सोमवार, 10 जून 2019

महाराष्ट्र में हड़कंप-बीजेपी में जाने को तैयार कांग्रेस और एनसीपी विधायक!



मुंबई | 10 जून 2019.

महाराष्ट्र में विपक्षी दल कांग्रेस और एनसीपी को टूट का डर सता रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सदन में विपक्ष के नेता रह चुके राधा कृष्ण विखे पाटिल और पूर्व एनसीपी मंत्री जयदत क्षीरसागर को कैबिनेट में शामिल किए जाने के संकेत हैं। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद से कांग्रेस और एनसीपी अपनी पार्टी में आगे टूट पर रोक सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने में जुट गए हैं।

पिछले सप्ताह स्थिति का जायजा लेने के लिए दादर में पार्टी के मुख्यालय में कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई थी। एआईसीसी महाराष्ट्र के प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस बैठक के दौरान मौजूद थे। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हम अपनी पार्टी को एकजुट रखने के मकसद से जिलावार बैठकें कर रहे हैं।’


इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण भाजपा पर सत्ता का दुरुपयोग कर कांग्रेस पार्टी को तोड़ने का आरोप लगा चुके हैं। चव्हाण ने कहा, ‘वे (भाजपा) अपनी कुटिल योजना में कामयाब नहीं हो पाएंगे। हमारे विधायक पार्टी की विचारधारा को लेकर प्रतिबद्ध हैं।’

पार्टी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि विखे पाटिल के अलावा अन्य 4 मौजूदा विधायक कालीदास कोलंबरकर, नीतेश राणे, अब्दुल सत्तार और जयकुमार गोरे भी राज्य भाजपा नेतृत्व के संपर्क में हैं। सत्तार पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं। जबकि अन्य तीन लोग पाला बदलने की फिराक में हैं। वहीं एनसीपी कैंप में पार्टी प्रमुख शरद पवार व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा ले रहे हैं। भाजपा के सत्ता में आने के बाद से पार्टी ने एनसीपी को अधिक नुकसान पहुंचाया है।

इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि एनसीपी के दो मौजूदा विधायक समेत एक पूर्व मंत्री भाजपा में जाने की तैयारी में हैं। सूत्रों ने बताया कि पवार ने व्यक्तिगत रूप से इन नेताओं से बातचीत की है। इससे पहले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को भारी झटका दिया था।

इससे पहले कांग्रेस के सत्ता जिला अध्यक्ष रंजीतसिंह नाइक निंबालकर और एनसीपी के पूर्व सांसद रंजीतसिंह मोहिते-पाटिल उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने पाला बदला है। मोहिते पाटिल के पिता और पूर्व उप मुख्यमंत्री विजयसिंह मोहिते पाटिल के जल्द ही भाजपा में शामिल होने का अनुमान है।

( साभार 10-6-2019.)


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें