाला बताते हुए खारिज करने की मांग की गई. दरअसल कश्मीर में सियासी दलों में इसे खत्म करने की आशंकाओं को देखते हुए उबाल इसी का नतीजा है. क्योंकि इससे अलगाववाद पर रोक लगेगी और स्थानीय दलों के वोट बैंक पर भी चोट पड़ेगी.

क्या प्रावधान हैं अनुच्छेद 35-ए में:

-अनुच्छेद 35-A से जम्मू कश्मीर राज्य के लिए स्थायी नागरिकता के नियम और नागरिकों के अधिकार तय होते हैं

-जम्मू कश्मीर सरकार उन लोगों को स्थाई निवासी मानती है जो 14 मई 1954 के पहले कश्मीर में बस गए थे

-ऐसे स्थाई निवासियों को राज्य में जमीन खरीदने, रोजगार हासिल करने और सरकारी योजनाओं में लाभ के लिए अधिकार मिले हैं.

-किसी दूसरे राज्य का निवासी जम्मू-कश्मीर में जाकर स्थाई निवासी के तौर पर नहीं बस सकता

-किसी दूसरे राज्य के निवासी ना तो कश्मीर में जमीन खरीद सकते हैं, ना राज्य सरकार उन्हें नौकरी दे सकती है

-अगर जम्मू-कश्मीर की कोई महिला भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से शादी कर ले तो उसके अधिकार छीन जाते हैं, हालांकि पुरुषों के मामले में ये नियम अलग है

उदाहरण के लिए जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला राज्य से बाहर के व्यक्ति से विवाह करने के बाद संपत्ति के अधिकार से वंचित कर दी गई थीं जबकि उमर अब्दुल्ला की शादी भी राज्य से बाहर की महिला से हुई, लेकिन उनके बच्चों को राज्य के सारे अधिकार हासिल हैं. याचिका में इस तरह के भेदभावपूर्ण नियम को खत्म करने पूरे देश में एक जैसे कानून को लागू करने की मांग की गई थी. अब 35-ए को खत्म करने की अटकलों के बीच देश में एक राष्ट्र-एक कानून की मांग फिर तेज होने लगी है.

रविवार, 28 जुलाई 2019

अतिक्रमण के आरोप और हटाने के नारे लगाते रहें - टारगेट नहीं बताएंगे

^^ करणीदानसिंह राजपूत ^^


सूरतगढ़ में अतिक्रमण और सफाई के मुद्दे पर जोरदार हल्ला मचा है। अतिक्रमण हटाने की मांग करने वालों में जनता के साथ विधायक और प्रशासन भी शामिल हैं। 

विधायक रामप्रताप कासनिया ने विधानसभा में सूरतगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में अतिक्रमण होने और उसमें नगर पालिका प्रशासन के शामिल होने पर आरोपों की झड़ी लगाई। जिला प्रशासन की 27 जुलाई 2019 को हुई नगर पालिका अधिकारियों की बैठक में जिला कलेक्टर शिवप्रसाद नकाते ने स्पष्ट रूप से कहा कि अतिक्रमण हटाए जाएं और सफाई की जाय और उसके बाद फोटोग्राफ्स भिजवाएं। 

 सूरतगढ़ की जनता में से कुछ उंगलियों पर गिने जाने वाले लोग सोशल साईटों पर अतिक्रमण होने और नगर पालिका अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाते रहे हैं। सोशल इंटरनेट साईटों पर यह भी आरोप रहा है कि नगर पालिका अतिक्रमण हटाने में भेदभाव अपना रही है। कुछ लोगों के अतिक्रमण हटाते हैं और जिन लोगों के अतिक्रमण को कायम रखना है वहां पर कार्यवाही नहीं होती। नगर पालिका की नीतियों पर विधायक कासनिया ने भी विधानसभा में यह आरोप लगाए जो सोशल नेटवर्क साईटों पर लगते रहे है। विधायक ने और जनता ने आरोप लगाए हैं, उनमें अनेक खामियां रही हैं। ये खामियां क्यों रही है? विधायक और अन्य लोग भलीभांति जानते ही होंगे। लोगों की बात में दम है कि विधायक चाहे तो क्या नहीं हो सकता।

तीरंदाजी और निशानेबाजी  सिखलाई जाती है तो एक टारगेट दिया जाता है जिस पर तीर या गोली चलाई जाती है। तीरंदाजी और निशानेबाजी बिना टारगेट को फिक्स किए कभी भी सिखलाई नहीं जा सकती। बिना टारगेट के शुरुआत ही नहीं होती। यही स्थिति अतिक्रमण हटाने के लिए आधार होती है। 

लोग अतिक्रमण हटाओ का नारा और हल्ला चाहे जहां मचायें। नारा आरोप बैठकों में लगाएं,अखबारों में लगाएं चाहे सोशल नेटवर्क पर लगाएं अतिक्रमण कभी भी हटाया नहीं जा सकता। उसके लिए अतिक्रमण का टारगेट तो बताना ही पड़ेगा की कौन सा अतिक्रमण है जिसे हटाया जाना है। आज तक हल्ला ही होता रहा है लेकिन किसी ने भी उस अतिक्रमण को चिन्हित करके शिकायत नहीं की कि यह अतिक्रमण है और इसे हटाया जाए। नगर पालिका में ऐसी शिकायतें नहीं हैं। विधायक ने भी शायद ऐसी शिकायत नहीं की है। अतिक्रमणओं  को बताया नहीं है कि फला फला अतिक्रमण हटाए जाएं।  जब ऐसी स्थिति है तब नगर पालिका के अधिकारी अतिक्रमण किसका हटाएं  और किसका नहीं हटाएं। अधिशासी अधिकारी मनमर्जी करते हैं। जब मनमर्जी की जाती है तो मनमर्जी करने वाले अधिकारी के विरुद्ध भी कोई लिखित में शिकायत नहीं होती। नगर पालिका प्रशासन शब्द का इस्तेमाल होता है। 

नेता और जनता दिल से अतिक्रमण हटाना चाहती है शक्ति से अतिक्रमण हटाना चाहती है तो स्थान और अतिक्रमण चिन्हित करके बताने में भय क्यों महसूस होता है। जब अतिक्रमण हटवाना ही है तो साफ-साफ लिख कर के ही शिकायत की जाए। यहां हल्ला मचाने वाले अधिकांश की स्थिति यह है कि वह केवल सोशल साइटों पर लिखने के अलावा लिखित में शिकायत नहीं करना चाहते।  सीधे रूप से कहा जाए कि उनका यहां पर मानस होता है कि अतिक्रमणकारी से सीधी लड़ाई करके पंगा क्यों लिया जाए? कुछ समय पहले वाट्सअप के एक ग्रुप पर नई बनाई गई चारदिवारी की फोटो लगातार कुछ दिन दी गई और लिखा गया की पालिका के अधिकारी का कब्जा है। अधिकारी का नाम नहीं दिया। वह चारदीवारी किस वार्ड में कहां बनी है का भी उल्लेख नहीं किया गया।

यही कारण है कि जब अतिक्रमण हो जाता है तब आने वाले कुछ वर्षों में सरकार की ओर से पट्टे बनाने की कार्यवाही शुरू हो जाती है। 

जो लोग अतिक्रमण हटाने का नारा लगाते हैं आरोप लगाते हैं वे भी सभी के लिए समान कार्यवाही नहीं चाहते।  कुछ के लिए चाहते हैं कुछ के लिए नहीं चाहते। इसलिए टारगेट सहित शिकायत करने से दूर रहते हैं।

राजस्थान उच्च न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने के लिए सरकार को नगर पालिकाओं को निर्देशित किया था लेकिन नगर पालिका के अधिकारी अतिक्रमण हटाने में पीछे रहे।  किसी ने टारगेट सहित शिकायत नहीं की कि फलां अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अधिशासी अधिकारी आदि ने इसलिए कार्य नहीं किया कि उन्हें नगर पालिकाओं में कुछ महीने रहना है और बाद में किसी और में। वे कार्रवाई में हाथ क्यों डालें? 

