मंगलवार, 25 दिसंबर 2018

वरिष्ठ नेताओं को मंत्री नहीं बनाने पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर पायलट का बयान


राजस्थान मे कांग्रेस की गहलोत सरकार में मंत्रिमंडल के पहले गठन में दिग्गज विधायकों को नज़रअंदाज़ किये जाने को लेकर उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का बड़ा बयान आया है। 
पायलट ने मंगलवार 25-12-2018 को मीडिया से बातचीत में इस सिलसिले में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा है कि पहले मंत्रिमंडल विस्तार में सभी वरिष्ठ विधायकों को मौक़ा दिया जाना संभव नहीं था, लिहाज़ा आने वाले दिनों में जल्द ही बाकी के वरिष्ठ विधायकों को भी बड़ी ज़िम्मेदारियाँ दी जाएंगी।
गौरतलब है कि सरकार के पहले मंत्रिमंडल में कई दिग्गज नेताओं को शामिल नहीं किया जाने पर उनके समर्थकों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी को मंत्री नहीं बनाए जाने पर उनके समर्थकों ने तो जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से मिलकर नाराज़गी भी जताई है। समर्थकों ने पार्टी से इस्तीफे देने की चेतावनी दी है।
वरिष्ठ नेता भंवरलाल शर्मा को मंत्री मंडल में शामिल नहीं किए जाने पर उनके समर्थक भी नाराजगी दिखा रहे हैं।
पायलट ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी सरकार ने बहुत अच्छा मंत्रिमंडल बनाया है। संभवतः बहुत जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। फिलहाल सरकार जल्द ही उन मंत्रियों को पोर्टफोलियो देगी जिन्होंने कैबिनेट और राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के हर उन नेताओं का ध्यान रखा जाएगा जिन्होंने विपक्ष में रहते हुए त्याग, निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया था। उन्होंने कहा कि अभी तो सत्ता संभाली है, भविष्य में ऐसी कई नियुक्तियां होनी बाकी हैं जिसमें वरिष्ठता और अनुभव का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

संगठन में बदलाव संभव

पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब पार्टी का फोकस आगामी लोकसभा चुनाव है। समय कम है लिहाज़ा पार्टी अब इसे ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है। पायलट ने दावा किया कि प्रदेश में जिस पार्टी की सत्ता रहती है उसी को लोकसभा में बहुमत मिलता है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खाते में 22 से 23 सीटें जीतने का दावा भी किया।


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