बुधवार, 29 मई 2019

मोदी राजस्थान सरकार को जुलाई तक करवा देंगे भंग-कांग्रेस नेता रामनारायण मीणा का दावा,


जयपुर 29 मई 2019

राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रामनारायण मीणा ने प्रदेश में गहलोत सरकार के गिरने का दावा किया है। मीणा के अपनी ही पार्टी की सरकार के गिरने का दावा करके राजनैतिक  गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। फिलहाल कांग्रेस नेता के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि मीणा हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में 'कोटा-बूंदी'सीट से कांग्रेस प्रत्याशी थे। वे अपने प्रतिद्वंदी भाजपा के ओम बिड़ला से ये चुनाव हार गए थे।


 रामनारायण मीणा ने मीडिया को दी अपनी प्रतिक्रिया के दौरान एक सवाल के जवाब में ये दावा किया है। उन्होंने साफ़ कहा कि आने वाले दिनों यदि कांग्रेस पार्टी ने एकजुटता नहीं रखी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी संवैधानिक शक्तियों को काम में लेकर राजस्थान की सरकार को भंग कर सकते हैं। मीणा ने दावा किया कि मोदी गहलोत सरकार को गिराने की इस कवायद को जुलाई में अंजाम दे सकते हैं। वहीं मीणा ने लोकसभा चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस पार्टी का सूपड़ा साफ़ होने को नेतृत्व कर रहे नेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया।


ये कहा रामनारायण मीणा ने 


साम-दाम-दंड भेद से वो सत्ता में आना चाहते हैं... उनका देश की मज़बूती से कोई लेना देना नहीं है... उनको तो खुद की मजबूती चाहिए.. विचारधारा की मजबूती चाहिए... मैं तो कांग्रेस के नेता हैं उनको सलाह देता हूँ... कि आप आपसी लड़ाई छोड़िये... आज मेरा जैसा व्यक्ति कार्यकारिणी का सदस्य भी नहीं है... तो देख लीजिये इससे राजस्थान की जनता के सामने क्या मैसेज जा रहा है... कांग्रेस की लीडरशिप जो स्टेट की है.. वो लीडरशिप अपने स्वार्थ को छोड़े.. और अभी भी राहुल गांधी के नेतृत्व में संगठित होने की बात करे... ईमानदारी से नेताओं और कार्यकर्ताओं को सेलेक्ट करे... तभी कांग्रेस बची रहेगी, नहीं तो नरेंद्र मोदी संविधान की धारा 356 के तहत ऐसे स्थान में बैठे हैं कि वो राजस्थान की कांग्रेस सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं.. और यदि हम नहीं सुधरे तो जुलाई तक निश्चित तौर पर मोदीजी यहां दौरा करेंगे... इसे भंग करेंगे.. कॉन्स्टिट्यूशन प्रोविजन्स के तहत भंग करना चाहेंगे... क्योंकि उनको देश से कोई मतलब नहीं है, विकास से कोई मतलब नहीं है...


... इधर आज बंद कमरे में कांग्रेस करेगी मंथन


लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में हार के कारणों पर मंथन किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ बैठक में प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे तथा सह प्रभारी विवेक बंसल व तरुण कुमार भी मौजूद रहेंगे। पिछले तीन दिनों से गहलोत-पायलट समर्थकों के बीच छिड़ी बयानबाजी के चलते बैठक में हंगामा होने के आसार हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक में पहले एक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बने रहने का अनुरोध किया जाएगा। इसके बाद पार्टी हार के कारणों की समीक्षा करेगी। इस दौरान प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों के इस्तीफे दिए जाने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है।


बैठक में सीएम गहलोत के अलावा राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों व विधायकों को भी बुलाया गया है। इनके अलावा पार्टी के अग्रिम संगठनों के प्रदेश प्रमुख, सभी जिलाध्यक्षों व लोकसभा चुनाव लडऩे वाले सभी प्रत्याशियों को भी बुलाया गया है।


मीडिया को रखा दूर


हंगामे की आशंका को भांपते हुए पार्टी के शीर्ष नेताओं ने बैठक से मीडिया को दूर रखा है। बैठक में प्रत्याशियों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। इस दौरान मंत्री व विधायक भितरघात व सहयोग न मिलने के आरोपों के साथ निशाने पर रह सकते हैं। हार के बाद एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी के कारण भी हंगामे की आशंका जताई जा रही है।


इसलिए है हंगामे की आशंका

पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक का मुख्य एजेंडा तो हार के कारणों की समीक्षा करना है, लेकिन जिस तरह पिछले तीन दिन से मंत्री और पदाधिकारियों की बयानबाजी सामने आई है, उससे बैठक में हंगामा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं अपनी हार से दुखी कई प्रत्याशियों ने भी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भितरघात को जिम्मेदार बताया है। ऐसे में नेताओं को प्रत्याशियों की नाराजगी का सामना भी करना पड़ सकता है।

 

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