बड़े पावर वाले नेता लोग भी जब अतिक्रमण का स्थल बताने में अतिक्रमण कारी का नाम बताने में पीछे रहें तब आम जनता में से कोई भीम बन कर सामने कैसे आए? खुद शिकायत नहीं करना चाहे तब नेता के पास एक भी चेला कार्यकर्ता नहीं होता है जिसके मार्फत ही शिकायत करवा दे। 

जो अतिक्रमण हटवाने की चाह रखते हैं  आरोप लगाते हैं तब उन्हें खुद के घर और कोठी की गली से ही सड़क के अतिक्रमण की नाप जोख करके कार्यवाही शुरू करवानी चाहिए लेकिन इतनी हिम्मत जनता में कैसे दिखाएं।

जब राजनेताओं में भी इतनी हिम्मत नहीं होती। राजनेताओं के सामने गलियां रूकती है। वे खुद देखते हैं लेकिन फिर भी चुप रहते हैं। गलियों पर कब्जा करने वाले उनके खास मित्रों में जानकारों में परिचितों में रिश्तेदारों में और साथी नेता हों तो दूसरों पर चाहे जितने आरोप लगाते रहें,अतिक्रमण हटाए नहीं जा सकते। इसलिए केवल जोर शोर से नारा लगाया जाता रहना चाहिए अतिक्रमण हटाओ अतिक्रमण हटाओ।

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शुक्रवार, 26 जुलाई 2019

डीएसपी महमूद खान रिश्वत लेते पकड़े गए:एसीबी ने ट्रेप किया:नोखा में थी पोस्टिंग


* एसीबी के एडीएसपी रजनीश पूनिया ने अपनी टीम के साथ की कार्यवाही*
* दहेज हत्या के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए मांगी थी  2 लाख की रिश्वत, 50 हजार की किश्त लेते ट्रैप *

बीकानेर 26, 2019.
एसीबी की टीम में शुक्रवार को एक कार्रवाई के दौरान जिले के नोखा डिप्टी सुपरिटेंडेंट महमूद खान को 50 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप किया। 
यह राशि परिवादी से दहेज हत्या के मुकदमे में आरोपियों को गिरफ्तार करने की एवज में मांग गई थी। परिवादी की शिकायत पर एडीएसपी रजनीश पूनिया ने अपनी टीम के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

एसीबी के अनुसार 23 जुलाई 2019 को परिवादी मान्याणा निवासी पन्नाराम ने परिवाद दिया कि उसके ताऊ की लड़की हड़मानी की शादी 2014 में फलाना में हुई थी। उसे ससुराल पक्ष द्वारा परेशान करने पर ताऊ देवीलाल ने देशनोक थाने में मामला दर्ज करवाया था। कुछ दिन बाद हड़मानी की मौत हो गई तो दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया। मामले की जांच नोखा सीओ महमूद खान कर रहे हैं जो नामजद छह आरोपियों को गिरफ्तार करने की एवज में ₹5 लाख रिश्वत की मांग कर रहे हैं। एसीबी के सत्यापन के दौरान ₹2लाख  रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
उसके बाद शुक्रवार  26-7-2019 को सीओ महमूद खान को उनके सरकारी आवास पर ₹50 हजार रिश्वत लेते एसीबी टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 

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सूरतगढ़ इलाके में भोर में तेज वर्षा

* करणीदानसिंह राजपूत * 

सूरतगढ़ 26 जुलाई 2019.

 आज भोर में करीब 3:00 बजे इलाके में तेज हवाओं के साथ वर्षा शुरू हुई।

यह वर्षा तेज गति से करीब 15 मिनट चली और उसके बाद बूंदाबांदी जैसा रूप ले लिया। कुछ देर धीमी बरखा रही। 

फिर  4 बजे तूफानी हवाओं के साथ तेज बरखा शुरू हो गई जिससे सड़कों और गलियों में भराव के साथ पानी बहने लगा।

कई दिनों की जबरदस्त उमस के बाद शायद इस वर्षा से कुछ राहत मिल सके और बारानी इलाके के अंदर बिजाई की फसलों को भी लाभ मिल सके।







बुधवार, 24 जुलाई 2019

सूरतगढ़ ट्रैफिक पुलिस सहायता केंद्र बाजार में स्थापित

^^ करणी दान सिंह राजपूत ^^

 सूरतगढ़ 23 जुलाई ,2019.

मुख्य बाजार में सुभाष चौक और पुराना बस स्टैंड के ठीक बीच में करनानी धर्मशाला के सामने  एक प्रमुख मोड़ पर पुलिस सहायता केंद्र 23 तारीख को स्थापित कर दिया गया। यहां से कार्य शुरू करने का इंतजार है।

सूरतगढ़ में कुछ महीने पहले ट्रैफिक पुलिस के लिए गुमटियों की मांग हुई थी, कि भयानक गर्मी में पुलिस कर्मचारियों को काम करना पड़ता है इसलिए मुख्य स्थानों पर गुमटियों की स्थापना की 

जाय । यह मांग पुलिस उप अधीक्षक के पास भी पहुंची थी।

समाचार पत्रों में खूब प्रचार-प्रसार भी हुआ। सोशल मीडिया पर भी यह मांग उठती रही।  जिस स्थान पर यह सहायता केंद्र स्थापित किया गया है वह स्थान तो सही है। 

अब यह चालू कब होता है। अच्छा हो कि

पुलिस और ट्रैफिक पुलिस यहां हर समय मौजूद रहे। महाराणा प्रताप चौक पर भी स्थापित कर दिया गया है। सुभाष चौक और भारतमाता चौक (भग्गू वाला कुआ) पर भी स्थापित किए जाएंगे।


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मंगलवार, 23 जुलाई 2019

नाबालिग ने कोर्ट में कहा, विधायक के पास भेजते थे-विधायक की पहचान में जुटी पुलिस

23 जुलाई 2019.

बिहार के आरा में एक नाबालिग लड़की ने कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। 

देह व्यापार के धंधे में जबरन धकेली गई नाबालिग के बयान से सफेदपोशों का काला सच सामने आ गया है।


 कोर्ट में सोमवार  22-7-2019 को बयान में लड़की ने विधायक का जिक्र किया है लेकिन उसका नाम नहीं बताया है।

नाबालिग ने कोर्ट में कहा कि उसे एक विधायक के पास भी भेजा जाता है। उसने किसी का नाम नहीं लिया है। मालूम हो कि दो दिनों पूर्व आरा की एक किशोरी के माध्यम से भोजपुर पुलिस ने पटना में चल रहे एक बड़े सैेक्स रैकेट का खुलासा किया था।

 सेक्स रैकेट का मास्टरमाइंड पटना का संजय पासवान फरार है। उस मामले में सोमवार को नाबालिग का कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराया गया।  नाबालिग ने कोर्ट में दिये बयान में आरा के एक इंजीनियर के आवास व होटलों में ले जाए जाने की बात कही है। पुलिस विधायक की पहचान और मास्टर माइंड की गिरफ्तारी में जुटी है। 

भोजपुर के एसपी सुशील कुमार ने बताया कि किशोरी ने किसी विधायक का नाम नहीं लिया है। सिर्फ एक विधायक के पास भेजे जाने की बात कही है। 

पहले सेक्स रैकेट में जिले के एक विधायक का नाम आया। अब एक अन्य नेता पर दो नाबालिगों से रेप का आरोप लगा है। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के खिलाफ दोनों किशोरियों को अगवा कर छह माह तक रेप करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। आरोपित नारायणपुर के चवरियां निवासी व पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष संतोष सिंह है। उसे दलित किशोरी के परिजनों ने रविवार की शाम शहर के रमना मैदान के समीप पकड़ा। उसकी कार से दोनों किशोरियों को भी बरामद किया गया। पुलिस ने दोनों किशोरियों का कोर्ट में बयान दर्ज कराया।  

पटना में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 5 महिलाएं व 2 पुरुष गिरफ्तार

छपरा: देह व्यापार के अड्डे पर छापा

नौकरी दिलवाने के नाम पर जिस्मफरोश करवाने वाले रैकेट का भंडाफोड़

खुलासा: 12 से 15 साल की लड़कियों को ट्रैप कर रही महिला।।

सोमवार, 22 जुलाई 2019

सूरतगढ़ में ट्रेन का शिकार-कौन है के.के.एस.



*सूरतगढ़ 22-7-2019.

अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है चपेट में आया है।

घग्घर रेल वे पुल के पास सोमवार सुबह की घटना। 

मृतक के एक हाथ पर अंग्रेजी में  *के के एस* गुदा हुआ है। सिटी पुलिस ने शव को शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखवाया है और  फोटो सोशल मीडिया पर जारी किए हैं। पहचानते हैं तो पुलिस को सूचना दें।

रविवार, 21 जुलाई 2019

सूरतगढ़:तेरापंथ में मंत्र दीक्षा कार्यक्रम:मंत्र में शक्ति और संस्कार


अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में मंत्र दीक्षा का कार्यक्रम देशभर में रखा गया है। इसी के अंतर्गत मंत्र दीक्षा का कार्यक्रम तेरापंथ युवक परिषद सूरतगढ़ द्वारा शासन श्री मुनि विमल कुमार जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन में रखा गया। जिसमें 25 बच्चों की उपस्थिति रही।

नवकार मंत्र के मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत मुनिश्री द्वारा हुई। तत्पश्चात ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओ द्वारा गीतिका प्रस्तुत की गई।  बच्चों द्वारा त्रिपदी वंदना की गई। सभी का स्वागत तेयुप अध्यक्ष दीपक बोथरा द्वारा किया गया। मुनिश्री द्वारा मंत्र दीक्षा का महत्व समझाया गया व महामंत्र की उपयोगिता समझाई गई। कार्यक्रम में पीलीबंगा से महिला मंडल की बहनें अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्या श्रीमती पुष्पा नाहटा के नेतृत्व में मुनिश्री के दर्शनों हेतु आई। श्रीमती नाहटा ने भी मन्त्र के महत्व पर व जैन विद्या की परीक्षा के बारे में बताया।  श्रीगंगानगर से भी श्रावक महासभा के कार्यकारिणी सदस्य व जैन संस्कारक श्री विमल कोटेचा के नेतृत्व में आये। कोटेचा जी ने जैन संस्कार के बारे में बताया व मन्त्र दीक्षा के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। मुनिश्री मधुर जी ने भी अपना उद्धबोधन दिया। अणुव्रत समिति के अनिल कुमार रांका ने भी अपनी भावनायें प्रस्तुत की। मुनिश्री विमल कुमार जी द्वारा दीक्षांत प्रवचन एवं बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई व बताया कि मंत्र दीक्षा से बालकों में नमस्कार महामंत्र का स्मरण करने के संस्कार जागृत होते हैं। आज के यह छोटे-छोटे बच्चे समाज एवं राष्ट्र की रीढ़ है। इन्हें संस्कारों के ढांचे में ढालना स्वस्थ समाज की संरचना करना है। मुनिश्री जी ने फरमाया मंत्र शक्ति का प्रतीक है। शक्ति के अभाव में ज्ञान उपयोग नहीं हो सकता, ना ही आनंद की प्राप्ति।  नमस्कार महामंत्र अनंत शक्तियों का भंडार है।

