शुक्रवार, 10 मई 2019

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य में घोर अव्यवस्था-आदर्श पीएचसी सोमासर



* स्टाफ के बिना अनेक जांच नहीं*

* आपरेशन कक्ष को बना रखा है कमरा*

^ एक इस्टेलाईजेशन मशीन कबाड़ स्टोर में पड़ी^

* भयानक गर्मी मगर आया हुआ नया वाटर कूलर नहीं लगाया*

^^^ करणीदानसिंह राजपूत ^^^




   सूरतगढ़ उपखंड के टिब्बा क्षेत्र का आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण की कमी और कार्यवाही की लापरवाही से केवल आदर्श नाम लिए अव्यवस्थित हालत में है। इस आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की अव्यवस्था के हालात उपखण्ड अधिकारी रामावतार कुमावत द्वारा दिनांक 09.05.2019 को अचानक निरीक्षण में सामने आए। उपखंड अधिकारी ने निरीक्षण के बाद आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। 




*कुमावत ने चिकित्सालय के सामान्य वार्ड व ओ0पी0डी0, रक्त जांच सहित निःशुल्क दवा वितरण एवं सफाई और स्वास्थय सेवाओं का सम्पूर्ण जायजा लिया। 

*उपखण्ड अधिकारी ने प्रभारी को गर्मी के मौसम को देखते आवश्यक चिकित्सक दवाईयां रखने के निर्देश दिये, जिससे आमजन को कोई परेशानी ना हो।

** डॉ0 मुकेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में माह मार्च के बाद एनआरएचएम के तहत नियुक्त डीईओ, लैब टेक्निशिन, लैब सहायक की नियुक्ति आगे नही बढ़ाने के कारण नियमित जांच नही हो पा रही है। 

*कुमावत ने प्रभारी चिकित्सक को दवा स्टॉक रजिस्टर का रिकार्ड संधारण करने के निर्देश दिये। 

*उपखण्ड अधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी निःशुल्क दवाईया स्टोर में उपलब्ध रखने के निर्देश दिये।

* निरीक्षण के दौरान दवा वितरण निःशुल्क रजिस्टर नही मिला, रजिस्टर का संधारण करने के निर्देश दिये। 

*प्रभारी चिकित्सक ने बताया कि स्वास्थय केन्द्र पर 272 दवाईयों का स्टॉक उपलब्ध है तथा केन्द्र पर 15 तरह की निःशुल्क जांच भी की जाती है। *उपखण्ड अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान दवा प्रदर्शित बोर्ड पर 147 दवाईयों के ही नाम लिखे हुए थे, जिसे शीघ्र दुरस्त कर सही करने के निर्देश दिये। 

*कुमावत ने प्रभारी को अस्पताल में स्वच्छ पीने के पानी रखने के निर्देश दिये तथा नये वाटर कूलर को शीघ्र लगाया जाकर रिपोर्ट करने के निर्देशित किया। *प्राथमिक स्वास्थय केन्द्र पर सफाई व्यव्स्था को दुरस्त करने के लिये निर्देश दिये।

*इस्टेलाईजेशन मशीन जो बेकार सामान के साथ रखी हुई थी को सही स्थान पर रखने निर्देश दिये। 

*आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य  केन्द्र को नॉर्मस के अनुसार खुला रखने के निर्देश दिये।

* नियत्रंक अधिकारी व चिकित्सक/नर्सिग स्टाफ का नाम, मोबाईल नम्बर सदृश्य स्थान पर प्रदर्शित करवाया जावे तथा समस्त चिकित्सालय कार्मिक पूर्ण ड्रेस में नाम पट्टिका सहित उपस्थि रहने के निर्देश दिये, जिससे आमजन  को कोई परेशानी ना हो। 

अब चिकित्सा अधिकारी कितने समय में सभी व्यवस्थाएं सही करते हैं और मुख्यालय पर रहने की सख्ती करते हैं।


(आश्चर्य होता है कि पंचायत समिति की बैठकों में स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों पर खूब आरोप भाषण होते हैं, मगर जन प्रतिनिधि संभालते नहींं कि किस प्रकार की सुविधाएं व कितना स्टाफ नियुक्त है, कितना रहता है?




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