शनिवार, 9 फ़रवरी 2019

युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज महोत्सव का आयोजन 18 फरवरी से:श्रीगंगानगर


* ऑन लाईन पंजीकरण 10 फरवरी तक*

श्रीगंगानगर, 9 फरवरी2019.राजस्थान युवा बोर्ड युवा मामले एवं खेल विभाग राजस्थान सरकार जयपुर के निर्देशानुसार युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज के लिए जिला स्तरीय युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज महोत्सव 2019 का आयोजन 18 फरवरी 2019 को जगदम्बा अन्धविद्यालय हनुमानगढ रोड श्रीगंगानगर में किया जाएगा।   जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर एक चयन समिति का गठन कर ब्लॉक के किसी विद्यालय अथवा महाविद्यालय में 11 फरवरी 2019 को ब्लॉक स्तरीय युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज महोत्सव का आयोजन करवाकर जिला स्तरीय युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज में प्रतिभागी भिजवाना सुनिश्चित करवाएंगे। उन्होने बताया कि इस महोत्सव में एक जनवरी 2019 तक 15-29 वर्ष की आयु के चयनित दल भाग लेंगे, जिसमें राजस्थान का मूल निवासी हो तथा अध्ययनरत एवं गैर अध्ययनरत युवा भाग ले सकते है। प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए ऑन लाईन पंजीकरण 10 फरवरी 2019 तक राजस्थान युवा बोर्ड की वेबसाइटWWW.RAJASTHANYOUTHBORD.COMपर किया जाना अति आवश्यक है। प्रथम विजेता दल राष्ट्रीय युवा महोत्सव में प्राथमिकता दी जाएगी। ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन फार्म की एक प्रति, एक कलर पासपोर्ट साईज फोटो तथा जन्मतिथि प्रमाण पत्रा (आधार कार्ड, सैकेण्डरी स्कूल अंक तालिका, जन्म प्रमाण पत्रा) ब्लॉक स्तर पर जमा करवाने होंगे। उन्होने बताया कि जिला सांस्कृतिक प्रतिभा युवा महोत्सव, ब्लॉक स्तर सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के लिए निर्णायक मण्डल होंगे, जिसमें कम से कम तीन सदस्य होंगे। निर्णायक मण्डल के सदस्यों में संबंधित कला की ख्याति प्राप्त, राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों, शिक्षकों व विशेषज्ञों, पारदर्शिता के अनुसार निर्णय करेंगे। ब्लॉक, जिला, संभाग स्तरीय युवा महोत्सव में प्रत्येक प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्धितीय व तृतीय विजेताओं को कलारत्न लोगो सहित स्मृति चिन्ह पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्रा से सम्मानित किया जाएगा।उन्होने बताया कि प्रतियोगिता में फोंक डांस (सामुहिक लोक नृत्य) में 20, फोंक सोंग (सामुहिक लोक गायन) में 10, नाटक (वन एक्ट प्ले हिन्दी व इंगलिस) में 15, शास्त्राय नृत्य-कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, मणिपुरी, कचिपुरी, शास्त्राय एकल गायन (हिन्दुस्तानी गायन), आशू भाषण, शास्त्राय वाद्य यंत्रा (सितार), बांसुरी, तबला, मृदंग, वीणा, हारमोनियम, गीटार तथा चित्राकला में एक-एक कलाकार होंगे एवं लुप्त एवं दुर्लभ कला-फड, रावण हत्था, रम्मत, अलगोजा, माण्डणा, भित्तीचित्रा, लांघामॉगणीहार, कठपुतली, खड़ताल, मोरचंग, भंभग के कलाकार भाग ले सकते है।


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