प्रवचन के तत्पश्चात बच्चों को युवक परिषद द्वारा मन्त्र दीक्षा की पुस्तक व माला पारितोषिक के रूप में दिए गए।कार्यक्रम संचालन मुनिश्री धन्य कुमार जी द्वारा किया गया एवं आभार ज्ञापन  कोषाध्यक्ष भरत ऋषि रांका द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में तेरापंथ युवक परिषद के सन्तोष बोरड़, अमन रांका, दीपेंद्र रांका, नितिन सेठिया, मनोज श्रीमाल आदि का सहयोग रहा। इस कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल द्वारा जैन विद्या के फॉर्म भरवाये गये एवम अणुव्रत समिति द्वारा जल संरक्षण व स्वच्छ जल हेतु एक बेनर का विमोचन करवाया गया व शहर में लोगों को जागरूक करने हेतु उसे ऑटो पर लगवाया गया।




सूरतगढ मे विधिक सेवा शिविर आयोजित हुआ

सूरतगढ़/श्रीगंगानगर, 21 जुलाई2019.

 राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एंव जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को विधिक सेवा शिविर पंचायत समिति परिसर मे आयोजित किया गया। शिविर का शुभारम्भ रालसा जोधपुर के सचिव देव कुमार खत्री जिला एंव सेशन न्यायाधीश चन्द्रशेखर शर्मा, एडीजे जिला विधिक सेवा समिति सचिव श्रीमति सुषमा पारीक, ताल्लुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष अपर जिला एंव सेशन न्यायधीश पृथ्वीपाल सिंह, एसडीएम रामावतार कुमावत, पंचायत समिति के विकास अधिकारी विनोद रेगर ने मां सरस्वती के चित्र के आगे दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर नवीन आर्दश विद्या मन्दिर की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर जिला एंव सेशन न्यायधीश चंन्द्रशेखर शर्मा ने विभिन्न कानून की जानकारी देते हुए व्यक्ति के जीवन एंव व्यवहारिकता का कहानी व कविता के माध्यम से महत्व बताया। रालसा जोधपुर के सचिव देव कुमार खत्रीने समय समय पर ऐसे कार्यक्रमो की उपयोगिता बताते हुए आमजन को कानून सबंधित जानकारी दी। एडीजे जिला विधिक सेवा समिति सचिव श्रीमति सुषमा पारीक ने नालसा व रालसा की ओर से चलाई जा रही विधिक सेवा द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में प्रकाश डाला। 

उपखण्ड अधिकारी रामावतार कुमावत व पंचायत समिति के विकास अधिकारी विनोद रेंगर ने राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे मे बताया। अपर एंव जिला सेशन न्यायधीश पृथ्वीपाल सिंह ने कार्यक्रम के लिए सबका आभार जताया। मंच संचालन अधिवक्ता सहदेव जोशी ने किया। शिविर में विभिन्न योजनाओं के वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, बैसाखी, व्हील चेयर, कानों की मशीन, छात्राओं को साइकिल वितरण आदि लाभ पात्र व्यक्तियों को मौका पर ही दिए गए। कार्यक्रम में एसीजीएम सूरतगढ विपिन बिश्नोई, न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार पूनिया सहित जिले के न्यायिक अधिकारी, ताल्लुका विधिक सेवा समिति सचिव रविन्द्र सिंह शेखावत, शेहरिस्तेदार संतोष नोखवाल, बार संघ न्यायिक अध्यक्ष महेश मिश्रा सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत मे अतिथियों व न्यायिक अधिकारियों ने पंचायत समिति पार्क मे पौधारोपण किया। 



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कागद फाउंडेशन तीन साहित्यकारों को 'कागद सम्मान' प्रदान करेगा




हनुमानगढ़। राजस्थानी के पुरोधा साहित्यकार स्वर्गीय ओम पुरोहित कागद की पुण्यतिथि पर कागद सम्मान व कार्यक्रम के लिए कागद फाउंडेशन की बैठक चाणक्य क्लासेज में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रीमति भगवती पुरोहित ने की।बैठक में ओम पुरोहित कागद की पुण्यतिथि पर 12 अगस्त 2019 को आयोजित होने वाले कार्यक्रम पर चर्चा की गई।


सचिव दिनेश दाधीच ने बताया कि इस वर्ष तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें 10 अगस्त को बेबी हैपी मोर्डन डिग्री कॉलेज में ओमपुरोहित कागद साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।  11 अगस्त को चाणक्य क्लाेज में कवि सम्मेलन व 12 अगस्त को कागद लाइब्रेरी का शिलान्यास एवं पौधरोपण किया जाएगा। सभी कार्यक्रमों हेतु अलग अलग समितियों का गठन किया गया।
ओमपुरोहित कागद साहित्यकार सम्मान में तीन नामों का चयन करने हेतु डॉ. भारत ओला नोहर, राजेश चड्डा सूरतगढ़, कृष्ण कुमार आशु श्री गंगानगर एवं चैनसिंह शेखावत हनुमानगढ़ को शामिल किया गया जो एक अगस्त तक सूची देंगे जिसमें हिंदी, राजस्थानी व युवा साहित्यकार के नाम शामिल होंगे। सम्मान समारोह हेतु समिति में गोपाल झा,  तरुण विजय एवं राज तिवाड़ी को शामिल किया गया।
कवि सम्मेलन हेतु समिति में नरेश मेहन, सुरेन्द सत्यम एवं मनोज देपावत को शामिल किया गया। शिलान्यास एवं पौधरोपण हेतु समिति में कालूराम शर्मा, दिनेश दाधीच एवं शिव पारीक को शामिल किया गया।

बैठक में कागद फाउंडेशन में नए सदस्य के रूप में सुरेन्द सत्यम, मनोज देपावत, चैनसिंह शेखावत, अमन बंसल, विरेन्द्र छापोला एवं एम.राठौड़ ने सदस्यता ग्रहण की।
बैठक में नरेश मेहन, गोपाल झा, दिनेश दाधीच, कालूराम शर्मा, राज तिवाड़ी, शिव परीक, सुरेन्द सत्यम, मनोज देपावत, वीरेंद्र छापोला, विनोद यादव, चैनसिंह शेखावत, एम.ऐ. राठौड़, मनोज पुरोहित, अमन बंसल उपस्थित थे।
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शनिवार, 20 जुलाई 2019

सूरतगढ़ में होता रहेगा हथियार लाइसेंस का नवीनीकरण

सूरतगढ़ 20-7-2019.

जिला कलक्टर ने बताया कि सूरतगढ़ में हथियार लायसेंस नवीनीकरण शुरू कर दिया गया है।

जिला कलक्टर ने 71 आरबी में रात्रि चौपाल में यह जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि एडीएम सूरतगढ का पद रिक्त होने के कारण हथियार लायसेंस नवीनीकरण नहीं किये जा रहे थे लेकिन अब एडीएम सूरतगढ का कार्यभार एडीएम सतर्कता गंगानगर को दिया गया है तथा हथियार लायसेंस नवीनीकरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

रात्रि चौपाल में लोगों ने कहा कि सूरतगढ़ में हथियार लायसेंस नवीनीकरण नहीं होने से परेशानी हो रही है।

श्री गंगानगर- गांव 71 आरबी में आयोजित हुई रात्रि चौपाल

* विधवा को मिली पेंशन, पात्र को खाद्य सुरक्षा का लाभ* 

*रात्रि चैपाल का उद्देश्य ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्या हल करना*

श्रीगंगानगर, 20 जुलाई। जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि रात्रि चैपाल का उद्धेश्य ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को जानना व समाधान करने के साथ-साथ सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देकर पात्र नागरिकों को लाभांवित करना भी है।

जिला कलक्टर श्री नकाते शुक्रवार को रायसिंहनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत 71 आरबी में आयोजित रात्रि चैपाल में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के बीच आने से उनकी छोटी-मोटी समस्याएं गांव में ही हल हो जाती है। इसलिये उन्हें अनावश्यक जिला मुख्यालय तक नही आना पडे़गा। रात्रि चैपाल में विधवा महिला रतनीदेवी ने विधवा पेंशन के लिए प्रार्थना पत्र दिया जिला कलक्टर ने विकास  अधिकारी को तत्काल विधवा पेंशन स्वीकृत करने के निर्देश दिये। वहीं पर गरीब बलजिन्द्र सिंह ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने के लिए जिला कलक्टर के समक्ष उपस्थित हुआ। पूर्व में उसे बताया गया कि 12 बीघा भूमि होने के कारण लाभ नही मिलेगा जबकि जिला कलक्टर ने उसकी भूमि के कागजात देखकर ज्ञात हुआ कि 12 बीघा भूमि मे कई हिस्सेदार है इसी आधार पर बलजिन्द्र सिंह के परिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा का लाभ अगस्त माह से मिलना शुरू होगा। इसी प्रकार अमरजीत सिंह को भी रात्रि चौपाल मे मौके पर ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा स्वीकृत की गई। 

