सोमवार, 10 जून 2019

अच्छी फसल के लिए 12 साल के मासूम का सिर काटा- आरोपी चाचा गिरफ्तार

* इस इलाके में चेरू प्रथा *

भुवनेश्वर में अच्छी फसल के लिए 12 साल के एक मासूम की बलि चढ़ाने का मामला सामने आया है। ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ के मुताबिक पुलिस ने पुष्टि कर दी है कि नुआपाड़ा जिले के एक सुदूर गांव में बेहतर खरीफ फसल के लिए 12 साल के मासूम की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई है। हत्या करने वाले किसान ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। जानकारी के मुताबिक यह घटना बीते शनिवार (08 जून 2019) की है। भुवनेश्वर से करीब 440 किलोमीटर दूर जाडामुंडा गांव में यह दिल दहला देने वाली वारदात हुई। यह गांव कोम्ना पुलिस थाने के अंतर्गत आता है। अदालत ने इस मामले में आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक इस दिन अहले सुबह 48 साल का चिंतामणि माझी अपने 18 साल के भतीजे देबारचन माझी के साथ अपने खेत में गया था। सुबह करीब 9.30 मिनट पर देबारचन का छोटा बाई धनसिंह माझी अपने चाचा और भाई के लिए खाना लेकर खेत में पहुंचा। इसके बाद चिंतामणि अपने भतीजे धनसिंह को पेड़ काटने की बात कहकर अपने साथ ले गया। करीब 10 बजे चिंतामणि ने एक धारदार हथियार से हमला कर अपने भतीजे का सिर धड़ से अलग कर दिया। अपने छोटे भाई की चीख सुनकर देबारचन भी उस तरफ दौड़ा। देबारचन के मुताबिक उसे लगा कि शायद उसके भाई को सांप ने डंस लिया है लेकिन जब वो वहां पहुंचा तो उसने देखा कि उसके भाई का सिर धड़ से अलग था।

देबारचन के मौके पर पहुंचते ही चिंतामणि वहां से फरार हो गया और उसके बाद देबारचन तुरंत नजदीकी थाने में पहुंचा और उसने इस घटना की जानकारी वहां पुलिस कर्मियों को दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चिंतामणि को गिरप्तार कर लिया और बच्चे का शव भी बरामद कर लिया। चिंतामणि ने पुलिस से कहा कि उसने खरीफ की आने वाली फसल के बेहतर होने के लिए भगवान को अपने भतीजे की बलि चढ़ाई है। जानकारी के मुताबिक मृतक बच्चे के पिता आंध्र प्रदेश में मजदूर के तौर पर काम करते हैं और चिंतामणि के पास करीब ढाई एकड़ जमीन है जिसपर वो खेती करता है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस इलाके में चेरू प्रथा मशहूर है। इस प्रथा के तहत अच्छी फसल के लिए मुर्गी, बकरी या अन्य जानवरों की बलि दी जाती है लेकिन किसी इंसान की बलि देने का यह मामला काफी दुर्लभ है।

(साभार जनसत्ता ऑनलाइन,जून 10, .2019.)

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