बुधवार, 19 जून 2019

श्रीगंगानगर के किसान परेशान हैं,भूमि रजिस्ट्रेशन में दरें बढाने से रोकें


-- करणीदानसिंह राजपूत --

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता व बैठक में भाग नहीं लेने से प्रशासन को बाजार मूल्य निधारण बैठक में दरें बढाने का मौका मिल जाता है। एक दो उपस्थित जनप्रतिनिधि जिला कलेक्टर को रोक नही पाते। एक दो की आवाज पावर नहीं बना पाती।

भूमि रजिस्ट्रेशन की बाजार मूल्य निर्धारण बैठक में जिला कलेक्टर की जो ईच्छा होती है उसी के अनुरूप ही शहरों गांवों लिए बाजार मूल्य निर्धारित का प्रस्ताव पारित हो जाता है।

इस बार भूमि बाजार मूल्य निर्धारण  जिला स्तरीय समिति की बैठक जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में 20 जून 2019 को प्रातः 10.30 बजे कलैक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई है। 

बैठक में विधायकगणों, प्रधानों, जनप्रतिनिधियों तथा पंजीयक अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है।

सभी को मालूम है और सरकार व जिला कलेक्टर को भी भलीभांति मालूम है कि श्रीगंगानगर का किसान व्यापारी व अन्य नागरिक पानी व अन्य अभावों से बुरी तरह से परेशान है। लेकिन इसके बावजूद सरकारी प्रस्ताव बढोतरी का रखा जाएगा कि पिछली दरों से इतने प्रतिशत तो बढाने ही हैं। जनप्रतिनिधि अधिक संख्या में बैठक में पहुंच कर कलेक्टर के प्रस्ताव को नामंजूर कर अपनी शक्ति दिखा सकते हैं। होता यह है कि इस बैठक के प्रति जनप्रतिनिधि उदासीन रहते हैं और बहुत कम संख्या चार पांच भी नहीं पहुंचते। जनप्रतिनिधि इस बार 20 जून की बैठक में जनहित की बात करने के लिए कितने जागरूक रहते हैं,यह देखना है।

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