रात्रि चैपाल में ग्रामीणों ने 71 आरबी मे विद्युत लाईन की समस्या बताई जिला कलक्टर ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता व उनकी पूरी टीम को मौका देखकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। इसी प्रकार 72 आरबी के ग्रामीणों  ने जीएलआर मे पेयजल आपूर्ति नही होने की शिकायत की जिला कलक्टर ने पेयजल विभाग को निर्देश दिये कि जीएलआर मे जलापूर्ति की जाये। गांव 9 एफएफ में 60 लाख रूपये की राशि से लम्बित पेयजल परियोजना की शिकायत मिलने पर जिला कलक्टर ने सबंधित सहायक अभियंता को चार्जशीट देने एंव परियोजना को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार 14 आरबी मे हरिजन बस्ती मे पाईप लाईन की समस्या के समाधान के लिये पेयजल विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। 


रात्रि चौपाल में ग्रामवासियों ने आर्मस लाईसेन्स नवीनीकरण नहीं  होने की समस्या बताई जिला कलक्टर ने बताया कि एडीएम सूरतगढ का पद रिक्त होने के कारण हथियार लायसेंस नवीनीकरण नही किये जा रहे थे अब एडीएम सूरतगढ का कार्यभार एडीएम सतर्कता गंगानगर को दिया गया है तथा नवीनीकरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

 रात्रि चैपाल में खाला निर्माण , डिग्गी निर्माण का भुगतान, भूमि के इन्तकाल, नरेगा योजना मे भुगतान सहित निजि व सार्वजनिक समस्यायें सामने आई। जिला कलक्टर ने एक-एक समस्या की सुनवाई करते हुए आवश्यक समाधान किये। जिला कलक्टर ने ग्रामीणों को बताया कि कृषि कार्य के लिए किसान समूह बनाकर ट्रैक्टर , कृषि औजार, डेयरी, कूलिंग प्लांट इत्यादि स्थापित करना चाहे तो इसके लिए नाबार्ड द्वारा 40 प्रतिशत की अनुदान राशि देने का प्रावधान है। 

रात्रि चैपाल में ग्रामीणो को बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लाभ के लिए ई-मित्रा के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। ऐसे गरीब परिवार जिनकी रसोई गैस नही है, वे प्रधानमंत्राी उज्जवला योजना में रसोई गैस का लाभ ले सकते है। श्रम विभाग की शुभ शक्ति , प्रसुति योजना की जानकारी दी गई। कृषि विभाग द्वारा नरमा कपास में लगने वाले रोग व उपचार की जानकारी दी गई। इसी प्रकार समाज कल्याण, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग सहित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। 

रात्रि चैपाल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ स्वामी, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु श्री मोहम्मद जुनेद, एसडीएम श्री संदीप कुमार, जला रसद अधिकारी श्री राकेश सोनी, प्रवर्तक अधिकारी श्री सुरेश कुमार, विद्युत के अधीक्षण अभियन्ता श्री के.के. कस्वा, उपनिदेशक कृषि श्री जी.आर. मटोरिया, महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक श्री विजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, ब्लाॅक स्तरीय अधिकारी व ग्रामीणजन उपस्थित थे।


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गुरुवार, 18 जुलाई 2019

मत मारो मुझे कोख में धरती पर आने दो- भ्रूण हत्या एक अभिशाप विषय पर संगोष्ठी,


 सूरतगढ़ 18-7-2019.

 गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति की ओर से एक सेमिनार का आयोजन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में किया गया।

 कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य मोहिनी पुरी ने की। विशिष्ट अतिथि व्याख्याता मनजीत कौर राजस्थानी साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी व समिति के मंत्री किशन लाल  थे। 


छात्रा रेखा ने गर्भस्थ शिशु की हत्या को कानूनी व सामाजिक अपराध बताया।

छात्रा योगिता ने कहा कि  बेटियों के बिना समाज का भविष्य अंधकार में होगा।

 छात्रा माफिया ने इस बुराई को बढ़ावा दिए जाने पर रोक लगाने की महती आवश्यकता पर बल दिया उन्होंने कहा कि कन्या है जीवन का वरदान इसे मार कर कैसे रखोगे स्वाभिमान।

छात्रा अंजलि ने कहा कि बेटियों को भी जीने का हक है।

छात्रा मुस्कान ने कहानी लड़का और लड़की में भेद पर अपनी बात कही जिसमें कहानी के माध्यम से बताया गया कि बेटियां हीरे जवाहरात से कम नहीं है, वे समाज को अपनी चमक और झिलमिला से चमकदार बनाती हैं।

छात्रा रूमी पाल ने मत मारो मुझे कोख में धरती पर आने दो कविता सुनाकर भाव विभोर किया।

सुमेशता ने कहा कि जिस प्रकार एक पहिए से गाड़ी नहीं चल सकती उसी प्रकार बेटियों के बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। 

छात्रा मोनिका ने बेटियों को बरसात की हवा बताया।

गुंजन ने कहा कि भ्रूण हत्या से बढ़कर कोई पाप नहीं हो सकता समाज में यह बड़ा क्रूर कृत्य माना जाना चाहिए।

कुसुम ने कहा कि मैं नहीं हूं ना मुझ को मारो तुम।

 छात्रा प्रियंका स्वामी ने भावपूर्ण कविता अब मुझे डोली में बिठा दिया तो आंसू ना हो पापा।

कार्यक्रम का  संचालन करते हुए शारीरिक व्याख्याता बलजिंदर कौर ने कहा कि छात्राएं अपने आपको समाज की इतनी ऊंचाइयों पर स्थापित करें कि सामने वाले को ऊपर देखना पड़े। उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों को अपना लक्ष्य निर्धारित करते हुए समाज में अग्रणी स्थान पर उनको स्थापित करना चाहिए और इस भेदभाव को मिटाने में वे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

राजस्थानी साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी ने भावपूर्ण दोहों के माध्यम से बताया कि किस तरह से बेटियों को गर्भ में टुकड़े-टुकड़े करके डस्टबिन में डाल दिया जाता है। इस बुराइयों को रोकने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना होगा।


प्रधानाचार्य मोहिनी पुरी ने कहा कि नारियों को सम्मान मिलना चाहिए। वे सदैव अग्रणी रही हैं। हर क्षेत्र में उन्होंने बताया कि नारी हूं सबला हूं परंतु अबला नहीं हूं। सबसे पहले सवाल उठता है कि नारियों को समाज में भेदभाव कर  दोयम दर्जे का क्यों माना जाता है? इसके लिए जरूरी है कि छात्राएं अपने भीतर आत्मविश्वास को पैदा करें और उमंग के साथ जीवन में आगे बढें।लड़कियां  लक्ष्य निर्धारित करें और समाज से इस बुराई को उठाकर फेंक दें। इस कार्यक्रम में समिति के मंत्री किशन लाल स्वामी ने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया व भविष्य में भ्रूण हत्या नहीं करने और  उस में सहयोग न करने के लिए छात्राओं से संकल्प पत्र भरवाए। 

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सेठ रामदयालराठी राजकीय उ.मा.विद्यालय सूरतगढ़ भवन खतरे में:



सैंकड़ों छात्रों व अध्यापकों की जान जोखिम में:नगरपालिका के बनाए नाले से हुआ बंटाधार:

करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ 16 जून 2016.

प डेट 23-5-2017.

अपडेट 18-7-2019.

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सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का भवन खतरे में है और यहां पढऩे वाले छात्रों और पढाने वाले व्याख्याताओं की जान जोखिम में है। 

राजस्थान कांग्रेस-एक व्यक्ति एक पद की मांग से हलचल-

राहुल गांधी ने कांग्रेस को मजबूत करने के लिए एक व्यक्ति एक पद का नारा दिया था लेकिन वह पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया।

 राजस्थान में कांग्रेस के नेता 2 पदों पर विराजमान हैं। सत्ता में भी हैं और संगठन में भी हैं।

एऐसे नेताओं के लिए अब अड़चन आ सकती है।

कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अब एक पद एक व्यक्ति का सिद्धांत राजस्थान में लागू करने की मांग करनी शुरू की है। राजस्थान में इससे बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है।

राजस्थान की गहलोत सरकार  की मंत्री परिषद में छह प्रदेश उपाध्यक्ष मंत्री हैं और 3 विधायक हैं। 

इनमें 5 कैबिनेट मंत्री और 1 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं।

विश्वेंद्र सिंह,मास्टर भंवरलाल, प्रमोद जैन, रघु शर्मा,उदयलाल आंजना,गोविंद सिंह डोटासरा (राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं, इनमें खिलाड़ी बैरवा, अशोक बैरवा, महेंद्रजीत सिंह मालवीय हैं। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री मुरारी लाल मीणा विधायक महेंद्र चौधरी सरकारी उप मुख्य सचेतक हैं।

 अलवर के जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली के इस्तीफे से गरमाई राज्य कांग्रेस की राजनीति में आम कार्यकर्ता भी कहने लगा है कि दो पदों पर एक व्यक्ति काबिज  रहेगा तो पार्टी की नींव मजबूत कैसे होगी? इस तरह से तो पार्टी सदा कमजोर ही रहेगी,क्योंकि नेता पार्टी संगठन को समय ही नहीं दे सकेंगे।

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बुधवार, 17 जुलाई 2019

सीवररेज की अति आवश्यक तकनीकी कानूनी जानकारी-(सूरतगढ़ वाले भी समझलें)


* लोगों का दायित्व क्या है?*


श्रीगंगानगर, 17 जुलाई 2019.

 राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के तहत श्रीगंगानगर शहर के वार्ड नम्बर 33,34,35,36,37,38 व नेहरा नगर आदि में सीवर कनेक्शन करने का कार्य नगरपरिषद द्वारा किया जा रहा है। इस व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालन के लिये जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने क्षेत्र के उपभोक्ताओं से सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आवश्यक तकनीकी व कानूनी जानकारियां नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। 

तकनीकी जानकारियां

रसोई व बाथरूम के सभी आउटलेट पर जाली लगाना आवश्यक है। गली ट्रेप के पाइप के मुंह पर गैस पाइप जरूर लगायें, जिससे बदबू घरों में न आये। घर से निकले व्यर्थ पानी के सभी आउटलेट को घर के बाहर एक स्थान पर जोड़ कर प्रोपर्टी चेम्बर से गली ट्रेप के माध्यम से जोड़ने का खर्च स्वयं उपभोक्ता को वहन करना होगा। विभाग ने मेनहाल से प्रोपर्टी चेम्बर तक पाइप बिछाया हुआ है। घर की छत के बरसाती पानी को सीवर लाईन से ना जोड़े। बरसाती पानी खुली नाली में बहने दे। गली ट्रेप पर जाली होनी चाहिए। सीवर लाइन जाम होने पर इससे छेड़ छाड़ न करें क्योंकि इसमें जहरीली गैस हो सकती है। 

कानूनी जानकारियां

राजस्थान म्यूनिसीपल एक्ट 2009 के नियम 259 की धारा 202 के अनुसार मल-नाली के पानी को, किसी अन्य तरल पदार्थ अथवा अन्य वस्तु को, जो दुर्गन्धपूर्ण हो, किसी खुले स्थान में बहाना या निकालना कानूनन जुर्म है। जो नागरिक इस अधिनियम का पालन नही करेगा जुर्म का भागी होगा। उसे कम से कम 5 हजार रूपये दण्ड के रूप में वहन करने पड़ सकते है। 

सीवरेज प्रणाली को सुचारू रखने हेतु ध्यान देने योग्य बातें

रसोई व स्नानघर का व्यर्थ जल भी सीवर कनेक्शन के द्वारा सीवर लाईन में जायें। सभी आउटलेट पर जाली लगाना आवश्यक है। नियमित रूप से इन जालियों की सफाई करें। गर्भ निरोधक व सेनेटरी नेपकीन को शौचालयों में प्रवाहित न करें। शौचालयों द्वारा ठोस कचरा सीवर लाईन में न जाने दें। मेनहॉल में मृत पशु अथवा उनके अंग न डाले व अन्य किसी को भी नही डालने दें। मेनहॉल खुला न छोड़े व न ही पत्थर, मलबा, प्लास्टिक, पॉलीथीन आदि डालें। सीवर लाईन जाम होने पर पाईप को न काटें न तोडे़। सीवर लाईन जाम होने पर इससे छेड़छाड न करें क्योंकि इसमें जहरीली गैसे हो सकती है। परेशानी के समय नगरपरिषद को सूचित करें। 

जिला प्रशासन की आमजन से अपील

शहर के वार्ड नम्बर 33,34,35,36,37,38 व नेहरा नगर आदि में सीवर कनेक्शन करने का कार्य स्थानीय निकाय द्वारा किया जा रहा है। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालन के लिये क्षेत्र के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। रसोई व बाथरूम के उपयोग किये गये पानी को किसी भी स्थिति में खुली नालियों में नही बहने दे, इसे सीवर में ही प्रवाहित करें। राज्य सरकार द्वारा पारित नगरपालिका अधिनियम के अनुसार जहां पर सीवर लाईन है, वहां पर गन्दे पानी के नाली में बहने पर नगरपरिषद द्वारा 5 हजार तक जुर्माना किया जा सकता है। 

सीवर लाईन जो आपके यहां डाली गयी है, वह घर के डब्ल्यू.सी., रसोई घर एवं बाथरूम में उपयोग किये पानी के लिये बनाई गयी है। सड़क के किनारे स्थित नाली केवल बरसात के पानी के लिये है। बरसाती पानी को सीवर लाईन से नही जोडे़, क्योकि सीवर लाईन बरसात के पानी के लिये नही बनायी गयी है। सीवर लाईन में रसाई व बाथरूम का कचरा (सब्जी, झूठन, चायपती, अदरक का टुकड़ा, राख, मिट्टी, बाल के गुच्छे, साबुन व कागज आदि) नही जाने चाहिए, इससे आपका सीवर लाईन से गली ट्रेप चोक होगा एवं आपके घर के पास पानी गली ट्रेप के उपर से बहकर गन्दगी फैलायेगा।

आपके घर से सड़क तक डाली गई सीवर लाईन आपकी स्वयं मिल्कियत है एवं उसमें स्थित गली ट्रेप की सफाई करना आपकी स्वयं की जिम्मेदारी है। सीवर के मेनहॉल में कोई कचरा नही फेंके, इससे सीवर लाईन चोक होती है एवं सीवेज सड़क पर बहने लगता है। सूखा कचरा, पत्थर, प्लास्टिक की थैलियां इत्यादि सीवर लाईन या मेन हॉल में नही डाले, इससे सीवर लाईन अवरूद्ध हो जायेगी एवं गन्दा पानी सड़क पर बहने लगेगा। सीवर संबंधी कोई भी शिकायत होने पर जाली या पाईप को काटे नही। नगरपरिषद को सूचित करें।

सीवरेज प्रणाली की आवश्यकता क्यों

रसोई व स्नानघर का पानी सीधे नालियों में छोडे़ जाने से पानी सड़क पर फैलता है, जिससे जीवाणु पैदा होते है, सीवरेज प्रणाली हानिकारक जीवाणुओं की उत्पति रोकने में सहायक जिससे चिकित्सा व्यय कम होता है। सीवरेज प्रणाली जल-जनित होने वाली लगभग 70 प्रतिशत बीमारियांं से बचाव करती हैं सीवरेज प्रणाली भूमिगत जल का प्रदूषण रोकती है। व्यर्थ पानी को सीवरेज प्रणाली में डालकर घर के आस-पास भरने से रोक कर घरों का सीलन व क्षति से बचाव किया जा सकता है, जिससे रख रखाव का खर्च कम होता है। सीवर शोधन संयंत्र में शोधित जल व मल का उपयोग सिंचाई, खाद के रूप में किया जाता है। सीवरेज प्रणाली शहर को साफ-सुथरा बनाने में सहायक है।  

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कर्नाटक की कांग्रेस जेडीएस सरकार -क्या हुआ कोर्ट में बागी विधायकों का


नई दिल्ली 17 जुलाई 2019.

कर्नाटक में बीते कई दिनों से राजनैतिक संकट गहराया हुआ है।

कर्नाटक के बागी विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले के तहत कोर्ट ने कहा है कि ‘बागी विधायक गुरुवार 18-7-2019 को कर्नाटक विधानसभा में होने वाले विश्वासमत में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं है। विधायकों के पास सत्र में शामिल नहीं होने का विकल्प मौजूद है।’ साथ ही कोर्ट ने कहा कि ‘विधानसभा स्पीकर को एक निश्चित समय में इस्तीफे पर फैसला लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।’

कोर्ट के इस फैसले के बाद गुरुवार को यदि बागी विधायक फ्लोर टेस्ट में शिरकत नहीं करते हैं तो कांग्रेस-जेडीएस सरकार पर अल्पमत में आने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में अब सभी की निगाहें गुरुवार को विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट पर टिक गई हैं।

बता दें कि बागी विधायकों ने आरोप लगाया था कि विधानसभा स्पीकर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसके खिलाफ विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों को स्पीकर से मिलने का निर्देश दिया था। इसके बाद बागी विधायक स्पीकर से मिलने के बाद वापस मुंबई लौट आए थे।

सुप्रीम कोर्ट में बागी विधायकों का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में दो अहम बातें कही हैं। जिनके मुताबिक 15 बागी विधायक कल विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं हैं। साथ ही कोर्ट ने सभी विधायकों को यह छूट भी दी है कि यदि वह चाहते हैं तो कल सदन की कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं। रोहतगी ने बताया कि कोर्ट ने कहा है कि इस मामले पर अगली तारीख पर अंतिम फैसला होगा।


वहीं भाजपा नेता जगदीश शेट्टार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि कुमारस्वामी के चलते राज्य में अराजकता का माहौल है। कोर्ट के इस फैसले के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और विश्वासमत की प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना चाहिए। पूर्व सीएम और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने भी कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और कहा कि कर्नाटक सीएम बहुमत खो चुके हैं और कल उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।  यह लोकतंत्र और संविधान की जीत है और बागी विधायकों की नैतिक जीत है। यह सिर्फ अंतरिम आदेश है और कोर्ट स्पीकर की पॉवर के संबंध में बाद में फैसला लेगा।

मंगलवार को इस मामले पर कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें बागी विधायकों का पक्ष वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने और कर्नाटक विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार का पक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने रखा था। वहीं सीएम एचडी कुमारस्वामी का पक्ष राजीव धवन ने अदालत में पेश किया था। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को इस मामले में सभी पक्षों की ओर से जोरदार दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान कुमारस्वामी और विधानसभा अध्यक्ष ने बागी विधायकों की याचिका पर विचार करने के न्यायालय के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया। वहीं, बागी विधायकों ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार बहुमत खो चुकी गठबंधन सरकार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा था कि संवैधानिक पदाधिकारी होने के नाते उन्हें इन विधायकों के इस्तीफे पर पहले फैसला करने और बाद में उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग पर फैसला करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। वहीं मुख्यमंत्री कुमारस्वामी गुरुवार को विधानसभा में विश्वासमत का प्रस्ताव पेश करेंगे।

सत्तारूढ़ गठबंधन को विधानसभा में 117 विधायकों का समर्थन है। इसमें कांग्रेस के 78, जद (एस) के 37, बसपा का एक और एक मनोनीत विधायक शामिल हैं। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष का भी एक मत है। इनमें से 18 विधायकों ने इस्तीफा देकर बागी रुख अपनाया हुआ है। दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन से 225 सदस्यीय विधानसभा में विपक्षी भाजपा को 107 विधायकों का समर्थन हासिल है। इन 225 सदस्यों में एक मनोनीत सदस्य और विधानसभा अध्यक्ष भी शामिल हैं।


मंगलवार, 16 जुलाई 2019

बिना लाईसेंस नशे की दवा बेचने पर विभाग का इस्तगासा- तीन से पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान



श्रीगंगानगर, 16 जुलाई 2019.

