बुधवार, 1 मई 2019

नरेंद्र मोदी ने नहीं किया आचार संहिता का उल्लंघन-चुनाव आयोग


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अचार संहिता उल्लंघन मामले में चुनाव आयोग से बड़ी राहत मिली है। चुनाव आयोग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है। चुनाव आयोग का यह फैसला महाराष्ट्र के वर्धा में दिए गए पीएम मोदी के बयान पर आया है। उनके बयान पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी।

यहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के केरल राज्य के वायनाड सीट से चुनाव लड़ने को लेकर निशाना साधा था।

नरेंद्र मोदी को वर्धा में दिये उनके उस भाषण के लिए मंगलवार को क्लीन चिट दे दी जिसमें उन्होंने वायनाड सीट से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना की थी और ‘‘संकेत’’ दिया था कि केरल के इस संसदीय क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं की संख्या अधिक है।

चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मामले की आदर्श आचार संहिता के मौजूदा दिशानिर्देशों/प्रावधानों, जनप्रतिनिधि कानून के तहत और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के अनुरूप विस्तृत जांच पड़ताल की गई। तदनुसार आयोग का यह विचार है कि इस मामले में ऐसा कोई उल्लंघन नहीं दिखा है।’’ कांग्रेस ने इस महीने के शुरू में चुनाव आयोग से सम्पर्क किया था और प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को ‘‘विभाजनकारी’’ बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

प्रधानमंत्री ने गत एक अप्रैल को वर्धा में एक रैली को संबोधित करते हुए कथित रूप से कहा था कि विपक्षी दल लोकसभा की उन सीटों से अपने नेताओं को खड़ा करने से ‘‘डरता’’ है जहां बहुसंख्यकों का प्रभुत्व है। उन्होंने उक्त टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के केरल के वायनाड से दूसरी सीट के तौर पर चुनाव लड़ने के निर्णय की ओर इशारा करते हुए की थी। राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के अमेठी से भी चुनाव लड़ रहे हैं।

मोदी ने कथित रूप से कहा था, ‘‘कांग्रेस ने हिंदुओं का अपमान किया और देश के लोगों ने पार्टी को चुनाव में दंडित करने का फैसला किया है। उस पार्टी के नेता अब उन लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ने से डर रहे हैं जहां बहुसंख्यक  जनसंख्या का प्रभुत्व है। इसी कारण से वे ऐसे स्थानों पर शरण लेने के लिए बाध्य हैं जहां बहुसंख्यक अल्पसंख्यक हैं।’’


गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा आदर्श आचार संहिता का कथित रूप से उलंघन करने के मामले में कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव की याचिका पर मंगलवार को निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन दोनों नेताओं ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषण देकर और ‘‘राजनीतिक प्रचार’’ में सैन्य बलों का जिक्र करके आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने निर्वाचन आयोग से जवाब मांगने के साथ ही असम से कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव की याचिका गुरुवार को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध कर दी। देव ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ शिकायतों पर निर्वाचन आयोग की कथित निष्क्रियता को ‘पक्षपात’ का लक्षण और मनमाना बताया, जिसकी अनुमति नहीं है क्योंकि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता के लिये नुकसानदेह है।

पीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग द्वारा याचिकाकर्ता के प्रतिवेदन पर ‘‘अनिवार्य/उचित आदेश’’ देने के लिये स्वतंत्र है। ऐसी खबरें थी कि निर्वाचन आयोग के अधिकारी मंगलवार को लोकसभा चुनावों में प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विभिन्न नेताओं के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर फैसला करने के लिये बैठक करेगा। बैठक के बाद चुनाव आयोग ने नरेंद्र मोदी को क्लिन चिट दे दिया।


देव ने अपनी याचिका में मोदी और शाह द्वारा अपनी सभाओं में आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन की अनेक घटनाओं को सूचीबद्ध किया था और कहा कि मोदी ने एक अप्रैल को महाराष्ट्र के वर्धा में अपने भाषण में पहली बार संहिता का उल्लंघन किया था जहां उन्होंने कथित रूप से भगवा आतंकवाद का मुद्दा उठाया था। आरोप लगाया गया था कि भाजपा नेता पिछले चार हफ्तों से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस पार्टी द्वारा की गई करीब 40 शिकायतों पर कोई फैसला नहीं किया।

सुष्मिता देव ने आरोप लगाया था कि आम चुनाव की घोषणा होने की तारीख 10 मार्च से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष ने विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों और राज्यों में जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों और चुनाव कराने के नियमों तथा प्रक्रिया का उल्लंघन किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि ये जगजाहिर है कि वे नफरत फैलाने वाले भाषण दे रहे हैं, निर्वाचन आयोग द्वारा स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद राजनीतिक प्रचार के लिये सशस्त्र बलों का बार-बार जिक्र कर रहे हैं। मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के केरल के वायनाड से चुनाव लड़ने का मुद्दा भी उठाया था। 

जनसत्ता ऑनलाइन

30 अप्रैल 2019

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