सोमवार, 27 मई 2019

इस्तीफे पर अड़े हैं राहुल गांधी- कर्नाटक व राजस्थान की सरकारें डगमग दिखने लगी

 

नई दिल्ली 27 May 2019

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस गहरे आंतरिक संकट से गुजर रही है। यही नहीं कर्नाटक और राजस्थान में उसकी सरकारें डगमगाती दिख ही हैं। पार्टी की करारी शिकस्त के बाद से अब तक कुल 13 इस्तीफे हो चुके हैं। इनमें पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, झारखंड के अजय कुमार और असम के प्रदेश अध्यक्ष निपुन बोरा का भी इस्तीफा शामिल हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अब भी इस्तीफे पर अड़े हुए हैं और उन्होंने कई नेताओं से कहा है कि यह वह वक्त है, जब पार्टी को नए चीफ की तलाश करनी चाहिए।


चर्चा से कांग्रेस परेशान


542 सीटों पर हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को महज 52 सीटें ही मिली हैं। 2014 के आम चुनावों के बाद यह लगातार दूसरा मौका है, जब कांग्रेस पार्टी की सीटें दोहरे अंकों पर ही सिमट गई हैं। यही नहीं लगातार दूसरी बार वह नेता विपक्ष का पद हासिल करने लायक सीटें भी नहीं ला पाई है। 2014 में कांग्रेस को 44 सीटें ही मिली थीं। कांग्रेस का 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाता भी नहीं खुला।

राहुल ने सीनियर नेताओं पर लगाया बेटों को तवज्जो देने का आरोप

शनिवार को हुई कांग्रेस की वर्किंग कमिटी की मीटिंग में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि कांग्रेस की शीर्ष निर्णायक संस्था के सदस्यों ने एकमत से उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। यही नहीं कहा जा रहा है कि इस मीटिंग के दौरान राहुल गांधी ने पी. चिदंबरम, अशोक गहलोत और कमलनाथ जैसे सीनियर नेताओं पर पार्टी से ज्यादा बेटों को तवज्जो देने का भी आरोप लगाया था। कांग्रेस वर्किंग कमिटी की मीटिंग में सीनियर नेताओं के अलावा सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं।

पार्टी में आंतरिक संघर्ष के साथ ही कर्नाटक और राजस्थान में उसकी सरकारें भी दांव पर लगी हैं। इन दोनों ही राज्यों से बीजेपी के सक्रिय होने की खबरें हैं। कहा जा रहा है कि कर्नाटक में कांग्रेस विधायकों रमेश जरकिहोली और डॉ. सुधाकर ने बीजेपी नेता एस.एम कृष्णा से हाल ही में मुलाकात की थी। इस दौरान बीजेपी के अन्य नेता भी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक ऐसे विधायकों की बड़ी संख्या है, जो लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन से नाखुश हैं।


राजस्थान में मंत्रियों की मांग, हार की तय हो जवाबदेही


राजस्थान में भी आतंरिक लड़ाई तेज है और ऐसे कई मंत्री हैं, जिनका कहना है कि इस करारी हार के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। कर्नाटक में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका है। बीजेपी ने राज्य की सभी 25 सीटों पर जीत हासिल की है। यही नहीं पिछले साल मई में ही कर्नाटक में जेडीएस संग सराकर बनाने वाली कांग्रेस को सूबे की 28 में से महज एक सीट पर ही जीत मिली है।


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