औषधि विभाग द्वारा फर्म पावॅर मैडिकल स्टोर, वीपीओ जोरावरपुरा (53 एफ) तहसील करणपुर, जिला श्रीगंगानगर पर एनडीपीएस औषधियों के बिना लाईसेंस उल्लंघन के प्रकरण में औषधि नियंत्रण अधिकारी श्रीमति श्वेता छाबड़ा द्वारा माननीय न्यायालय सीजेएम, श्रीगंगानगर में फर्म व उसके मालिक श्री भंवरलाल व रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट श्री राजीव पाण्डे के विरूद्ध इस्तगासा दायर किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा प्रकरण को केस संख्या 174/2019 पर दर्ज कर प्रंसज्ञान लेकर अभियुक्तों को तलब करने के आदेश जारी किये गये। प्रकरण में फर्म को नशे के रूप में दुरूपयोग होने वाली औषधियों की अनुमति लाईसेंसों पर जारी नही थी, परन्तु निरीक्षण के दौरान ट्रामाडोल घटक औषधियों का स्टॉक पाया गया, जिसका क्रय-विक्रय रिकोर्ड प्रस्तुत नही किया गया। 
फर्म के लाईसेंस कार्यवाही कर निरस्त किये गये व बिना लाईसेंस औषधियों के प्रकरण में जांच पूर्ण कर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत अलग से वाद दायर किया गया। जिसमें कम से कम तीन वर्ष व अधिकतम पांच वर्ष की सजा व जुर्माने का प्रावधान है। 
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नये उद्योग लगाने पर तीन वर्ष तक छूट मिलेगी

श्रीगंगानगर, 15 जुलाई 2019. जिले में नये उधोग विकसित करने के लिये राज्य सरकार ने नई उद्योग निति के तहत तीन वर्ष के लिये छूट प्रदान की है। कोई भी उद्यमी इस छूट का लाभ लेते हुए अपना उधोग स्थापित कर सकता है। 

यह जानकारी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में आयोजित जिला स्तरीय ओद्यौगिक समिति की बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता एडीएम सर्तकता श्री राजवीर सिंह ने की। बैठक में बताया कि राज्य सरकार ने मार्च 2019 से नये उधोग स्थापित करने पर तीन वर्ष के लिये छूट प्रदान की है। तीन वर्ष पूर्ण  होने के आगामी 6 माह तक विभिन्न प्रक्रियाएं पूर्ण करनी होगी। नये उद्यम स्थापित करने के लिये राजस्थान टेनेंसी एक्ट, राजस्थान लेण्ड रेवन्यू एक्ट 1956, राजस्थान अर्बन इम्प्रूवमेंट एक्ट, राजस्थान ग्राम दान एक्ट, राजस्थान पंचायती राज एक्ट, राजस्थान मुनस्पल्टीज एक्ट के तहत छूट दी गई है। इसी प्रकार राजस्थान दूकान एण्ड वाणिज्यिक प्रस्थापना रूल 1959, रिक्को के नियमों, भूमि रूपांतरण सहित विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिये https://rajudyogmitra.rajasthan.gov.in/  पर अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। 
बैठक में ओद्यौगिक क्षेत्र रावला द्वितीय चरण, घडसाना प्रथम चरण व सूरतगढ के संबंध में रिक्को को आवंटित भूमि का नामांतरण के संबंध में अब तक की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में राजस्थान वित्त निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित विचारणीय प्रकरणों पर चर्चा हुई। राजस्थान विधुत मंडल से संबंधित 21 प्रकरण लम्बित थे, जिन्हें समयावधि में निस्तारित कर दिये गये। नगरपरिषद गंगानगर को निर्देश दिये गये कि पॉलीथीन बैग जब्त करने में तेजी लाये तथा जिले में स्थानीय निकायों द्वारा कितनी मात्रा में पॉलीथीन जब्ती, जुर्माना व चालान की जानकारी भिजवाने के निर्देश दिये गये है। छोटे दस्तकारों को अपना उत्पाद बेचने के लिये ग्रामीण हाट के लिये जमीन आरक्षित करने पर चर्चा हुई। 
बैठक में उद्योग केन्द्र में महाप्रबंधक श्री हरीश मित्तल, रिक्को के रिजनल मेनेजर श्री विनोद कुमार, कारखाना एवं बॉयलर के श्री पवन कुमार गोयल, प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के श्री पामुल थलिया, उद्योग विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री आर.पी. वर्मा, पेयजल के अधीक्षण अभियंता श्री बलराम वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 
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श्रीगंगानगर:जिला कलेक्टर ने अपनी बेटी योजना में गोद ली बालिकाओं को शिक्षण सामग्री दी


श्रीगंगानगर, 15 जुलाई 2019. 

राजस्थान सरकार द्वारा संचालित अपनी बेटी योजना के तहत राजस्थान सरकार के प्रत्येक जिला कलक्टर द्वारा दो-दो बालिकाओं को गोद लिया हुआ है। इसी संदर्भ में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विधालय मटका चौक श्रीगंगानगर में कक्षा 9 में अध्ययनरत कुसुम तथा कक्षा 10 में अध्ययनरत रजनी ने सोमवार को जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते से मुलाकात की। 

जिला कलक्टर ने दोनों बालिकाओं से उनकी शिक्षा व स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी प्राप्त की तथा उनकी पढाई किस प्रकार चल रही है, उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या तो नही है, की जानकारी ली। बालिकाओं ने बताया कि उनकी पढाई सुचारू रूप से चल रही है परिजनों एवं विधालय की ओर से पूर्ण सहयोग मिल रहा है। जिला कलक्टर ने दोनों बालिकाओं को शिक्षण सामग्री, यूनिफोर्म, लंच बॉक्स, पानी की बोतल, स्कूल बैग आदि सामग्री प्रदान करते हुए उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने व अपने परिवार तथा जिले का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर सहायक निदेशक महिला अधिकारिता श्री विजय कुमार, राजकीय माध्यमिक विधालय की प्राध्यापक श्रीमती विनिता ओझा तथा श्रीमती अंजना कालड़ा उपस्थि थे। 

रविवार, 14 जुलाई 2019

पहली बार पहुंचेगा भारत का चंद्रयान-2 जहां कोई देश नहीं पहुंचा-अद्भुत जानकारी

  

श्रीहरिकोटाः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रमा पर भारत के दूसरे मिशन चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण का रिहर्सल शुक्रवार को पूरा कर लिया। चंद्रयान का प्रक्षेपण 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जायेगा। इसके छह सितंबर को चंद्रमा पर पहुंचने की उम्मीद है। इस मिशन के लिए जीएसएलवी-एमके3 एम1 प्रक्षेपणयान का इस्तेमाल किया जायेगा। इस जगह पर इससे पहले किसी भी देश का कोई यान नहीं पहुंचा है। विक्रम लैंडर के अलग हो जाने के बाद, यह एक ऐसे क्षेत्र की ओर बढ़ेगा जिसके बारे में अब तक बहुत कम खोजबीन हुई है।


इसरो ने बताया कि मिशन के लिए रिहर्सल आज पूरा हो गया है। इस मिशन के मुख्य उद्देश्यों में चंद्रमा पर पानी की मात्रा का अनुमान लगाना, उसके जमीन, उसमें मौजूद खनिजों एवं रसायनों तथा उनके वितरण का अध्ययन करना और चंद्रमा के बाहरी वातावरण की ताप-भौतिकी गुणों का विश्लेषण है। उल्लेखनीय है चंद्रमा पर भारत के पहले मिशन चंद्रयान-1 ने वहाँ पानी की मौजूदगी की पुष्टि की थी। इस मिशन में चंद्रयान के साथ कुल 13 स्वदेशी पे-लोड यान वैज्ञानिक उपकरण भेजे जा रहे हैं।


इनमें तरह-तरह के कैमरा, स्पेक्ट्रोमीटर, रडार, प्रोब और सिस्मोमीटर शामिल हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का एक पैसिव पेलोड भी इस मिशन का हिस्सा है जिसका उद्देश्य पृथ्वी और चंद्रमा की दूरी सटीक दूरी पता लगाना है। यह मिशन इस मायने में खास है कि चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरेगा और सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अब तक दुनिया का कोई मिशन नहीं उतरा है। चंद्रयान के तीन हिस्से हैं।



ऑर्बिटर चंद्रमा की सतह से 100 किलोमीटर की ऊंचाई वाली कक्षा में चक्कर लगायेगा। लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। इसे विक्रम नाम दिया गया है। यह दो मिनट प्रति सेकेंड की गति से चंद्रमा की जमीन पर उतरेगा। प्रज्ञान नाम का रोवर लैंडर से अलग होकर 50 मीटर की दूरी तक चंद्रमा की सतह पर घूमकर तस्वीरें लेगा।

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चन्द्र यान -2: 1000 करोड़ लागत और माइनस 130 डिग्री ठंड नहीं, 

यह है मिशन की सबसे बड़ी चुनौती

चंद्रयान-2 के लैंडर और रोवर में ऊर्जा के लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। मिशन के दौरान चंद्रयान-2 के उपकरण 350 घंटे तक चंद्रमा के बेहद ठंडे तापमान में रहेंगे।

नई दिल्ली |  14 जुलाई 2019.

