शुक्रवार, 22 मार्च 2019

चुनाव:पम्पलैट्स पर्चें, पोस्टर, विज्ञापन अथवा हैंडबिल पर प्रकाशक मुद्रक का नाम जरूरी-लोकसभा आम चुनाव 2019.

^^ पालना नही करने पर 6 माह की सजा व 2 हजार रूपये का दण्ड ^^

* लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 की पालना जरूरी*

श्रीगंगानगर, 22 मार्च 2019.जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि लोकसभा आम चुनाव 2019 में राजनीतिक पार्टियों, प्रत्याशियों या उनके समर्थकों द्वारा प्रकाशित करवाए जाने वाले पंपलैट्स पर्चें, पोस्टर, विज्ञापन अथवा हैंडबिल प्रकाशित या मुद्रित करवाते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 क की विभिन्न प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करनी होगी। 

जिला कलक्टर श्री नकाते शुक्रवार 22-3-2019 को कलेक्ट्रेट सभा हॉल में प्रिटिंग प्रेस, होर्डिग्स निर्माता, संचालकों की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। 

उन्होंने बताया कि पंप्लैट्स, पर्चें और पोस्टर के मुख्यपृष्ठ पर मुद्रक एवं इसके प्रकाशक का नाम और पता अनिवार्य रूप से लिखवाना होगा। कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचन पप्लैट्स, पर्चें अथवा पोस्टर का मुद्रण तब तक नही कर अथवा करवा सकेगा, जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उसके द्वारा हस्ताक्षरित तथा दो व्यक्ति जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो, द्वारा सत्यापित न करवाया जाये। सत्यापन के पश्चात मुद्रक को इसकी 2 प्रतिलिपि देनी होगी। दस्तावेज के प्रकाशन के पश्चात मुद्रक इसकी एक प्रति तथा घोषणा पत्र की एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेगा। 

सूचना जनसंपर्क कार्यालय में मीडिया प्रकोष्ठ का गठन किया गया है, जहां घोषणा पत्र व छपी सामग्री की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। उल्लंघन करने पर 6 माह की सजा का प्रावधानउन्होंने बताया कि कोई व्यक्ति लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 क का उल्लंघन करता है तो वह 6 महीने का कारावास अथवा 2 हजार रूपये जुर्माना अथवा दोनों से दंडित होगा। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान धर्म, वंश, जाति, समुदाय, भाषा या विरोधी के चरित्र हनन जैसे आधार पर अपील जैसी अवैध सामग्री प्रकाशित करवाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी, साथ ही यह राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों तथा उनके समर्थकों द्वारा निर्वाचन पंप्लैट्स, पर्चे, पोस्टरों आदि के मुद्रण और प्रकाशन पर हुए अनाधिकृत व्यय पर रोक लगाने में सहायक होंगे। 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रिंटिंग प्रैस को मुद्रण सामग्री मुद्रित होने के 3 दिन के भीतर प्रतियां तथा प्रकाशक से प्राप्त घोषणा पत्र रिटर्निंग अधिकारी को भेजना होगा। यदि इन आदेशों का उल्लंघन पाया जाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी तथा प्रिटिंग प्रेस के लाईसैंस का प्रतिसंहरण भी किया जा सकेगा। जिला मजिस्ट्रेट को प्रतियां प्राप्त होने के बाद इस बात की जांच की जायेगी कि प्रकाशक या प्रिंटर द्वारा सभी आदेशों की अनुपालना की है अथवा नही। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राजनीति दलों, अभ्यर्थियों और अन्य संबंधित लोगों से इन आदेशों की शत-प्रतिशत पालना के निर्देश दिये है। जिला कलक्टर श्री नकाते ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रिन्टिंग प्रेस के अनुज्ञापत्रों की जांच की जायेगी। अनुज्ञापत्र नहीं  पाये जाने पर आवश्यक कार्यवाही के साथ-साथ प्रिन्टिंग प्रेस को सीज करने की कार्यवाही भी की जायेगी। बैठक मे अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन श्री ओ.पी. जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ स्वामी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री हरितिमा, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री रामकुमार राजपुरोहित, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्री सुरेन्द्र सोनी, जिला कोषाधिकारी श्री सुरेन्द्र सिंह, लेखादल के श्री प्रेमप्रकाश गोयल सहित अन्य विभागों के अधिकारी तथा प्रिंटिंग प्रेस संचालकों ने भाग लिया।

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