इसरो की तरफ से चंद्रयान-2 के लॉन्चिंग की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इन सब के बीच चंद्रमा पर दिन और रात गुजारना चंद्रयान-2 की सफलता की सबसे बड़ी चुनौती है।

यदि सब कुछ ठीक रहा तो चंद्रयान-2 का लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल एटकिन बेसिन पर उतरेगा। इसके बाद लैंडर विक्रम रोवर प्रज्ञान को आगे बढ़ने की राह प्रशस्त करेगा। रोवर बहुत धीरे-धीरे चंद्रमा की सतह पर गति करेगा। यह गति 1 सेमी/सेकंड होगी। लैंडर और रोवर दोनों पर एनर्जी जेनरेट करने के लिए सोलर पैनल लगे हैं।

रोवर को चंद्रमा पर 14 दिन रह कर प्रयोग करना है। इसकी इलेक्ट्रिक पावर जेनरेट करने की क्षमता 50 वॉट है। मिशन की अवधि, सभी जटिल पैंतरेबाजी और 1000 करोड़ रुपये की लागत इन सब के पीछे कारण है। चंद्रमा अपने अक्ष पर एक घूर्णन पूरा करने में 29 दिन का समय लेता है। इसका मतलब है कि 350 घंटे रात रहेगी।


चंद्रयान मिशन-2 का काउंटडाउन शुरू, सोमवार सुबह 2.51 बजे श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से होगा प्रक्षेपण

चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जानेवाला पहला देश बन जाएगा भारत, सोमवार को तड़के चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग

चंद्रमा की बहुत कम तापमान होता है। ऐसे में साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट और इलेक्ट्रोनिक का प्रयोग नहीं हो सकेगा। बैटरी ना तो चार्ज होगी और ना ही डिसचार्ज। ऐसे में कम्यूनिकेशन सिस्टम भी फेल रहेगा। चंद्रमा पर तापमान बहुत अधिक होता और बहुत कम भी हो जाता है। चंद्रमा में दिन में जहां तापमान 120 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है वहीं रात में तापमान -130 डिग्री सेल्सियस रहता है।

नासा के थर्मल इंजीनियर रोन क्रील का कहना है कि यहा तापमान बिल्कुल झरने के समान गिर जाता है। जहां लैंडर विक्रम लैंड करेगा वहां रात में तापमान -180 डिग्री के आसपास होगा। इसरो के प्लेनेटरी साइंस से जुड़े नरेंद्र भंडारी का कहना है कि अधिकतर इलेक्ट्रोनिक सेंसर और कैमरा इतने अधिक तापमान में काम करना बंद कर देते हैं।

भंडारी चंद्रयान-1 मिशन के प्रमुख सदस्य रह चुके हैं। अब तक केवल तीन मिशन ही लूनर नाइट में बच सके हैं। इनमें 1969-77 के दौरान अपोलो अल्सेप, यूएसएसआर का लूंकोहोड 1 और 2 और चाइना का साल 2013 और 2019 का यूतू रोवर।

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पहले 17 दिन पृथ्वी की कक्षा में ही रहेगा चंद्रयान

श्रीहरिकोटा 14 जुलाई (वार्ता) चंद्रमा पर भारत के दूसरे मिशन चंद्रयान-2 की सोमवार को तड़के 2.51 बजे लॉन्चिंग के बाद पहले 17 दिन यह पृथ्वी की कक्षा में ही रहेगा जहाँ से अगले पाँच दिन में इसे चाँद की कक्षा में स्थानांतरित किया जायेगा।

यह मिशन इसरो के इतिहास के सबसे कठिन मिशनों में से एक है। चंद्रयान का लैंडर छह सितंबर के आसपास चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मैनजिनस सी और सम्पेलस एन क्रेटरों के बीच उतरेगा। आज तक दुनिया के किसी अन्य देश ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मिशन नहीं भेजा है। 

इसरो के अनुसार, पहले 17 दिन पृथ्वी की कक्षा में रहने के बाद चंद्रयान को चंद्रमा की कक्षा में स्थानांतरित करने वाले वक्र पथ पर डाला जायेगा। बाइसवें दिन यानी छह अगस्त को यह चंद्रमा की कक्षा में पहुँच जायेगा।

वहाँ अगले 27 दिन तक चंद्रयान चंद्रमा की सतह से 100 किलोमीटर की ऊँचाई वाली कक्षा में चक्कर लगायेगा। पचासवें दिन लैंडर चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए अॉर्बिटर से अलग हो जायेगा जबकि ऑर्बिटर उसी कक्षा में चक्कर लगता रहेगा। इक्यावनवें दिन से लैंडर की गति कम की जायेगी और 54वें दिन वह चंद्रमा पर उतरेगा।

अपने दूसरे मिशन में इसरो ने सॉफ्ट लैंडिंग का लक्ष्य रखा है। लैंडर दो मीटर प्रति सेकेंड की बेहद धीमी गति से आहिस्ते से चंद्रमा पर उतरेगा। 

चंद्रयान के तीन हिस्से ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर हैं जिन्हें एक समेकित मॉड्यूल में रखा गया है। इस मॉड्यूल का वजन 3850 किलोग्राम है। यह 3.1 गुना 3.1 गुना 5.8 मीटर के आकार का है।

ऑर्बिटर का वजन 2379 किलोग्राम है। इसमें 1000 वाट बिजली उत्पन्न करने की क्षमता है। इसमें आठ वैग्यानिक उपकरण यानी पेलोड हैं जो विभिन्न आँकड़े जुटायेंगे। यह एक साल तक चंद्रमा की कक्षा में रहेगा।

लैंडर, जिसे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के पितामह विक्रम साराभाई के नाम पर विक्रम नाम दिया गया है, चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। यह एक चंद्र दिवस यानी करीब 14 दिन तक आँकड़े जुटाने का काम करेगा। इस पर चार पेलोड हैं। इसका वजन 1471 किलोग्राम है और यह 650 वाट बिजली उत्पन्न कर सकता है। 

रोवर को प्रग्यान नाम दिया गया है। इसका वजन 27 किलोग्राम है और इसमें छह पहिये लगे हैं। यह लैंडर से 500 मीटर के दायरे में चक्कर लगा सकता है। इस दौरान इसकी गति एक सेंटीमीटर प्रति सेकेंड होगी। इस पर दो पेलोड हैं।

ऑर्बिटर और लैंडर बेगलुरु के पास ब्यालालू स्थित इंडियन डीप सी नेटव्रक नामक इसरो के नियंत्रण कक्ष से सीधे संपर्क में रहेंगे। ये आपस में भी संवाद कर सकेंगे। रोवर लैंडर के साथ संवाद करेगा।

इस मिशन के मुख्य उद्देश्यों में चंद्रमा पर पानी की मात्रा का अनुमान लगाना, उसके जमीन, उसमें मौजूद खनिजों एवं रसायनों तथा उनके वितरण का अध्ययन करना, उसकी भूकंपीय गतिविधियों का अध्ययन, और चंद्रमा के बाहरी वातावरण की ताप-भौतिकी गुणों का विश्लेषण है। उल्लेखनीय है चंद्रमा पर भारत के पहले मिशन चंद्रयान-1 ने वहाँ पानी की मौजूदगी की पुष्टि की थी।

इस मिशन में तरह-तरह के कैमरा, स्पेक्ट्रोमीटर, रडार, प्रोब और सिस्मोमीटर शामिल हैं।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का एक पैसिव पेलोड भी इस मिशन का हिस्सा है जिसका उद्देश्य पृथ्वी और चंद्रमा की  सटीक दूरी पता लगाना ।

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अशोक गहलौत और सचिन पायलट की खींचतान - उड़ जाएगी राजस्थान सरकार ---



** करणीदानसिंह राजपूत **

राजस्थान की कांग्रेस सरकार अशोक गहलोत और सचिन पायलट की चल रही खींचतान में उड़ जाएगी।
ऐसे संकेत मिल रहे हैं जिससे संपूर्ण प्रशासन में किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं रहा है।। इस खींचतान से प्रशासन बेपरवाह हो रहा है तथा प्रदेश में कामकाज एक प्रकार से ठप्प जैसे हालात में है। जिला कलेक्टर एक प्रकार से सरकार ही होता है, लेकिन कलेक्ट्रेट से लोग संतुष्ट  नजर नहीं आरहे। लोगों से सवाल किया जाता है तो लगता है कि उनकी दूखती रग को छू लिया गया हो। 
पुलिस अनियंत्रित और तानाशाही रवैया अपनाए हुए  दिखाई दे रही है जिसका प्रमाण सरदार शहर का कांड है। जिसमें देवर की मौत और भाभी के साथ पुलिस कस्टडी में बलात्कार की घटना ने सारे प्रदेश को हिला कर रख दिया है।
सरकार ने सरदार शहर के पूरे थाना स्टाफ को लाइन हाजिर किया है।  वहीं  थाना अधिकारी रणवीर सिंह सांई सहित आठ को सस्पेंड किया है।  वहां के पुलिस उप अधीक्षक को भी सस्पेंड किया गया है और एसपी को एपीओ कर दिया गया है। 
यह घटना मामूली नहीं है। राजस्थान के अन्य कानों में भी कामकाज मनमर्जी से चल रहा है। 
आम जनता से जुड़ी हुई नगर पालिकाओं में भयानक रूप से लूट चल रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों को लग रहा है कि उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं होगी। किसी प्रकार की एपीओ या सस्पेंड जैसी कार्यवाही होगी तो भी महीने डेढ़ महीने में अपनी ड्यूटी पर लौट आएंगे। नगर पालिकाओं में आम जनता की सुनवाई बंद है। काम नहीं हो रहे हैं। पैसे का सर्वत्र बोल बाला है। 
संपूर्ण राज्य में हालात यह है कि रिश्वतखोरी के बाजार में रोजाना ही 1-2 अधिकारी-कर्मचारी चपेट में आ रहे हैं।  सरकार की ओर से किसी भी मंत्री की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के मामले में सख्त चेतावनी नहीं दी जा रही है। पूरे प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और नेता भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट की खींचातानी से त्रस्त और बेबस हैं। उनके भी काम नहीं हो रहे। दोनों के शीत युद्ध में समय व्यर्थ में बीत रहा है। पहले लोगों को यह आशा थी कि सरकार के गठन के बाद कार्यकर्ताओं और नेताओं की खुशी के लिए राजनैतिक नियुक्तियां जल्दी से जल्दी कर दी जाएगी लेकिन अब लगता है कि दोनों के झगड़े में राजनीतिक नियुक्तियों में भी अभी और विलंब होगा।
सरकार ने अपना बजट नगर पालिका और पंचायत समिति चुनावों को देखते हुए सामान्य सा रखा है लेकिन केवल बजट के सामान्य रखने से ही स्थिति सुधरने की आशा नहीं हो सकती।

आम लोगों का मानस है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी यह बात घर कर रही है कि पहले मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का विवाद निपट जाए। लेकिन यह  विवाद अभी दूर होता नजर नहीं आ रहा। कभी अशोक गहलोत, कभी सचिन पायलट तो कभी दोनों ही दिल्ली में पहुंचते हुए और लौटते हुए नजर आते हैं। 

राहुल गांधी का कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से दिया हुआ त्यागपत्र भी प्रदेशों में कांग्रेस पार्टी की सरकारों को प्रभावित कर रहा है जिसमें राजस्थान सरकार भी फंसी हुई है। 
राहुल गांधी का त्यागपत्र भी विभिन्न प्रकार से सरकारें चलाने में बाधा बना हुआ है और जब तक किसी एक अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक दिल्ली का यह झंझट भी संपूर्ण देश को प्रभावित करता रहेगा।
राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की खींचातानी में कांग्रेस की सरकार उड़ जाने की हालत में है। ***
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शनिवार, 13 जुलाई 2019

ईओ राकेश मेंदीरत्ता सस्पेंड- हनुमानगढ़ डाक मतपत्र मामला

 विधानसभा चुनाव 2018 में हनुमान गढ डाक मतपत्रों पर स्टांप लगाने संबंधी प्रकरण की विभागीय जांच के चलते राकेश मेंदीरत्ता को  निलंबित किया गया है। राकेश मेंहदीरत्ता हनुमानगढ़ नगर परिषद में आयुक्त पद पर नियुक्त थे। स्वायत शासन विभाग ने शुक्रवार 12-7-2019 को आदेश जारी किया था। विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान अनाधिकृत रूप से डाक मतपत्रों पर स्टांप लगाने संबंधी शिकायतें 10 दिसंबर 2018 को जिला निर्वाचन अधिकारी हनुमान गढ को मिली थी जिसकी उपखंड मजिस्ट्रेट एवं रिटर्निंग अधिकारी ने जांच की थी। उसमें प्रथम दृष्टया तत्कालीन आयुक्त राकेश मेहता को लिप्त पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया था। 

राकेश मेंहदीरत्ता ने उक्त आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए जोधपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई।  उच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर 2018 के जिलाधिकारी के आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए 6 फरवरी 2019 को अपास्त कर दिया था। 

इस प्रकरण का स्वायत शासन विभाग के विधि विशेषज्ञों ने परीक्षण कर किसी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने के गंभीर आरोपों को देखते हुए मेंदीरत्ता को निलंबित करने की राय दी। इसके आधार पर हनुमानगढ़ नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त राकेश मेंदीरत्ता हाल अधिशासी अधिकारी नगर पालिका राजगढ़ जिला चुरु को स्वायत्त शासन विभाग ने निलंबित कर दिया।

विदित रहे कि 10 दिसंबर 2018 को हनुमानगढ़ टाउन की धान मंडी स्थित दुकान पर डाक मतपत्र मिले थे। जिसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आयुक्त राकेश मेहदीरत्ता ने भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कराने के लिए डाक मतपत्र वहां मंगवा कर स्टांप लगाए। जहां डाक मतपत्र मिले थे वह दुकान राकेश मेंदीरत्ता के पुत्र की थी। इस मामले में टाउन थाने में मामला दर्ज कराया गया था। 

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बुधवार, 10 जुलाई 2019

सूरतगढ़- राजकीय महाविद्यालय का नाम स्व.गुरु शरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय किया गया


 * मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट प्रस्तुत करते घोषणा *


^^विशेष समाचार करणी दान सिंह राजपूत ^^


 10 जुलाई 2019.

 राजस्थान सरकार के बजट 2019- 20 को प्रस्तुत करते समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ का नामकरण स्वर्गीय गुरुशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय करने की घोषणा की।

 यह राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ में राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62 पर आकाशवाणी केंद्र के सामने स्थित है। विदित रहे कि सूरतगढ़ के पूर्व विधायक गुरु शरण छाबड़ा ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर जयपुर में अनशन करते हुए 3 नवंबर 2015 में प्राण त्याग दिए थे।

 गुरूशरण छाबड़ा आपातकाल के बाद 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। उस समय भैरों सिंह शेखावत जिस दिन मुख्यमंत्री निर्वाचित हुए उसी रात्रि में 11 बजे विधायक गुरुशरण छाबड़ा,राजा राम कड़वासरा मानकसर (अब स्वर्ग वासी) पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत भैरों सिंह जी से मिले। सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खुलवाने की मांग रखते हुए बताया कि विधायक का चुनाव सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोले जाने की बात पर लड़ा गया है। जनता ने साथ दिया है इसलिए सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोला जाए। माननीय भैरों सिंह जी शेखावत ने तत्काल ही कहा कि प्रदेश में जब भी राजकीय महाविद्यालय खोले जाएंगे तब सूरतगढ़ प्रथम रहेगा। उसी घोषणा के तहत ही सूरतगढ़ में 1977 में राजकीय महाविद्यालय खोला गया। उस समय भवन निर्माण के लिए एक समिति का गठन सोहन लाल रांका की अध्यक्षता में हुआ।

पहले भवन निजी रूप से बना कर सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंपा गया और बाद में उसका विस्तार सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा समय-समय पर किया जाता रहा। इस राजकीय महाविद्यालय की नींव उस समय के गृहमंत्री प्रोफेसर केदार के कर कमलों से रखी गई थी। आज यह महाविद्यालय आसपास के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है। महाविद्यालय का नाम गुरु शरण छाबड़ा के नाम से किए जाने पर यह सदा के लिए एक महत्वपूर्ण यादगार रहेगी।

विदित रहे कि गुरु शरण छाबड़ा के स्वर्गवास के बाद उनकी  पुत्र वधु पूजा छाबड़ा पत्नी गौरव छाबड़ा ने भी शराबबंदी को लेकर आमरण अनशन किया था और राजस्थान सरकार ने उनसे एक समझौता किया जिसमें राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ का नाम स्वर्गीय गुरु शरण छाबड़ा के नाम से किए जाने का निर्णय हुआ था।

आज इस घोषणा के तुरंत बाद गुरु शरण छाबड़ा के बड़े पुत्र गौरव छाबड़ा से मेरी टेलीफोन पर बात हुई तब उन्होंने कहा कि छाबड़ा जी के प्राण न्योछावर करने के बाद हमारी महत्वपूर्ण मांग राजस्थान में संपूर्ण शराबबंदी की है उसके पूरा होने पर ही निश्चिंत था होगी।

(यहां पर राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ का चित्र दे रहा हूं।


स्वर्गीय गुरु शरण छाबड़ा की आदम कद प्रतिमा राजकीय चिकित्सालय के पास स्थित है उसके पास ही पुत्र वधु पूजा छाबड़ा का चित्र भी यहां दे रहा हूं।)

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